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प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर करते रहे इंतजार, ट्रेन निकल गई प्लेटफॉर्म 2 से! यात्री ने फिर जो किया, वो भूलेगा नहीं रेलवे

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जिला उपभोक्ता फोरम गाजियाबाद ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि रेलवे स्‍टेशन पर यात्रियों को ट्रेन की जानकारी समय पर और स्‍पष्‍ट रूप से देना रेलवे की जिम्‍मेदारी है. ऐसा न करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में कमी माना जाएगा. आयोग ने रेलवे द्वारा सही जानकारी न देने से एक यात्री के ट्रेन छूट जाने के लिए रेलवे को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन प्रशासन और उत्तर रेलवे के अधिकारियों को 7,000 रुपये का मुआवजा यात्री को देने का आदेश दिया. मुआवजा 45 दिनों के भीतर देना होगा.
मुरादनगर निवासी अनुभव प्रजापति ने उपभोक्‍ता अदालत में शिकायत दी थी. प्रजापति ने 29 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से झांसी जाने के लिए अपने परिवार का टिकट बुक किया था. छत्‍तीसगढ एक्‍सप्रेस को रात 3:20 बजे गाजियाबाद से प्रस्‍थान करना था. प्रजापति पत्नी प्रियंका और दो बच्चों के साथ गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर निर्धारित समय से पहले ही पहुंच गए. स्‍टेशन पर वे प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय में रुके थे.

बिना जानकारी दिए दूसरे प्‍लेटफॉर्म से चला दी ट्रेन

गाजियाबाद स्टेशन पर यह घोषणा की गई कि छत्‍तीसगढ एक्‍सप्रेस ट्रेन 40 मिनट देरी से आएगी. इसके बाद प्रजापति परिवार 3:25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंचा. यहां अयोध्या एक्सप्रेस पहले से खड़ी थी. लेकिन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को लेकर कोई जानकारी रेलवे स्‍टेशन प्रशासन ने नहीं दी.

प्रजापति ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने स्टेशन मास्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका ऑफिस बंद मिला. सुबह 5:21 बजे ट्वीट कर रेलवे अधिकारियों को टैग भी किया, पर कोई जवाब नहीं मिला. बाद में करीब 6 बजे उन्‍हें जानकारी मिली कि छत्‍तीसगढ एक्‍सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 2 से रवाना हो गई थी, जबकि प्रजापति प्लेटफॉर्म 3 पर इंतजार करते रहे.
रेलवे ने लिखित में नहीं दिया जवाब
रेलवे की ओर से उपभोक्‍ता फोरम में कोई लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. रेलवे के वकील ने कहा गया कि चूंकि ट्रेन तीन घंटे से ज्यादा देर से नहीं चली, इसलिए टिकट रिफंड नहीं दिया जा सकता. फोरम ने कहा कि भले ही रेलवे के नियमों के तहत रिफंड संभव नहीं था, लेकिन घोषणा की कमी एक गंभीर लापरवाही है.

हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2025 के प्रवेश पत्र जारी

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा वर्ष 2025 के लिए परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र संबंधित परीक्षा केन्द्रों को भेज दिए गए हैं।
मण्डल की ओर से जारी सूचना के अनुसार समस्त संबंधित प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा केन्द्र से प्रवेश पत्र प्राप्त कर समय पर परीक्षार्थियों को वितरित करना सुनिश्चित करें।

राज्यपाल ने गोड़बहल में महिला स्व-सहायता समूहों से की आत्मीय संवाद

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राज्यपाल डेका ने आज महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम गोड़बहल प्रवास के दौरान वहां के महिला स्व-सहायता समूहों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं जो भी व्यवसाय करें, पूरी लगन और गुणवत्ता के साथ करें। आपसी सहयोग बनाए रखें और आंतरिक प्रतिस्पर्धा से बचें।

महिला स्व-सहायता समूह की सद्स्यों ने राज्यपाल को बताया कि उनका समूह दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रहा है। जयश्री महिला समूह की सदस्य ने बैग निर्माण के अपने व्यवसाय की जानकारी दी। माधुरी पटेल ने हस्तकला में समूह की दक्षता , गोमती पटेल ने दुग्ध उत्पादन की विस्तृत जानकारी दी।

महिला समूहों की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिह्न स्वरूप हस्तशिल्प उत्पाद भेंट किया गया। राज्यपाल ने महिला समूह की कार्यों की सराहना की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वॉटर वुमन शिप्रा पाठक का किया सम्मान

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मुख्यमंत्री साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली “वॉटर वुमन” के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण और विशेष रूप से सिंदूर पौधरोपण को जन-जन तक पहुंचाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने शिप्रा पाठक को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि शिप्रा पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए किए गए कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर पहचान प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में पौधरोपण अभियान ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, बल्कि आम लोगों को पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया है।इस अवसर पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रोफेसर हरिशंकर सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिप्रा पाठक के पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

अमेरिका में चला “ट्रंप कार्ड”! जानिए क्या ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’? मस्क का ऐतराज!

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डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कहा, “जैसा कि मैंने वादा किया था, हम ट्रंप टैक्स कट्स को स्थायी बना रहे हैं और अब न तो टिप्स पर टैक्स होगा, न ओवरटाइम पर टैक्स और न ही सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स लगेगा. आयोवा के लिए सबसे अहम ये है कि यह बिल 20 लाख से अधिक पारिवारिक फार्मों को तथाकथित एस्टेट टैक्स या ‘डेथ टैक्स’ से बचाता है.” वहीं मस्क ने इसका विरोध जताया है

अमेरिका में मिडिल क्लास के लोगों के लिए टैक्स पर बड़ा फैसला लिया गया है. शुक्रवार को अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से डोनाल्ड ट्रंप का ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ पास हुआ. इसे 218-214 वोटों से पास किया गया. इसमें टैक्स कटौती और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च में कटौती का भी प्रस्ताव है. बिल पास होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने समर्थकों के बीच जश्न मनाते हुए देखा गया.

इस बिल में टिप्स और ओवरटाइम पर कोई टैक्स न लगाए जाने का प्रस्ताव है. ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, “अमेरिका के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इससे बेहतर तोहफा कोई नहीं हो सकता जितना ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ है. इस बिल के साथ 2024 में आयोवा की जनता से किए गए मेरे हर बड़े वादे को पूरा किया गया है.”

ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “जैसा कि मैंने वादा किया था, हम ट्रंप टैक्स कट्स को स्थायी बना रहे हैं और अब न तो टिप्स पर टैक्स होगा, न ओवरटाइम पर टैक्स और न ही सोशल सिक्योरिटी पर टैक्स लगेगा. आयोवा के लिए सबसे अहम ये है कि यह बिल 20 लाख से अधिक पारिवारिक फार्मों को तथाकथित एस्टेट टैक्स या ‘डेथ टैक्स’ से बचाता है.”

डोनाल्ड ट्रंप ने “वन बिग ब्यूटीफुल बिल” के पारित होने की सराहना की. उन्होंने इसे अमेरिका के “नए स्वर्ण युग” की शुरुआत बताया और शुक्रवार शाम को व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर समारोह की घोषणा की.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा, “अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकनों ने अभी-अभी ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ पारित कर दिया है. हमारी पार्टी पहले से कहीं अधिक एकजुट है. संयुक्त राज्य अमेरिका की जनता पहले से कहीं ज्यादा समृद्ध, सुरक्षित और गर्वित होगी. हाउस स्पीकर माइक जॉनसन, सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून और उन सभी शानदार रिपब्लिकन सांसदों का धन्यवाद, जिन्होंने हमें अपने वादों को पूरा करने में मदद की.” ट्रंप ने आगे लिखा, “एक साथ मिलकर हम वह सब कर सकते हैं, जिसकी कल्पना भी एक साल पहले तक नहीं की जा सकती थी. हम काम करते रहेंगे और जीतते रहेंगे. बधाई हो अमेरिका!”¥

छत्तीसगढ़ में आएगी डिजिटल क्रांति, CM साय ने बैठक में लिया ये फैसला

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली. इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाए जाएं. साथ ही फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए. आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर (Mobile Tower in Chhattisgarh) लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 (Development India 2047) के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है.

ऑफलाइन सेवाएं होंगी ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा तो इससे समय की बचत होगी. साथ ही कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा. इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई.

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं—अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार एवं L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली.

छत्तीसगढ़ में बाढ़ की चेतावनी: मौसम विभाग का अलर्ट, इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश

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मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश के कारण कई जिलों में अत्यधिक बारिश होने के कारण बाढ़ जैसे हालात होने की संभावना जताई है. विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने के कारण राज्य के कुछ जिलों में बहने वाली नदियों के जल स्तर बढ़ने के कारण बाढ़ जैसे हालात होने की चेतावनी जारी की है.

किन जिलों में बाढ़ की चेतावनी?
कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, कोरबा, बिलासपुर समेत 7 जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है. इन जिलों के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं.

जिला प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे हुए लोगों को सतर्क करने का आदेश दिया है जिससे कोई जान-माल की हानि ना हो. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएं.

आप क्या कर सकते हैं?
अगर आप इन जिलों में रहते हैं तो आपको सावधानी बरतनी चाहिए और बाढ़ के खतरे को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए. आप जिला प्रशासन की सलाह का पालन करें और सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें.

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई सालों से एक ही जगह जमे पुलिस कर्मियों का हुआ ट्रांसफर, सूची जारी

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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी हुई है. अलग-अलग पुलिस चौकी, थाना में कार्यरत महिला समेत 160 आरक्षक, 5 सहायक उप निरीक्षक ,24 प्रधान आरक्षक बदले गए हैं. लंबे समय के बाद जिले के पुलिस कप्तान ने नए पुलिस चौकी और थाना में पोस्टिंग की है. जिन कर्मियों का ट्रांसफर हुआ है उनमें कई ऐसे हैं जो कई सालों से एक ही थाने में पदस्थ थे. इस सूची के जारी होते ही हड़कंप मच गया है.

दी गई नई जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 16 पुलिस थाना और 9 पुलिस चौकी हैं. जिसमें लंबे समय से महिला और पुरुष आरक्षक सहित सहायक उप निरीक्षक ,प्रधान आरक्षक पदस्थ थे. जिनके लंबे समय के बाद जिले में बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से जिले के एसपी ने बड़ी सर्जरी करते हुए अलग-अलग पुलिस चौकी थाने से कुल 160 पुलिसकर्मियों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने के लिए ट्रांसफर ऑर्डर लिस्ट जारी किया. यह ट्रांसफर लंबे समय के बाद किया गया है. उप निरीक्षक को अहम जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है.

जिले के पुलिस कप्तान बैंकर वैभव रामनलाल के द्वारा जिले में बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने और पुलिसिंग में कसावट लाने के उद्देश्य से ये तबादला लिस्ट जारी की है. इन सभी पुलिस कर्मियों का ट्रांसफर ऑर्डर लिस्ट जारी करते हुए नई पदस्थापना जगह में ड्यूटी ज्वाइन करने का भी आदेश जारी किया है.

न बीमा, ना मुआवजा… कम संसाधनों में अपनी जान दांव पर लगा दूसरों की बचा रहे जिंदगी, बाढ़ में नगर सेना ऐसे कर रही काम

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न जोखिम भत्ता, न बीमा, ना मुआवजा… उसके बाद भी कांकेर जिले जिले में आई बाढ़ आपदा में कम संसाधनों के भरोसे अपनी जान दांव पर लगाकर प्रशिक्षित होम गार्ड की टीम लोगों की जान बचा रही है. प्रदेश में मानूसन की बारिश की शुरुआत हो गई है. पहली बारिश से नदी-नाले भर गए हैं. उत्तर बस्तर, कांकेर चारों ओर से नदियों से घिरा हुआ है. पहाड़ी नदियां होने के चलते अचानक से नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है. जहां अक्सर लोग किसी कारणवश बाढ़ में फंस जाते हैं.

कांकेर जिले में बाढ़ एवं आपदा से निपटने के लिए जिले में नगर सेना (होम गार्ड) अमले के 20 जवानों को विशेष प्रशिक्षण देकर बाढ़ बचाओ दल तैयार किया गया है. पूरे वर्षाकाल के दौरान यह 24 घंटे टीम तैयार रहकर अलर्ट रहेंगी और सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना होंगी. बाढ़ आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड अमले के पास केवल 1 बोट है. संसाधन की तो कमी है, फिर भी जवान अपनी जान दांव पर लगा के दूसरों की जिंदगी बचाते हैं.

उपलब्ध हैं बचाव के ये सामान
होम गार्ड के जवानों ने बताया कि हमारे पास, लाइफ बॉय जैकेट, रिंक, बोर्ट, रस्सा की सुविधाएं हैं, जिनकी मदद से हम लोगों को बचाते हैं. डर तो हर इंसान को लगता है, लेकिन अगर कोई बाढ़ में डूब रहा है तो उसकी जान बचाना हमारा कर्तव्य है. बता दें कि जिले में बाढ़ आपदा आदि से निपटने के लिए फिलहाल होमगार्ड के पास 32 लाइफ जैकेट, 40 लाइफ बॉय, 14 ड्रेगन टॉर्च, 1 मोटर बोट, रस्से और रेन कोट और उपलब्ध हैं.

बारिश में कई बड़ी नदियां होती हैं उफान पर
हालांकि यह सीमित संसाधन हैं. कांकेर जिले के 7 ब्लॉक में आधा दर्जन से अधिक बड़ी नदियों और दो दर्जन से अधिक नाले हैं, जो अक्सर बरसात के दिनों में उफान पर रहते हैं. बाढ़ आपदा से निपटने के लिए बनाई गई टीम के नोडल अधिकारी डिस्ट्रिक एसके मिश्रा बताते हैं कि संसाधनों को बढ़ाने के लिए कहा गया है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में हमारे पास इस वर्ष संसाधन बढ़े हैं. हमारे पास इस वर्ष 18 नई लाइफ जैकेट आई हैं. जरूरत पड़ने पर हम पड़ोसी जिलों से संसाधन मुहैया कराने का निवेदन करते हैं.

जिले में 66 गांव बाढ़ प्रभावित
जिले में 66 ऐसे गांव हैं, जिन्हें बाढ़ प्रभावित के रूप में चिह्नित किया गया है. जिले में मानसून के पहुंचते ही नगर सैनिकों ने आपात स्थिति में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए दुधावा बांध में तीन दिनों तक अभ्यास किया. नगर सेना में 22 प्रशिक्षित गोताखोर हैं, जो हमेशा बाढ़ में फंसे लोगों को मदद पहुंचाने के लए तैयार रहते हैं. जिले में 36 पहुंचविहीन ग्राम भी हैं, जो बारिश के दिनों में टापू बन जाते हैं क्योंकि वहां तक पहुंचने रास्ता नहीं होता है.

कलेक्टर ने दिए निर्देश
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने वर्षा ऋतु को देखते हुए बाढ़ एवं आपदा से बचाव के लिए पूरी तैयारी करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है. कलेक्ट्रेड में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैराक दल की व्यवस्था रखने और उनका मोबाल नंबर भी रखने के निर्देश दिए हैं.

राजस्व विभाग में मिलीभगत से बिक रही सरकारी जमीन, रजिस्ट्री ऑफिस में भी भ्रष्टाचार के आरोप

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छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में इन दिनों भू-माफियाओं का आतंक तेजी से बढ़ता जा रहा है. जिले के कई क्षेत्रों में सरकारी जमीन को राजस्व विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से बेचे जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं. शिकायतकर्ता महेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष कोरिया कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी थी, जिसमें असंवरणीय (असंतरणीय) भूमि को बेचे जाने की जानकारी दी गई थी. उन्होंने आग्रह किया था कि इन जमीनों को पुनः “असंतरणीय” घोषित किया जाए, जिससे भू-माफियाओं को कानूनी फायदा न मिल सके.

शिकायतकर्ता ने लगाए ये गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता महेंद्र पांडे ने बताया कि उन्होंने तहसील ऑफिस में भी कई बार हस्तक्षेप कर सरकारी भूमि के नामांतरण को रुकवाया है. उन्होंने चेर, बिशनपुर, बैकुंठपुर सहित कई गांवों में सरकारी जमीनों की बिक्री के मामलों में दस्तावेज प्रस्तुत कर हस्तक्षेप किया है. छोटे झाड़ वाले जंगल क्षेत्र की जमीनों को भी बेचे जाने के प्रयासों को रोका गया है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि रजिस्ट्री कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है. रजिस्ट्री के समय मिशन चौहद्दी लगाकर गलत तरीके से सीमांकन किया जाता है, दस्तावेज लेखक और रजिस्ट्रार के माध्यम से लेन-देन कर शासकीय भूमि की रजिस्ट्री करा दी जाती है. जब इस तरह की रजिस्ट्री की जानकारी उन्हें मिलती थी, तो उन्होंने इसे रुकवाने की पहल की.

कोरिया जिला कलेक्टर ने कही ये बात
इस पूरे मामले पर कोरिया कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त शिकायत की जांच डिप्टी कलेक्टर और उनकी टीम कर रही है. उन्होंने बताया कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में अब तक कई नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. कलेक्टर ने कहा कि समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से लगातार जनजागरूकता फैलाई जा रही है, जिससे लोग अवैध प्लॉटिंग या सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त से बचें.