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IBPS PO एग्जाम 2025 पैटर्न रीवाइज्ड, प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों पैटर्न में हुआ बदलाव, प्रश्नों की संख्या भी घटी

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बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) ने इस साल प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है. आईबीपीएस पीओ परीक्षा 2025 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो 21 जुलाई 2025 तक चलेगी. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक परीक्षाओं के लिए आवेदन नहीं किया है, वे आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर ऐसा कर सकते हैं.

IBPS PO Exam Pattern 2025: परीक्षा पैटर्न में बदलाव
आईबीपीएस पीओ प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड विषय के अंकों का वेटेज पिछले साल की तुलना में 35 से घटाकर 30 कर दिया गया है. जबकि रीजनिंग एबिलिटी के लिए, अंक 30 से बढ़ाकर 40 कर दिए गए हैं.

मुख्य परीक्षाओं के लिए, रीजनिंग और कंप्यूटर एप्टीट्यूड के प्रश्नों की संख्या 45 से घटाकर 40 कर दी गई है और परीक्षा की अवधि भी घटाकर 50 मिनट कर दी गई है, जो 2024 के 60 मिनट से कम है.

एग्जाम पैटर्न रीवाइज्ड होने के बाद जनरल /इकोनॉमी/बैंकिंग अवेयरनेस सब्जेक्टों का वेटेज अधिक है और प्रश्न कम हैं. ये सब्जेक्ट 50 अंकों के लिए है, जिसमें 35 प्रश्न हैं. परीक्षा का समय भी 2024 के 35 मिनट से घटाकर 25 मिनट कर दिया गया है.

डेटा एनालिसिस एंड इंटरप्रिटेशन अब पिछले साल के 60 अंकों की तुलना में कम अंक- 50 रखती है.

प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए, केवल समग्र पैटर्न बदला गया है, अंकों की संरचना और परीक्षा समय को समान रखा गया है.

मुख्य परीक्षा के लिए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की कुल संख्या 155 से घटाकर 145 कर दी गई है तथा कुल परीक्षा समय भी पिछले वर्ष के 180 मिनट से घटाकर 160 मिनट कर दिया गया है.

IBPS PO Exam Pattern 2025: महत्वपूर्ण तिथियां
आवेदन और शुल्क भुगतान विंडो: 21 जुलाई, 2025 तक

पूर्व-परीक्षा प्रशिक्षण: अगस्त 2025

प्रारंभिक प्रवेश पत्र जारी: अगस्त 2025

प्रारंभिक परीक्षा: अगस्त 2025

प्रारंभिक परिणाम घोषणा: सितंबर 2025

मुख्य प्रवेश पत्र: सितंबर/अक्टूबर 2025

मुख्य परीक्षा: अक्टूबर 2025

मुख्य परिणाम: नवंबर 2025

व्यक्तित्व परीक्षण: नवंबर/दिसंबर 2025

साक्षात्कार दौर: दिसंबर 2025/जनवरी 2026

अनंतिम आवंटन: जनवरी/फरवरी 2026

अब दुश्‍मन की खैर नहीं! 85 सेकेंड में फायर के लिए रेडी, 1 मिनट में 6 गोले दागती है ये तोप

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डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (वीआरडीई) का माउंटेड गन सिस्टम पूरी तरह तैयार हो गया है. अब जल्द ही सेना इसका ट्रायल करने जा रही है. इसे डिजाइन और डेवलप भी वीआरडीई ने ही किया हैं. माउंटेड गन यानी कि ऐसी गन जिसे एक आर्म्ड व्हीकल में तैनात किया जाता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे सेना किसी भी स्थिति में कहीं भी तैनात कर सकती है और इसे कहीं भी ले जाना भी काफी आसान होता है.

दुश्‍मन को नहीं होगी फायरिंग की भनक
जब दुश्मन पर फायरिंग होती है तो उसे लोकेशन का पता लग सकता है और ऐसे में इसे फटाफट वहां से हटाया जा सकता है. माउंटेड गन का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आप गन की लोकेशन को तुरंत बदल सकते हैं. ऐसे में दुश्मन गन पर सटीक फायर नही कर पाता है. रेगिस्तान हो या फिर समतल इलाका या फिर सियाचिन के दुर्गम पहाड़ या चाहे उत्तर पूर्वी राज्यों का पहाड़ी इलाका हो, इसे हर जगह तैनात किया जा सकता है. इसका ट्रांसपोर्टेशन भी आसान है और इसे रेल या फिर C- 17 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से भी कहीं ले जाया जा सकता है.

सबसे खास बात है कि यह गन सिस्टम पूरी तरह देसी है. 155 मिलीमीटर और 52 कैलिबर वाली तोप में, गोला बारूद से लेकर व्हीकल सिस्टम तक, प्रयोग हुए 80 फीसदी साजो-सामान देश में ही निर्मित हैं. इसकी रेंज 45 किलोमीटर है और एक मिनट में यह 6 राउंड फायर कर सकती है. सिर्फ इतना ही नहीं सिर्फ 85 सेकंड में यह गन फायरिंग के लिए रेडी हो जाती है. जिस जगह पर यह गन अपना लक्ष्‍य भेदती है, वहां पर 50 स्क्वायर मीटर का इलाका तबाह हो जाता है.

90 किमी प्रति घंटे की स्‍पीड
यह गन सिस्‍टम ऊबड़-खाबड़ एरिया में 60 किलोमीटर प्रति घंटा और समतल एरिया में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. इसका कुल वजन करीब 30 टन है. 15 टन व्हीकल का और 15 टन वजन तोप का है. इस माउंटेड गन में ATAGS यानी अटैक गन फिट है. यह एक स्वदेशी एडवांस टॉड गन सिस्टम है जो सेना में शामिल हो चुका है और पूरी तरह से अत्याधुनिक है. गन में हर सिस्‍टम पूरी तरह से ऑटोमैटिक है. इसे कॉर्डिनेट बेस देने के बाद अगले ही पल वह जगह पूरी तरह से तबाह हो जाती है. गन में सात क्रू के लिए जगह है. व्हीकल में आगे केबिन बुलेट प्रूफ है ओर इस वजह से क्रू पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. इस सिस्‍टम को बनाने में सिर्फ ढाई साल का समय लगा है.

दुश्‍मन के घर आएगी तबाही
इस सिस्‍टम की भारत में फिलहाल सिर्फ 15 करोड़ है लेकिन अगर विदेश से इसी रेंज का सिस्‍टम खरीदा जाए तो कीमत करीब 30 से 35 करोड़ के आसपास होगी. वीआरडीई का कहना है कि अगर उसे ज्‍यादा आर्डर मिलते हैं तो फिर इसकी कीमत और भी कम हो सकती है. भारतीय सेना को कम से 700 से 800 माउंटेड गन की जरूरत है जबकि अभी सेना के पास ऐसी एक भी गन नही हैं. आपको बता दें कि दुनिया में गिनती के ही कुछ देश हैं जो माउंटेड गन बनाते हैं और भारत अब उन चुनिंदा देशों के क्‍लब में शामिल हो गया है. हाल ही में रूस यूक्रेन युद्ध ने दिखा दिया है कि माउंटेड गन किस तरह से किसी जंग की दिशा को बदल सकता है. आर्टिलरी गन के बदौलत ही आप दुश्मन के एरिया में फायर कर तबाही मचा सकते हैं.

ITR फाइल करने के बाद अभी तक नहीं हुआ प्रोसेस? जानिए कब तक मिल सकता है रिफंड

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अगर आपने समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया था लेकिन अभी तक प्रोसेस नहीं हुआ है, तो ये खबर आपके लिए राहत भरी है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि ऐसे सभी पेंडिंग ITR, जो असेसमेंट ईयर 2023-24 (यानि फाइनेंशियल ईयर 2022-23) के लिए 31 जुलाई 2023 या 31 दिसंबर 2023 तक फाइल किए गए थे, अब 30 नवंबर 2025 तक प्रोसेस किए जाएंगे.

इस डेडलाइन एक्सटेंशन का मतलब है कि अब इन ITR को प्रोसेस करके टैक्स डिपार्टमेंट तीन में से कोई एक रिजल्ट दे सकता है:
टैक्स रिफंड : अगर आपकी प्रोसेस की गई डिटेल्स के मुताबिक रिफंड बनता है, तो वो रिफंड अब इंटरेस्ट के साथ मिल सकता है
टैक्स डिमांड नोटिस :अगर डिपार्टमेंट को प्रोसेस के बाद लगता है कि कुछ टैक्स बाकी है, तो आपको डिमांड नोटिस भी भेजा जा सकता है
नो रिफंड, नो डिमांड: कई मामलों में सिर्फ ITR प्रोसेस होगा और कुछ नहीं होगा
ये राहत उन लोगों के लिए है जिनका रिटर्न समय से फाइल हुआ था लेकिन अभी तक प्रोसेस नहीं हो पाया है.

इस फैसले से क्या होगा?
नॉर्मली रिटर्न प्रोसेसिंग की लिमिट 9 महीने की होती है. लेकिन अब सरकार ने इस लिमिट को बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 तक कर दिया है, जिससे पुरानी फाइलिंग्स को क्लियर किया जा सके. यानी अब ये ITR या तो एक्सेप्ट हो सकते हैं या फिर इन पर रिफंड या डिमांड जेनरेट हो सकता है. असेसमेंट ईयर 2023-24 के रिटर्न्स को 31 दिसंबर 2024 तक प्रोसेस कर लेना था. लेकिन नए सर्कुलर में बताया गया है कि जो ITR उस समय तक नहीं हो पाए थे, उन्हें अब नवंबर 2025 तक प्रोसेस किया जा सकेगा.

क्या अब टैक्स डिमांड नोटिस मिल सकता है?
अब Section 143(1) के तहत नए टैक्स डिमांड नहीं बनाए जा सकते क्योंकि सेक्शन 119(2)(a) टैक्सपेयर्स के खिलाफ किसी आदेश की इजाज़त नहीं देता. और Section 143(3) के तहत रेगुलर असेसमेंट की लिमिट 31 मार्च 2025 को ही खत्म हो चुकी है.

हालांकि, अगर किसी केस में इनकम छुपाई गई है, तो Section 148 के तहत री-असेसमेंट नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन इसके लिए तय शर्तें और नियम पूरे करना ज़रूरी होगा.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
जिन टैक्सपेयर्स का रिटर्न लंबे समय से पेंडिंग है और जिनका प्रोसेसिंग अब तक नहीं हुआ, उन्हें अब रिफंड मिलने का रास्ता खुल सकता है. इसके साथ ही ऐसे लोगों को रिफंड पर 0.5% मंथली इंटरेस्ट भी मिलेगा. TDS या एडवांस टैक्स वाले मामलों में अप्रैल 2023 से लेकर अब तक का इंटरेस्ट मिलेगा. वहीं सेल्फ असेसमेंट टैक्स के रिफंड में इंटरेस्ट ITR फाइल करने की तारीख से गिना जाएगा.

ये एक्सटेंशन उन रिटर्न्स पर लागू नहीं होगा जो:

स्क्रूटिनी के लिए चुने गए हैं
प्रोसेस नहीं हो पाए क्योंकि टैक्सपेयर की तरफ से कोई कमी थी
अगर PAN और आधार लिंक नहीं है तो भी रिफंड नहीं मिलेगा. ये बात 28 मार्च 2023 के एक सर्कुलर में भी साफ की गई थी और 9 जून 2025 के नए ऑर्डर में भी यही कहा गया है.
टैक्स रिफंड तभी मिलेगा जब PAN और आधार आपस में लिंक होंगे.

नक्सलियों ने पूर्व सरपंच का मर्डर कर सड़क पर फेंका शव, इलाके में भारी दहशत

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर है. यहां नक्सलियों ने पूर्व सरपंच की हत्या कर दी है. मामला जिले के मोदकपाल थाना क्षेत्र के चिन्नाकोडेपाल गांव का है. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.

नक्सलियों में भारी दहशत
दरअसल छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है.कई नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है. इस बीच नक्सलियों में बौखलाहट देखने को मिल रही है. बीजापुर में नक्सलियों ने एक पूर्व सरपंच को मौत के घाट उतार दिया है.
ऐसे दिया घटना को अंजाम
मोदकपाल थाना क्षेत्र के चिन्नाकोडेपाल गांव के पूर्व सरपंच विजय जव्वा के घर पर नक्सली पहुंचे.सरपंच पर धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी और शव को गांव के रास्ते पर छोड़ दिया. जैसे ही इसकी खबर इलाके में फैली दहशत का माहौल देखा जा रहा है. बता दें कि बीजापुर जिले में ही अब तक सबसे ज्यादा नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया है. बौखलाए नक्सली इस इलाके में ग्रामीणों पर मुखबिरी का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर रहे हैं. चिन्नाकोडेपाल गांव में हुई घटना के बाद इलाके में भारी दहशत है.

छतरपुर में सड़क के लिए अनोखा प्रदर्शन पानी भरे गड्ढों में बैठकर ग्रामीणों ने जताया विरोध

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बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की तस्वीर तब धुंधली हो जाती है जब आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी बुनियादी सुविधाओं की मांग के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ता है. छतरपुर जिले के धनुपुरा-न्यागांव मार्ग की बदहाल हालत से परेशान होकर ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों में बैठकर अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया.

यह सड़क राजनगर विधानसभा और खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का कार्यक्षेत्र भी रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता एक दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ता है, लेकिन इसके निर्माण की मांग दशकों से अनसुनी रही है.

गड्ढों में बैठकर जताया गुस्सा, प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने बारिश से भरे गहरे गड्ढों में बैठकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से मांग की कि इस सड़क का जल्द से जल्द निर्माण किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हर चुनाव में नेता वादे करते हैं, मगर वोट के बाद कोई नहीं लौटता। अब तो गड्ढों में बैठकर ही अपनी आवाज़ बुलंद करनी पड़ी है.”

स्कूल जाने से वंचित बच्चे, शादी में आ रही रुकावट
सड़क की हालत इतनी खराब है कि बच्चों की शिक्षा पर भी सीधा असर पड़ रहा है. अभिभावकों ने बताया कि बारिश के मौसम में बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आजादी के बाद से आज तक यह सड़क कभी पक्की नहीं हुई. हर साल बारिश में यह और ज्यादा जर्जर हो जाती है.

22 साल बाद Asian Cup में पहुंची भारतीय महिला फुटबॉल टीम

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भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने इतिहास रच दिया है. 22 साल बाद टीम ने एएफसी महिला एशियन कप 2026 में जगह बना ली है और इस गौरवशाली पल का हिस्सा बनी हैं छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद (Balod) की बेटी किरण पिस्दा… बतौर डिफेंडर भारतीय टीम का हिस्सा रहीं किरण ने जीत में अहम भूमिका निभाई, जिससे पूरे जिले में गर्व और खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.

माता-पिता अति उत्साहित
किरण के पिता महेश राम पिस्दा, जिला संयुक्त कार्यालय में सहायक अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. वहीं, उनकी मां मिलापा पिस्दा गृहिणी हैं. बेटी की इस उपलब्धि से दोनों बेहद उत्साहित हैं और इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण मानते हैं.

थाईलैंड को हराकर मिला टिकट
थाईलैंड में आयोजित क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में भारत ने ग्रुप-बी के सभी चार मुकाबले जीतकर एशियन कप का टिकट कटाया. निर्णायक मुकाबले में भारत ने मेजबान थाईलैंड को 2-1 से हराया. मिडफील्डर संगीता बसफोर ने 28वें और 74वें मिनट में गोल कर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई. टीम ने मैच के अंतिम क्षणों तक डटकर डिफेंस किया, जिसमें किरण की भूमिका बेहद अहम रही.

यूरोपियन क्लब से लेकर एशियन कप तक का किरण का सफर
किरण का फुटबॉल सफर सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा. 2023 में वे क्रोएशिया के फुटबॉल क्लब से अनुबंध कर यूरोपियन सर्किट में भी खेलीं. इससे पहले 2022 में वे चेन्नई के सेतू क्लब और केरल ब्लास्टर्स वुमन क्लब का हिस्सा रही थीं. आठ महीने के यूरोपीय दौरे में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय फुटबॉल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई.

कई राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में दिखाई चमक
किरण 2014-15 से अब तक कटक, गोवा, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम, चेन्नई, अंडमान-निकोबार समेत देश के दर्जनों शहरों में जूनियर, स्कूल और सीनियर नेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं. 2022 में नेपाल में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया.

ट्रेन से अंबिकापुर के लिए रवाना हुए CM साय और डिप्टी सीएम,आज BJP के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे

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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के मैनपाट में आज से सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत होने वाली है. इसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णु देव साय इस बार ट्रेन से रवाना हुए. राजधानी रायपुर से अंबिकापुर के लिए रविवार की रात को ट्रेन में सवार हुए. उनके साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी भी थे.

उत्साहित दिखे CM
रायपुर से अंबिकापुर तक की ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बेहद उत्साहित दिखे. सीएम ने कहा कि कहा ट्रेन की यात्रा हमेशा स्मृतियों को ताजा कर देती है. इस बार ट्रेन से अंबिकापुर तक जाने का फैसला भी इसीलिए ही लिया है.

ये है कार्यक्रम
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज मैनपाट में सत्तारूढ़ भाजपा के सांसदों और विधायकों के लिए तीन-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. सीएम ने बताया कि प्रशिक्षण सत्र के दौरान कई विषयों पर व्याख्यान होंगे.उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समापन समारोह को संबोधित करेंगे.साय ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी व्याख्यान देंगे. उन्होंने कहा कि यह विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहायक होगा.

अगले 24 घंटे तक राजधानी रायपुर में होगी बारिश? 9 जिलों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

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छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है. मौसम विभाग ने सोमवार को राजधानी रायपुर में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की आशंका जाहिर की है. बारिश के अनुमान को लेकर अलर्ट भी जारी किया है. वहीं, प्रदेश के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कमोबेश यह अनुमान प्रदेश के अधिकाश क्षेत्रों के लिए भी किया है.

मौसम विभाग ने प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा जिले में शामिल है, जहां आज भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है.

इन जिलों में तेज गरज-चमक के साथ हो सकती हैं मध्यम बारिश
मौसम विभाग के बारिश पूर्वानुमान के मुताबिक राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है.

9 जिलों में है ऑरेंज अलर्ट, शेष जिलों में जारी किया है येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में भारी बारिश पूर्वानुमान किया है. विभाग ने 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा जिले में शामिल है, जबकि ्अन्य जिलों में मध्य बारिश की आशंका के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.

छत्तीसगढ़ में बारिश की विकरालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जबलपुर में जलस्तर बढ़ने से बरगी बांध के 9 गेट खोल दिए गए हैं, इन गेटों से लगभग 52 हजार 195 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से नर्मदा तटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है.
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छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में कई दिनों से लगातार हो रही है बारिश
गौरतलब है प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से लोगों का बुरा हाल है. लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों के भर गए हैं, जिससे पानी का विकराल रूप दिखने लगा है. छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में तो कई दिनों से लगातार बारिश से हो रही है. ऐसे में लोगों के लिए घर से बाहर निकलना भी आफत बना हुआ है.

इजरायल ने ईरान के बाद अब इस देश पर बोला हमला, ऑपरेशन ब्लैक फ्लैग से बरपाया कहर, 3 बंदरगाह उड़ा डाले

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इजरायल-ईरान में भले शांति हो गई हो, लेकिन इजरायल ने अब एक नए देश पर हमला बोल दिया है. इजरायल ने जिस देश पर हमला बोला है, उसका नाम यमन (Yemen) है. इजरायल ने यमन के हूती विद्रोहियों को टार्गेट किया है. इस कारण मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है. इजरायल ने ‘ऑपरेशन ब्लैक फ्लैग’ के जरिए यमन के पश्चिमी हिस्से में स्थित तीन प्रमुख बंदरगाहों पर अटैक किया. इजरायली वायुसेना ने हुदैदाह, रास ईसा और सैफ पर जोरदार हवाई हमला बोला. इससे पहले इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया था.
हमले से पहले इजरायल ने इन इलाकों में नागरिकों को चेतावनी दी थी कि वे इलाका खाली कर दें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. उन्हें बताया गया था कि इजरायली वायुसेना कभी भी अटैक कर सकती है. चेतावनी के कुछ कुछ ही घंटे में हवाई हमले शुरू हो गए. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमलों की पुष्टि की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हूती जो भी कार्रवाई करेंगे, उसकी कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी. यमन का हाल भी वही होगा जो ईरान का हुआ है. इजरायल के खिलाफ जो हाथ उठाएगा, वो हाथ काट दिया जाएगा.’
इजरायल ने क्यों किया हमला?
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक्स पर पोस्ट में हमले का कारण बताया. IDF का दावा है कि हूती विद्रोही ईरान से हथियार मंगवाकर इजराइल और उसके सहयोगियों के खिलाफ आतंक की साजिश रच रहे थे. हमले में हूती नियंत्रित पावर स्टेशन ‘रास कनातिब’ को भी निशाना बनाया गया, जो इब्ब और ताइज शहरों को बिजली मुहैया कराता है.

इजरायली वायुसेना (IAF) ने खुफिया सूचना के आधार पर यमन के अल हुदायदाह, रास ईसा, सालिफ और रास कनातिब पावर प्लांट में हूती आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरानी हथियारों के ट्रांसफर और ड्रोन व मिसाइल से इजरायली नागरिकों पर हमले के लिए किया जा रहा था. हमलों में ‘गैलेक्सी लीडर’ जहाज भी निशाना बना जिसे हूतियों ने 2023 में जब्त कर लिया था और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की निगरानी के लिए इसमें रडार सिस्टम लगाया था. IDF ने कहा कि वह इस्राइली नागरिकों पर खतरे को रोकने के लिए जहां जरूरत होगी, कार्रवाई करता रहेगा.- एक्स पोस्ट में इजरायली डिफेंस फोर्स
क्या बोले हूती विद्रोही?

हूती विद्रोहियों से जुड़े मीडिया ने हमले की पुष्टि की है. लेकिन उन्होंने सिर्फ हुदैदाह पोर्ट पर अटैक को माना है. इसके अलावा हमला से कितना नुकसान हुआ या हताहतों से जुड़ी जानकारी नहीं दी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक हूती विद्रोहियों का दावा है कि इजरायली हमले के बाद उनके एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए और हमलों का जवाब मिसाइलों से दिया.
इजरायल-हूती विद्रोहियों की क्यों है दुश्मनी?

इजरायल हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से ही हूती विद्रोही लगातार इजरायल पर मिसाइलें दाग रहे हैं. इसके अलावा लाल सागर में वह इजरायल और पश्चिमी देशों से जुड़े जहाजों को भी निशाना बना रहे हैं. हूती विद्रोहियों को समर्थन ईरान से मिलता है. पिछले महीने भी इजराइली नेवी ने हुदैदाह में कई सैन्य ठिकानों को तबाह किया था.

संदेशखाली हिंसा: हत्या, अपहरण, दंगा… ममता की पुलिस ना आई काम, शाहजहां शेख ही निकला मास्टरमाइंड, CBI ने दर्ज किया केस

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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में 2019 में हुई हिंसा के मामले की जांच सीबीआई कर रही है. जांच एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाहुबली नेता शाहजहां शेख समेत 25 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. कोलकाता हाईकोर्ट के निर्देश पर यह मामला सीबीआई को सौंपी गई थी. कोर्ट ने राज्य पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाया था. जांच ऐजेंसी के दर्ज एफआईआर में हत्या, अपहरण, दंगा फैलाने और सबूत मिटाने जैसी IPC की धाराएं शामिल की गई हैं.

मामला 9 जून 2019 का है, देवदास मंडल समेत भाजपा 3 कार्यकर्ताओं प्रदीप मंडल और सुकांत मंडल का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख का नाम पहले आरोपियों की सूची से हटा दिया था, जिस पर अदालत ने सख्त नाराजगी जताई थी. हाईकोर्ट ने इसे न्याय के साथ खिलवाड़ बताते हुए सीबीआई को जांच सौंपने का आदेश दिया. अब सीबीआई ने शाहजहां शेख को मुख्य आरोपी मानते हुए मामले की तह तक जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

3 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या से जुड़ा मामला
प्रदीप मंडल, देवदास मंडल और सुकांत मंडल संदेशखली में अपने गांव पर कथित हमले के बाद मृत पाए गए थे. कथित तौर पर इस भीड़ का नेतृत्व शेख ने किया था. शुरुआत में पश्चिम बंगाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन बाद में पीड़ितों के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.

हाईकोर्ट का एसआईटी के गठन का आदेश
कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस जॉय सेनगुप्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जांच सौंपी. उन्होंने मामले की “अत्यंत गंभीरता” से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि जांच की निगरानी एक संयुक्त निदेशक द्वारा की जानी चाहिए.

कानून की धज्जियां उड़ाई गईं

जस्टिस सेनगुप्ता ने जांच सीबीआई को सौंपते हुए कहा, ‘मौजूदा मामले में भी, जिसमें और भी गंभीर आरोप हैं. मुझे लगता है कि पुलिस अलग-अलग चरणों में मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही. राज्य पुलिस ने न्याय की धज्जियां उड़ाई हैं. इसलिए, जांच की बागडोर फिर से उन्हें सौंपना न्याय के हित में नहीं होगा.’
कहां है शेख
शेख शाहजहां वर्तमान में संदेशखली से संबंधित अन्य मामलों के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में है. पुलिस ने शेख को 5 जनवरी, 2024 को उनके संदेशखली स्थित घर पर छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार किया था.