Home राजनीति ‘वंदे मातरम’ विवाद पर सियासत तेज, भाजपा-जेडीयू ने सोनिया गांधी पर साधा...

‘वंदे मातरम’ विवाद पर सियासत तेज, भाजपा-जेडीयू ने सोनिया गांधी पर साधा निशाना…

3
0

एआईसीसी मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ बजने के दौरान सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया के बाद से एनडीए के नेता लगातार हमलावर हैं। एनडीए नेताओं का आरोप है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम बंद करने को कहा जो राष्ट्रगीत का अपमान है और देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “केरल में जो घटना हुई और ‘वंदे मातरम’ का जो अपमान किया गया, कांग्रेस मुख्यालय में शुरुआती दो पद गाए जाने के बाद जो दृश्य देखने को मिले- ऐसी घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाए, कम है।”

संजय सरावगी ने कहा कि वोट-बैंक की राजनीति के नाम पर ‘वंदे मातरम’ का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। यह हमारा राष्ट्रगीत है, जिसे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने गाया था। भारत की जनता किसी भी हाल में इसका अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के दौरान उसे रुकवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं और राहुल गांधी पार्टी के शीर्ष नेता हैं। कांग्रेस पार्टी सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टियों में से एक है। दुनिया ने देखा कि कैसे सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के दौरान हाथों से इशारा करके उसे रोकने की कोशिश की।”

उन्होंने कहा, “ऐसा लगा मानो वह ‘वंदे मातरम’ सुनना बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। जनता ने देख लिया है कि उनमें कितनी देशभक्ति है और यह निश्चित रूप से बहुत दुखद, शर्मनाक और पीड़ादायक है।”

भाजपा नेता आरपी सिंह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत को समान सम्मान दिया जाता है। जो भी इसकी अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोनिया गांधी और कांग्रेस के जिन नेताओं ने भी इसकी अवहेलना की है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों ने ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए फांसी का फंदा चूमा था। आज कांग्रेस उसी ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने में लगी है। इसका एक साफ उदाहरण कांग्रेस दफ्तर में देखने को मिला, जहां सोनिया गांधी और खड़गे ने ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाए जाने के दौरान उसे रोकने की कोशिश की और राहुल गांधी साफ तौर पर तनाव में दिखे।”

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं लेकिन राष्ट्र गीत का सम्मान सभी को करना चाहिए। राजीव रंजन ने कहा, “जब संसद के दोनों सदनों से कोई प्रस्ताव पारित हो जाता है और माननीय राष्ट्रपति की सहमति मिल जाती है, जिससे पूरे देश में उसे गाना अनिवार्य हो जाता है, तो मेरा मानना ​​है कि हर किसी को इस कानून का सम्मान करना चाहिए। अगर कोई राजनीतिक पार्टी या नेता इससे अलग व्यवहार करता है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”