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जिले में SIS ग्रुप द्वारा पंजीयन शिविर का होगा आयोजन

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भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद नई दिल्ली के तत्वाधान में SIS (इंडिया) लिमिटेड द्वारा सुरक्षा सेवाओं में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जिले के विभिन्न थाना व चौकी परिसरों में पंजीयन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कमांडेंट, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र परसवार, अनुपपुर के निर्देशानुसार यह पहल उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है जो सुरक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्थायी रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं। यह शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होंगे जिसमें युवाओं का पंजीयन कर प्रशिक्षणोपरांत SIS ग्रुप में नियोजन किया जाएगा। शिविर की शुरुआत 12 जुलाई 2025 को थाना परिसर चिरमिरी से होगी, इसके बाद 13 जुलाई 2025 को थाना परिसर झगराखांड में, 15 जुलाई 2025 को थाना परिसर जनकपुर में, 16 जुलाई 2025 को चौकी परिसर कुंवारपुर में, 17 जुलाई 2025 को चौकी परिसर खोंगापानी में, 19 जुलाई 2025 को चौकी परिसर कोड़ा, 20 जुलाई 2025 को थाना परिसर खड़गवां में, 21 जुलाई 2025 को थाना परिसर कोटाडोल में, 22 जुलाई 2025 को थाना परिसर केल्हारी में, 23 जुलाई 2025 को थाना परिसर पोड़ी में तथा 25 जुलाई 2025 को थाना परिसर मनेन्द्रगढ़ में शिविर का आयोजित किया जाएगा। एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को शिविर आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार का लाभ मिल सके।edc

निशुल्क कोचिंग क्लासेस में प्रवेश के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन 21 जुलाई तक आमंत्रित

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग एवं व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक रूप से कमजोर जिले के मूल निवासी छात्र-छात्राओं के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्ष 2025-26 में कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑफलाइन आवेदन 21 जुलाई तक आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र का प्रारूप जिले की वेबसाइट
https://gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in/
से प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित प्रारूप में पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र स्वप्रमाणित दस्तावेजों-दसवीं मार्कशीट, बारहवीं मार्कशीट, स्नातक डिग्री, स्थायी जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र एवं मूल निवास प्रमाण पत्र की छायाप्रति के साथ रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जिला गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में 21 जुलाई शाम 5.30 तक प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन की सामान्य शर्तें एवं अन्य जानकारी जिले की वेबसाइट
https://gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in/
में देखी जा सकती है।

नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी किरण पिस्दा का जिला प्रशासन बालोद ने किया सम्मानित

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बालोद जिले की होनहार नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी सुश्री किरण पिस्दा ने अपनी खेल प्रतिभा से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन बालोद ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उनका गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।

भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने हाल ही में एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई किया है, जिसमें बालोद जिले की किरण पिस्दा का चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

जिला प्रशासन ने किरण को शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित परिवार व जिले के लोगों ने किरण की इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

एक्स ने तकनीकी बातों का फायदा उठाया…’: केंद्र ने एक्स के “सेंसरशिप” के आरोप का खंडन किया

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सेंसरशिप के मामले में एलन मस्‍क की कंपनी एक्‍स और भारत सरकार आमने-सामने हैं. केंद्र सरकार ने मंगलवार को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स के इस दावे का खंडन किया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 3 जुलाई को न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स और रॉयटर्स वर्ल्ड समेत 2,355 अकाउंट्स को ब्‍लॉक करने का कोई ऑर्डर जारी किया था.

एक्‍स ने नहीं मानी प्रक्रिया
मंत्रालय के प्रवक्ता ने न्‍यूज एजेंसी ANI को बताया कि सरकार ने एक्स को भारत में समाचार एजेंसी के हैंडल को ब्लॉक किए जाने के तुरंत बाद अनब्लॉक करने के लिए कहा था. प्रवक्‍ता ने कहा, ‘हालांकि, एलन मस्क के हक वाली सोशल मीडिया की कंपनी ने गैर-जरूरी तरीके से प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी बातों का फायदा उठाया और URL को अनब्लॉक नहीं किया.’

कोई ऑर्डर जारी नहीं हुआ
प्रवक्ता ने कहा, ‘सरकार ने 3 जुलाई, 2025 को कोई नया ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी नहीं किया है और रॉयटर्स और रॉयटर्स वर्ल्ड सहित किसी भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को ब्लॉक करने का कोई इरादा नहीं है. जिस पल रॉयटर्स और रॉयटर्स वर्ल्ड को भारत में एक्स प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक किया गया, तुरंत सरकार ने ‘एक्स’ को उन्हें अनब्लॉक करने के लिए लिखा.’ प्रवक्ता के अनुसार सरकार ने 5 जुलाई 2025 की देर रात से लगातार ‘एक्स’ से संपर्क किया.

हर घंटे इस ऑर्डर को लेकर फॉलोअप किया गया और एक्स ने आखिरकार 6 जुलाई 2025 को रात 9 बजे के बाद रॉयटर्स और बाकी यूआरएल को अनब्लॉक कर दिया. रॉयटर्स को अनब्लॉक करने में उन्हें 21 घंटे से अधिक का समय लगा.’

क्‍या कहा था एक्‍स ने
इससे पहले आज, एक्स ने भारत में रॉयटर्स के अकाउंट ब्लॉक किए जाने के बाद ‘प्रेस सेंसरशिप’ कहे जाने पर सरकार की आलोचना की थी. इससे पहले भी, सरकार ने भारत में न्‍यूज एजेंसी के सोशल मीडिया अकाउंट के ऑफ़लाइन होने में किसी भी भूमिका से इनकार किया था. एक्स ने कहा कि सरकार ने 3 जुलाई को उसे रॉयटर्स सहित 2,355 अकाउंट को ‘बिना किसी कारण बताए एक घंटे के अंदर’ ब्लॉक करने का आदेश दिया था. एक्स का कहना था कि उसके पास ऑर्डर को मानने के अलावा कोई और ऑप्‍शन नहीं बचा था. अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें सजा दी जा सकती थी. कंपनी ने उन लोगों से कहा जिनके अकाउंट भारत में ब्लॉक किए गए हैं कि वो कोर्ट्स में इसका हल तलाशे.

कब सुधरेंगी शहर की सड़कें? PWD और नगर निगम से हाई कोर्ट ने पूछे ये सवाल

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शहर की बदहाल सड़कों और अतिक्रमण की स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग पर सख्त रुख अपनाया है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में बिलासपुर हाई कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता (ईई) को निर्देश दिए हैं कि वे शपथपत्र पर यह बताएं कि जर्जर सड़कों की मरम्मत आखिर कब तक की जाएगी. कोर्ट ने साफ कहा कि अब जवाबदेही तय की जाएगी.

कोर्ट ने क्यों उठाया ये मुद्दा?
यह मामला तब सामने आया जब चीफ जस्टिस ने अपोलो अस्पताल, लिंगियाडीह मार्ग की हालत का खुद निरीक्षण किया. उन्होंने देखा कि सड़क बेहद खराब स्थिति में है और अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस व मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई हो रही है. इसके बाद इस विषय को जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर सुनवाई शुरू की गई. कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने बसंत विहार चौक से अपोलो अस्पताल तक अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया. पहले की सुनवाई में नगर निगम आयुक्त ने बताया था कि अपोलो चौक से मानसी होटल होते हुए रपटा तक सड़क विस्तार के लिए 6 मई को कार्यादेश जारी किया गया है.

23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हालांकि, कोर्ट ने अब पूरे शहर की सड़कों की खराब हालत पर नाराजगी जताई और कहा कि प्रमुख मार्ग गड्ढों से भरे हैं, लेकिन मरम्मत को लेकर कोई निश्चित समय नहीं बताया जा रहा. अदालत ने कहा कि शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाए कि कब तक शहर की सड़कों को सुधार दिया जाएगा. अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी.

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर नक्सली कैंप तबाह; नारायण डोंगर की गुफाओं में छिपे थे सुराग

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छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. नक्सलियों के खौफ का गढ़ कहे जाने वाले नारायण डोंगर की गहराइयों में संचालित एक नक्सली कैंप को ध्वस्त कर दिया गया है. यह इलाका गरियाबंद जिले की सीमा से महज कुछ किलोमीटर दूर है, जो इंदागांव थाना क्षेत्र से भी काफी करीब माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि ओडिशा पुलिस की डीवीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि नारायण डोंगर के पास नक्सली गतिविधियां चल रही हैं. इसके बाद मंगलवार की सुबह सुरक्षा बलों ने घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों को पार कर सटीक कार्रवाई की.

बम सहित ये सामान हुए जब्त
नक्सलियों के वहां से भागने के बाद कैंप को जब्त किया गया. कैंप से दो नग टिफिन बम (आईईडी), जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है. सुरक्षा बलों का मानना है कि यहां नक्सली कुछ बड़ी साजिश की तैयारी में थे. समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो आसपास के गांवों और सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता था.

अधिकारियों का क्या कहना है?
नक्सलियों के इस कैंप का पर्दाफाश सीनापाली थाना क्षेत्र में हुआ, जो ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में आता है. नुआपाड़ा के एसपी जी आर राघवेंद्र ने मीडिया को बताया कि यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था लेकिन डीवीएफ ने सूझबूझ से काम लेकर इसे अंजाम दिया. इस कार्रवाई के बाद से सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है. खास बात यह है कि घटनास्थल से छत्तीसगढ़ की सीमा मात्र कुछ किलोमीटर दूर है, जिससे यह स्पष्ट है कि नक्सली अब भी राज्य के जंगलों में पैठ बनाने की कोशिश में हैं.

गस्त पर निकले जवानों को निशाना बनाकर नक्सिलयों ने किया IED ब्लास्ट, दोनों तरफ से फायरिंग जारी

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माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले से एक बार फिर नक्सली हिंसा की खबर सामने आई है. आवापल्ली थाना क्षेत्र के तिमापुर-मुरदण्डा मार्ग पर माओवादियों द्वारा बिछाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के विस्फोट में सीआरपीएफ 229वीं बटालियन के दो जवान घायल हो गए हैं. इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग जारी है.

RSO ड्यूटी पर निकले थे जवान
जानकारी के अनुसार, CRPF की 229वीं बटालियन की टीम मंगलवार सुबह आवापल्ली–बासागुड़ा मार्ग पर रोड सिक्योरिटी ऑपरेशन (RSO) के लिए निकली थी. इसी दौरान तिमापुर-मुरदण्डा मार्ग के बीच अचानक पूर्व से बिछाए गए IED में जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे दो जवान घायल हो गए.

घायल जवानों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
विस्फोट के बाद घायल जवानों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल बीजापुर भेजा गया है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि और किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अन्य IEDs की आशंका को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके.

मुजफ्फरनगर में कांवड़ खंडित करने पर तनाव, आरोपी गिरफ्तार, स्वामी यशवीर महाराज ने बताया ‘जिहादी मानसिकता’

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी कस्बे में एक युवक पर कांवड़ पर थूकने की अफवाह के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस घटना से आक्रोशित लोगों ने रोड जाम कर विरोध दर्ज कराया. पुलिस ने सूझबूझ से हालात संभाला और हरिद्वार से नई पवित्र कांवड़ मंगवाकर दी.

दिल्ली निवासी शिव भक्त मुस्कान ‘भोली’ अपने भाई अंशुल शर्मा और अन्य श्रद्धालुओं के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर कावड़ यात्रा पर निकली थीं. सोमवार को जब यह टोली मुजफ्फरनगर के पुरकाजी कस्बे में नगर पंचायत कार्यालय के पास रुकी, तभी एक युवक ने कथित तौर पर अंशुल की कांवड़ पर थूक दिया. इससे कांवड़ खंडित हो गई और श्रद्धालुओं ने तुरंत विरोध दर्ज कराते हुए घटनास्थल पर हंगामा शुरू कर दिया.

‘आरोपी ने एक कलश पर थूका..’
कांवड़ियों ने मार्ग अवरुद्ध कर दिया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे. मुस्कान ने बताया कि पहले आरोपी ने एक कलश पर थूका, फिर दूसरे पर. जब वे विरोध करने लगे तो कहा गया कि कांवड़ खंडित नहीं हुई, उस पर दोबारा गंगाजल डालकर यात्रा जारी रखें. लेकिन जब कांवड़िए अड़ गए, तो पुलिस ने अपनी गाड़ी से हरिद्वार से नई पवित्र कांवड़ मंगवाकर उन्हें सौंपी.

‘थूकना अत्यंत निंदनीय कृत्य है..’
स्वामी यशवीर महाराज ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इसे ‘जिहादी मानसिकता’ की करतूत बताया. उन्होंने कहा कि एक श्रद्धालु जो पवित्र गंगाजल लेकर आ रही थी, उस पर थूकना अत्यंत निंदनीय कृत्य है. हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का धन्यवाद, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है.

शिव भक्तों की भावनाओं का सम्मान करें : एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई. आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी मूक-बधिर है, हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल जांच के बाद की जाएगी. पुलिस ने उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है और आगे की जांच जारी है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे शिव भक्तों की भावनाओं का सम्मान करें और कांवड़ यात्रा को सुगम एवं शांतिपूर्ण बनाने में प्रशासन का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि जो कांवड़िए अपने कंधों पर 100 लीटर तक गंगाजल लेकर चल रहे हैं, उनके समर्पण और आस्था का हमें सम्मान करना चाहिए.

कांवड़िए अंशुल शर्मा ने कहा कि हम योगी जी की सरकार में भरोसा रखते हैं, लेकिन जब ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो सवाल उठता है. अगर यह अखिलेश की सरकार होती तो हालात और बदतर होते. ऐसे व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई और कांवड़ खंडित न कर सके.

अबोहर मर्डर केस : एनकाउंटर में 2 गैंगस्टर ढेर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कहा- फर्जी मुठभेड़ दिखाकर

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अबोहर मर्डर केस : एनकाउंटर में 2 गैंगस्टर ढेर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कहा- फर्जी मुठभेड़ दिखाकरपंजाब पुलिस की टीम गिरफ्तार गैंगस्टर राम रतन और जसप्रीत सिंह को हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी. इसी दौरान तीन अज्ञात हमलावरों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर गैंगस्टर को छुड़ाने की कोशिश की.

अबोहर मर्डर केस : एनकाउंटर में 2 गैंगस्टर ढेर, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कहा- फर्जी मुठभेड़ दिखाकर
फटाफट पढ़ेंखबर का सार AI ने दिया. न्यूज टीम ने रिव्यू किया.
पंजाब के अबोहर में व्यवसायी संजय वर्मा की हत्या के मामले में दो गैंगस्टर राम रतन और जसप्रीत सिंह पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं.जांच में सामने आया कि यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग की साजिश थी, जो वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद है.पुलिस टीम को हथियार बरामदगी के दौरान तीन अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर गैंगस्टर छुड़ाने की कोशिश की, जिसमें सीनियर कांस्टेबल घायल हुए.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पंजाब के अबोहर में व्यवसायी संजय वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस हत्याकांड में शामिल दो गैंगस्टर, राम रतन और जसप्रीत सिंह, पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं. जांच में पता चला है कि इस हत्या की साजिश लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने रची थी, जो वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद है.

पंजाब पुलिस की टीम गिरफ्तार गैंगस्टर राम रतन और जसप्रीत सिंह को हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी. इसी दौरान तीन अज्ञात हमलावरों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर गैंगस्टर को छुड़ाने की कोशिश की. मारे गए गैंगस्टर ने शूटर्स को हथियार और अन्य मदद मुहैया कराई थी. मुठभेड़ में सीनियर कांस्टेबल मनिंदर सिंह घायल हो गए. पुलिस को मौके से कई अहम सुराग मिले हैं. जांच जारी है और जल्द कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

अब इस एनकाउंटर पर आरजू विश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल खड़ा किया है. ये जो आज फिरोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर दिखाया है, ये बिल्कुल फेक एनकाउंटर है. इन्होंने फर्जी हथियारों की रिकवरी दिखा कर रिमांड पर लिए हुए हमारे भाइयों को पटियाला से उठाकर रिमांड के बाद वापस लाकर एनकाउंटर दिखा दिया. खुद के पास से इन्होंने हथियार प्लांट किए और दोनों का एनकाउंटर कर दिया, जो हमारे 2 भाई इन्होंने शहीद किए हैं-जसप्रीत और रामरतन. दोनों भाई किसी भी वारदात में शामिल नहीं थे. इन्होंने सिर्फ कार में लिफ्ट दी थी.

आरजू विश्नोई ने कहा कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर आज हमारे भाइयों को शहीद किया है. जो जिन गैंगपैनों और गोली चलाने वालों की बात कर रहे हैं, वो कब के इनकी पहुंच से बाहर हो चुके हैं. इनको कोर्ट से कोई सुराग नहीं मिल रहा तो इन्होंने पब्लिक स्टेटमेंट देने के लिए 2 बेकसूरों की जान ले ली. हम अपने गुनाह से कभी नहीं भागे और ना ही कभी झूठ बोलकर किसी को मारा है, जो किया है सामने किया है.

पंजाब के अबोहर में प्रतिष्ठित व्यवसायी संजय वर्मा की भरे बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्‍या के बाद अबोहर में सनसनी फैल गई थी. इस हत्‍याकांड की जिम्‍मेदारी लॉरेंस बिश्‍नोई गैंग ने ली थी. अनमोल बिश्‍नोई की डीपी लगी और आरजू बिश्‍नोई के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्‍ट के जरिए इस हत्‍या की जिम्‍मेदारी ली थी. सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया गया कि आखिर क्‍यों संजय वर्मा की हत्‍या की गई. साथ ही धमकी दी गई है कि जो भी हमारे दुश्मनों का साथ देगा या हमारे खिलाफ जाएगा, उसे जमीन में मिला देंगे.

एक ही परिवार के 12 हत्यारोपियों को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया सख्त फैसला, जमीन विवाद में हुई थी हत्या

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सूरजपुर जिले में जमीन विवाद में हुए एक जघन्य हत्याकांड में कोर्ट ने एक ही परिवार के 12 सदस्यों को आजीवन कारावास का फैसला सुनाया है. साल 2022 में हुए निर्मम हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को हत्या, आपराधिक षडयंत्र और सामूहिक हमले का दोषी करार देते हुए कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया.

साल 2022 में सूरजपुर जिले में जमीन विवाद से जुड़े एक जघन्य हत्याकांड न्याय के मुकाम तक उस वक्त पहुंच गया जब कोर्ट ने सभी 12 हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सख्त सजा सुनाई. यह फैसला सामाजिक न्याय और विधि व्यवस्था की दृष्टि से एक मजबूत संदेश लेकर आया है.

गौरतलब है साल 2022 में जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमई में एक ही परिवार के 12 सदस्यों ने मृतक हिरदलराम राजवाड़े की हत्या की निर्ममतापूर्ण तरीके से हत्या को अंजाम दिया था. करीब 3 साल चले ट्रायल के बाद अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाया.

सभी 12 हत्यारोपियों को हत्या, आपराधिक षड्यंत्र व सामूहिक हमले का दोषी माना
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सिंह चौहान की अदालत ने सभी 12 हत्यारोपियों को हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और सामूहिक हमले का दोषी करार दिया. विशेष बात यह है कि सभी आरोपी एक ही परिवार से हैं, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं,जिनकी उम्र 24 से 65 वर्ष के बीच है.

मृतक हिरदलराम राजवाड़े के पुत्र कमल राजवाड़े ने सरपंच के माध्यम से मिली सूचना के बाद चंदौरा थाने में FIR दर्ज कराई. पुलिस ने IPC (अब BNS) की धाराओं 302, 120B, 148, 149 और 341 के तहत प्रकरण दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ़्तार कर जेल भेजा था.
हिरदलराम राजवाड़े को हत्यारोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीट-पीटकर मार डाला था
हत्या 24 जून 2022 की हुई थी जब खरीदी गई एक जमीन के सीमांकन के लिए गांव जा रहे मृतक हिरदलराम राजवाड़े को हत्यारोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमलाकर पीट-पीटकर मार डाला था. दरअसल, मृतक ने जमीन बईगासाय लोहार नामक व्यक्ति से खरीदी थी, जिस पर उसके रिश्तेदारों का अवैध कब्जा था.

षड्यंत्र में शामिल सभी 12 हत्यारोपी हत्या जैसे आपराधिक घटना के लिए एकत्रित हुए थे
अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार नाविक ने प्रभावी ढंग से पैरवी की. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध न सिर्फ पूर्व नियोजित था, बल्कि समाज की शांति और न्याय व्यवस्था के लिए गहरा खतरा भी. सभी आरोपी आपराधिक षड्यंत्र में शामिल थे, उन्हें पता था कि हत्या जैसे आपराधिक घटना के लिए वे एकत्रित हुए हैं.