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मुख्यमंत्री Qसाय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित

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मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को “निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान” की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।

इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।

साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को “टीबी मुक्त” घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 करोड़ 53 लाख की दी स्वीकृति

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मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंड्रापाथ, विकास खंड बगीचा, तहसील सन्ना में आरचेरी अकादमी बनाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। एन टी पी सी ने अपने सी एस आर फंड से यह राशि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम पंड्रापाथ के आरचेरी अकादमी लगभग 10.27 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसमें तीरंदाजी केन्द्र में अभ्यास के लिए एक खेल मैदान, छोटा पुस्तकालय, मेडिकल की सुविधा, बच्चों का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र, छोटा नर्सरी और हर्बल चाय की खेती की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। तीरंदाजी अकादमी में दूरस्थ अंचलों के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों और अन्य आदिवासी बच्चों को खेल अभ्यास कराया जाएगा ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखा सके।

उल्लेखनीय है कि आरचेरी अकादमी बनाने के लिए गांव पंड्रापाथ, तहसील-सन्ना, उप-मंडल-बगीचा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) में लगभग 10.27 एकड़ (41565 वर्ग मीटर-लगभग) के आवश्यक क्षेत्रफल की राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि का चिन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय खिलाडियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, इसी कड़ी में उनके आग्रह पर तीरंदाजी अकादमी की स्थापना करने हेतु एनटीपीसी ने 20.53 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृत लागत अनुमान के अनुसार समयबद्ध तरीके से कार्य के निष्पादन हेतु उपयुक्त राज्य सरकारी एजेंसी नियुक्त करने आग्रह किया है।

आरचेरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है । धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है, जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य (निशाना) पर छोड़ा जाता है। लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है, जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी और अतनु दास ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है

मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में विश्राम गृह बनाने के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए की दी प्रशासकीय स्वीकृति

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु प्रोविजनल मेरिट सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट
www.igkv.ac.in
पर प्रकाशित की जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों में दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन एवं शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी, जिन्होंने PET-2025 के माध्यम से आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया दिनांक 28 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य के उन मूल निवासियों के लिए, जिन्होंने JEE Mains-2025 अथवा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 को सम्पन्न होगी। अन्य राज्यों से 12वीं (गणित समूह) के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 30 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। समस्त चरणों के लिए समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा तथा स्थान स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, गेट नंबर-03, रायपुर रहेगा।
सभी चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि व समय पर मूल दस्तावेज एवं उनकी छायाप्रतियाँ सहित उपस्थित हों। विलंब अथवा अनुपस्थिति की स्थिति में प्रवेश का अवसर निरस्त किया जा सकता है। प्रत्येक चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात यदि सीटें रिक्त रहती हैं, तो उन्हें PET-2025 के नियमानुसार पात्र प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की वेबसाइट
www.igkv.ac.in
पर उपलब्ध हैं|

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर: छत्तीसगढ़ के लिए नए अवसरों का द्वार

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मुख्यमंत्री साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे।

ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है।

बाघ की खाल, महंगी शराब, 12 करोड़ की संपत्ति… EOW जांच के बाद लापता डिप्टी कमिश्नर के घर से क्या कुछ मिला

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बाघ की खाल, महंगी शराब की दर्जनों बोतलें, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज, लाखों के जेवरात… ये सब मध्य प्रदेश के एक डिप्टी कमिश्नर के ठिकानों से मिला है. डिप्टी कमिश्नर के यहां आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने छापेमारी की थी. खास बात यह है कि इस छापेमारी के बाद संबंधित अधिकारी रहस्यमयी ढंग से लापता हो गए. उनका फोन बंद है. वो कहां है इसकी किसी को जानकारी नहीं है. मामला मध्य प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे का है. जगदीश सरवटे जबलपुर में तैनात थे. उनके घर से बाघ की खाल मिलने के बाद अधिकारी की मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

करोड़ों की संपत्ति और अवैध शराब, बाघ की खाल जब्त
मिली जानकारी के अनुसार EOW की टीम ने 22 जुलाई को सरवटे के शंकर शाह नगर स्थित सरकारी आवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. सरकारी आवास के अलावा भोपाल, मंडला, सागर के स्थित उनके अन्य ठिकानों पर टीम ने दबिश दी थी.

इस दौरान डिप्टी कमिश्नर के ठिकानों से करीब 12 करोड़ रुपए की संपत्ति, जमीनों के दस्तावेज, लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, महंगी शराब की कई बोतलें, बाघ की खाल मिले.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सरवटे और उनके परिजनों के नाम पर कान्हा नेशनल पार्क (मंडला) और बांधवगढ़ में रिसोर्ट भी हैं. साथ ही जबलपुर-मंडला रोड पर एक रेस्टोरेंट भी चल रहा है.

EOW रेड में डिप्टी कमिश्नर जगदीश सरवटे के ठिकानों से क्या कुछ मिला?
EOW की जांच में मिली डिप्टी कमिश्नर के घर से एक लाख से ज्यादा की महंगी शराब की 56 बोतलें मिली.इसके अलावा मण्डला में भी जगदीश सरवटे का आलीशान रिसोर्ट और जमीन भी मिली.एनएच 30 बबेहा में जायका नामक एक ढाबा भी मिला.कान्हा में जमीन और निर्माणाधीन रिसोर्ट भी मिली.10 कमरों का निर्माणाधीन रिसोर्ट ओर दुकानें मिली.मोचा गांव में जमीन और मकान मिली.कान्हा के होटल के अलावा एक ढाबा भी मिला.जांच के दौरान सरवटे और उनके परिजनों के 10 बैंक खातों का भी पता चला है.अधिकारी और परिजनों के 10 बैंक खाते से भारी लेन-देन का शक
लापता अधिकारी के हर ठिकानों पर रखी जा रही नजर
अधिकारी के घर से जब्त शराब के मामले में थाना गोरखपुर में डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया. अधिकारियों को शक है कि इन खातों के जरिए भारी लेन-देन हुआ है. ईओडब्ल्यू की टीमें अब उनके संभावित ठिकानों की गुप्त रूप से निगरानी कर रही हैं.

एशिया कप में तीन बार हो सकती है भारत-पाकिस्तान टक्कर, देखें भारत के ग्रुप मैचों का शेड्यूल

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एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को घोषणा की कि पुरुषों का एशिया कप (Asia Cup 2025) नौ से 28 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आयोजित किया जाएगा. और उनके एशिया कप के आयोजन की तारीखों के ऐलान के बाद ही टूर्नामेंट में भारत के कार्यक्रम की भी पुष्टि हो गई है. शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित ग्रुप चरण मैच रविवार (14 सितंबर) को दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होगा. भारत और पाकिस्तान की टीमें एक ही ग्रुप में है और शेड्यूल की सबसे अहम बात यह है कि अगर संयोग बना, तो दोनों पड़ोसी देश एक नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में तीन बार एक-दूसरे से भिड़ सकते हैं. 14 सितंबर के बाद 21 सितंबर को सुपर-4 में भी फैंस को फिर से एक और टक्कर देखने को मिल सकती है.

इस दिन करेगा भारत अभियान की शुरुआत
भारत अपने अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ करेगा और उसके सभी मैच दुबई में खेले जाने की संभावना है. भारत, पाकिस्तान, यूएई और ओमान को ग्रुप ए में रखा गया है, जबकि श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और हांगकांग ग्रुप बी में हैं. एसीसी 19 मैचों के इस टूर्नामेंट के लिए 17 सदस्यीय टीम को अनुमति देगा तथा मैच दुबई तथा अबुधाबी में खेले जाएंगे.

तो हो सकती है तीसरी भारत-पाक भिड़ंत
टूर्नामेंट का मेजबान बीसीसीआई है, लेकिन इसे यूएई में आयोजित किया जा रहा है क्योंकि भारत और पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के कारण 2027 तक केवल तटस्थ स्थानों पर प्रतिस्पर्धा करने पर पारस्परिक रूप से सहमति व्यक्त की है. एसीसी के प्रसारकों के साथ हुए समझौते के अनुसार भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं और सुपर फोर चरण में भी उन्हें एक-दूसरे से भिड़ने का एक और मौका मिलेगा. दोनों टीम अगर फाइनल में पहुंचती है तो टूर्नामेंट में तीसरे मैच की भी संभावना होगी.

एशिया कप के ग्रुप चरण में भारत का कार्यक्रम:
तारीख बनाम
10 सितंबर : भारत बनाम यूएई

14 सितंबर: भारत बनाम पाकिस्तान

19 सितंबर: भारत बनाम ओमान

सुपर चार कार्यक्रम
20 सितंबर: बी 1 बनाम बी 2

21 सितंबर: ए 1 बनाम ए 2 (भारत बनाम पाकिस्तान का संभावित मुकाबला)

23 सितंबर: ए 2 बनाम बी 1

24 सितंबर: ए 1 बनाम बी 2

25 सितंबर: ए 2 बनाम बी 2

26 सितंबर: ए 1 बनाम बी 1

28 सितंबर: फाइनलuyjhmn

तेलंगाना में सीएम रेवंत रेड्डी ने कराए फीमेल सेलिब्रिटीज के फोन टैप! बीआरएस विधायक के दावों से सनसनी

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तेलंगाना में फोन टैपिंग का मामला गर्माता जा रहा है. भारत राष्‍ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक पदी कौशिक रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर बड़े स्‍तर पर अवैध फोन निगरानी का आरोप लगाया है. एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में जो काफी नाटकीय थी, उसमें पदी कौशिक रेड्डी ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर), के.टी. रामा राव (केटीआर) और टी. हरीश राव समेत प्रमुख बीआरएस नेताओं के फोन अवैध रूप से टैप किए जा रहे हैं. सिर्फ इतना ही नहीं रेड्डी पर आरोप है कि उनकी सरकार में कई फीमेल सेलिब्रिटीज के फोन भी टैप किए गए हैं.

सीएम ने मानी टैपिंग की बात
बीआरएस का दावा है कि इस काम को अंजाम देने के लिए रेवंत रेड्डी ने प्राइवेट हैकर्स तक को हायर किया था. कौशिक रेड्डी ने चौंकाने वाले दावा में कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद फोन टैपिंग की बात को स्वीकार किया है. कौशिक रेड्डी की मानें तो सीएम रेड्डी ने कहा है कि ‘क्या हो रहा है’ यह जानना जरूरी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी का फोन भी टैप किया जा रहा था. उनका कहना है कि रेवंत रेड्डी ने दो मंत्रियों के बीच टैप की गई बातचीत से मिली जानकारी का इस्तेमाल उनमें से एक को फटकार लगाने के लिए किया था.

लाई डिटेक्‍टर टेस्‍ट की चुनौती
कौशिक रेड्डी ने इस पूरे मामले में सीबीआई और ईडी जांच की मांग की है. साथ ही उन्‍होंने सवाल उठाया है कि फोन टैपिंग से जुड़ी उनकी पिछली शिकायत पर मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया. पदी कौशिक रेड्डी से पहले बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर की तरफ से भी इसी तरह के दावे किए गए थे. केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला किया था. केटीआर ने रेवंत रेड्डी पर उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी सहित अपने ही कैबिनेट सहयोगियों के फोन टैप करने का आरोप लगाया था. केटीआर ने रेवंत रेड्डी को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की चुनौती भी दी थी.

कांग्रेस ने किया पलटवार
वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने मौजूदा फोन टैपिंग के आरोपों का पुरजोर खंडन किया है. कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने केटीआर के दावों के जवाब में पलटवार किया और कहा कि बीआरएस के सत्ता में रहने के दौरान केटीआर ने खुद अपनी बहन के. कविता के फोन टैपिंग के आदेश दिए थे. उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने भी केटीआर के फोन टैपिंग के दावों का सार्वजनिक तौर पर खंडन किया है. हालांकि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि अगर ‘सही अनुमति’ के साथ फोन टैपिंग की जाए तो यह गैरकानूनी नहीं है और उनकी सरकार इसमें शामिल है. लेकिन इस बयान की आलोचना हुई है और पिछले फोन टैपिंग की चल रही जांच की वैधता पर सवाल उठे हैं.

एक मामले की जांच जारी
इस बीच एक स्‍पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पिछले बीआरएस कार्यकाल के दौरान हुई अवैध फोन टैपिंग के विस्‍तृत आरोपों की सक्रिय तौर पर जांच कर रहा है. एसआईटी की जांच में बड़े पैमाने पर फोन टैपिंग का खुलासा हुआ है. रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि राजनेताओं, व्यापारियों, न्यायाधीशों, पत्रकारों और यहां तक कि आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के फोन टैप किए गए थे. इस जांच में पूर्व विशेष खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) प्रमुख टी. प्रभाकर राव मुख्य आरोपी हैं और कई पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ सहित कई नेताओं ने एसआईटी के समक्ष गवाही दी है. उन्‍होंने दावा किया है कि बीआरएस कार्यकाल के दौरान उनके फोन भी अवैध तौर पर इंटरसेप्‍ट किए गए थे. 8520/

अनिल अंबानी की कंपनियों पर तीसरे दिन भी ED की छापेमारी, 3000 करोड़ का कर्ज, झूठ और रिश्वत

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रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी (Anil Ambani) के सितारे पिछले कुछ वक्‍त से गर्दिश में हैं और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनके खिलाफ शिकंजा कस रहा है. मुंबई में अनिल अंबानी की कंपनियों के खिलाफ ED की छापेमारी की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. एजेंसी ने कई स्थानों से बड़ी संख्या में दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण जब्त किये हैं. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. संघीय जांच एजेंसी ने 24 जुलाई को कथित तौर पर 3,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले के तहत छापेमारी शुरू की थी. इसके अलावा कुछ कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य आरोप भी हैं.

सूत्रों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बृहस्पतिवार को छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई थी और मुंबई में 35 से अधिक परिसरों में से कुछ स्थानों पर यह शनिवार को भी जारी रही.

3000 करोड़ के लोन मामले में छापेमारी
उन्होंने बताया कि ये परिसर 50 कंपनियों और 25 लोगों के हैं, जिनमें अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के कई अधिकारी भी शामिल हैं.

ईडी सूत्रों ने बताया कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लिये लगभग 3,000 करोड़ रुपये के ऋण के गलत इस्तेमाल के आरोपों में ये छापेमारी की जा रही है.

ED की कार्रवाई का असर नहीं: रिलायंस
समूह की दो कंपनी ‘रिलायंस पावर’ और ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर’ ने शेयर बाजार को बृहस्पतिवार को दी अलग-अलग सूचना में कहा कि ईडी की कार्रवाई का उनके व्यवसाय संचालन, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरधारकों, कर्मचारियों या किसी अन्य हितधारक पर कोई असर नहीं पड़ा है.

कंपनियों ने कहा, ‘‘मीडिया में आई खबरों में जो जानकारी दी गई है वह 10 साल से भी पुरानी कंपनी ‘रिलायंस कम्युनिकेशन्स लिमिटेड’ (आरसीओएम) या ‘रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड’ (आरएचएफएल) के लेन-देन से संबंधित आरोपों से जुड़ी प्रतीत होती हैं.”

रिश्‍वत के लेनेदेन का संकेत!
सूत्रों ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि ऋण दिए जाने से ठीक पहले, यस बैंक के प्रवर्तकों को उनके संस्थानों में धनराशि ‘‘प्राप्त” हुई थी जो ‘‘रिश्वत” के लेनदेन का संकेत देता है. एजेंसी ‘‘रिश्वत” और ऋण से जुड़े मामले की जांच कर रही है.

सूत्रों ने बताया कि संघीय एजेंसी यस बैंक द्वारा रिलायंस अंबानी समूह की कंपनियों को दी गई ऋण स्वीकृतियों में पिछली तारीख के ऋण दस्तावेज, बैंक की ऋण नीति का स्पष्ट उल्लंघन कर बिना किसी उचित जांच या ऋण विश्लेषण के निवेश प्रस्तावित करना जैसे ‘‘घोर उल्लंघनों” के आरोपों की जांच कर रही है.

सूत्रों ने बताया कि कथित तौर पर इन ऋणों को संबंधित संस्थाओं द्वारा समूह की कई कंपनियों और मुखौटा कंपनियों में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया.

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी कमजोर वित्तीय स्थिति वाली संस्थाओं को दिए गए ऋणों, ऋणों के उचित दस्तावेजीकरण और उचित जांच-पड़ताल के अभाव, समान पते वाले ऋणदाताओं और उनकी कंपनियों में समान निदेशकों आदि के मामलों की भी जांच कर रही
है.
जनता के रुपयों का गलत इस्‍तेमाल!
उन्होंने बताया कि धनशोधन का यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज कम से कम दो प्राथमिकियों और राष्ट्रीय आवास बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) तथा बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा साझा की गई रिपोर्ट से जुड़ा है.

सूत्रों के अनुसार इन रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि बैंकों, शेयरधारकों, निवेशकों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को धोखा देकर जनता के रुपयों का गलत तरीके से इस्तेमाल करने या हड़पना की यह एक ‘‘पूर्व-नियोजित और सोच-समझी साजिश” थी.

केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद को सूचित किया था कि भारतीय स्टेट बैंक ने अंबानी के साथ-साथ आरकॉम को भी ‘धोखाधड़ी’ के रूप में वर्गीकृत किया है और वह सीबीआई में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है.

1,050 करोड़ का बैंक ऋण भी जांच के दायरे में
सूत्रों ने बताया कि कुछ ‘अघोषित’ विदेशी बैंक खातों और संपत्तियों के अलावा आरकॉम और केनरा बैंक के बीच 1,050 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक ऋण ‘धोखाधड़ी’ भी ईडी की जांच के दायरे में है.

उन्होंने बताया कि रिलायंस म्यूचुअल फंड ने भी एटी-1 बांड में 2,850 करोड़ रुपये का निवेश किया है और संघीय एजेंसी को इसमें ‘परस्पर लाभ पहुंचाने’ का संदेह है.

एडिशनल टियर 1 (एटी-1) बैंकों द्वारा अपना पूंजी आधार बढ़ाने के लिए जारी किए जाने वाले स्थायी बॉन्ड होते हैं और ये उच्च ब्याज दर वाले पारंपरिक बॉन्ड की तुलना में अधिक जोखिम भरे होते हैं. रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लगभग 10,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण कोष के दुरुपयोग का मामला भी एजेंसी की जांच के दायरे में है.

माना जा रहा है कि ‘रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड’ (आरएचएफएल) के संबंध में सेबी की एक रिपोर्ट भी ईडी की जांच का आधार बनी.

बाजार नियामक के निष्कर्षों के अनुसार, आरएचएफएल द्वारा दिए गए कॉर्पोरेट ऋणों में वृद्धि देखी गई जो वित्त वर्ष 2017-18 में 3,742.60 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2018-19 में 8,670.80 करोड़ रुपये हो गए.

कंपनियों ने शेयर बाजार को दी जानकारी में यह भी कहा कि अनिल अंबानी न तो ‘रिलायंस पावर’ और न ही ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर’ के बोर्ड में थे और उनकी ‘रिलायंस कम्युनिकेशन्स’ या ‘रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड’ से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं हैं.

कंपनियों ने कहा कि ‘रिलायंस कम्युनिकेशन्स’ या ‘रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड’ के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई का ‘रिलायंस पावर’ या ‘रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर’ के संचालन व प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.rtfgvb

शिक्षा मंत्रालय का स्‍कूलों-छात्रों से जुड़ी संरचनाओं के ऑडिट का निर्देश, हालिया हादसों के बाद उठाया कदम

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कूल जाने वाले छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्‍य से शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है. शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्कूलों, सार्वजनिक सुविधाओं और इमारतों के आपातकालीन निकास सहित सभी आधारभूत संरचनाओं का सुरक्षा ऑडिट कराए जाने के लिए कहा है. सरकार की ओर से स्‍कूलों और छात्रों के साथ सामने आए विभिन्‍न हादसों के बाद यह निर्देश जारी किए गए हैं.

अपने आदेश में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि कर्मचारियों और छात्रों को आपातकालीन तैयारियों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, जिसमें निकासी अभ्यास, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल हैं.

स्‍थानीय अधिकारियों से सहयोग मजबूत करने पर जोर
साथ ही शिक्षा मंत्रालय के आदेशों में स्थानीय अधिकारियों (एनडीएमए, अग्निशमन सेवाओं, पुलिस और चिकित्सा एजेंसियों) के साथ सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.

मंत्रालय ने कहा कि किसी भी खतरनाक स्थिति की जानकारी और घटना की रिपोर्ट 24 घंटों के भीतर नामित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश प्राधिकरण को दी जानी चाहिए. साथ ही देरी, लापरवाही या कार्य करने में विफलता के मामलों में सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है.

बिना देरी के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा
शिक्षा मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा कि माता-पिता, अभिभावकों, सामुदायिक नेताओं और स्थानीय निकायों को स्कूल जाने के साधन और रास्ते अगर असुरक्षित हैं तो रिपोर्ट किया जाए.

मंत्रालय ने शिक्षा विभागों, स्कूल बोर्डों और संबद्ध प्राधिकरण बिना किसी देरी के उपरोक्त उपायों को लागू करने के निर्देश दिए हैं.

पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग इलाकों से स्‍कूलों और स्‍कूलों के बाहर छात्रों के साथ हुए हादसों के बाद मंत्रालय ने यह आदेश जारी किए हैं. इन हादसों में सबसे बड़ा हादसा राजस्‍थान के झालावाड़ में हुआ था, जहां पर एक स्‍कूल की छत गिरने से सात बच्‍चों की मौत हो गई थी और कुछ अन्‍य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

CSIR UGC NET का एडमिट कार्ड हुआ जारी, इस डायरेक्ट लिंक से करें Hall Ticket बुक

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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने CSIR UGC NET जुलाई 2025 परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.ac.in से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं. आपको बता दें कि सभी विषयों के लिए परीक्षा 28 जुलाई, 2025 को आयोजित की जाएगी.

बता दें कि CSIR UGC NET परीक्षा यह तय करने के लिए आयोजित की जाती है कि कौन जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए या भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विज्ञान विषयों में सहायक प्रोफेसर बनने के लिए योग्य है.

स्टूडेंट्स के लिए ये 12 websites हैं बहुत काम की, भाषा सीखने से लेकर नोट्स तक कर सकते हैं तैयार….

कैसे करें CSIR NET एडमिट कार्ड डाउनलोड
csirnet.nta.ac.in पर जाएं
अब आप “CSIR UGC NET July 2025 Admit Card” लिंक पर क्लिक करें
यहां अपना एप्लिकेशन नंबर, date of birth और Security pin की डिटेल भरिए.
अब आप डिटेल सबमिट करिए.
आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा – इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लीजिए.
सीएसआईआर नेट एडमिट कार्ड 2025 डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक यहां है.. https://csirnet.ntaonline.in/admitcard/index