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CG: राजिम हिंसा मामले में आया एक और मोड़, गांव में कर्फ्यू जैसे हालत…

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राजिम के दुधकैयां गांव में देर रात तक माहौल तनावपूर्ण रहा। जब IG मौके पर पहुंचे तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ।

  1. राजिम के दुधकैयां गांव में रविवार शाम भड़की सांप्रदायिक हिंसा।
  2. दो पक्षों के बीच हुआ जमकर विवाद।
  3. पूरे गांव के चप्पे- चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले की धर्मनगरी राजिम के दुधकैयां गांव में रविवार शाम भड़की सांप्रदायिक हिंसा देखते ही देखते उग्र हो गई थी। दोनों पक्षों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए थे। ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के घर पहुंचकर घर और कार को आग के हवाले कर दिया, जिससे गांव में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे गांव में चप्पे-चप्पे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर आईजी एसपी भी पहुंच चुके हैं।

क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

वहीं, हिंसा के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।हिंसा का आरोपी विवाद के बाद फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने रायपुर से गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गरियाबंद एसपी ने आरोपी की गिरफ्तारी की जानकरी दी है।

गांव में कर्फ्यू जैसे हालत

अब जानकारी निकलकर सामने आई है कि, देर रात तक गाँव में दोनों पक्षों के बीच माहौल तनावपूर्ण रहा। जब IG मौके पर पहुंचे तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ, लेकिन गांव में बभी भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पूरा गांव छावनी में तब्दील कर दिया गया है। फ़िलहाल पूरे गांव में कर्फ्यू जैसे हालत बने हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला राजिम के दुधकैयां गांव का है। यहाँ दोनों समुदाय के लोगों के बीच करीब तीन वर्ष पहले से संप्रदाय तनाव शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि करीब तीन वर्ष पहले विशेष संप्रदाय के व्यक्ति ने गांव के शिवजी के मंदिर को तोड़ा था। इसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर उसे पुलिस ने जेल में दाखिल कर दिया था।

तीन साल पहले से बने हुए संप्रदाय तनाव

आज जैसे ही विशेष समुदाय का युवक जेल से लौटा, उसने दूसरे समुदाय के लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने विशेष समुदाय के घर पहुंचकर आगजनी करते हुए कार को भी आग के हवाले कर दिया। हिंसा देखते ही देखते इतना उग्र हो गया कि लोगों ने जमकर एक-दूसरे पर पथरबाजी करते हुए जानलेवा हमला भी किया है। जैसे ही इस घटना की सूचना पुलिस को मिली, राजनंदगांव, धमतरी, महासमुंद जिले से पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया गया।

आईजी एसपी मौके पर मौजूद

आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर ही जमकर लाठी व पत्थर से हमला कर दिया। फिलहाल दुधकैयां गांव के चप्पे-चप्पे में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर आईजी एसपी भी गांव में मौजूद रहे।

CG: सीएम विष्णुदेव साय ने की बजट की तारीफ, बोले- छत्तीसगढ़ को मिलेगा सीधा लाभ…

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Budget 2026: बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस बजट से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा…

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2026-27 का आम बजट पेश किया. इस बजट पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस बजट से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा. यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है.

उन्होंने कहा कि, कर्तव्य भवन में प्रस्तुत किया गया यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों, आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ सुनिश्चित करना, को केंद्र में रखा गया है.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम

सीएम ने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है. साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

युवाओं के रोजगार सृजन पर दिया गया विशेष जोर

उन्होंने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है. स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे. पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा. विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई करना भी सस्ता होगा.

बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी. जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी. उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा मिलेगा.

देश की आर्थिक मजबूती के लिए घोषणाएं

सीएम ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है. सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी.

बच्चों और युवाओं को मिलेंगे बेहतर अवसर

वहीं, खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे. आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है. दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी.

सीएम साय ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को मजबूत करता है. यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा.

Budget 2026: बजट से छत्तीसगढ़ में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंडस्ट्री को मिलेगी गति…

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Budget 2026: वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने औद्यौगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट बताया। कहा- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर होंगे सृजित..

छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए 2000 करोड़ रुपए के प्रावधान से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उद्योग मंत्री देवांगन ने कहा कि बजट में एमएसएमई (MSME) और बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपए के प्रावधान से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में माइनिंग आधारित औद्योगिक कॉरिडोर , टेक्सटाइल और केमिकल पार्क की स्थापना से राज्य का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा।

वाणिज्य मंत्री देवांगन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आर्थिक ऋण गारंटी और कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य के उद्यमियों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उद्योग-हितैषी वातावरण बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के प्रावधान से स्थानीय इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।

मंत्री देवांगन ने कहा कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंटेंट इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से डिजिटल उद्योग, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खुलेंगे।

वहीं, बेहतर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के लिए 12.20 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।

छोटे किसानों की उद्यमशीलता, पशुधन विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और 500 अमृत जलाशयों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

छत्तीसगढ़ के मंत्री देवांगन ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।

कुल मिलाकर यह बजट औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और समग्र विकास के माध्यम से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।

सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम टेड़ेसरा के प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का किया निरीक्षण, दिए दिशा-निर्देश

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राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सुश्री सुरूचि सिंह ने सोमवार को जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्राम टेड़ेसरा में स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (पीडब्ल्यूएम) यूनिट का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट के संचालन, उपलब्ध संसाधनों और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। सीईओ ने यूनिट के प्रभावी एवं सतत संचालन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

सुश्री सिंह ने कहा कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों के एसएलआरएम शेड से तत्काल प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रहण शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लास्टिक कचरे के समयबद्ध संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता की दिशा में कोई भी लापरवाही नहीं सहन की जाएगी।”

इस अवसर पर, सीईओ ने जनपद पंचायत डोंगरगांव के ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम कुटुलबोड़-भाठागांव का भी दौरा किया। यहां शत-प्रतिशत यूजर चार्ज संग्रहण के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रहियों और ग्रामवासियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।

सीईओ जिला पंचायत ने स्वच्छता के कार्यों में अधिक प्रभावी कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव और डोंगरगांव, ब्लॉक समन्वयक और अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

केंद्रीय बजट पर ओमप्रकाश साहू का हमला, कहा- ‘जनविरोधी और निराशाजनक’

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राजनांदगांव। केंद्रीय बजट को लेकर पूर्व जनपद सभापति और कांग्रेस नेता ओमप्रकाश साहू ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से जनविरोधी और निराशाजनक है, जिसमें किसानों, मजदूरों, बेरोज़गारों और छोटे व्यापारियों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।

साहू ने कहा, “यह बजट देश के आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए बजट में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।”

उन्होंने बेरोज़गारी पर भी सवाल उठाया, “देश का युवा वर्ग आज रोजगार की तलाश में है, लेकिन बजट में न तो सरकारी नौकरियों की घोषणा की गई और न ही स्थायी रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट योजना है।” साथ ही, किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग को भी सरकार ने नकार दिया है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

साहू ने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में कहा, “छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे राज्य की जनता खुद को उपेक्षित महसूस कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में बजट की प्राथमिकताएं कमजोर हैं।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट में बड़े दावे और आंकड़े तो प्रस्तुत किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आम नागरिक की समस्याओं का समाधान कहीं नजर नहीं आता।

इस प्रतिक्रिया से यह साफ है कि ओमप्रकाश साहू और उनकी पार्टी इस बजट से निराश हैं और सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह आम जनता के मुद्दों को गंभीरता से उठाएगी।

अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को वैश्विक आयाम देने वाला बजट : अभिषेक सिंह

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राजनांदगांव। आज केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद राजनांदगांव अभिषेक सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सबका साथ सबका विकास की भावना और विकसित भारत 2047 के विजन को केंद्र में रखकर बजट 2026 पेश किया है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को उनके 9वें बजट के लिए शुभकामनाएं, जहां उन्होंने 12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय के साथ ही वर्ष 2027 में वित्तीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखने का विजन प्रस्तुत किया है।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और उनकी दूर दृष्टि का बजट है, जिसमें पिछले 10 सालों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 22 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है और अब सरकार सर्विस सेक्टर पर जोर देते हुए भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ ही पढ़ाई से लेकर रोजगार और उद्यम स्थापित करने पर ध्यान दे रही है।
पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उड़ीसा, केरल और छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा की है। जिसके अंतर्गत खनिज तत्वों की खोज और खुदाई के लिए इंफ्रास्ट्रख्र बनाने का काम किया जाएगा। वहीं तेंदूपत्ता पर टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से यह स्पष्ट हो गया है कि अब भारत नई रफ्तार से नए लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सोलर पैनल, लेदर के सामान, मोबाइल बैटरी, ईवी की बैटरी, माइक्रोवेव ओवन जैसी चीजें अब सस्ती होंगी। इसके साथ ही कैंसर की 17 दवाएं, गंभीर बीमारियों से जुड़ी हुई 7 दवाएं और शुगर की दवाई भी सस्ती होगी।
पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने कहा कि यह बजट भारत के भविष्य का बजट है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए 40000 करोड रुपए अलॉट किए गए हैं। एमएसएमई विकास के लिए 10000 करोड रुपए का प्रावधान रखा गया है और 3 आयुर्वेदिक एम्स निर्माण के साथ ही उच्च संस्थानों के लिए जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाने जैसी अनेक महत्वपूर्ण बिंदु इस बजट में शामिल किए गए हैं।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आए इस बजट के लिए आदरणीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई दी और कहा कि मुझे विश्वास है कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप है यह बजट : कोमल सिंह राजपूत

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राजनांदगांव। भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप है। यह बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है, जो वर्तमान के सपनों को साकार करते हुए भविष्य के भारत की नींव को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा कि सनराइज सेक्टर, रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और हाईटेक टूल मैन्युफैख्रिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष महत्व देकर सरकार ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ठोस कदम उठाए हैं। इंफ्रास्ट्रख्र को सशक्त बनाने, हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान देना विकसित भारत की यात्रा को और गति देगा।
श्री सिंह ने कहा कि यह वास्तव में युवा शक्ति बजट है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन, खेलो इंडिया मिशन तथा भारत को डेटा सेंटर हब बनाने के लिए दी गई टैक्स छूट युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोलेंगी। स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी पर जोर देते हुए नागरिकों को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानकर उन पर निवेश किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। देश की 10 करोड़ से अधिक महिलाएं जो स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, उनके लिए सशक्त व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया गया है। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना और महिलाओं द्वारा संचालित समूहों को बढ़ावा देने का संकल्प हर घर लक्ष्मी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी उद्योग को प्राथमिकता, नारियल, काजू और कोको उत्पादक किसानों के लिए विशेष प्रावधान तथा भारत विस्तार ऐप के माध्यम से किसानों को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट फिस्कल डेफिसिट को नियंत्रित करते हुए हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। ईयू के साथ हुई डील का लाभ देश के युवाओं को मिले, इसके लिए भी बजट में दूरगामी प्रावधान किए गए हैं।
कोमल सिंह ने कहा कि यह बजट रिफॉर्म्स को नई गति देगा, देश के प्रतिभाशाली युवाओं को खुला आसमान देगा और भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त करेगा। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट सिद्ध होगा।

केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में ठोस और संतुलित कदम : मधुसूदन यादव

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राजनांदगांव। नई दिल्ली में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक दूरदर्शी तथा जनकल्याणकारी बजट बताते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने केंद्र सरकार की सराहना की है।
श्री यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग सभी को साथ लेकर चलने वाला बजट है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की मजबूत नींव रखता है। बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने, सिंचाई, भंडारण एवं वैल्यू-एडिशन को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रावधान सराहनीय हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बजट में किए गए प्रावधानों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री यादव ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, पोषण, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास से जुड़े उपाय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगे।
युवाओं और रोजगार के विषय में उन्होंने कहा कि बजट में कौशल विकास, स्टार्टअप्स, तकनीकी शिक्षा, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सृजन पर जो फोकस किया गया है, उससे देश के युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप है।
महापौर ने दावा किया है कि बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, रेल, आवास, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी में निरंतर निवेश से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्यों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
महापौर ने बजट की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा है कि सुरक्षा बजट में वृद्धि की गई है, जो स्वदेशी तकनीक और शोध पर खर्च होंगे। उसी प्रकार कैंसर और मधुमेह जैसी जानलेवा बिमारियों की 17 दवाईयों का सस्ता किया जाना, आयुर्वेदिक एम्स की संख्या दो से बढ़ाकर 5 करना स्वास्थ्य सुविधा में वृद्धि का परिचायक है। उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद चिकित्सा में भारत अग्रणी देश है, जिसका सीधा लाभ स्वदेशी उत्पादकों को होने के साथ ही रोजगार में वृद्धि होना तयशुदा है। इसके अतिरिक्त रेयर अर्थ के परिष्करण और परिवहन के लिये केरल, तमिलनाडू, उड़ीसा कॉरिडोर को समर्थन देने से से, सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉच होने से विदेशों पर निर्भरता खत्म होने के साथ ही स्वदेशी छात्रों और प्रतिभाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रत्येक जिले में महिला हॉस्टल की स्थापना एक दूरगामी क्रांतिकारी निर्णय है। उसी प्रकार पर्यटन के क्षेत्र में बजट वद्धि का उद्देश्य विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करना है, इसके साथ ही खेलो इंडिया में बजट वृद्धि से भविष्य में ओलंपिक खेलों के आयोजन से भारत को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उकेरने का सराहनीय कदम है। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की स्वीकृति ना सिर्फ आवागमन वरन अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के निवेश में वृद्धि करेगी। इसी प्रकार किसानों के विकास और प्रगति के लिये केसीसी ऋण की सीमा 3 से 5 लाख करना, उसी प्रकार सूखे मेवे के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये नवीन योजनाओं से अन्नदाताओं के ना सिर्फ जीवन स्तर वरन उनकी आय में भी वद्धि होगी।
पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने कहा कि यह बजट वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने वाला है, जो आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने वाला है।

केंद्रीय बजट से देश की तकदीर एवं तस्वीर बदलेगी : संतोष अग्रवाल

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राजनांदगांव। वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष अग्रवाल ने कहा है कि केन्दि्रय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट से देश को नई दिशा मिलेगी। बजट में इफ्रास्ट्रख्र को मजबुत करने मेन्युफैख्रिंग मे वैल्यु एडिशन बढ़ाने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ बैकिंग सेक्टर को सस्ता और आसान कर्ज दिलाने पर फोकस किया गया है, जिसके क्रियान्वयन से देश की ग्रोथ तेजी से बढ़ेगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि विश्व के देशो की वर्तमान माली हालात बद से बदतर होते जा रहे है, परन्तु मोदी जी की कुशल रणनीति के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊंचाई अपने चरम अवस्था मे चल रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर मे कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना मे मजबुत स्थिति में है, इसका मुख्य कारण मोदी सरकार का पब्लिक इन्वेस्टमेंट में लगातार फोकस रहा और टैक्स सुधार के कारण कंपनियों की बैलेंश शीट लगातार सुधर रही है। ऐसी स्थिति में निर्मला सीतारमन द्वारा बजट में इस बेहतर स्थिति को लंबे समय तक बरकरार रखने हेतु उद्योग और मैन्युफेख्रिंग हब पर प्रस्तुत बजट में राहत दी गई है। इलेक्टि्रक क्षेत्र में 40000 करोड़ की छूट दी गई है। मेडिकल के क्षेत्र में 17 कैंसर की दवाइयां को सस्ता किया गया है। ग्लोबल बायो के तहत 10000 करोड रुपए का विशेष पैकेज रखा गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु शी मार्ट के तहत उन्हें उद्यमी बनाने का प्रयास बजट में किया गया है। युवाओं, किसानों एवं सभी क्षेत्र के लोगों का विशेष ध्यान बजट में रखा गया है, जिसके कारण आने वाले समय मे भारत की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। लोक लुभावने बजट की बजाय आधारभूत ढांचे को सुधारने पर जोर दिया गया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा समय में कुल खर्च और कर्ज को भारत की जीडीपी का 50 प्रतिशत तक लाने का प्रयास किया गया है, जिसके कारण भारत पुराने कर्ज से मुक्त होगा, तभी भारत 2047 तक विकसित हो सकेगा।

बजट क्रियान्वयन से देश विकसित भारत की ओर अग्रसर होगा : खूबचंद पारख

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राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कहा कि बजट के क्रिन्यानवन से आर्थिक रूप से भारत अग्रणी देशों की श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि बजटको सर्वव्यापी सर्वजन के हितों को ध्यान में रखकर दूरगामी सोच के साथ बनाया गया है, उन्होंने बजट की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि सर्वव्यापी एवं सर्वजन हितों को ध्यान में रखकर बने बजट मेंसभी वर्गों एवं सभी क्षेत्रों कासमान रूप से ध्यान रखा गया है । उन्होंने कहा कि मोदी जी के विकसित भारत 2047 तक भारत को विश्व का सिरमौर बनाने की दिशा मे बजट मील का पत्थर साबित होगा ।
आर्थिक रूप से भारत को सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक सेक्टर में विशेष रूप से ध्यान रखा गया है उन्होंने कहा किमेडिकल सेंटर के क्षेत्र में बायो फॉर्म के लिए 10000 करोड़ का बजट दिया गया है जिससे ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से मेडिकल क्षेत्र में अनेकोंनेक प्रयास किए जाएंगे।

देश में 7 हाई स्पीड ट्रेन की स्वकृति से यात्री सेवा के साथ साथ परिवहन के साधन भी सुगम होगें।मेगा टेक्सटाइल्स पार्क बनाए जाएंगे। गलोबल बायो प्रोडक्ट पर तेजी सेकार्य किया जा रहा है ।पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र का पुनरुद्धार किया जाएगा ।बंद पड़े उद्योगों को फिर से खोलने की तैयारी की जाएगी ।सर्विस सेक्टर में भी निवेश के हेतु पैनल का गठन किया गया है ।पी आर ओ एस में निवेश की सीमा 5% से 10% की गई है ।छोटे शहर में तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा ।
श्री खूबचंद पारख ने कहा की पांच रीजनल मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव रखा गया है ।सरकार ने बजट में शिक्षा रोजगार पर फोकस किया है । महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल का प्रावधान किया गया है । लखपति दीदी मॉडल के तहत महिला स्वच्छता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी मार्ट बनाए जाएंगे ।जिसमे महिलाओं द्वारा निर्मित खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प कपड़े और स्थानीय उत्पादन सीधे बेचे जाएंगे।

श्री पारख ने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर समावेशी बजट बनाया गया है ।इनकम टैक्स के स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है परंतु रिटर्न फाइलिंग करने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है जिसके कारण व्यापारियों को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने में आसानी होगी । उन्होंने कहा कि बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5% से नीचे आया है जिसके कारण 2026 – 27 में घाटे में हल्की कमी आएगी । जिसके दूरगामी परिणाम देश को अग्रणी बनाने की ओर मार्ग प्रशस्त करेंगे।

खूबचंद पारख ने कहा कि देश के रक्षा बजट में भी .15.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जिसके कारण हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकरण पर पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 2. ।9 लाख करोड़ अधिक खर्च किए जाएंगे।