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EPFO ने बदला नियम एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट लिमिट हुई 5 लाख रुपये, अब इतने घंटे में होगा निपटारा

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श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है. अब 72 घंटों के भीतर फास्ट-ट्रैक वितरण किया जाएगा. मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सदस्य सेवाओं को बढ़ाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण है. इस कदम से लाखों ईपीएफओ सदस्यों को, खासकर तत्काल जरूरत के समय, जल्दी धन प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

ऑटो-सेटलमेंट से इतने एडवांस क्लेम
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2024-25 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से रिकॉर्ड 2.32 करोड़ एडवांस क्लेम को सफलतापूर्वक प्रोसेस कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 161 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

वित्त वर्ष 2023-24 में, ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट के माध्यम से 89.52 लाख एडवांस क्लेम को प्रोसेस किया था. 2024-25 में सभी एडवांस क्लेम में से 59 प्रतिशत का निपटान ऑटो मोड के माध्यम से किया गया.
इस वृद्धि को जारी रखते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले ढाई महीनों में, ईपीएफओ ने पहले ही 76.52 लाख क्लेम का स्वतः निपटान कर दिया है, जो अब तक निपटाए गए सभी एडवांस क्लेम का लगभग 70 प्रतिशत है.

यह वृद्धि ईपीएफओ के स्वचालन पर मजबूत फोकस और अपने सदस्यों को तेज, अधिक कुशल सेवाएं प्रदान करने पर प्रकाश डालती है.

ईपीएफओ ने सदस्यों को त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोरोना महामारी के दौरान एडवांस क्लेम का स्वतः निपटान शुरू किया था. तब से इस सुविधा को बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास उद्देश्यों के लिए एडवांस क्लेम को कवर करने के लिए बढ़ाया गया है. इन क्लेम को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से प्रोसेस किया जाता है, जिससे त्वरित बदलाव और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है.

शाला प्रवेश के साथ ही बच्चों को मिल रहा जाति प्रमाण पत्र

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राज्य सरकार ने जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करने की प्रक्रिया को सरलीकृत किया है जिसकेे तहत् स्कूल और आंगनबाड़ी के बच्चों को आसानी से जाति प्रमाण पत्र मिल सके। विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र सुगमता से उपलब्ध हो जाने से छात्रवृत्ति के अलावा शासन की अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसी जनहितकारी योजना के तहत् स्कूली बच्चों को समय पर आवश्यक दस्तावेज प्रदान कर उनकी शिक्षा यात्रा को सुगम और अधिकारयुक्त बनाने के उद्देश्य से कोरबा कलेक्टर के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा और सामाजिक अधिकारों को मजबूती देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। चालू शैक्षणिक सत्र में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राथमिक शालाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों को शाला प्रवेश के साथ ही जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। कोरबा जिले में अब तक आंगनबाड़ी से शाला में प्रवेश लेने वाले कुल 7,566 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने हेतु एसडीएम द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें बीईओ, सीएचसी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाकर विद्यार्थियों को वितरित किया जा रहा है। अनुविभाग कोरबा में 2930, कटघोरा में 1293, पोड़ी उपरोड़ा में 1696 एवं पाली में 1647 शाला प्रवेशी बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। आगे भी शेष बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

जिला प्रशासन की इस पहल से स्कूली बच्चों एवं उनके पालकों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन के इस पहल की सराहना करते हुए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है। इससे बच्चों को आगे चलकर छात्रवृत्ति, शैक्षणिक सुविधाओं एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

प्रदेश में अब तक 85.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 85.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 237.2 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 23.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 83.6 मि.मी., सूरजपुर में 100.7 मि.मी., बलरामपुर में 222.6 मि.मी., कोरिया में 138.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 87.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 43.6 मि.मी. बलौदाबाजार में 69.6 मि.मी., गरियाबंद में 76.3 मि.मी., महासमुंद में 61.7 मि.मी. और धमतरी में 48.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर में 55.5 मि.मी., मुंगेली में 35.6 मि.मी., रायगढ़ में 130.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 73.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 98.0 मि.मी., सक्ती में 57.7 मि.मी. कोरबा में 83.2 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 88.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। दुर्ग जिले में 45.3 मि.मी., कबीरधाम में 51.6 मि.मी., राजनांदगांव में 28.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 66.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 48.7 मि.मी., बालोद में 55.2 मि.मी. और बस्तर जिले में 100.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 77.1 मि.मी., कांकेर में 98.3 मि.मी., , दंतेवाड़ा में 138.9 मि.मी., सुकमा में 51.8 मि.मी. और बीजापुर में 181.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता है देश की आर्थिक समृद्धि का आधार – खनिज सचिव पी. दयानंद

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सामरिक एवं रणनीतिक महत्व के खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण एवं दोहन के संबंध में राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव एवं खनिज संसाधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से परिपूर्ण एक समृद्ध राज्य है, जहाँ 28 प्रकार के प्रमुख खनिज जैसे—कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बाक्साइट, टिन अयस्क के साथ-साथ लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे सामरिक एवं परमाणु महत्व के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोग्राम ऑन एक्सप्लोरेशन स्ट्रैटेजी तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) के अंतर्गत संचालित प्रयासों को और अधिक गति प्रदान करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा राज्य में रणनीतिक खनिज परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

इस कार्यशाला का आयोजन खनिज संसाधन विभाग तथा छत्तीसगढ़ भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका उद्देश्य भारत की क्रिटिकल मिनरल्स क्षमता के समुचित दोहन हेतु वैज्ञानिक अन्वेषण तकनीकों को प्रोत्साहित करना, प्रस्ताव प्रस्तुतिकरण प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक अन्वेषण नीतियों मंप राज्य की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के श्री रविकांत गुप्ता ने छत्तीसगढ़ की भूवैज्ञानिक विशेषताओं एवं ओजीपी क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड के श्री भुवनेश्वर कुमार ने लीथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट, निकल, टंगस्टन, फॉस्फेट जैसे खनिजों की खोज हेतु आधुनिक भू-भौतिकीय एवं भू-रासायनिक तकनीकों पर आधारित प्रस्तुति दी, जिससे अधिकारियों को नवीनतम विधियों की जानकारी प्राप्त हुई। एनएमईटी से श्री अक्षय वर्मा ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता एवं अनुदान नीतियों की जानकारी साझा करते हुए एनएमईटी के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया और राज्य की अधिक सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर बल

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की खनिज विविधता और गुणवत्ता इसे वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी बना सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खनिज उत्पादन, बाज़ार मांग और भविष्य की संभावनाओं के बीच संतुलन स्थापित कर राज्य खनिज आधारित औद्योगिक विकास का नेतृत्व कर सकता है।

समापन सत्र में राज्य में अब तक किए गए खनिज सर्वेक्षणों, उनके निष्कर्षों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी दक्षता तथा अंतर-विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। भूविज्ञान एवं खनन संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खनिज संसाधन किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का मूल आधार होते हैं। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि पारदर्शी, तकनीकी रूप से सक्षम एवं समयबद्ध प्रक्रियाएं अपनाकर छत्तीसगढ़ न केवल निजी एवं सार्वजनिक निवेश को आकर्षित कर सकता है, बल्कि राष्ट्रीय रणनीतिक खनिज नीति में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सभी प्रतिभागियों ने खनिज आधारित सतत औद्योगिक विकास हेतु संयुक्त प्रयास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर कार्यशाला में आईआईटी धनबाद के प्रो. साहेंद्र सिंह, आईबीएम के श्री प्रेम प्रकाश, संचालक श्री रजत बंसल, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान एवं श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों, अनुसंधान संस्थानों, नीति सलाहकारों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

छत्तीसगढ़ में टेक्नोलॉजी से ट्रांसफॉरमेशन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रहा है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और तकनीकी नवाचारों के बल पर छत्तीसगढ़ डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्रालय से लेकर ग्राम पंचायतों तक डिजिटल तकनीक ने शासकीय कामकाज को आसान एवं प्रभावी बनाया है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से बुजुर्ग पेंशनरों, महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं को नगद आहरण की सुविधा दी जा रही है। विभिन्न योजनाओं की डीबीटी की राशि का ग्राम पंचायतों में ही नगद भुगतान की सुविधा होने से ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक नहीं जाना पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय और संचालनालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को सफलतापूर्वक संचालित करने के बाद अब जिलों में भी ई-ऑफिस का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कार्यालयीन कामकाज में कागजी कार्यवाही को न्यूनतम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इससे कार्यालयीन कामकाज में तेजी आई है एवं प्रक्रिया और पारदर्शी हुई है। इस पहल से फाईलों के निपटारे में अनावश्यक लेटलतीफी दूर हुई है त्वरित निर्णय हो रहे हैं। 10 डिजिटल सेवाओं की शुरुआत से जमीन की रजिस्ट्री आसान और पारदर्शी हो रही है। आधार प्रमाणीकरण से अपाईमेंट लेकर घर बैठे जमीन एवं मकान की रजिस्ट्री कराई जा रही है। रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाती है।

राजस्व प्रशासन को दुरूस्त करने छत्तीसगढ़ के 14 हजार 490 गांवों का जियो रिफ्रेंसिंग का महत्वाकांक्षी कार्य पूरा हो चुका है। इस तकनीक से भूमि संबंधी विवाद दूर होंगे। खरीफ वर्ष 2025-26 में डिजिटल फसल सर्वेक्षण हेतु 14 हजार से अधिक गांवों का चयन किया गया है। ई-कोर्ट के माध्यम से राज्य में राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध एवं त्वरित निराकरण किया जा रहा है। साथ ही, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की रीयल-टाइम निगरानी की जा रही है। शासकीय खरीदी में पारदर्शिता के लिए जेम पोर्टल को अनिवार्य किया गया है, जिससे शासकीय खरीद प्रक्रिया में निष्पक्षता और जवाबदेही बढ़ी है।

प्रदेश के पेंशनरों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाया गया है। पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए डिजीलॉकर के माध्यम से महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे ई-पीपीओ, जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश और पेंशन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से शासकीय कर्मचारियों की सेवा जानकारी को अद्यतन करने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ एआई के क्षेत्र में दुनिया से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित होने से प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इससे आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस आधारित सेवाओं के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगी। छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग तक डिजिटल सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीजीएमएससीएल द्वारा ऐप के माध्यम से राज्य की दवा आपूर्ति श्रृंखला को रीयल-टाइम में ट्रैक किया जा रहा है। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में समय पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर यह ऐप स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रहा है।

खनिज विभाग द्वारा ऑनलाइन ट्रांजिट पास की सुविधा ने खनिजों के परिवहन को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया है। सीएमओ पोर्टल की शुरुआत ने नागरिकों और सरकार के बीच संवाद को और मजबूत किया है। छत्तीसगढ़ सरकार की ये डिजिटल सेवाएं प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के साथ ही नागरिकों के जीवन को भी आसान बना रही हैं। इससे गांवों से लेकर शहरों तक हर वर्ग को डिजिटल क्रांति का लाभ मिल रहा है।

व्यवहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी स्किल्स ही सफलता की कुंजी: वित्त मंत्री श्री चौधरी

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वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने स्कूली बच्चों से शाला प्रवेश उत्सव में संवाद करते हुए कहा कि केवल डिग्री के लिए पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी स्किल्स ही असली सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्र लगातार सीखने के लिए उत्सुक रहते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं। श्री चौधरी आज जिला मुख्यालय रायगढ़ के नटवर इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने नवप्रवेशी बच्चों को पुस्तकें और गणवेश वितरित किए और उन्हें नए शिक्षण सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपनी स्कूली शिक्षा का स्मरण करते हुए बताया कि कैसे एक बार रटकर नहीं, समझकर लिखने की सलाह ने उनके सोचने और अभिव्यक्ति की दिशा बदल दी। यही आदत उनके लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी की मजबूत नींव बनी। उन्होंने कहा कि उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति किस मुकाम तक पहुंच सकता है, एक छोटे से गांव बायंग से निकलकर पहले कलेक्टर और आज प्रदेश के वित्त मंत्री का दायित्व संभालना इसी का प्रमाण है।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना पर जोर दे रही है। हाल ही में गृहमंत्री श्री अमित शाह ने नवा रायपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी है। राज्य में पहले से ही आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, सीपेट, एनआईएफटी और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाएं संचालित हो रही हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि छात्रों के मार्गदर्शन और अध्ययन संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए नालंदा लाइब्रेरी नेटवर्क की स्थापना की जा रही है। रायगढ़ में प्रदेश की सबसे बड़ी नालंदा लाइब्रेरी बनने जा रही है, जहां प्रयास संस्था का संचालन भी किया जा रहा है। उन्होंनेे छात्रों से इन संसाधनों का अधिकतम लाभ लेने और कठिन परिश्रम के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री साय ने भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला को दी शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री साय ने Axiom-4 मिशन की ऐतिहासिक सफलता पर पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समूचे देशवासियों की आकांक्षाओं, विश्वास एवं शुभकामनाओं के साथ शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में पहुंचने वाले प्रथम भारतीय बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करेंगे। यह हम सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण है।

अमेरिका से किसी आक्रामक रुख की उम्मीद नहीं करें, डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को बता दिया अपना इरादा

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इजरायल-ईरान के बीच 12 दिनों तक चले युद्ध का आज अंत हो गया. ईरान और इजरायल के बीच युद्ध की समाप्ति की घोषणा हो गई. ईरान और इजरायल सीजफायर पर सहमत हो गए. डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को इसकी जानकारी दी. डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर वाले ऐलान पर ईरान ने भी मुहर लगा दी है. ईरान ने इजरायल के साथ सीजफायर की घोषणा कर दी है. हालांकि, सीजफायर का ऐलान करने से पहले ईरान ने इजरायल पर खूब मिसाइलें दांगी. इससे पहले ईरान ने अपनी कसम पूरी करने के ल‍िए कतर में अमेर‍िकी एयरबेस पर हमला किया. सीजफायर की घोषणा से पहले ईरान ने 6 मिसाइलें कतर की ओर दागीं, जो अमेर‍िकी आर्मी बेस के ऊपर जाकर खाक हो गईं. डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले दुनिया को सीजफायर की सूचना दी थी.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि इजराइल और ईरान के बीच ‘पूर्ण युद्धविराम’ पर सिद्धांत रूप में सहमति बन गई है, जिससे ’12 डे वॉर’ का अंत होगा. ट्रंप ने लिखा, ‘सभी को बधाई. इजराइल और ईरान के बीच पूरी तरह से सहमति बन गई है कि 6 घंटे के भीतर एक पूर्ण और समग्र युद्धविराम लागू होगा (जब तक दोनों देश अपने अंतिम सैन्य अभियानों को पूरा कर लेंगे). पहले 12 घंटे ईरान युद्धविराम का पालन करेगा, फिर इजराइल. इसके 24 घंटे बाद यह युद्ध समाप्त माना जाएगा.’ ट्रंप ने दोनों देशों की ‘हिम्मत, बुद्धिमत्ता और सहनशक्ति’ की तारीफ करते हुए कहा कि यह युद्ध वर्षों तक चल सकता था और पूरे मध्य पूर्व को तबाह कर सकता था, ‘लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और कभी नहीं होगा!’

ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, आगे अमेरिका की आक्रामक कार्रवाई की उम्मीद नहीं करें
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि वह आगे अमेरिका से आक्रामक सैन्य कार्रवाई की उम्मीद नहीं करें. अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. रविवार को ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर अमेरिका की बमबारी के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि अब युद्ध रोकने और कूटनीतिक वार्ता की ओर लौटने का समय आ गया है. अधिकारी के अनुसार ट्रंप का रुख यह था कि अमेरिका ने ईरान द्वारा उत्पन्न किसी भी आसन्न खतरे को दूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति के इस रुख को समझते हैं कि अमेरिका की इस स्थिति में सैन्य रूप से और अधिक शामिल होने की इच्छा नहीं है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने के बाद ईरान के खिलाफ भीषण हमले को टाल दिया है. नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल ने मंगलवार तड़के ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में एक ईरानी रडार को निशाना बनाया. उसने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ राष्ट्रपति ट्रंप की बातचीत के बाद, इजरायल ने अतिरिक्त हमले नहीं किए.”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल अपने लड़ाकू विमानों को वापस बुलाने जा रहा है और ईरान पर हमला करना बंद कर देगा. उन्होंने कहा कि मंगलवार को उनका युद्धविराम कुछ समय स्थगित रहने के बाद ‘प्रभावी’ हो गया. ट्रंप ने दोनों पक्षों पर युद्ध विराम का पालन करने का दबाव डालते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “इजरायल ईरान पर हमला नहीं करने जा रहा है. सभी विमान वापस लौट जाएंगे. किसी को भी नुकसान नहीं होगा, युद्ध विराम प्रभावी है!” ट्रंप ने कहा कि वह ईरान में शासन परिवर्तन की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वहां अस्थायी युद्ध विराम लागू हो गया है.

इज़रायल और ईरान में जारी जंग को खत्म कराने के लिए डोनाल्ड ट्रंप लगातार कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच, ट्रंप ने इजरायल से कहा, “ईरान पर बम ना गिराएं. अगर ऐसा करते हो तो यह एक बड़ा उल्लंघन है. अपने पायलटों को तुरंत घर ले आओ!” ट्रंप ने ईरान और इजरायल दोनों पर सीजफायर को तोड़ने का आरोप लगाया है.

स्कूल में मध्याह्न भोजन नहीं, घर से टिफिन लाकर बच्चे खा रहे खाना

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छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है लेकिन इन दिनों बच्चों को खुद टिफिन लाना पड़ रहा है. ऐसा ही एक मामला कांकेर से सामने आया है.

कांकेर जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर गांडागौरी में बच्चे टिफिन लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं और वो टिफिन खाने के बाद खुद से धो भी रहे हैं. ऐसा नजारा इसलिए है क्योंकि मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.

नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है. शुरुआत होने के साथ ही आंदोलन का दौर भी चालू है. एक तरफ जहां स्कूल के सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हैं. वही दूसरी ओर स्कूलों में मध्यान भोजन बनाने वाले रसोइए भी हड़ताल पर चले गए हैं. लिहाजा स्कूलों में मध्याहन भोजन नही बना रहा है.स्कूली बच्चे रोजना अपने घरों से टिफिन लेकर पहुंच रहे हैं.

ग्रामीण इलाकों में खेती किसानी का दौर चल रहा है. ऐसे में स्कूलों में मध्यान भोजन नही बनने से पालक भी परेशान हो रहे हैं.

रसोइयों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने से बच्चो को टिफिन देकर स्कूल भेजना पड़ रहा है. पालकों का कहना है कि कभी कभी जरूरी काम से बाहर जाने और भोजन नही बनने के कारण बच्चो को टिफिन देना मुश्किल हो जाता है. बच्चे भूखे पेट रहने को मजबूर हो जाते हैं. ऐसे में पालकों का कहना है कि शासन को रसोइयों की अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता निकाल कर बच्चो को मध्यान भोजन दिया जाए.

अब रेल यात्रा भी काटेगी अपकी जेब, 1 जुलाई से महंगी हो सकती है टिकटें

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रेल मंत्री का कहना है कि भारतीय रेलवे न केवल किफायती किराए पर यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रही है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में रेल किराया पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में कम है, जबकि पश्चिमी देशों में यह भारत की तुलना में 10 से 20 गुना अधिक है.

जल्द ही रेल यात्रियों को झटका लगने वाला है. 1 जुलाई 2025 से भारतीय रेलवे नया किराया लागू करने जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकल ट्रेनों के किराए में कोई बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी. इसके अलावा मंथली पास पर भी इसका कोई असर नहीं होगा. लेकिन लंबी दूरी और एसी ट्रेनों के लिए आपको अपनी जेब ढ़ीली करनी पड़ सकती है. पिछले पांच वर्षों से रेल टिकट की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था. ऐसे में ये एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

ऐसे समझिए कैसे पड़ेगा जेब पर असर
इंडियन रेलवे ने नॉन-एसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में प्रति किलोमीटर एक पैसे की बढ़ोतरी करेगी. जबकि एसी क्लास यानी AC 2-tier, AC 3-tier के लिए प्रति किमी 2 पैसे की बढ़ोतरी की जाएगी.

नए नियमों के अनुसार अगर आप 500 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं, तो नॉन-एसी में 5 रुपये और एसी में 10 रुपये ज्यादा देने पड़ सकते हैं. जबकि 1000 किमी के सफर पर AC में 20 रुपए और नॉन AC में 10 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ेंगे.
रेलवे ने यह बदलाव यात्रियों पर कम से कम असर डालते हुए सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया है. छोटी दूरी की यात्रा करने वाले ज्यादातर यात्रियों को पहले जैसा ही किराया देना होगा. सभी ट्रेनों पर ये बढ़ोतरी लागू नहीं होगी. सेकेंड क्लास में 500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है मासिक सीजन टिकट (MST) पुराने दरों पर ही मिलेगा. रेल मंत्री पहले कह चुके हैं कि भारतीय रेलवे न केवल किफायती किराए पर यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रही है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में रेल किराया पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में कम है, जबकि पश्चिमी देशों में यह भारत की तुलना में 10 से 20 गुना अधिक है.

तत्काल टिकट के नियमों भी में बदलाव
कुछ दिनों पहले ही खबर आयी थी कि अब तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा, तत्काल टिकट बुक करते समय आधार से OTP वेरिफिकेशन करना होगा. रेल मंत्रालय की ओर से इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. जिसमें कहा गया है कि ऑनलाइन टिकट के लिए आधार प्रमाणीकरण द्वारा तत्काल टिकट बुकिंग 1 जुलाई से शुरू होगी. वहीं ऑफलाइन यानी काउंटर से टिकट बुकिंग के लिए आधार प्रमाणीकरण द्वारा तत्काल टिकट बुकिंग 15 जुलाई से शुरू होगी.