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कुतुब मीनार से ऊँचा जैतखाम सतनामी समाज का गौरव है – मुख्यमंत्री

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साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूलमंत्र है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको मिल-जुलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में गिरौदपुरी धाम में कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम निर्मित किया गया, साथ ही अनेक विकास कार्य भी संपन्न हुए। इससे न केवल समाज का गौरव बढ़ा है, बल्कि सतनामी समाज को वैश्विक पहचान भी मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। इसी अनुरूप हमारी सरकार ने भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। हमें पूर्ण विश्वास है कि बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राजधानी रायपुर में सतनामी समाज के बहुद्देशीय भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, गिरौदपुरी स्थित मड़वा महल के शेष अधूरे कार्यों की पूर्णता हेतु 50 लाख रुपये की मंजूरी भी प्रदान की गई। उन्होंने समारोह में सम्मानित हो रहे प्रतिभावान विद्यार्थियों को पाँच–पाँच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जब समाज के पदाधिकारी प्रतिबद्धता, निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हैं, तो समाज की विश्वसनीयता बढ़ती है और समरसता के साथ समाज प्रगति की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने कहा कि टीम भावना से कार्य करने पर रचनात्मक प्रयासों को बल मिलता है। उन्होंने गिरौदपुरी धाम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री एल.एल. कोसले के नेतृत्व में भव्य धर्मशाला निर्माण की पहल के लिए बधाई भी दी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि समाज की उन्नति के लिए सामाजिक एकता और शिक्षा दो महत्त्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और प्रत्येक वर्ष प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में सतनामी समाज उन्नति के नए शिखर पर पहुँचेगा।

खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इन पदाधिकारियों के कंधों पर समाज को सशक्त बनाने की बड़ी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समाज को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उद्योग, व्यापार एवं स्वरोजगार की दिशा में समाज को आगे आने का आह्वान किया। मंत्री श्री बघेल ने जानकारी दी कि देशभर से पधारे सतनामी समाज के आध्यात्मिक गुरुओं की उपस्थिति में गिरौदपुरी धाम में ‘गुरु दर्शन’ के उपरांत एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी समाजजनों की सहभागिता अपेक्षित है।

कार्यक्रम को सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, गुरु खुशवंत साहेब, प्रगतिशील सतनामी समाज के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष श्री एल.एल. कोसले ने भी संबोधित किया।

इस शपथग्रहण समारोह में विधायकगण श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्रीमती उत्तरी जांगड़े,+

श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती कविता प्राण लहरे, उत्तर प्रदेश से श्री कमलेश दास, असम से श्री मदन सतनामी, बिहार से श्री श्याम दास, ओडिशा से सूरज भारती, राजस्थान से मारवाड़ सतनामी समाज के अध्यक्ष श्री महेंद्र सतनामी, मध्यप्रदेश से श्री किशन बंजारे तथा दिल्ली से डॉ. जगजीवन खरे सहित सतनामी समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अध्यात्म गुरुगण उपस्थित रहे। साथ ही, प्रदेश साहू समाज, यादव समाज, कुर्मी समाज, सर्व आदिवासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिगण भी इस समारोह में सम्मिलित हुए।

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध’ – मुख्यमंत्री

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साय ने आज राजधानी रायपुर के कमल विहार सेक्टर-11ए में मेडिश्योर हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ हो सकें।

मुख्यमंत्री साय ने हॉस्पिटल प्रबंधन को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिश्योर हॉस्पिटल आमजन के लिए एक बड़ी सौगात है। विशेष रूप से बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधा राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, डॉ. विकास गोयल, डॉ. मीनल गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

‘छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध’ – मुख्यमंत्री

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साय ने आज राजधानी रायपुर के कमल विहार सेक्टर-11ए में मेडिश्योर हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ सुलभ हो सकें।

मुख्यमंत्री साय ने हॉस्पिटल प्रबंधन को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त मेडिश्योर हॉस्पिटल आमजन के लिए एक बड़ी सौगात है। विशेष रूप से बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधा राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को राहत मिलेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, डॉ. विकास गोयल, डॉ. मीनल गोयल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।p[;’/

RAMP योजना के अंतर्गत एमएसएमई उद्यमियों के इंडस्ट्री और बैंकर्स मीट शिविर का आयोजन 28 जुलाई को

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जिले में RAMP योजना के अंतर्गत एमएसएमई उद्यमियों के लिए इंडस्ट्री और बैंकर्स मीट शिविर का आयोजन 28 जुलाई 2025 को समय प्रातः 11.00 बजे अग्रसेन भवन पत्थलगांव में किया गया है। जिसमें औद्योगिक नीति 2024-30, नवीन लॉजिस्टिक पॉलिसी, पीएमएफएमई. योजना एवं बैंकों हेतु आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दी जाएगी। शिविर में इच्छुक नव उद्यमी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने हेतु शिविर में सम्मिलित हो सकते है।

न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है: न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

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छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू-सर्किट हाउस में किया गया। इस सेमिनार में रायपुर संभाग के चार जिलों के 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने, गिरफ्तारी रिमाण्ड और जमानत से संबधित प्रावधान, अभियुक्त की परीक्षण का उद्देश्य एवं प्रक्रिया तथा हिन्दु उत्तराधिकार अधिकार एवं विरासत से संबंधित कानून का विश्लेशण एवं अध्ययन किया जाना है। न्याय और विधिक ज्ञान के प्रकाशन का प्रतीक सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के द्वारा किया गया। सेमिनार में न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति श्री दीपक कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति श्री राकेश मोहन पांडेय, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

न्यायिक सेमिनार में मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में न्यायपालिका से अपेक्षाएं अत्यधिक बढ़ गई हैं। जनता हमसे निष्पक्षता, गति और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। सेमिनार में चर्चा के लिए निर्धारित विषय हमारे आपराधिक और दीवानी न्यायशास्त्र के मूल स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों में दक्षता केवल प्रक्रियात्मक अनुपालन का विषय नहीं है, बल्कि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं की रक्षा करने और न्यायिक प्रक्रिया में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर बल दिया कि हाल ही में अधिनियमित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) एवं अन्य नए कानूनों के प्रकाश में, न्यायाधीशों के लिए इन प्रावधानों से भली-भांति परिचित होना अत्यंत आवश्यक है, विशेष रूप जमानत संबंधी प्रावधान से हैं, ताकि न्यायिक निर्णयों में एकरूपता एवं विधिक शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। यदि आरोपी के अधिकारों के प्रतिकूल कोई संभावना हो, तो न्यायाधीशों को यह अत्यंत सावधानीपूर्वक देखना चाहिए कि क्या प्रस्तुत किया जा रहा है और क्या नहीं। किसी प्रकरण के तथ्यों और परिस्थितियों में न्यायाधीश की अपनी राय हो सकती है, परंतु वे कानून की सीमाओं तथा सर्वाेच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णयों से बंधे होते हैं। मजिस्ट्रेट को जमानत आवेदन पर आदेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि अपराध क्रमांक, जिन धाराओं के अंतर्गत आरोपी पर आरोप लगाया गया है, तथा आरोपी के संबंध में सही विवरण स्पष्ट रूप से उल्लेखित हो। उपर्युक्त में किसी भी प्रकार की चूक या त्रुटिपूर्ण विवरण उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन के निस्तारण में विलंब का कारण बन सकता है, जिससे आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बाधित हो सकती है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस संभागीय कार्यशाला के उद्देश्य को न्यायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और हमारे न्याय प्रदाता प्रणाली में सीखने, सहयोग और निरंतर सुधार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका कानून के शासन को बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों को न्याय सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाती है। संविधान के संरक्षक के रूप में, यह आवश्यक है कि हम न केवल कानूनी रूप से सुदृढ़ हों, बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक, उत्तरदायी और नैतिक रूप से दृढ़ भी हों।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में व्यक्त किया कि एक प्रशिक्षित और संसाधनयुक्त न्यायपालिका ही जन विश्वास की नींव है। यह कार्यशाला केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, अपितु यह आत्मनिरीक्षण, ज्ञान विनिमय और संस्थागत अखंडता को मजबूत करने का एक मंच है। मुख्य न्यायाधीश के द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों से इस कार्यशाला का पूर्ण लाभ उठाने एवं सेमिनार में आयोजित सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेने के साथ प्राप्त शिक्षा को अपने-अपने न्यायालयों में लागू करने हेतु कहा गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है। प्रत्येक फाइल के पीछे एक मानवीय कहानी छिपी होती है, जिसमें दर्द, संघर्ष और आशा समाहित होती है। ‘जहाँ कानून हमारा साधन है, वहीं न्याय हमारा उद्देश्य है’। मुख्य न्यायाधीश ने कार्यशाला की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला रचनात्मक अंतर्दृष्टि, क्रियाशील परिणाम और इस राष्ट्र की जनता की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की एक नई प्रतिबद्धता की ओर ले जाएगी।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारीगण, और रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर द्वारा दिया गया। सेमिनार में परिचयात्मक भाषण छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा प्रस्तुत किया गया और धन्यवाद ज्ञापन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर द्वारा किया गया।

इस सेमिनार में कुल 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से प्रत्येक जिले के प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों जैसे – निष्पादन में तेजी लाना, गिरफ्तारी, रिमांड और जमानत से संबंधित प्रावधान, हिंदुओं में उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित कानून का विश्लेषण, अभियुक्त की परीक्षा का उद्देश्य और प्रक्रिया पर अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं।

सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ निगम ने की बड़ी कार्रवाई, भाटागांव कार्यालय को किया गया जमींदोज

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रायपुर नगर निगम ने सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ शनिवार को रायपुर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की. इसी कड़ी में भाटागांव स्थित कार्यालय को जमींदोज किया गया. निगम का अमला रविवार की सुबह बुलडोजर लेकर पहुंचा और तोमर बन्दुओं के हवेलीनुमा बंगले के बगल में अवैध कार्यालय को तोड़ दिया.

वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर 31 मई को प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला की हत्या के प्रयास का मामला तेलीबांधा थाने में दर्ज होने के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे. उसके बाद से तोमर बंधुओं की अवैध उगाही के शिकार कई लोग पुलिस में शिकायत करा चुके है, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है.

तोमर बंधुओं पर किसने क्या कहा

दर्जनों अपराध के आरोपी तोमर भाइयों के ठिकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सोशल साइट एक्स पर लिखा “बुलडोजर तो चलेगा..” “विष्णु के सुशासन में अपराधियों पर कानून का बुलडोजर चलेगा”. हम विपक्ष में थे, तब भी स्पष्ट थे. आज जनसेवा के लिए शासन में हैं, तब भी स्पष्ट है. तब माइक से अपराधियों और आतताइयों को बोलते थे, आज हमारे नगर निगम का बुलडोजर बोलता है. उन्होंने आगे लिखा कि विष्णु के सुशासन में एक बात स्पष्ट है. कानून के ऊपर कोई नहीं है, चाहे जितना बड़ा तुर्रम खां हो. हालांकि, इस दौरान उन्होंने अपने मन में छिपी कुंठा को भी उजागर किया. उन्होंने आगे अपनी मुस्लिम विरोधी कुंठा उजागर करते हुए लिखा कि तोमर बंधु हों या जिहादी बंधु हों. आतंक का फन फैलाओगे, तो फन कुचलने का हुनर भी “सुशासन सरकार” को मालूम है.

विजय शर्मा ने लिखा

विष्णुदेव-सरकार में सुशासन है, तो चक्र सुदर्शन भी है. किसी मंत्री-मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कोई क़ानून से बड़ा नहीं हो जाता. अपराधी तोमर ने अनेक लोगों को पीड़ा पहुंचाई है.

कौन है तोमर बंधु, क्या है आरोप?

वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर मूल रूप से उत्तर प्रदेश से करीब 20 साल पहले रायपुर आकर अंडे का ठेला लगाना शुरू किया. उसके बाद अपराध की दुनिया में घुस गए और सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, मारपीट, धमकी, हत्या, अपहरण, गोलीबारी और अवैध हथियारों के कारोबार से करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली.

12 से अधिक दर्ज है मामले

तोमर बंधुओं के खिलाफ रायपुर के पुरानी बस्ती, तेलीबांधा, कोतवाली, गुढ़ियारी, राजेंद्र नगर में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं. तोमर बंदु भारी ब्याज दरों पर कर्ज देकर लोगों को डराने-धमकाने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और संपत्ति हड़पने जैसे हथकंडे अपनाते थे. पुलिस के सामने आए एक मामले में 5 लाख रुपये के कर्ज के बदले उन्होंने 30 लाख रुपये वसूले और जमीन भी हथिया ली.पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर 37 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, अवैध हथियार (पिस्टल, रिवॉल्वर, तलवार), लग्जरी गाड़ियां (बीएमडब्ल्यू, थार, जगुआर) और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए थे. वीरेंद्र और रोहित जून 2025 से फरार हैं. पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है.

कैट परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, इस दिन से रजिस्ट्रेशन शुरू

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कॉमन एडमिशन टेस्ट कैट 2025 परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. ये नोटिफिकेशन न्यूजपेपर में जारी किया गया है, ऑफिशियल वेबसाइट पर फिलहाल अपडेट नहीं है, मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स 21 आईआईएम सहित अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले कैट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. जारी शेड्यूल के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी. कैट के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट 13 सितंबर निर्धारित की गई है. जो उम्मीदवार इस परीक्षाणओ में शामिल होना चाहते हैं वे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

कैट 2025 की परीक्षा 30 नवंबर 2025 को होगी जो तीन सत्रों में कंप्यूटर आधारित होगी. एडमिट कार्ड 5 नवंबर से 30 नवंबर तक डाउनलोड कर सकेंगे. कैट का रिजल्ट जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा. कैट एग्जाम के लिए देश भर के लगभग 170 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों मं किया जाएगा. अभ्यर्थियों को उनकी प्राथमिकता के अनुसार किन्हीं पांच एग्जाम सेंटर का सलेक्शन करने का ऑप्शन दिया जाएगा.

किसान का सालाना आय केवल 3 रुपये! कोठी तहसीलदार ने बनाया अनोखा इनकम सर्टिफिकेट

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मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक किसान का आय प्रमाण पत्र तहसीलदार ने जारी किया है. इस प्रमाण पत्र के अनुसार, ये किसान दिन भर में एक पैसा भी नहीं कमा पाता है. दरअसल, किसान को 25 पैसे कमाने में एक महीने लग जाते हैं.

मध्य प्रदेश अजब-गजब है. इसका एक और प्रमाण सामने आया है, क्योंकि दुनिया का सबसे गरीब व्यक्ति मध्य प्रदेश में रहता है, जिसका सालाना आय महज 3 रुपये है. चौकिए नहीं… ये सच है और बकायदा इसके लिए सरकारी आय प्रमाण पत्र जारी किया गया है. इस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर भी हैं.

दरअसल, सतना जिले के कोठी तहसील का एक गांव है नायगांव. यहां रहते हैं श्यामलाल के बेटे रामस्वरूप. उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था जो इसी साल 22 जुलाई को जारी हुआ है. जिसपर सालाना आमदनी केवल 3.00 रुपये है.

किसान की मासिक आय 25 पैसे
रामस्वरूप के मुताबिक, जब उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था तो सालाना आय 30 हजार रुपये लिखवाई थी, लेकिन तहसील के बाबू ने गलती से इसे मात्र 3 रुपये अंकित कर दिया. यहां तक की तहसीलदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया और उसकी तीन रुपये आय के प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर भी कर दिए. यानी इस व्यक्ति की अगर मासिक आय 25 पैसे है.

मामले के तूल पकड़ने के बाद अधिकारियों ने इसे ‘लिपिकीय त्रुटि’ करार दिया और नया आय प्रमाणपत्र जारी किया है, जिसमें किसान की आय 30 हजार रुपये सालाना बताया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये प्रमाण पत्र
जिले के कोठी तहसील स्थित नायगांव निवासी श्यामलाल के पुत्र रामस्वरूप के नाम और तहसीलदार सौरभ द्विवेदी के हस्ताक्षर से जारी यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यूजर्स इस किसान को देश के ‘सबसे गरीब’ इंसान के रूप में पेश कर रहे हैं.

कांग्रेस ने मोहन सरकार पर कंसा तंजा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर रामस्वरूप के तीन रुपये सालाना आय वाले प्रमाणपत्र को साझा करते हुए प्रशासन पर निशाना साधा. पार्टी ने कहा, ‘मोहन राज में ही मिला भारत का सबसे गरीब आदमी. सतना जिले में एक आय प्रमाणपत्र जारी हुआ. सालाना आमदनी केवल 3.00 रुपये बताई गई है.’

खुद कोठी के तहसीलदार ने साइन कर जारी किया प्रमाण पत्र
रामस्वरूप को यह प्रमाण पत्र 22 जुलाई 2025 को तहसीलदार सौरभ द्विवेदी के हस्ताक्षर से जारी हुआ था. इस दस्तावेज के मुताबिक, रामस्वरूप की मासिक आय मात्र 25 पैसे और रोजाना की औसतन आय एक पैसे से भी कम है. कोठी तहसीलदार द्विवेदी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘यह एक लिपिकीय त्रुटि थी, जिसे सुधार लिया गया है. नया आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है.’ उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2025 को रामस्वरूप को नया आय प्रमाणपत्र जारी किया गया, जिसमें उनकी सालाना आय 30,000 रुपये (यानी 2,500 रुपये प्रतिमाह) दर्ज की गई है.’

स्पेशल कोर्ट ने गांजा जब्त करने की कार्रवाई को बताया फर्जी, 4 पुलिसकर्मी जांच के दायरे में, मचा हड़कंप

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मध्य प्रदेश के बड़वानी विशेष न्यायालय के फैसले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. विशेष न्यायाधीश रईस खान द्वारा आरोपित को दोषमुक्त करने ओर 4 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा चलाने और विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है.

2023 का है मामला
यह पूरा मामला साल 2023 में दर्ज एक फर्जी गांजे के प्रकरण से संबंधित है, जिसमें पुलिसकर्मियों ने मिथ्या दस्तावेज पेश किए थे.न्यायालय ने 4 पुलिसकर्मियों श्रीराम मंडलोई, रविंद्र कन्नौजे, जगजोध सिंह और प्रशांत के खिलाफ अपराधिक मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. वहीं न्यायालय ने विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है.

न्यायालय ने पाया है कि पुलिसकर्मियों ने अभियुक्त के खिलाफ झूठी रिपोर्ट तैयार की, फर्जी साक्ष्य गढ़े और न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया.

वहीं न्यायालय ने टिप्पणी कर कहा कि अगर ऐसे झूठे मामलों पर कानून मौन रहेगा, तो आम आदमी का सिस्टम से विश्वास समाप्त हो जाएगा.न्यायालय ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों ने अभियुक्त के खिलाफ झूठी साजिश रची थी, अधिवक्ता अरविंद उपाध्याय और मोसिन खान ने इस निर्णय का स्वागत किया है.

डीजल से भरा टैंकर पलटा, ड्रम-बाल्टी लेकर भागने लगे लोग, तेल लूटने के लिए मच गई होड़

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मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में डीजल लेकर जा रहा टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट गया. टैंकर पलटते ही उसमें से डीजल की धार बहने लगी. आसपास के लोगों ने देखा तो तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और बर्तनों में डीजल भरना शुरू कर दिया. इसका वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है.

इस जगह का है मामला
यह घटना रविवार की सुबह जयंत चौकी क्षेत्र के मुड़वानी डैम के पास जयंत मोरवा मुख्य मार्ग की है. यहां डीजल टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया था, जिसके बाद डीजल सड़क पर बहने लगा. गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई. जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी मिली लूटने के लिए होड़ मच गई.

वीडियो वायरल
हादसे के बाद आसपास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और बोतल, ड्रम, बाल्टी आदि में डीजल भरने लगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह लोग डीजल भरने में लगे हैं. टैंकर के आसपास सड़क पर डीजल लगातार फैलता हुआ नजर आ रहा है. ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.