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छत्तीसगढ़ में 4 महिला 2 पुरुष माओवादियों ने किया सरेंडर

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों के प्रयासों का असर है कि गुरुवार को 4 महिला और 2 पुरुष समेत 6 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया. सुरक्षाबलों के सामने समर्पण करने वाले सभी 6 माओवादियों को सरकार की ओर से 50 हजार रुपए ्प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया गया है.

सुरक्षाबलों के सामने आत्म-समर्पण करने वाले नारायणपुर के माड़ डिवीजन व अमेदई एरिया कमेटी में सक्रिय सभी 6 माओवादियों ने समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की शपथ ली है. सभी 6 माओवादी एरिया कमेटी सदस्य, एलओएस मेंबर और पार्टी सदस्य थे.

माओवादी क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे हैं नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाव’ अभियान
नारयणपुर पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार नारायणपुर, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया, अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर अक्षय साबद्रा और सुशील कुमार नायक के नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस द्वारा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसटीएफ की संयुक्त बल साथ माओवादियों के विरूद्ध क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव” अभियान चलाए जा रहे हैं.

माओवादियों ने नक्सल उन्मूलन अभियान व अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय आंदोलन और उनकी हिंसा से तंग आकर 26 जून को उनके समक्ष बिना हथियार के आत्म-समर्पण किया.

सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर करने वाले 4 महिला और 2 पुरुष माओवादी
1. धनाय हलामी, पिता नरसिंग उम्र 24 वर्ष जाति गोण्ड निवासी, पंचायत तुषवाल थाना बारसूर जिला बीजापुर पद- अमदेई एरिया कमेटी सदस्य, घोषित इनाम 5 लाख रुपए
2. दशमती कोवाची, पिता उंगो, उम्र 20 वर्ष जाति गोण्ड ग्राम, पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपूर, पद- नेलनार एलओएस सदस्य, घोषित इनाम 1 लाख रुपए
3. सुकाय उर्फ रोशनी, पोयाम पिता भीमा, उम्र 20 वर्ष जाति माडिया निवासी कंदाडी ग्राम पंचायत कस्तुरमेटा थाना कुकडाझोर पद- कुतुल एरिया पार्टी सदस्य (पीएम) घोषित इनाम 1 लाख रुपए
4. चैतराम उसेण्डी उर्फ रूषी, पिता दशरू, उम्र 28 वर्ष जाति माडिया ग्राम गुजनवाडा, पंचायत हिकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर पद-सीसी गार्ड (पीएम), घोषित इनाम 1 लाख रुपए
5. गंगू पोयाम, पिता कुम्मा,उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी, पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपुर, पद- डीवीसी गार्ड (पीएम) घोषित इनाम 1 लाख रुपए
6. शारी उर्फ गागरी, कोवाची पिता पूरोन, उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया, निवासी गट्टाकाल/ किसकाल पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपूर, पद- एसीएम गार्ड (पीएम) घोषित इनाम 1 लाख रुपए

दो युवकों की बाइक से बांधकर जमकर पिटाई बर्बरता की सारी हदें पार

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बलरामपुर जिले से एक बर्बरता वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल, इस वीडियो में दो युवकों को बाइक में बांधकर ग्रामीणों द्वारा पीटा जा रहा है. किसी ने वीडियो बना लिया और अब वह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ग्रामीण किस तरह कानून को अपने हाथ में लेकर दो युवकों को बाइक में रस्सी के सहारे बांधकर रखे हुए हैं. इस बर्बरता पूर्वक वीडियो से साफ पता चलता है कि लोग अब कानून अपने हाथ में लेने लगे हैं, उन्हें किसी भी प्रकार का कुछ डर नहीं है.

इसलिए ग्रामीणों ने युवकों को पीटा
जानकारी के अनुसार, मामला जिले के चांदो थाना क्षेत्र इलाके में आने वाले खजुरियाडीह गांव का है, जहां दो युवक बाइक चोरी करने के उद्देश्य से गांव में गए हुए थ. लोगों ने बाइक चोरी करते हुए दोनों युवकों को पकड़ लिया और मौके पर ही बाइक से रस्सी के सहारे बांदा और बेदम पिटाई कर दी. ग्रामीणों ने कानून का सहारा ना लेकर खुद कानून को हाथ में लेकर किस तरह से बर्बरता की सारी हदें पर की हैं और दोनों एक की बेदम पिटाई की है.

छत्तीसगढ़ में 7 करोड़ रुपये का घोटाला ! तेंदूपत्ता बोनस गबन मामले में गबन लोग गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के अधिकारियों ने तेंदूपत्ता बोनस गबन मले में गुरुवार को 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. जानकारी के मुताबिक, वन विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों और पदाधिकारियों के साथ मिलकर लगभग सात करोड़ रुपये हड़प लिया.

छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता बोनस घोटाला
अधिकारियों ने बताया कि सुकमा वन मंडल के तत्कालीन वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) अशोक कुमार पटेल ने कथित तौर पर अपने पद का दुरुपयोग किया और वन विभाग के अधिकारियों और सुकमा में विभिन्न प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों और पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत कर लगभग सात करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा हड़प लिया. इस राशि को वर्ष 2021 और 2022 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक के रूप में वितरित किया जाना था.

अधिकारियों ने 7 करोड़ रुपये का किया घोटाला
अधिकारियों ने बताया कि गबन की गई राशि का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ निजी व्यक्तियों को भी दिया गया था. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान ईओडब्ल्यू (EOW) ने इस वर्ष 17 अप्रैल को अशोक कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया था.

EOW ने चार वनकर्मियों और सात प्रबंधकों को लोगों को किया गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच के दौरान ईओडब्ल्यू ने आज चार वनकर्मियों और सात प्रबंधकों को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

सज गए रथ, भगवान जगन्नाथ तैयार… अब बस शाम 4 बजे का इंतजार, पुरी पहुंचे लाखों में श्रद्धालु

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ओडिशा के पुरी में शुक्रवार को भव्य रथ यात्रा उत्सव (Puri Rath Yatra) मनाया जाएगा. पुरी सजकर भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए पूरी तरह से तैयार है. प्रशासन ने भी सुरक्षा-व्यवस्था के इंतजाम पूरे कर लिए हैं. इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो. पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इस साल भगवान जगन्नाथ रथ उत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.सभी अनुष्ठान पूरे होने के बाद शाम 4 बजे भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों को खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी. इस कार्यक्रम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. गुरुवार शाम से ही श्रद्धालुओं का पुरी पहुंचना शुरू हो चुका है.

शुक्रवार शाम 4 बजे भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों को खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी. लाखों भक्त इस उत्सव के लिए देश-विदेश से पुरी पहुंच चुके हैं.भगवान जगन्नाथ अपने भाई बालभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे. ऐसी मान्यता है इस रथ यात्रा में शामिल होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.शुक्रवार सुबह 6 बजे मंगल आरती की गई. सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर ‘पहाड़ी’ रस्म निभाई जाएगी. फिर ‘छेरा पहरा’ की रस्म दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक की जाएगी. इसके बाद शाम 4 बजे रथ यात्रा गुंडीचा मंदिर के लिए निकल जाएगी.ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुरानिया ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था की है. पहली बार AI-सक्षम सीसीटीवी कैमरे भुवनेश्वर से लेकर पूरी शहर और पूरी से कोणार्क तक लगाए गए हैं.इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना की गई है, जहां विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी 24×7 निगरानी में मौजूद रहेंगे. अगर कहीं कोई असुविधा या समस्या उत्पन्न होती है, तो उसका तुरंत समाधान वहीं पर किया जाएगा.

उत्तराखंड और हिमाचल में बादल फाड़ आफत,हिमाचल प्रदेश में तबाही होने लगी है, कहीं बादल फटने से बाढ़ आ गई तो कहीं भूस्खलन की वजह से पहाड़ियां दरक गई

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पहाड़ियों में बादल कभी दबे पांव आते हैं तो कभी फूलों को चूमते, नदियों की लहरों के साथ गीत गाते और सिखाते. मगर मॉनसून आते ही पहाड़ों की खूबसूरत वादियां भी तबाही के मंजर में तब्दील हो जाती है, जैसे कोई पुराना हिसाब चुकाने का वक्त आ गया हो. आसमान ने अपनी सारी ताकत बटोर ली हो और पहाड़ों पर टूटकर बरस रहा है, मानो कह रहा हो, “देखो, मेरी ताकत ” अभी मॉनसून ने उत्तर भारत में दस्तक दी है कि आफत की बारिश से नदियां-नाले और झरने ऊफान पर है, भूस्खलन होने से पहाड़ियां दरक रही है. उत्तराखंड और हिमाचल में कहां कैसा मंजर है

पहाड़ों में तबाही का मंजर
हिमाचल प्रदेश के कसो में बारिश से जल प्रलय आ गई. उफनती नदिया का बहाव इतना तेज है कि गाड़ी जैसी भारी-भरकम सामान भी माचिस की तरह बह जा रहा है.
हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला में भारी बारिश, नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर जा पहुंचा है. इसलिए लोगों को नदियों और नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

केदारनाथ मार्ग पर मुनकटिया के पास भूस्खलन
रात भर हुई भारी बारिश के कारण केदारनाथ मार्ग पर मुनकटिया के पास भूस्खलन हुआ, जिससे मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया. सोनप्रयाग शटल पुल के पास यातायात रुक गया है और केदारनाथ की ओर जाने वाले तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग में सुरक्षित रूप से रोक दिया गया है.

चमोली में नंदप्रयाग-नंदा नगर मार्ग पर भूस्खलन
भारी बारिश के कारण नंदप्रयाग-नंदा नगर मार्ग पर मंगरोली के पास भूस्खलन हुआ, जिससे मार्ग दलदल में तब्दील हो गया. एक वाहन कीचड़ में फंस गया, चालक सुरक्षित बच गया. रात भर लगातार बारिश के कारण मलबा बहता रहा.

हिमाचल प्रदेश | कुल्लू में बादल फटने से तबाही
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की सैंज घाटी के सिउंड में कल बादल फटने फट गया. बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में एक निजी बिजली परियोजना से संबंधित अस्थायी शेड और एक आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

मंडी में ब्यास नदी का रौद्र रूप
हिमाचल प्रदेश के मंडी में लगातार भारी बारिश के कारण नदिया-नाले उफान पर है. हाल ही में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है.

सैंज घाटी में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद कीचड़ और मलबे से भर गईं

इन 5 बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिल रहा 9% तक का तगड़ा रिटर्न, चेक करें लिस्ट

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इस दौर में अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में ज्यादा रिटर्न की तलाश में हैं, तो कुछ छोटे फाइनेंस बैंक अब भी अच्छे ऑप्शन साबित हो सकते हैं.कई बड़े बैंक जहां हाल ही में एफडी की ब्याज दरें घटा चुके हैं, वहीं कुछ छोटे फाइनेंस बैंक अभी भी 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं. स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक फिलहाल सबसे ज्यादा 9% ब्याज ऑफर कर रहा है, जबकि यूनिटी, सूर्योदय, उत्कर्ष और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की टॉप एफडी रेट्स 8.60%, 8.40%, 8.25% और 8.20% तक हैं.

बता दें कि आरबीआई ने फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में 100 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है. इसके बाद ज्यादातर बैंकों ने एफडी पर ब्याज कम कर दिया है. लेकिन कुछ छोटे फाइनेंस बैंक अब भी ऐसे हैं जो रेगुलर कस्टमर्स को 8% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आप एफडी में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो इन्हीं दरों पर जल्द लॉक कर लेना बेहतर होगा, क्योंकि इन बैंकों में भी रेट्स कभी भी घट सकते हैं.

इन बैंकों में मिल रहा है 8% से ज्यादा ब्याज:
स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक पहले नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक के नाम से जाना जाने वाला ये बैंक फिलहाल 18 महीने 1 दिन से 18 महीने 2 दिन की एफडी पर 9% ब्याज दे रहा है.
यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक 1001 दिन की एफडी पर ये बैंक 8.60% ब्याज दे रहा है.
सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 30 महीने से ज्यादा और 3 साल तक की एफडी पर ये बैंक 8.40% ब्याज दे रहा है.
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक2 साल यानी 730 दिन से 3 साल यानी 1095 दिन तक की एफडी पर ये बैंक 8.25% का इंटरेस्ट ऑफर कर रहा है.
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 साल यानी 1825 दिन की एफडी पर इस बैंक की ब्याज दर 8.20% है.
अगर आप 1 साल, 3 साल या 5 साल के लिए एफडी करना चाहते हैं, तो सुर्योदय, जना और यूनिटी बैंक जैसे विकल्प बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. इन ब्याज दरों के आधार पर आप अपनी निवेश योजना तय कर सकते हैं.ब्याज दरें कुछ इस प्रकार हैं-

1 साल की एफडी पर ब्याज दरें:
अगर आप सिर्फ 1 साल के लिए एफडी करवाना चाहते हैं, तो इस अवधि में सबसे ज्यादा ब्याज दर सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा है, जो 7.90% है. इसके बाद जना बैंक 7.50% और यूनिटी बैंक 7.00% पर ब्याज दे रहे हैं. जबकि स्लाइस और उत्कर्ष बैंक की दरें तुलनात्मक रूप से कम हैं.

सुर्योदय बैंक: 7.90%
जना बैंक: 7.50%
यूनिटी बैंक: 7.00%
स्लाइस बैंक: 6.75%
उत्कर्ष बैंक: 6.25%
3 साल की एफडी पर ब्याज दरें:
3 साल की अवधि में एफडी पर सबसे ज्यादा ब्याज स्लाइस बैंक और उत्कर्ष बैंक दे रहे हैं – दोनों 8.25% की दर से. इसके बाद यूनिटी बैंक और जना बैंक क्रमश: 8.00% और 7.75% की दर दे रहे हैं.सुर्योदय बैंक की तरफ से सबसे ज्यादा यानी 8.40% ब्याज मिल रहा है, लेकिन वह 30 महीने या उससे ज्यादा की अवधि पर लागू है, जो लगभग 2.5 साल से थोड़ी ज्यादा होती है.

सुर्योदय बैंक (30 महीने+): 8.40%
स्लाइस बैंक: 8.25%
उत्कर्ष बैंक: 8.25%
यूनिटी बैंक: 8.00%
जना बैंक: 7.75%
5 साल की एफडी पर ब्याज दरें:
अगर आप लंबी अवधि के लिए एफडी करना चाहते हैं यानी 5 साल के लिए, तो जना बैंक सबसे ज्यादा 8.20% की दर से ब्याज दे रहा है. इसके अलावा यूनिटी और सुर्योदय बैंक दोनों 8.00% की दर से रिटर्न दे रहे हैं, जबकि स्लाइस और उत्कर्ष बैंक 7.75% पर हैं.

जना बैंक: 8.20%
यूनिटी बैंक: 8.00%
सुर्योदय बैंक: 8.00%
स्लाइस बैंक: 7.75%
उत्कर्ष बैंक: 7.75%
छोटे फाइनेंस बैंक में एफडी करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
छोटे फाइनेंस बैंक में किया गया डिपॉजिट DICGC के तहत 5 लाख रुपये तक इंश्योर्ड होता है. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे बैंकों में एफडी करते समय सावधानी जरूरी है, क्योंकि इनका ऑपरेटिंग मॉडल रेगुलर कमर्शियल बैंकों से थोड़ा अलग होता है.

कम समय में पाएं अच्छा रिटर्न
अगर आप कम समय में अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो सुर्योदय की 1 साल की एफडी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. वहीं, मध्यम अवधि (2.5 से 3 साल) के लिए सुर्योदय और स्लाइस बैंक बेहतर हैं. और अगर आप 5 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो जना बैंक की एफडी सबसे ज्यादा रिटर्न देती है. निवेश से पहले अपने रिस्त, बैंक की क्रेडिट रेटिंग और TDS नियम जरूर चेक करें.

अगर आप ज्यादा ब्याज पाने के लिए एफडी ऑप्शन तलाश रहे हैं, तो इन स्मॉल फाइनेंस बैंकों की टॉप रेट्स पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है. हालांकि सावधानी के साथ निवेश करना बेहतर होगा.

ICU की बिजली गुल! ग्वालियर के हॉस्पिटल में 2 घंटे तक बंद रही बिजली, 3 मरीजों की उखड़ी सांसें, ऐसे बची जान

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ग्वालियर-चंबल अंचल के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान ग्वालियर स्थित जयारोग्य चिकित्सालय के कार्डियोलॉजी विंग में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिजली का फॉल्ट होने से कार्डियक आईसीयू की लाइट एकदम से गुल हो गई. बिजली जाने से यहां भर्ती सोबरन सिंह, विमला सहित 3 गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ने लगी. विभागाध्यक्ष डॉ पुनीत रस्तोगी ने बताया कि लाइट जाने से इन्फ्यूजन पंप एक घंटे तो बैटरी से चला और फिर वह बंद होने लगा. जिस कारण मरीजों की पल्स कम होने लगी. आनन फानन मे स्टॉफ ने तत्परता से इन मरीजों को दूसरी मंजिल पर संचालित कैथ लैब के वार्ड में शिफ्ट किया गया तब मरीजों की जान बचाई जा सकी.

ये है मामला
लाइट का फॉल्ट होने के कारण कार्डियक आईसीयू में लाइट अचानक गुल हो गई. इसके चलते वहां की लिफ्ट भी बंद हो गई. इन्फ्यूजन पम्प कुछ देर तो बैटरी से चला लेकिन जब दो घंटे तक बिजली नहीं आयी तो बैटरी बैकअप अप भी खत्म हो गया जिसके चलते पम्प बंद होने लगा. पम्प बंद होने से यहाँ भर्ती तीन गंभीर मरीजों की सांसे उखड़ने लगीं. ऐसे में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने समझदारी का परिचय देते हुए तीनो पेशेंट को वार्ड बॉय की मदद से फटाफट यूनिट की दूसरी मंजिल पर बनी कैथ लैब में शिफ्ट किए गए. वार्ड ब्वॉय के साथ मरीजों के परिजनों ने कंधों पर स्ट्रेचर लेकर फटाफट दूसरी मंजिल पहुंचाया. जिससे इन तीनों गंभीर मरीजों की जान बच सकी.

गर्मी से बेहाल
करीब दो घंटे बिजली गुल होने के यहां भर्ती मरीजों का बुरा हाल था. क्योंकि गर्मी में पंखे, एसी सब बंद हो गए थे. इस समय बैसे भी उमस से लोगों का हाल बेहाल है. बताया गया कि कार्डियोलॉजी में बिजली फॉल्ट की सूचना पर अस्पताल अधीक्षक सहित अन्य बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे. बिजली कर्मचारी जब विद्युत कक्ष में पहुंचे तो देखा कि वहां चारों तरफ मलवा भरा हुआ था. जिस पर अस्पताल अधीक्षक डॉ सुधीर सक्सेना ने नाराजगी जताई. देर शाम तक लाइट की सप्लाई बहाल हो सकी.

धीरे-धीरे सड़कों से गायब हुईं राजनांदगांव की सिटी बसें, खड़ी-खड़ी कबाड़ में हो रहीं तब्दील

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राजनांदगांव जिले में सड़कों से अचानक गायब हुईं नगर निगम की सिटी बसें खड़ी-खड़ी जंकयार्ड में तब्दील होने लगी है. फिलहाल सड़कों पर कुछ ही सिटी बसें दौड़ रही है, जबकि करीब 20 सिटी बसें खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील होते जा रही हैं, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

अचानक सड़कों से गायब हुई राजनांदगांव की सिटी बसें अब बस स्टेशन पर खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील हो रही है, लेकिन मेंटेनेंस की बाट जोह रही बसों के लिए शासन से फंड नहीं मिलने में हो रही के चलते दिन प्रति दिन सिटी बसों की बद से बदतर होती जा रही हैं.
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लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा दी गई थी कुल 20 सिटी बसें
गौरतलब है राजनांदगांव के लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा कुल 20 सिटी बसें दी गई थी, लेकिन अब यह सिटी बसें मरम्मत नहीं होने के चलते अधिकाश बसें सड़कों से गायब हो गई है. जंक यार्ड में पड़े सिटी बसों की मरम्मत के लिए डेढ़ से 2 करोड रुपए की मांग नगर निगम द्वारा गई, लेकिन अभी तक पैसा नहीं जारी होने बसें अंतिम यात्रा की ओर बढ़ रही हैं.

फिलहाल, राजनांदगांव में 20 में से सिर्फ 2-4 सिटी बसें चल रही है
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 10 साल पूर्व नगर निगम को 20 सिटी बसें मुहैया कराई गई थीं. बसें कुछ सालों तक चली उसके बाद एक-एक करके बसें सड़कों से गायब होने लगी. अभी सड़क पर दो-चार सिटी बसें ही संचालित हो रही है, शेष बसें नया बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर मरम्मत के अभाव में कबाड़ में तब्दील होते जा रही हैं.

नगर निगम आयुक्त का कहना है कि कबाड़ में तब्दील हो रही सिटी बसों के मरम्मत में कितना खर्च आएगा, इसका डेटा तैयार किया गया है. शासन को खर्च का ब्यौरा भेजा जा रहा है. जैसे ही पैसा आएगा उसको रिपेयर भी करेंगे, जिसके बाद सिटी बसें दोबारा सड़कों पर दौड़ेंगी.
समय पर रिपेयर नहीं होने के चलते सड़कों से गायब हुईं सिटी बसें
राजनांदगांव शहर को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने के लिए जिले में सिटी बसों की सुविधा मुहैया कराया गया था, लेकिन अब लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. मामले पर नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि कुछ सिटी बसें अभी भी संचालित हो रही हैं, लेकिन मरम्मत नहीं होने के चलते अधिकांश सिटी बसों का संचालन नहीं हो रहा है.

रिपेयर के बाद राजनांदगांव की सड़कों पर में दोबारा दौड़ेंगी सिटी बसें
नगर निगम आयुक्त का कहना है कि बस स्टेशनों पर कबाड़ में तब्दील हो रही सिटी बसों के मरम्मत में कितना खर्च आएगा, इसका डेटा तैयार किया गया है. नगर निगम शासन को खर्च का ब्यौरा भेज दिया है. जैसे ही पैसा आएगा उसको रिपेयर भी करेंगे, जिसके बाद सिटी बसें दोबारा सड़कों पर दौड़ेंगी.

करीब 10 साल पूर्व नगर निगम को 20 सिटी बसें मुहैया कराई गई थीं. बसें कुछ सालों तक चली उसके बाद एक-एक करके सड़कों से गायब होने लगी. फिलहाल, राजनांदगांव जिले की सड़कों पर दो-चार सिटी बसें ही संचालित हो रही है, शेष बसें नया बस स्टैंड सड़ रही हैं.

सिटी बसों को असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर खराब किया गया
उल्लेखनीय है सिटी बसों के बस स्टेशन में खड़े होने से लोगों को शहर पहुंचने को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. बताया जाता है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कई सिटी बसों को जानबूझकर खराब किया गया है. नगर निगम बसों की मरम्मत के लिए शासन पर निर्भरता ने लोगों को जोखिम में डाल दिया है.

अंबिकापुर के सहकारी समितियों की हालत खस्ता, आए दिन कर रहे किसान विरोध

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छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले के सहकारी समितियों में खाद का भण्डारण कम होने से जिले के किसान परेशान हैं. किसानों को खाद नहीं मिलने से किसान कहीं चक्का जाम तो कहीं आंदोलन कर रहे हैं. पिछले दो दिनों से जिले के सेदम, बटवाही और अब लुण्ड्रा सहकारी समिति में खाद की कमी को लेकर किसान रैली निकाल कर अपना विरोध जता रहे हैं. किसानों को DAP खाद क्यों नहीं मिल पा रहा है, इसका जवाब जिला प्रशासन के अधिकारी देने से बच रहे हैं. दूसरी ओर कांग्रेस इसे सरकार की लापरवाही और किसानों के साथ ऐन वक्त में धोखा देने का आरोप लगा रही है.

क्या है डीएपी खाद नहीं मिलने का पूरा मामला?
दरअसल, बारिश के साथ जिले के किसान इन दिनों खेती-किसानी के काम में जुट गए हैं, लेकिन सहकारी समितियों में DAP खाद की कमी से किसान काफी परेशान हैं. किसानों की मानें, तो अगर समय से DAP खाद नहीं मिला, तो इसका असर धान की पैदावार पर पड़ेगा. वहीं, खुली बाजार में डीएपी की कीमत बहुत ज्यादा है, जिससे गरीब किसान इसे नहीं ले सकते हैं. बहरहाल, जिले के लुण्ड्रा के बटवाही स्थित सहकारी समिति में भी किसानों का हाल बेहाल हो चुका है. लगभग 900 किसान पंजीकृत हैं और औसतन एक किसान को 10 बोरी डीएपी खाद की आवश्यकता है. लेकिन, सहकारी समिति बटवाही में अब तक 700 बोरी ही डीएपी खाद का भंडारण हो सका है.

यहां के किसानों ने किया एनएच को जाम
सीतापुर के सेदम सहकारी समिति में तो विवाद इतना बढ़ गया कि किसानों ने NH-43 जाम कर दिया. आनन-फानन में जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत कराते हुए उन्हें डीएपी खाद देने का आश्वासन दिया. यही हाल लुण्ड्रा सहकारी समिति में भी देखने को मिला, जहां किसानों को खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और सरकार से तत्काल खाद की मांग की है

कांग्रेस का सरकार पर आरोप
इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आशीष वर्मा का कहना है कि सहकारी समितियों में डीएपी खाद की कमी है. कांग्रेस लगातार इस बात को उठा रही है, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. उन्होंने कहा कि खुली बाजार में जो खाद उपलब्ध है, उसकी कीमत बहुत ज्यादा है. किसानों को नगद देकर खरीदना पड़ेगा. ऐसे में केसीसी को इसका लाभ नहीं मिलेगा.

बैंकों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

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कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 25 जून को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने की। बैठक में जिले के सभी बैंकों, नाबार्ड, कृषि, उद्यानिकी, उद्योग, ग्रामीण व शहरी आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में प्राथमिकता क्षेत्र, कृषि ऋण, लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, स्व-सहायता समूहों के ऋण प्रकरण और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने निर्देश दिए कि स्व सहायता समूहों के ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को समय पर स्वरोजगार के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं सुलभ बनाने के लिए अधिक संख्या में बीसी सखी की नियुक्ति की जाए और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हों। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत सभी पात्र किसानों को लाभान्वित करने पर बल देते हुए संबंधित विभागों को अधिक से अधिक प्रकरण बैंकों को भेजने के निर्देश दिए।

जनधन योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में चल रहे ‘धरती आबा अभियान‘ के अंतर्गत 15 जुलाई तक सभी पात्र व्यक्तियों के जनधन खाते खोले जाएं। साथ ही 20 रुपए में होने वाली प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत सभी खाताधारकों का बीमा सुनिश्चित किया जाए।

स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्था (आरसेटी) के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि जिले में तेजी से चल रहे आवास निर्माण को देखते हुए राजमिस्त्री के प्रशिक्षण सत्रों को प्राथमिकता दी जाए। प्रशिक्षण शिविर मैदानी स्तर पर आयोजित कर जल्द से जल्द युवाओं को कुशल श्रमिक के रूप में तैयार किया जाए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बैंकिंग क्षेत्र की सामाजिक भागीदारी पर जोर देते हुए कलेक्टर ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में टीबी मरीजों की पहचान की गई है। मरीजों को बेहतर उपचार और निशुल्क एक्सरे तथा नाट जांच की सुविधा दिलाने हेतु उन्होंने बैंकों से सीएसआर मद से सहयोग करने की अपील की। इस पर सभी बैंकों ने श्निक्षय मित्र योजनाश् में भागीदारी की सहमति जताई। आगामी छह माह तक बैंकों द्वारा टीबी मरीजों को 500 रुपए प्रतिमाह की दर से पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक, नाबार्ड प्रतिनिधि सहित जिले के सभी बैंक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।8520/