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नॉर्थ कोरिया में चावल, पैसा और बाइबिल भेजने की कोशिश कर रहे थे 6 अमेरिकी, साउथ कोरिया में गिरफ्तार

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साउथ कोरिया की पुलिस ने गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात चावल, 1-1 डॉलर के नोट और बाइबिल से भरी हजारों प्लास्टिक की बोतलों को नॉर्थ कोरिया भेजने का प्रयास कर रहे छह अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार किया. स्थानीय पुलिस ने कहा कि छह लोग शुक्रवार देर रात 1:03 बजे गंगवा द्वीप के पास चावल, एक-डॉलर के नोट और बाइबिल से भरी हजारों प्लास्टिक की बोतलें समुद्र के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया.

इंचियोन के गंगवा पुलिस स्टेशन की जांच टीम के प्रमुख ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया, “हमने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा पर फ्रेमवर्क कानून का उल्लंघन करने के संदेह में 20 से 50 वर्ष की उम्र के छह अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ” गिरफ्तार अमेरिकी कोरियाई भाषा नहीं बोल सकते थे, इसलिए उनके लिए एक ट्रांसलेटर उपलब्ध कराया गया और हमने पूछताछ शुरू की.”

गंगवा द्वीप साउथ कोरिया की राजधानी सियोल के उत्तर-पश्चिम में स्थित. यह जगह साउथ कोरिया के उन क्षेत्रों में से एक हैं जहां से नॉर्थ कोरिया सबसे नजदीक पड़ता है. गंगवा द्वीप के आसपास के समुद्र के कुछ हिस्से दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर हैं.
यह द्वीप लंबे समय से नॉर्थ कोरिया में छिपाकर सामान भेजने के लिए लोकप्रिय साइट रही है. इस रास्ते NGO और नॉर्थ कोरियाई विरोधी समूहों के लिए चावल से भरी प्लास्टिक की बोतलें, साथ ही के-पॉप म्यूजिक और साउथ कोरियाई ड्रामा भरे पेनड्राइव भेजा जाता है.

इस क्षेत्र को पिछले नवंबर में अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ एक खतरनाक क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया था क्योंकि यहां से प्रोपेगैंडा पारे पर्चे गुब्बारों में भरकर नॉर्थ कोरिया की ओर भेजा जाता थाय उस समय, सरकार ने कहा था कि ऐसी गतिविधियों को नॉर्थ कोरिया द्वारा भड़काऊ माना जा सकता है.

किसानों पर दोहरी मार, अब खाद के लिए लगा रहे समितियों के चक्कर; समाधान कब

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किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं. इसके साथ ही, डीएपी खाद के लिए सोसायटी के चक्कर भी लगाने पड़ रहे हैं. खाद नहीं मिलने के चलते किसानों की फसलों पर असर पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि अगर उनकी परेशानी कम नहीं हुई, तो उनके अनाज के बोअनी पर भी गहरा असर पड़ सकता है.

समितियों में खाद नहीं
जिले के 102 सहकारी सोसाइटियों के माध्यम से राज्य सरकार की ओर से किसानों को खेती करने के लिए 0% ब्याज दर पर उन्हें खाद और बीज दिया जाता है, लेकिन कई समिति में डीएपी खाद के साथ धान के बीज नहीं होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. किसान किसी तरह से बाजार से बीज तो इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें डीएपी खाद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.

खुले बाजार मिल रहा डीएपी
सोसाइटी में खाद नहीं है, लेकिन खुले बाजार में आसानी से डीएपी खाद मिल रहा है. व्यापारी इसमें जमकर कालाबाजारी कर रहे हैं. इसको लेकर किसानों ने सवाल खड़े किए हैं. लेकिन, जिला प्रशासन के अलग ही दावे हैं.

जिला प्रशासन ने क्या कहा?
बेमेतरा जिला प्रशासन का डीएपी खाद की किल्लत को लेकर कहना है कि जिले में समितियों में पर्याप्त खाद पहले से रखा जा चुका है. लेकिन, वास्तविक स्थिति सोसाइटी में कुछ और है. छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता रविंद्र चौबे ने कहा कि पहले 80% खाद सोसाइटी को दिया जाता था और महज 20% खुले बाजार में दिया जाता था. लेकिन इस सरकार में उल्टा हो रहा है और यह सरकार बहाने बना रही है.

क्रिकेट के इन नियमों में हो गया है बदलाव; टेस्ट, ODI और T20 में क्या है

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट और व्हाइट-बॉल दोनों प्रारूपों के लिए वनडे में गेंदों के उपयोग, बाउंड्री कैच और कन्कशन रिप्लेसमेंट के संबंध में कई बदलावों की घोषणा की है. इनमें से सबसे महत्वपूर्ण है खेल की गति और ओवर रेट को तेज करने के प्रयासों में, सबसे लंबे प्रारूप को तेज करने के लिए स्टॉप क्लॉक. वहीं पुरुषों के टी20 के पावरप्ले नियमों में कुछ अहम बदलाव हुए हैं. अब अगर बारिश या किसी अन्य कारण से पारी के ओवर कम किए जाते हैं, तो पावरप्ले को ओवर की बजाय गेंदों के आधार पर तय किया जाएगा.

Test में स्टॉप क्लाॅक
स्टॉप क्लॉक, जिसे व्हाइट-बॉल क्रिकेट में पहले ही सफलतापूर्वक आजमाया जा चुका है, अब टेस्ट में एक स्थायी विशेषता बन गई है. फील्डिंग करने वाली टीमों को पिछले ओवर को पूरा करने के 60 सेकंड के भीतर एक नया ओवर शुरू करना होगा. इसका पालन न करने पर पेनल्टी लगाई जाएगी, प्रति पारी दो चेतावनियां, उसके बाद हर उल्लंघन के लिए पांच रन का जुर्माना. ये चेतावनियां हर 80 ओवर के बाद नई गेंद की उपलब्धता के अनुसार रीसेट हो जाएंगी. यह बदलाव देरी को कम करने और तेज ओवर रेट को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है, जो टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से चली आ रही चिंता है.

ODI में दो बॉल के नियम में बदलाव
एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में, दो गेंदों का उपयोग पहले 34 ओवरों तक सीमित रहेगा. फिर फील्डिंग टीम अंतिम 16 ओवरों के लिए उनमें से एक गेंद का चयन करेगी. नए नियमों के अनुसार, बाउंड्री के पार गेंद के साथ हवा में संपर्क बनाने वाले किसी भी क्षेत्ररक्षक को कैच पूरा करने के लिए पूरी तरह से खेल के मैदान में उतरना होगा. यदि वे बाहर निकलते हैं और फिर से छलांग लगाते हैं, तो वे मैदान के अंदर उतरने से पहले केवल एक बार और गेंद के साथ संपर्क कर सकते हैं.

कन्कशन
टीमों को अब कन्कशन सब्स्टीट्यूट को पहले से ही नामांकित करना होगा. इसके अतिरिक्त, कन्कशन से पीड़ित खिलाड़ी को खेलने के लिए वापस लौटने से पहले कम से कम सात दिन तक स्टैंड-डाउन रहना होगा.

ये नियम भी देखने को मिलेंगे
गेंदबाज को डिलीवरी से पहले या डिलीवरी के दौरान इधर-उधर घूमते हुए देखने वाले गेंदबाज को रियायत देने के प्रयास में, व्हाइट-बॉल प्रारूपों में एक नया वाइड बॉल नियम लागू किया जाएगा.

परिवर्तनों के हिस्से के रूप में, डिलीवरी के बिंदु पर बल्लेबाज के पैरों की स्थिति को अब वाइड के लिए संदर्भ बिंदु के रूप में उपयोग किया जाएगा, भले ही बल्लेबाज बाद में ऑफ साइड में चला जाए.ट्रायल में देखा जाएगा कि लेग स्टंप और प्रोटेक्टेड एरिया मार्कर के बीच पॉपिंग क्रीज से गुजरने वाली गेंद को वाइड नहीं कहा जाएगा. इसमें मदद करने के लिए, प्रोटेक्टेड एरिया मार्कर लाइन को पॉपिंग क्रीज तक बढ़ाया जाएगा और यह अंपायरों के लिए एक गाइड के रूप में काम करेगा.कोई भी लेग-साइड डिलीवरी जो बल्लेबाज के पैरों के पीछे से और पॉपिंग क्रीज तक पहुंचने के समय लाइन के बाहर से गुजरती है, उसे अभी भी वाइड कहा जा सकता है.
पहले, एक ऐसी डिलीवरी के लिए वाइड कहा जाता था जिसे वाइड नहीं कहा जाता अगर बल्लेबाज अपनी सामान्य बल्लेबाजी स्थिति में रहता.

डिसीजन रिव्यू सिस्टम जोन (डीआरएस) अब स्टंप और बेल्स की वास्तविक भौतिक रूपरेखा को विकेट जोन के रूप में उपयोग करेगा, जिससे एलबीडब्ल्यू निर्णय अधिक सटीक हो जाएंगे.
जानबूझकर शॉर्ट रन के लिए वर्तमान में पांच रन की पेनल्टी के अलावा, फील्डिंग टीम यह भी चुनेगी कि अगली डिलीवरी के लिए दोनों में से कौन सा बल्लेबाज स्ट्राइक लेगा.घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में, यदि कोई खिलाड़ी मैच शुरू होने के बाद (किसी भी प्री-मैच वार्म-अप अवधि सहित) किसी भी समय खेल के मैदान पर गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो उसे मैच के शेष समय के लिए पूरी तरह से भाग लेने वाले समान खिलाड़ी द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है.
नए टेस्ट नियम पहले से ही प्रभावी हैं, जो 17 जून को श्रीलंका बनाम बांग्लादेश टेस्ट में शुरू हुए थे. वनडे और टी20 के लिए नई खेल स्थितियां उसी श्रीलंका बनाम बांग्लादेश श्रृंखला के दौरान शुरू होंगी, जिसमें 2 जुलाई से तीन वनडे मैचों की श्रृंखला और 10 जुलाई से तीन मैचों की टी20 श्रृंखला होगी. इन तिथियों के बाद सभी टेस्ट, वनडे और टी20 मैच नई खेल स्थितियों के तहत खेले जाएंगे.
पुरुषों के टी20 के पावरप्ले नियमों में कुछ अहम बदलाव हुए हैं. अब अगर बारिश या किसी अन्य कारण से पारी के ओवर कम किए जाते हैं, तो पावरप्ले को ओवर की बजाय गेंदों के आधार पर तय किया जाएगा. वर्तमान नियमों के अनुसार 20 ओवर की पारी में शुरुआती छह ओवर पावरप्ले के होते हैं. नए नियमों के अनुसार आठ ओवर की पारी में अब 2.2 ओवर का पावरप्ले होगा. इसी तरह नौ ओवर की पारी में 2.4 ओवर का पावरप्ले होगा. ये नियम जुलाई से प्रभावी होंगे.

जापान के ‘ट्विटर किलर’ को फांसी! सुसाइड की बात करती लड़कियां थीं टारगेट, एक ट्वीट ने खोला 9 हत्याओं का राज

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जापान ने शुक्रवार, 27 जून को “ट्विटर किलर” कहे जाने वाले एक हत्यारे को फांसी दे दी. उस खौफनाक हत्यारे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब एक्स) पर मिलीं 8 लड़कियों और एक लड़के की हत्या की और उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए. 2022 के बाद से जापान में पहली बार किसी व्यक्ति को फांसी की सजा दी गई है. हत्यारे की उम्र 34 साल थी और नाम ताकाहिरो शिराइशी था. उसने जिनकी जान ली वो सभी यंग थे. उनकी उम्र 15 से 26 साल के बीच थी. खास बात यह है कि उसने ये सभी 9 हत्याएं एक साल के अंदर, 2017 में ही की थीं और वो पकड़ा भी उसी साल गया.

कैसे बनाता था निशाना?
ताकाहिरो शिराइशी ने ट्विटर के उन ट्विटर यूजर्स को निशाना बनाया था जिन्होंने अपनी जान लेने (सुसाइड करने) के बारे में पोस्ट किया था. वो उन लड़कियों को बताता था कि वह उनकी मरने की योजनाओं में उनकी मदद कर सकता है, या उनके साथ मर भी सकता है.

जापान की राजधानी टोक्यो के पास अपने छोटे से घर में वो उन लड़कियों को फुसलाकर लाता था और उनकी हत्या कर देता था. वो सबूत छिपाने के लिए अपार्टमेंट के चारों ओर कूलर और टूलबॉक्स में बॉडी के टुकड़े छिपा देता था. फिर उनपर बिल्ली के मल-मूत्र को छिड़क देता था ताकि सबूत छिपाया जा सके.

जापान के न्याय मंत्री कीसुके सुजुकी ने बताया कि शिराइशी ने ये सभी हत्याएं 2017 में की थी. उसके अपराधों में “डकैती, बलात्कार, हत्या… एक लाश को नष्ट करना और एक लाश को खुलेआम छोड़ना” शामिल था.
न्याय मंत्री सुजुकी ने टोक्यो में रिपोर्टरों से कहा, “9 पीड़ितों को पीटा गया और गला घोंटा गया, मार डाला गया, लूटा गया और फिर उनके शरीर के कुछ हिस्सों को बक्सों में छिपा दिया गया और कुछ हिस्सों को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया.”

न्याय मंत्री के अनुसार शिराइशी ने “अपनी यौन और वित्तीय इच्छाओं” को पूरा करने के लिए हत्याएं कीं. जापान के न्याय मंत्रालय ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि देश में 2022 में एक, 2021 में तीन, 2019 में तीन और 2018 में 15 लोगों को फांसी दी गई थी.

कैसे हुआ खुलासा?
इस जघन्य हत्या का खुलासा 2017 के ठंड में हुआ. पुलिस को एक 23 वर्षीय युवती के लापता होने की खबर मिली थी. जांच के दौरान पता चला कि युवती ने कथित तौर पर खुद को मारने की इच्छा के बारे में ट्वीट किया था. उसके भाई ने उसके ट्विटर अकाउंट का एक्सेस लिया और अंततः पुलिस को हत्यारे शिराइशी के घर पर ले गया, जहां पुलिस को कई टुकड़ों में युवती का शरीर मिला.

जापान का कानून कहता है कि अपील समाप्त होने के बाद फैसले के छह महीने के भीतर दोषी को फांसी दी जानी चाहिए. हालांकि, वास्तविकता में, अधिकांश कैदियों को सालों और कभी-कभी दशकों तक एकान्त कारावास में छोड़ दिया जाता है. जापान के इस सिस्टम और इस प्रथा पर सरकार की पारदर्शिता की कमी की व्यापक आलोचना होती रही है.

जापान की राजधानी टोक्यो के पास अपने छोटे से घर में वो उन लड़कियों को फुसलाकर लाता था और उनकी हत्या कर देता था. वो सबूत छिपाने के लिए अपार्टमेंट के चारों ओर कूलर और टूलबॉक्स में बॉडी के टुकड़े छिपा देता था. फिर उनपर बिल्ली के मल-मूत्र को छिड़क देता था ताकि सबूत छिपाया जा सके.

जापान के न्याय मंत्री कीसुके सुजुकी ने बताया कि शिराइशी ने ये सभी हत्याएं 2017 में की थी. उसके अपराधों में “डकैती, बलात्कार, हत्या… एक लाश को नष्ट करना और एक लाश को खुलेआम छोड़ना” शामिल था.
न्याय मंत्री सुजुकी ने टोक्यो में रिपोर्टरों से कहा, “9 पीड़ितों को पीटा गया और गला घोंटा गया, मार डाला गया, लूटा गया और फिर उनके शरीर के कुछ हिस्सों को बक्सों में छिपा दिया गया और कुछ हिस्सों को कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया.”

न्याय मंत्री के अनुसार शिराइशी ने “अपनी यौन और वित्तीय इच्छाओं” को पूरा करने के लिए हत्याएं कीं. जापान के न्याय मंत्रालय ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि देश में 2022 में एक, 2021 में तीन, 2019 में तीन और 2018 में 15 लोगों को फांसी दी गई थी.

कैसे हुआ खुलासा?
इस जघन्य हत्या का खुलासा 2017 के ठंड में हुआ. पुलिस को एक 23 वर्षीय युवती के लापता होने की खबर मिली थी. जांच के दौरान पता चला कि युवती ने कथित तौर पर खुद को मारने की इच्छा के बारे में ट्वीट किया था. उसके भाई ने उसके ट्विटर अकाउंट का एक्सेस लिया और अंततः पुलिस को हत्यारे शिराइशी के घर पर ले गया, जहां पुलिस को कई टुकड़ों में युवती का शरीर मिला.

जापान का कानून कहता है कि अपील समाप्त होने के बाद फैसले के छह महीने के भीतर दोषी को फांसी दी जानी चाहिए. हालांकि, वास्तविकता में, अधिकांश कैदियों को सालों और कभी-कभी दशकों तक एकान्त कारावास में छोड़ दिया जाता है. जापान के इस सिस्टम और इस प्रथा पर सरकार की पारदर्शिता की कमी की व्यापक आलोचना होती रही है.

ऑनलाईन आरटीई के माध्यम से द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया 1 जुलाई से

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ऑनलाईन आरटीई पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अन्तर्गत वर्ष 2025-26 हेतु प्रवेश की कार्यवाही के संबंध में समय-सारिणी जारी कर दी गई है। संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ अटल नगर द्वारा उक्त आशय का आदेश राज्य के सभी जिले के कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रेषित किए गए हैं।
जारी कार्यक्रम के अनुसार नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन व सीटों का वास्तविक प्रकटीकरण 18 जून से 30 जून तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन (आवेदन) 01 जुलाई से 12 जुलाई तक तथा नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एवं आवेदक को त्रुटि सुधार हेतु अवगत कराने के लिए 02 जुलाई से 19 जुलाई तक की तिथि निर्धारित की गई है। इसी प्रकार लॉटरी के माध्यम से स्कूलों का आबंटन 22 जुलाई से 23 जुलाई तक एवं स्कूल में दाखिला की प्रक्रिया हेतु 25 जुलाई से 31 जुलाई तक की तिथि निर्धारित की गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत् वर्ष 2025-26 हेतु प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन/भर्ती की कार्यवाही की जानी है। पूर्व में भी प्रवेश की प्रक्रिया एवं ऑनलाईन पद्धति के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके है।

जीपीएम जिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में हुआ शामिल

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एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को जिले में शामिल करते हुए 26 जून को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में चलाए गए रक्त शक्ति महा अभियान में एक ही दिन में जिले की 13 से 45 वर्ष आयु वर्ग की 51,727 महिलाओं का हीमोग्लोबीन (एचबी) जांच कराने पर जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की स्टेट हेड सोनल राजेश शर्मा ने आज एसेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल पेण्ड्रा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जिले का नाम दर्ज होने पर इस उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला प्रशासन को शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी होने से बहुत सारी समस्याएं होती है। एचबी की वास्तविक जानकारी प्राप्त करने के लिए रक्त शक्ति महा अभियान ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है।

जिला कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कहा कि इस अभियान में जिला स्तर से लेकर मैदानी स्तर के सभी विभागों के अमले की सेवाएं ली गई। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भी सराहनीय सहभागिता रही। अभियान में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्व सहायता समूह की महिलाएं, पंचायत सचिव, पटवारी, कोटवार, ग्रामीण कृषि विकास विस्तार अधिकारियों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है।

मुख्यमंत्री साय एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन में बगिया से वर्चुअल माध्यम से होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री साय कल 28 जून को एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन में बगिया से ऑनलाइन वर्चुअल के माध्यम से शामिल होंगे। जशपुर जिले में किसानों के विकास, कृषि- उद्यान एवं रेशम उत्पाद को बढावा देने ‘कृषि क्रांति’ अभियान की शुरूआत जिला प्रशासन की पहल से शुरू की गई है, अभियान अंतर्गत पहली बार क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का दो दिवसीय आयोजन जिला पंचायत जशपुर में किया जा रहा है। 28 तथा 29 जून 2025 तक आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में क्रेता-विक्रेता परिचय एवं फसल विशेष संग्रहण, संरक्षण, प्रसंस्करण एवं कृषि, उद्यानिकी, रेशम एवं वन उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, मापदण्ड एवं नियमों की जानकारी प्रदान की जाने के साथ फसल प्रदर्शनी का आयोजन की जाएगी।

द्वितीय दिवस 29 जून को विभिन्न राज्यों से आये उद्यमियों को किसान के खड़ी फसलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सम्मेलन में जिले के प्रगतिशील कृषक, देश के कई औषधि, राज्यों के उद्यमी, निर्यातक के विशेषज्ञ, लघु वनोपज संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के कई कृषि संबंद्ध कंपनियों से संपर्क किया गया है, जिसमें अधिक से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि के भाग लेने की संभावना है। जशपुर जिले में जैविक उत्पादों का बहुत बड़ा बाजार है। जंगल में काफी मात्रा में औषधीय, वन उपज उपलब्ध है। जिले में अधिक मात्रा में रेशम पालन की जाती है। इस सम्मेलन के माध्यम से जिले के किसानों को अपने उत्पाद को अधिक मूल्य में बेचने के लिए एक प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है, तथा किसानों को अपने उत्पाद की वर्तमान स्थिति, चुनौती और बाजार को समझने के साथ भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

किसान एफ.पी.ओ. के माध्यम से उत्पाद संग्रहण कर क्रेता कंपनी को विक्रय करेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। सम्मेलन में नाशपाती, आम फसल कृषकों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। यह सम्मेलन किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें बाजार से जोड़ने की पहल है। एग्री-हॉटी क्रेता विक्रेता सम्मेलन के तहत जिला पंचायत जशपुर में सुबह 9 बजे से किसानों के मध्य प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जहां जिस किसान के दशहरी, आम्रपाली आम और नाशपाती के 6 फल का औसत सबसे ज्यादा वजन होगा उसे ईनाम दिया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए प्रथम पुरस्कार 5 हजार, द्वितीय पुरस्कार 3 हजार और तृतीय पुरस्कार 2 हजार रुपए रखा गया है।

बुक स्कैनिंग कार्य में लापरवाही पर संकुल समन्वयक तत्काल प्रभाव से निलंबित

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संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर के निर्देश पर बुक स्कैनिंग कार्य की समीक्षा हेतु सहायक संचालक उषा किरण खलखो एवं सुरेखा थानथराट द्वारा संकुल केन्द्र भूकेल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान संकुल समन्वयक मनबोध नंद मूल पद शिक्षक, शा. पू. मा. शाला पौसरा, विकासखंड बसना महासमुंद द्वारा पुस्तक वितरण में चार दिवस की देरी एवं 08 विद्यालयों में कार्य प्रारंभ न होने की स्थिति के संबंध में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही 25 जून को आयोजित ऑनलाईन बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे। पाठ्यपुस्तकों की डिलीवरी 21 जून को प्राप्त होने के बावजूद वितरण 25 जून को करने, स्कैनिंग कार्य में लापरवाही तथा विभागीय दिशा-निर्देशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल पाया गया।

संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर श्री राकेश कुमार पाण्डेय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) के तहत श्री मनबोध नंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मगरलोड, जिला धमतरी नियत किया गया है।

रईस परिवारों के लोग मां-बाप को छोड़ गए, ताले खुलवाकर बुजुर्गों का रेस्क्यू आनंद निकेतन वृद्धा आश्रम का सच

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नोएडा के सेक्टर-55 ओल्डऐज होम का ऐसा हाल , जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक तो पहले ही बुजुर्गों को बच्चे यहां छोड़कर चले गए. अपनों से बिछड़ने का गम पहले ही इनके लिए कम नहीं था कि यहां पर इनको यातनाएं दी जा रही हैं. इनकी जिंदगी किसी नर्क से कम नहीं. भला हो उस शख्स का जिसने इनकी दयनीय हालत की वीडियो लखनऊ में सरकारी विभाग तक पहुंचा दी, जिसके बाद राज्य महिला आयोग, नोएडा पुलिस और समाज कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से इस ओल्ड एज होम पर गुरुवार को छापेमारी कर दी. अंदर का हाल देख ये लोग भी हैरान रह गए. यहां से दयनीय हालत में 39 बुजुर्गो का रेस्क्यू किया गया, जिनको सरकारी ओल्ड ऐज होम में शिफ्ट कराया जा रहा है.

बुजुर्गों को तहखाने जैसे कमरों में बांध कर रखा गया
पूरा मामला नोएडा के 55 स्थित आनंद निकेतन वृद्ध आश्रम का है. यहां राज्य महिला आयोग, पुलिस और समाचार कल्याण विभाग ने संयुक्त रूप से रेड मारी थी.राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने बताया कि जिस समय रेड की गई एक बुजुर्ग महिला को बांध के रखा गया था. पुरुषों को तहखाने जैसे कमरो में बंद किया गया था. देख के ऐसा लग रहा था जैसे इनका जीवन किसी नर्क से भी बुरा था.

ताले खुलवाकर बुजुर्गों का रेस्क्यू
उन्होंने बताया कि इसी ओल्ड एज होम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक बुजुर्ग महिला के हाथ बांधकर उनको कमरे में रखा गया था. ये वीडियो समाज कल्याण विभाग लखनऊ के पास पहुंचा. वीडियो के आधार पर ही छापेमारी के निर्देश मिले. गोपनीय तरीके से टीम को एकट्ठा किया गया और रेड कंडक्ट की गई. उन्होंने बताया कि जिस समय रेड कंडक्ट की गई बुजुर्ग महिला और पुरुष कमरों में बंद थे. वहां जाकर तालों को खुलवाया गया. उस महिला का रेस्क्यू किया गया जिसके हाथ बंधे थे. उसके हाथ खोले गए.

मीनाक्षी भराला ने ओल्ड एज होम का हाल बयां करते हुए कहा कि वहां पर पुरुषों के पास कपड़े तक नहीं थे. जिन महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है, उनमें कई के शरीर पर भी आधे अधूरे कपड़े थे. इन सभी को अब सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. इनको दो से तीन दिनों में सरकारी ओल्ड ऐज होम में शिफ्ट कर दिया जाएगा.

रईस परिवारों के लोग मां-बाप को छोड़ गए
जानकारी के अनुसार आनंद निकेतन वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों को रखने के लिए प्रति व्यक्ति से 2.5 लाख रुपए डोनेशन लिया जाता है. इसके अलावा खाने,पीने और रहने के लिए छह हजार रुपए प्रतिमाह लिया जाता है. जब इनके परिजनों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि सब ठीक है. ओल्ड एज होम में रह रहे कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जो नोएडा के रईस परिवारों से आते हैं.

पाकिस्तान पर हमले को पूरी तरह तैयार थी भारतीय नौसेना, मिसाइल लॉन्च का आदेश नहीं आया

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भारतीय नौसेना के बेड़े (फ्लीट) के पास पाकिस्तान के अंदर के टारगेट की पूरी लिस्ट थी. उन्हें ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान एक से अधिक मौकों पर पाकिस्तान के अंदर टारगेट पर मिसाइलें लॉन्च करने के लिए हॉट-स्टैंडबाय पर रखा गया था. सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया है कि नौसेना को मिसाइल लॉन्च का अंतिम आदेश नहीं मिला. सूत्र के अनुसार, “नौसेना ने पहचाने गए टारगेट पर हमला नहीं किया. इसमें बंदरगाह पर लगे पाकिस्तान नौसेना के जहाज, पनडुब्बियों के साथ और जमीनी टारगेट शामिल थीं.” नौसेना ने अगर चौतरफा हमला किया होता तो ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य शत्रुता में बहुत बड़ी वृद्धि हुई होती.