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“Rain Alert: बरसात का दिखेगा तांडव, 14 August से 18 August के बीच इन राज्यों में होगी भीषण बारिश, IMD का अलर्ट जारी”

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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 13 से 18 अगस्त 2025 तक देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक मानसून अपना जोर दिखाने वाला है।

कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यह बारिश न केवल सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है बल्कि पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है।

उत्तर भारत में आफत की बारिश उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 14 से 18 अगस्त के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर 14 अगस्त को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

वहीं हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अगस्त को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे पहाड़ी इलाकों में यातायात और जनजीवन प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद क्षेत्र में 14 से 16 अगस्त तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में भी सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है।

पूरब में मेघ बरसाएंगे कहर पूर्वोत्तर भारत में एक बार फिर मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 17 अगस्त के बीच असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14, 15 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा 14 अगस्त को बिहार में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है। लगातार हो रही वर्षा के चलते इन इलाकों के नदी-नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है जिससे बाढ़ जैसे हालात बनने की पूरी संभावना है। लोगों को सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दक्षिण भारत के कई राज्यों में आगामी दिनों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 16 अगस्त के बीच तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 14 और 15 अगस्त को रायलसीमा में भी अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन में बाधा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 14 से 18 अगस्त तक लगातार बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा 14 से 18 अगस्त के बीच कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। केरल में 14, 17 और 18 अगस्त को बारिश का जोर रहने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

मध्य भारत और पश्चिम भारत में भी बारिश का जोर देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 18 अगस्त के बीच पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में 14, 15, 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलभराव, फसलों को नुकसान और यातायात में बाधा जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसी तरह महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का असर बना रहेगा।

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 14 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। खासतौर पर 15 से 18 अगस्त के दौरान कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं गुजरात क्षेत्र में 16 से 18 अगस्त तक और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 अगस्त को झमाझम बारिश का असर दिखने की संभावना है। इन राज्यों में रहने वाले लोगों को मौसम के ताज़ा अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

“खुदरा महंगाई 2017 के बाद सबसे कम, जुलाई में सीपीआई मुद्रास्फीति दर खिसककर 1.55% पर पहुंची”

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जुलाई में खुदरा महंगाई दर घटकर 1.55 प्रतिशत पर आ गई। यह जून 2017 के बाद सबसे कम है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि हुई है। सरकार ने मंगलवार को खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए।

जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आ गई। इसका मुख्य कारण सब्जियों और अनाजों सहित खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी है। सरकार ने मंगलवार को खुदरा महंगाई से जुड़े आंकड़े जारी किए।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जून में 2.1 प्रतिशत और जुलाई 2024 में 3.6 प्रतिशत थी। जुलाई 2025 की मुद्रास्फीति जून 2017 के बाद सबसे कम है जब यह 1.46 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा, “जुलाई 2025 के महीने के दौरान हेडलाइन मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से अनुकूल आधार प्रभाव और दालों और उत्पादों, परिवहन और संचार, सब्जियों, अनाज और उत्पादों, शिक्षा, अंडे और चीनी और कन्फेक्शनरी की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण है।” जुलाई में खाद्य मुद्रास्फीति दर वर्ष-दर-वर्ष (-) 1.76 प्रतिशत रही।

“डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ के पार, इन देशों की जनसंख्या से भी अधिक भारत में निवेशक!”

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भारत में शेयर बाजार में निवेश करने वालों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि जुलाई में डीमैट खातों की कुल संख्या 20 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है. यह जानकारी डिपॉजिटर्स के लेटेस्ट डेटा से मिली है.

दिलचस्प बात यह है कि भारत में डीमैट खातों की संख्या कई देशों की कुल आबादी से भी ज्यादा है. इनमें बांग्लादेश, रूस, इथियोपिया, मेक्सिको, जापान, मिस्र, फिलीपींस और कांगो जैसे देश शामिल हैं. इतना ही नहीं, ब्राजील की जनसंख्या लगभग 21.3 करोड़ है, जो डीमैट खातों की संख्या के करीब-करीब बराबर है.

जुलाई में खुले 29.8 लाख नए डीमैट खाते हाल ही में जुलाई में 29.8 लाख नए डीमैट खाते खुले, जो पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा हैं. इसका मतलब है कि बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है, भले ही उस महीने बाजार में उतार-चढ़ाव रहा हो. लेकिन अगर सालाना तुलना करें तो ये संख्या पिछली जुलाई से कम है. 2024 की जुलाई में 45.55 लाख नए खाते खुले थे, जबकि इस साल के सात महीनों में कुल 16.81 लाख खाते ही बने हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि से कम है.

IPO के चक्कर में खुले डीमैट अकाउंट विश्लेषकों का कहना है कि जुलाई में डीमैट खातों की बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण नए आईपीओ रहे हैं. जब सेकेंडरी मार्केट में लिस्टेड शेयर महंगे लगते हैं, तो निवेशक प्राइमरी मार्केट यानी आईपीओ में निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं. हाल के आईपीओ अच्छे दामों पर आए हैं, जिससे निवेशकों की आईपीओ में दिलचस्पी बढ़ी है. इसी वजह से बाजार में तेजी के बावजूद डीमैट खातों की संख्या बढ़ी है.

उतार-चढ़ाव से जूझ रहा बाजार 2025 की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. जियोपॉलिटिकल टेंशन और अमेरिका की टैरिफ नीतियों की वजह से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. हालांकि, घरेलू मुख्य सूचकांक निफ्टी 50 और सेंसेक्स इस साल 3% से ज्यादा बढ़े हैं, लेकिन बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 3% और 6% गिर गए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार का मिड और छोटे वर्ग थोड़ा दबाव में है, जबकि बड़े शेयर थोड़े बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.

“छत्तीसगढ़ की सभी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों पर फहराना होगा तिरंगा, 15 अगस्त को लेकर आया आदेश”

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की सभी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में तिरंगा फहराया जाएगा. यह आदेश छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की ओर से जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि इस साल 15 अगस्त को देश में 78वां स्वतंत्रता दिवस मानाया जा रहा है. इस मौके पर राज्य के सभी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों के मुख्य द्वार पर तिरंगा फहराया जाए.

वक्फ बोर्ड ने राज्य के सभी मुतवल्लियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक फहराया जाए. इसके साथ ही राष्ट्रगान का आयोजन भी हो. वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और भाईचारे के संदेश को मजबूत करने के लिए लिया गया है.

राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इस फैसले को राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के लिए अहम बताया. उन्होंने कहा ‘हमारा देश सूफी संतों का देश है. यहां हर जाति धर्म पंथ समाज के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिल-जुलकर रहते है’. उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है.

इसलिए मुल्क की आजादी के पर्व के मौक पर अपना प्रेम और कर्तव्य निभाते हुए ध्वजारोहण करना चाहिए. डॉ राज ने कहा जो लोग इसके खिलाफ हैं वो देशभक्त नहीं हैं. बल्की देशद्रोही है. ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा इस तरह के आयोजन से लोगों में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत होगा.

फैसले का समर्थन और विरोध दोनों इस फैसले के बाद जहां एक तरफ लोग इसकी सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसका विरोध करते हुए इसे प्रतीकात्मक राजनीति करार दे रहे हैं. हालांकि, आम नागरिकों में इस पहल को लेकर उत्साह है. बोर्ड के इस पहल को सोशल मीडिया पर सराहा जा रहा है.

“25 अगस्त को मध्य प्रदेश आएंगे PM मोदी, धार में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे भूमिपूजन”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को मध्य प्रदेश के धार जिले के बदनावर में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि जब अन्य राज्य इसकी प्रारंभिक तैयारियां कर रहे हैं, तब मध्य प्रदेश में इसका भूमिपूजन हो रहा है.

CM यादव ने बताया कि केंद्र सरकार से समन्वय कर इस सौगात को हासिल किया गया. पार्क के बनने से मालवा क्षेत्र का विकास नए स्तर पर पहुंचेगा. यह धार को पीथमपुर की तरह दूसरा बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाएगा. इससे कपास उत्पादक किसानों को लाभ होगा और करीब 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

बदनावर इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा बनेगा, जिससे इसे मेट्रो सुविधाएं मिलेंगी. निवेशकों को फोर-लेन सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी. मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंदौर कमिश्नर और धार कलेक्टर से भूमिपूजन और जनसभा की तैयारियों की जानकारी ली.

उन्होंने विशेष प्रबंध, किसानों की उपस्थिति, वाटरप्रूफ डोम, वीवीआईपी मंच, पेयजल, और पहुंच मार्गों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही, माइक्रो प्लानिंग और मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार का आदेश दिया.

मुख्यमंत्री ने मालवा के जिलों में कारीगरों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और श्रमिकों के आवास की व्यवस्था शुरू करने को कहा. बदनावर-थांदला रोड को एनएचएआई ने मंजूरी दी है, जो पार्क को कनेक्टिविटी देगा. उज्जैन एयरपोर्ट (70 Km) और इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी कनेक्टिविटी होगी.

पीएम मित्रा पार्क: भारत का अगला टेक्सटाइल हब सरकार का कहना है कि 2 हजार 158 एकड़ में 2000 करोड़ की लागत से बनने वाला यह पार्क भारत को वस्त्र महाशक्ति बनाएगा. 5F अवधारणा पर आधारित यह पार्क 3 लाख रोजगार (1 लाख प्रत्यक्ष, 2 लाख अप्रत्यक्ष) देगा. इसमें आधुनिक सुविधाएं जैसे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जलापूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन, 220 केवीए सब-स्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, 20 एमएलडी सीईटीपी, सौर ऊर्जा संयंत्र, और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स होंगी.

पार्क की वर्तमान प्रगति राज्य और केंद्र सरकार के बीच एमओयू के बाद ‘पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश लिमिटेड’ SPV बना. 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए. इंडियन कॉटन फेडरेशन, सदर्न इंडिया मिल्स एसोसिएशन, तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, और दुबई की टेक्सटाइल मर्चेंट एसोसिएशन से एमओयू हुए. 60% साइट लेवलिंग और मुख्य द्वार का निर्माण पूरा. 1.4 किमी छह-लेन सड़क, 220 केवी पावर लाइन और 20 एमएलडी जलापूर्ति योजना पर काम चल रहा है. पार्क को ग्रीन रेटिंग के लिए IGBC से परामर्श लिया जा रहा है.

पार्क की मंजूरी MPIDC को परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया. निवेशक मित्र नीतियों और वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ यह पार्क भारत के वस्त्र उद्योग के लिए मील का पत्थर होगा.

भारत में तेज हो रही है अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की मांग, त्योहारी सीजन में American Brands को लगेगा बड़ा झटका”

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अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% आयात शुल्क लगाने के बाद भारत में कई व्यावसायिक संगठनों और जनता की ओर से अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार की मांग तेज हो रही है। अमेरिकी कंपनियों के उत्पादों के बहिष्कार की मांग का माहौल न केवल सोशल मीडिया पर दिख रहा है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी ‘स्वदेशी अपनाओ’ का आह्वान तेज हो रहा है।

देखा जाये तो दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका भारत अमेरिकी कंपनियों के लिए सबसे बड़ा बाजार है। पिछले एक दशक में जिस तरह भारत ने प्रगति की है उसके चलते बड़ी संख्या में लोग गरीबी की रेखा से बाहर निकले हैं और मध्यम तथा उच्च वर्ग की आय भी बढ़ी है। इस सबके चलते जीवनशैली उन्नत हुई है और बड़ी संख्या में भारतीय विदेशी ब्रांडों का उपयोग करने लगे हैं। भारत में WhatsApp, Domino’s, Coca-Cola, Apple, Amazon और Starbucks जैसे ब्रांडों की उपस्थिति बेहद मजबूत है इसलिए भारत-अमेरिका संबंधों में आये तनाव के चलते ये कंपनियां डरी हुई हैं।

हम आपको याद दिला दें कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्वदेशी अपनाने का आह्वान एक बार फिर किया था। देश को ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि अब हम उन वस्तुओं को खरीदेंगे, जिसे बनाने में किसी न किसी भारतीय का पसीना बहा है। इसके अलावा, संघ परिवार से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने भी देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों से अमेरिकी ब्रांडों का बहिष्कार करने की अपील की है। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा एक सूची भी साझा की जा रही है जिसमें विदेशी साबुन, टूथपेस्ट और सॉफ्ट ड्रिंक्स के स्थान पर भारतीय विकल्प बताए जा रहे हैं।

अमेरिकी दादागिरी पर मोदी की ललकार देखा जाये तो अमेरिका ने टैरिफ के जरिये भारत से संबंध बिगाड़ने का काम ऐसे समय में कर दिया है जब अमेरिकी कंपनियों के लिए मोटा मुनाफा कमाने का समय था। दरअसल, अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान, सामान्य दिनों की तुलना में त्योहारी मौसम में कहीं अधिक संवेदनशील और असरदार हो सकता है। इसका कारण यह है कि दिवाली, दशहरा, नवरात्र और अन्य पर्वों के दौरान उपभोक्ता ख़रीदारी का स्तर वर्ष के बाकी समय की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। अमेरिकी ब्रांड- चाहे वे फास्ट-फूड चेन हों, शीतल पेय कंपनियां हों या प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड हों, सभी इस समय बड़े पैमाने पर बिक्री और मार्केटिंग अभियान चलाते हैं। ऐसे में यदि उपभोक्ता मानसिकता में ‘लोकल अपनाओ’ और ‘स्वदेशी’ का भाव सक्रिय हो जाता है तो इन कंपनियों की त्योहारी बिक्री में गिरावट का जोखिम बढ़ सकता है। त्योहारी सीज़न में प्रीमियम स्मार्टफोन, गैजेट्स और ब्रांडेड फूड-ड्रिंक सेक्टर की हाई-मार्जिन बिक्री प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, यदि उपभोक्ता इस अवधि में किसी भारतीय विकल्प को अपनाते हैं और अनुभव सकारात्मक रहता है, तो त्योहार के बाद भी वे विदेशी ब्रांडों पर लौटने में हिचक सकते हैं।

हालांकि, यह भी ध्यान देना होगा कि भारत में कई अमेरिकी ब्रांडों के पास मजबूत ग्राहक-आधार और सुविधाजनक पहुंच है, इसलिए अचानक पूरी तरह बिक्री ठप पड़ना मुश्किल है। फिर भी एक सुसंगठित और भावनात्मक बहिष्कार अभियान त्योहारी सीज़न में इन कंपनियों की वृद्धि-गति को धीमा कर सकता है, जो उनके वार्षिक टार्गेट और शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, त्योहारी मौसम केवल बिक्री का मौसम नहीं, बल्कि ब्रांड-निर्माण का स्वर्ण अवसर होता है और यदि यह मौका प्रतिस्पर्धी भारतीय ब्रांडों के हाथ चला जाता है, तो यह अमेरिकी कंपनियों के लिए आर्थिक के साथ-साथ रणनीतिक झटका भी साबित हो सकता है। यहां एक दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार के दौर में ही अमेरिकी कंपनी टेस्ला ने मुंबई के बाद नई दिल्ली में अपना शोरूम खोला है जिसमें भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और अमेरिकी दूतावास के अधिकारी भी मौजूद रहे।</p><p>बहरहाल, देखा जाये तो यह पूरा मामला महज़ व्यापारिक नहीं, बल्कि आर्थिक राष्ट्रवाद, उपभोक्ता मनोविज्ञान और भू-राजनीतिक समीकरणों का मिश्रण भी है। इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत में अमेरिकी ब्रांडों का बाजार मजबूत है और बहिष्कार का तात्कालिक असर सीमित दिख रहा है। लेकिन लंबी अवधि में अगर यह प्रवृत्ति संगठित रूप लेती है तो अमेरिकी कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। वहीं अगर घरेलू कंपनियां गुणवत्ता, डिज़ाइन और नवाचार में सुधार करें और वैश्विक मानकों को पूरा करें, तो ‘Made in India’ की धारणा को वास्तविक प्रतिस्पर्धी शक्ति में बदला जा सकता है।

“जंतर-मंतर पर NSUI कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, राहुल गांधी के वोट चोरी आरोपों पर कार्रवाई की मांग की”

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भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आयोग पर बार-बार वोट चोरी के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए अपने दिल्ली मुख्यालय से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला।

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘हल्ला बोल मार्च’ भी निकाला, जिसके दौरान कई कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। इससे पहले आज, मानसून सत्र के सत्रहवें दिन, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मुद्दे पर संसद में विरोध प्रदर्शन करने वाले इंडिया ब्लॉक के अन्य सदस्यों के साथ शामिल हुए।

केंद्र सरकार को भंग कर देना चाहिए… SIR विवाद के बीच ऐसा क्यों बोले TMC सांसद अभिषेक बनर्जी  कई विपक्षी सांसद ‘124 नॉट आउट’ के नारे वाली सफेद टी-शर्ट पहनकर संसद पहुँचे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), सांसद सुप्रिया सुले और डीएमके सांसद कनिमोझी जैसे प्रमुख नेता विरोध प्रदर्शन के दौरान प्याज पकड़े हुए देखे गए। सोमवार को, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और अन्य भारतीय ब्लॉक सांसदों को बिहार में कथित अनियमितताओं के विरोध में संसद से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

कर्नाटक मंत्रिमंडल से केएन राजन्ना को किया गया बर्खास्त, वोट चोरी मामले पर राहुल गांधी से अलग ली थी लाइन इस बीच, लोकसभा ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक’ पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के कार्यकाल को बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इस विस्तार से समिति 2025 में शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक अपने निष्कर्ष प्रस्तुत कर सकेगी। यह प्रस्ताव एक राष्ट्र, एक चुनाव समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने सदन से अनुरोध किया कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय दिया जाए।

”CG: भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका…मनी लॉन्ड्रिंग केस में कहा – दिक्कत कानून में नहीं, उसके गलत इस्तेमाल में है…”

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (PMLA) के एक प्रावधान को चुनौती देने वाले मामले में कोई राहत नहीं दी। कोर्ट ने साफ कहा कि कानून में कोई खामी नहीं, समस्या केवल उसके दुरुपयोग में है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची की पीठ ने PMLA की धारा 44 की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई से इनकार करते हुए बघेल को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी। पीठ ने कहा कि सच सामने लाने वाली जांच पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती।

क्या है मामला; बघेल की याचिका में कहा गया था कि PMLA की धारा 44 में दिए गए स्पष्टीकरण के जरिए ईडी एक ही मामले में बार-बार नई शिकायतें दर्ज कर सकती है, जिससे सुनवाई लंबी खिंचती है और निष्पक्ष ट्रायल का अधिकार प्रभावित होता है। यह प्रावधान ईडी को नए सबूतों के आधार पर पूरक चार्जशीट दाखिल करने का अधिकार देता है, चाहे आरोपित का नाम पहले की शिकायत में न हो।

कोर्ट का रुख; न्यायमूर्ति बागची ने टिप्पणी की कि यह एक “सक्षम बनाने वाला” प्रावधान है और समस्या कानून में नहीं, बल्कि एजेंसी द्वारा इसके गलत इस्तेमाल में है। उन्होंने कहा, जांच अपराध के आधार पर होती है, न कि सिर्फ किसी एक आरोपी के खिलाफ। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने जोड़ा कि आगे की जांच आरोपित के पक्ष में भी जा सकती है, जिससे उसकी बेगुनाही साबित हो सके।

”मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिलासपुर के बहतराई स्थित इंडोर स्टेडियम में 260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन ..”

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 12 अगस्त को बिलासपुर के बहतराई स्थित इंडोर स्टेडियम में 260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री तोखन साहू, विधायकगण धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया, सुशांत शुक्ला एवं अटल श्रीवास्तव तथा बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी उपस्थित रहेंगी.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर जिले में 12 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाले स्वच्छता संगम-2025 में, छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली स्वच्छता दीदियों का पद-प्रक्षालन कर उन्हें सम्मानित करेंगे. इस अवसर पर वे स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मान प्रदान करेंगे.

स्वच्छता संगम में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के नोडल अधिकारी सहित नौ हजार स्वच्छता दीदियों को आमंत्रित किया गया है.

स्वच्छता संगम में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाना है

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छता संगम में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों का पद-प्रक्षालन कर सम्मानित किया जाएगा. स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है. कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा.

स्वच्छता संगम में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को बढ़ाने हेतु राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा. इस प्रतियोगिता के माध्यम से शहरी स्वच्छता को सुदृढ़ करने के साथ ही सुशासन द्वारा प्रशासनिक कौशल में सुधार तथा नगरीय सौंदर्यीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा. यह पहल न केवल शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहायक होगी, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को भी संवर्धित करेगी. यह हर नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों को स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी.

कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा हेतु जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का लोकार्पण किया जाएगा. इस प्रकार एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रारंभ होना, स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे कर संग्रहण की गति में भी वृद्धि होगी.

24 कार्यों का लोकार्पण, 25 कार्यों का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वच्छता संगम के अवसर पर 260 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे. इसके अंतर्गत वे बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 197 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. कार्यक्रम में वे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण भी करेंगे.

मुख्यमंत्री साय बिलासपुर के नूतन चौक में तीन करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कोनी में नौ करोड़ पांच लाख रुपये की लागत के एस.टी.पी., चार करोड़ 82 लाख रुपये की लागत के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के कन्या छात्रावास, छह करोड़ 29 लाख रुपये से निर्मित 3.6 किमी लंबाई के नगोई बस्ती से मोढ़े नाका मार्ग, 12 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत के सात किमी लंबाई के उसलापुर-दैजा मार्ग के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं डामरीकरण कार्य तथा पांच करोड़ 45 लाख रुपये की लागत के साढ़े तीन किमी लंबाई के मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी लोखंडी रेलवे फाटक तक टू-लेन सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे. इसके साथ ही वे बिलासपुर जिले के 11 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजना का भी शुभारंभ करेंगे.

मुख्यमंत्री साय दयालबंद में 26 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से एजुकेशन हब के अंतर्गत नालंदा परिसर एवं एकेडमिक ब्लॉक निर्माण कार्य, तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत अशोक नगर चौक से बिरकोरा मोड़ तक 17 करोड़ रुपये की लागत के गौरव पथ का भूमिपूजन करेंगे. इसके अतिरिक्त वे मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत अरपा इंद्रासेतु से राम सेतु तक नौ करोड़ 74 लाख रुपये की लागत के अटल पथ निर्माण, और पांच करोड़ नौ लाख रुपये की लागत के मंगला चौक से आजाद चौक सड़क निर्माण का भूमिपूजन करेंगे.

शनिचरी-चांटीडीह मार्ग में अरपा नदी पर उच्चस्तरीय पुल

मुख्यमंत्री साय 11 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से शनिचरी-चांटीडीह मार्ग में अरपा नदी पर उच्च स्तरीय पुल, तीन करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से तखतपुर-बरेला के मध्य मनियारी नदी पर पुल, नौ करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से बहतराई, राजकिशोर नगर, लिंगियाडीह, देवरीखुर्द एवं सिरगिट्टी में संचालित जल आपूर्ति प्रणाली के उन्नयन कार्य, 34 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 12.6 किमी लंबाई के बुटेना-धौंराभाटा मार्ग के मजबूतीकरण कार्य, दस करोड़ रुपये की लागत से अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय भवन तथा बिलासपुर में 22 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ऑडिटोरियम का भूमिपूजन करेंगे.

इसके अलावा वे विजयपुर में छह करोड़ 81 लाख रुपये की लागत के एनीकट और बिलासपुर जिले के सोन से सोनसरी सबरिडेरा के बीच सात करोड़ 96 लाख रुपये की लागत के सरार नाला पर पुलिया सहित ढाई किमी लंबाई के सड़क निर्माण, साथ ही नगर निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन करेंगे.

उपराष्ट्रपति पद का चुनाव NDA कैंडीडेट का आज होगा ऐलान, PM Modi और नड्डा करेंगे चयन ..

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उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और चुनाव 9 सितंबर को होने वाला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मंगलवार को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार का चयन करेंगे. नई दिल्ली में गुरुवार को एनडीए नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह घोषणा की गई.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और नड्डा को अधिकृत करने का प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक में मौजूद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाद में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष द्वारा चुने गए अंतिम उम्मीदवार को एनडीए के सभी सहयोगियों की सहमति और समर्थन प्राप्त होगा.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान, टीडीपी के लवू कृष्ण देवरायलु और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले भी बैठक में शामिल हुए. शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को भाजपा के उम्मीदवार को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी थी.

एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा मंगलवार को होने की उम्मीद है. ये नामांकन दाखिल करने की 21 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले हो रहा है. उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जगदीप धनखड़ के मध्यावधि इस्तीफे के कारण आवश्यक हो गया. उन्होंने चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था.

हालाँकि उनके जाने से उनके और सरकार के बीच तनाव की व्यापक अटकलें लगाई जा रही है. उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर को होने वाला है. भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है. संसद में स्पष्ट संख्यात्मक लाभ के साथ एनडीए के पास अपने चुने हुए उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्याबल है. भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है, जिससे यह पद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है.

वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से भी संयुक्त उम्मीदवार उतारने की चर्चा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नामों पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क में हैं. माना जा रहा है कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश देने के लिए ऐसा किया जा रहा है.

हालांकि उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुनने पर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. इस बीच विपक्ष के कुछ नेताओं का यह भी मानना है कि बीजेपी की ओर से उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही इंडिया गठबंधन को अपना उम्मीदवार तय करना चाहिए.