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बीजापुर में सुरक्षाबलों ने नाकाम किया नक्सलियों द्वारा प्लांटेड सीरियल IED ब्लास्ट

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नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों द्वारा प्लांट किए एक सीरियल आईईडी ब्लास्ट को नाकाम कर दिया. नक्सलियो ने सीरियल आईईडी के जरिए सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाबलों के सूझबूझ से एक बड़े नुकसान टल गया. इलाके में आईईडी बम सूचना के बाद मौके पर बीडीएस टीम को रवाना कर दिया गया है.

नक्सलियों ने जिले के पेद्दाकोरमा और मुनगा मार्ग पर बड़ा विस्फोट करने के लिए सीरियल IED विस्फोटक बिछाया था. सूचना के बाद सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षाबलों ने बम को निष्क्रिय करने के लिए सूचना बीडीएस टीम को भेज दिया है और लोगों की आवाजाही रोक दी गई है.

बम प्लांट करने की सूचना पर मौके पर भेजी गई BDS की टीम
बीजापुर एसपी ने बताया कि पेद्दाकोरमा और मुनगा मार्ग पर सीरियल आईईडी बम प्लांट होने की सूचना के बाद बम को निश्क्रिय करने के लिए बीडीएस टीम को सूचना भेज दी गई है. उन्होंने बताया कि मौके पर सतर्कता बरतने के निर्देश गए हैं और बम बरामद कर निष्क्रिय करने तक इलाके में आवाजाही रोक दी गई है.

लोगों से पेद्दाकोरमा और मुनगा मार्ग पर नहीं जाने की गई अपील
बीजापुर एसपी ने बताया कि प्लांटेड सीरियल आईईडी बम को निष्क्रिय किए जाने तक बीजापुर पुलिस द्वारा ग्रामीण और कर्मचारियों समेत अन्य लोगों से पेद्दाकोरमा और मुनगा मार्ग पर नहीं जाने की अपील की गई है. नक्सलियों द्वारा बिछाए गए सीरियल आईईडी बम को निष्क्रिय किए जाने के बाद दोबारा मार्ग को चालू किया जाएगा.

पेद्दाकोरमा और मुनगा मार्ग पर सीरियल IED बम प्लांट होने की सूचना के बाद बम को निश्क्रिय करने के लिए बीडीएस टीम को सूचना भेज दी गई है. उन्होंने बताया कि मौके पर सतर्कता बरतने के निर्देश गए हैं और बम बरामद कर निष्क्रिय करने तक इलाके में आवाजाही रोक दी गई है.
17 जून को पेद्दाकोरमा में 3 ग्रामीणों की गला घोंटकर की थी हत्या
गौरतलब है अभी हाल में इसी इलाके में नक्सलियों ने दो छात्र समेत तीन लोगों की हत्या कर दी थी. नक्सलियों ने गत 17 जून को पेद्दाकोरमा में तीन ग्रामीणों की रस्सी से गला घोंट कर निर्ममता से हत्या कर दी. मारे गए तीन ग्रामीणों में दो छात्र थे. इनमें एक छात्र की उम्र महज 13 साल थी. पूरे गांव में कोई भी इस विषय पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था.

तेल महँगा हो सकता है ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद करने का फैसला ल‍िया इसे भारत भी प्रभावित होगा

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अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया है. इसके बाद मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं. इस बीच ईरान ने बड़ा ऐलान किया है. ईरान की संसद ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मूज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मूज) को बंद करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है. इस फैसले के बाद बाकी देशों में तेल की कीमतें बढ़नी तय है.
यह वही रास्ता है जिससे होकर दुनिया का लगभग एक तिहाई समुद्री तेल व्यापार गुजरता है. यह फैसला रविवार को ईरान की सरकारी प्रेस टीवी द्वारा रिपोर्ट किया गया. इसके बाद वैश्विक तेल बाजारों और सामरिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मूज’ का महत्व?
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है. साथ ही यह दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील तेल मार्गों में से एक है. सऊदी अरब, कुवैत, इराक, यूएई और कतर जैसे देशों का अधिकांश तेल निर्यात इसी मार्ग से होता है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मूज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. यह रास्ता करीब 96 मील लंबा है और सबसे तंग जगह पर इसकी चौड़ाई सिर्फ 21 मील है. इस जलमार्ग में दोनों तरफ से आवाजाही के लिए सिर्फ दो-दो मील की शिपिंग लेन बनी हुई हैं, जिन्हें ईरान कभी भी बंद कर सकता है. इसे बंद करने के फैसले के बाद अब यह तय है कि कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, क्योंकि जहाजों की आवाजाही में दिक्कतें आएंगी और ट्रांसपोर्ट का खर्च कई गुना बढ़ जाएगा.

आखिरी फैसला सुरक्षा परिषद का: जनरल कोवसरी
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य मेजर जनरल कोवसरी ने राज्य मीडिया से बातचीत में कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद करने के पक्ष में सर्वसम्मति बनी है लेकिन अंतिम निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद लेगी. ” बता दें कि यह परिषद देश की सबसे ऊंची सुरक्षा संस्था है और अंतिम सैन्य व कूटनीतिक फैसले इसी के जरिए लिए जाते हैं.

अमेरिका-ईरान टकराव अब आर्थिक जंग की ओर?
स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को बंद करना न केवल एक भौगोलिक कार्रवाई है बल्कि यह अमेरिका और पश्चिम के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकता है. इस कदम से तेल की सप्लाई, समुद्री व्यापार और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है. भारत जैसे देश जो अपना ज्यादा तेल पश्चिम एशिया से मंगाते हैं उन्हें भी मुश्किल हो सकती है.

पहलगाम हमले के आतंकियों को पनाह देने वाला 2 आरोपी पकड़ा गया

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान से आए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों को पनाह देने में शामिल थे. आतंकी हमले से पहले इन आतंकियों को पूरी योजना के साथ पनाह दी गई थी. हमला धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया था, जिससे यह हमला और भी निर्मम और दर्दनाक माना जा रहा है.

गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम परवेज़ अहमद जोठर (बाटकोट, पहलगाम) और बशीर अहमद जोठर (हिल पार्क, पहलगाम) हैं. एनआईए की जांच में सामने आया है कि इन दोनों ने तीन हथियारबंद आतंकियों को हमला करने से पहले अपने इलाके में एक अस्थायी झोपड़ी (ढोक) में ठहराया, खाना खिलाया और जरूरी सामान मुहैया कराया.

बताते चलें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या करने वाले चार आतंकी अब तक सुरक्षाबलों की पकड़ से बाहर हैं. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, और भारत ने जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. फिर भी, मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी ने कई सवाल खड़े किए हैं. सुरक्षाबल किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, और इस हमले के बाद अब तक क्या हुआ, आइए जानते हैं.

पहलगाम हमले का घटनाक्रम
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की. हमलावरों ने धर्म पूछकर हिंदुओं को निशाना बनाया, जिसमें 26 लोग मारे गए और 17 घायल हुए. हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा और द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली. भारत ने तुरंत इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद करार दिया.

23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़कर दिल्ली में सुरक्षा समीक्षा बैठक की. कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) ने पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई का फैसला किया. 24 अप्रैल को पीएम मोदी ने बिहार के मधुबनी में कहा कि हमलावरों को “कल्पना से परे सजा” दी जाएगी.

गिरफ्तारी में देरी के क्या हैं कारण
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 27 अप्रैल को मामले की जांच अपने हाथ में ली, लेकिन दो महीने बाद भी चार मुख्य आतंकी फरार हैं.

सुरक्षाबलों के सामने हैं कई चुनौतियां
पहलगाम का पहाड़ी इलाका और घने जंगल आतंकियों के छिपने के लिए अनुकूल हैं. खुफिया जानकारी की कमी के कारण भी हमलवार अब तक बच रहे हैं. माना जाता है कि हमलावर पीओके में छिपे हो सकते हैं, जहां पाकिस्तानी सेना की मौन सहमति से उन्हें संरक्षण मिल रहा है. लश्कर और TRF का स्थानीय समर्थन और स्लीपर सेल नेटवर्क जांच को जटिल बना रहा है.

अब रेयर ब्लड डोनर की तलाश होगी आसान, ICMR ने शुरू की पहली राष्ट्रीय दुर्लभ रक्तदाता रजिस्ट्री

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अब आपातकालीन स्थिति में रेयर ब्लड ग्रुप वाले डोनर की खोज में मुश्किल नहीं होगी और वो बहुत आसानी से मिल जाएगा. दरअसल, केंद्र सरकार ने रक्तदान और रक्त उपलब्धता की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय पोर्टल ई-रक्तकोष में अब दुर्लभ रक्त समूहों (Rare Blood Group) का दाता रजिस्ट्रेशन शामिल करना शुरू कर दिया है. इस पहल से उन मरीजों को राहत मिलेगी जिन्हें सबसे ज्यादा दुर्लभ रक्त प्रकारों जैसे बॉम्बे फेनोटाइप या बॉम्बे ब्लड ग्रुप की जरुरत होती है.

सीआरएमसीएच की निदेशक डॉ. मनीषा मडकाइकर ने एनडीटीवी को बताया कि देश में चार हजार से अधिक ब्लड बैंक हैं, लेकिन वे सिर्फ एबीओ और आरएचडी रक्त समूहों की ही जांच करते हैं. दुर्लभ रक्त समूहों की पहचान और उपलब्धता अक्सर बहुत मुश्किल होती है. उन्होंने बताया कि दुर्लभ रक्त ऐसे रक्त समूह होते हैं जो एक हजार में से सिर्फ एक व्यक्ति में पाए जाते हैं. बिना राष्ट्रीय रजिस्ट्री के, ऐसे रक्त की तलाश में समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है. हालांकि अब एकीकृत प्रणाली से रक्त की उपलब्धता का केंद्रीय ट्रैकिंग संभव होगा और संवेदनशील मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकेगा.

समय रहते मिलेगा दुर्लभ रक्त वाला दाता
डॉ. मनीषा मडकाइकर ने कहा कि जब किसी गंभीर मरीज को इस तरह का ब्लड चाहिए होता है तो अस्पतालों को राज्य या फिर देश भर में तलाश करनी पड़ती है. यह न सिर्फ काफी समय लेने वाली तलाश होती है बल्कि कई बार मरीज के जीवन के लिए जोखिम भी बढ़ने लगता है. उन्होंने कहा कि ई-रक्तकोष के साथ दुर्लभ रक्तदाता रजिस्ट्री का एकीकरण भारत के रक्त संक्रमण तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. इससे मरीजों, अस्पतालों और डॉक्टरों को समय पर दुर्लभ रक्त समूह मिल सकेगा और कई जिंदगियों को बचाया जा सकेगा.

पहली बार शुरू हुईं ऐसी पहल
दरअसल, अभी तक देश में दुर्लभ रक्त की तलाश को लेकर कोई भी राष्ट्रीय रजिस्ट्री नहीं थी जहां इन विशेष रक्त समूहों वाले दाताओं की जानकारी एक जगह हो. जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सेंटर फॉर रिसर्च इन मेडिकली कंप्लीकेटेड हीमोग्लोबिन पैथी (CRMCH) ने देश की पहली राष्ट्रीय दुर्लभ रक्तदाता रजिस्ट्री ( National Rare Blood Donor Registry) बनाई है. इसमें उन रक्तदाताओं (Blood Donors) का डाटा है जिनके रक्त समूह बेहद दुर्लभ हैं जैसे थैलेसीमिया, सिकल सेल रोग, या विशेष एंटीजन की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए. अब इस रजिस्ट्री को ई-रक्तकोष से जोड़ने का प्रस्ताव है, ताकि देशभर के रक्त बैंक इस डाटाबेस का हिस्सा बन सकें और जरूरतमंद मरीजों को तेजी से सहायता मिल सके

मुंबई में महिला पायलट से उबर कैब में छेड़छाड़, ड्राइवर समेत तीन पर केस दर्ज, दो आरोपी फरार

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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है. एक 28 वर्षीय महिला पायलट के साथ कैब में सफर के दौरान छेड़छाड़ की गई. पुलिस ने उबर कैब ड्राइवर समेत तीन लोगों पर यौन उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है. घटना गुरुवार रात की है जब महिला दक्षिण मुंबई से घाटकोपर स्थित अपने घर लौट रही थीं.

क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपने नौसेना अफसर पति से मिलने के बाद रात फोर्ट से उबर कैब में सवार हुई थीं. उनका पति फिलहाल नेवी के एक आवासीय परिसर में रह रहे हैं, जबकि महिला घाटकोपर में अकेली रहती हैं.

कैब में कुछ समय बाद, ड्राइवर ने तय रूट से गाड़ी मोड़ दी और रास्ते में दो अज्ञात पुरुषों को कैब में बैठा लिया. इनमें से एक व्यक्ति महिला के पास पीछे बैठ गया और उसके साथ अश्लील हरकत की, उसका हाथ मरोड़ा और जांघ पर हाथ रखा. जब महिला ने विरोध किया और चिल्लाई, तो दूसरे व्यक्ति ने उसे धमकाया.

ड्राइवर ने महिला की नहीं की मदद
घटना के दौरान कैब ड्राइवर ने न तो कोई विरोध किया, न ही दोनों अजनबियों को रोकने की कोशिश की. महिला के मुताबिक, करीब 25 मिनट की यात्रा के बाद यह सब हुआ. थोड़ी ही देर में कैब एक पुलिस नाके के पास से गुज़री, जिसे देखकर दोनों आरोपी कैब से उतरकर फरार हो गए. ड्राइवर महिला को चुपचाप उसके घर छोड़ गया.

पुलिस ने शुरू की जांच
अगली सुबह पीड़िता ने अपने पति को पूरी घटना बताई, जिसके बाद दोनों ने जाकर घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उबर कैब ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है. दो अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है.

तीनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा
75(1) – यौन उत्पीड़न
351(2) – आपराधिक धमकी
3(5) – साझा इरादा के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ऐप-बेस्ड कैब सर्विसेस की सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल खड़े होने लगे है. कैसे एक ड्राइवर रास्ता बदलकर दो अनजान लोगों को कैब में बैठा सकता है? क्या राइड ट्रैकिंग, रूट डेविएशन अलर्ट जैसी सुविधाएं पर्याप्त हैं? और सबसे अहम, क्या ऐप कंपनियां महिला यात्रियों की सुरक्षा को गंभीरता से लेती हैं?

कंपनी की तरफ से नहीं आया है कोई बयान
मुंबई पुलिस ने कहा है कि मामला गंभीर है और जांच तेज़ कर दी गई है. सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है. Uber की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन आमतौर पर ऐसे मामलों में कंपनी ड्राइवर को प्लेटफॉर्म से प्रतिबंधित कर देती है और पुलिस जांच में सहयोग का दावा करती है.

इंग्लैंड से दिल्‍ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में बम की धमकी, साऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग

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अहमदाबाद विमान हादसे के बाद से ही एयर इंडिया के लिए कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. हादसे में बड़ी संख्‍या में लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद एयर इंडिया के विमानों में खराबी के कई वीडियो सामने आए थे और लगातार एयर इंडिया के विमानों के कैंसिल होने की खबरें आ रही थीं. एयर इंडिया इससे उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि शनिवार को विमान में बम होने की धमकी ने एक बार फिर एयरलाइंस को चिंता में डाल दिया. इंग्‍लैंड के बर्मिंघम से दिल्ली आ रहे विमान में बम होने की धमकी मिली. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के रियाद में उतारा गया और सुरक्षा जांच की गई.

जानकारी के मुताबिक, 21 जून को एयर इंडिया की बर्मिंघम से दिल्ली जा रही फ्लाइट को बम की धमकी मिली. इसके बाद विमान को रियाद की ओर डायवर्ट कर दिया गया. रियाद में विमान से सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतारा गया और सुरक्षा जांच पूरी की गई. विमान के यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्‍यवस्‍था भी की गई

एयर इंडिया ने क्‍या कहा?
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि इस अप्रत्याशित व्यवधान के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है. यात्रियों को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.

एयर इंडिया से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट के टॉयलेट के पास एक कागज मिला था जिसमें बम की धमकी दी गईं थी. एयरलाइंस का यह विमान बोईंग ड्रीमलाइनर 787-8 है.

इंडिगो के विमान में तकनीकी खराबी
उधर, इंडिगो का विमान 6E146 आज तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका. विमान को चंडीगढ़ से लखनऊ जाना था और विमान में कुल 177 यात्री सवार थे, जिन्हें तकनीकी खराबी के बाद उतार दिया गया.

इंडिगो से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विमान के उड़ान भरने से पहले जरूरी जांच के दौरान पायलट को खराबी का एहसास हुआ. पायलट ने तुरंत इसकी जानकारी संबधित विभाग को दी, जिसके बाद विमान को कैंसिल कर दिया गया.

विमान रद्द होने के बाद यात्रियों को रिफ्रेशमेंट के साथ वैकल्पिक विमान की सुविधा पेश की गई. साथ ही कई यात्रियों को पैसे वापस देने की बात भी कही गई.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर किया स्वागत

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर आज स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री कश्यप, विधायक धर्मलाल कौशिक, किरण देव, अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, गुरु खुशवंत साहेब , मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह उपस्थित थे।

जब उम्मीद की डोर थमने लगी… मुख्यमंत्री बने संबल: मुख्यमंत्री की मदद बनी शालू के सपनों की सीढ़ी

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छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।

शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी।

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा “बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल

मुख्यमंत्री साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ में आबकारी कांस्टेबल की भर्ती, कब है आखिरी डेट, यहां जानें आवेदन शुल्क से परीक्षा पैटर्न तक

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छत्तीसगढ़ व्यापम में नौकरी पाने का सुनहरा मौका है, क्योंकि सीजी व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में आरक्षक (CG Excise Constable recruitment 2025) के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 27 जून, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ में आबकारी कांस्टेबल के पदों पर भर्ती, जानें कब करें आवेदन
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में कांस्टेबल के पदों पर भर्ती निकली हुई है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 जून, 2025 से शुरू हो गई है. वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख 27 जून शाम 5 बजे तक है. ऐसे में इच्छुक और योग अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

आबकारी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा कब? (Chhattisgarh Constable Recruitment Exam Date)
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में कांस्टेबल की पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा 27 जुलाई, 2025 कोआयोजित की जाएगी.

कितने पदों पर होगी आबकारी कांस्टेबल की भर्ती (Chhattisgarh Constable Vacancy 2025)
आबकारी कांस्टेबल- 200 पद

पदों का विवरण
सामान्य वर्ग- 84 पद
अनुसूचित जाति (SC)- 24 पद
अनुसूचित जनजाति (ST)- 64 पद
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)- 28 पद.

आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए क्या है योग्यता?
योग्यता- आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है.

आयु सीमा- अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष (1 जनवरी 2025 तक) होनी चाहिए.

वहीं अभ्यर्थी की अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 30 वर्ष है. छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को अधिकतम आयु में 5 वर्ष की छूट मिलेगी. जबकि आयु सीमा 35 वर्ष होगी. अन्य आरक्षित वर्गों को भी नियमानुसार छूट दी जाएगी.

आवेदन शुल्क- सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 350 रुपये, जबकि ओबीसी वर्ग के लिए 250 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 200 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा. अभ्यर्थी द्वारा शुल्क ऑनलाइन भुगतान करना होगा.

बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा. परीक्षा शुल्क उसी बैंक खाता में वापस किया जाएगा.

चयन प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) के आधार पर होगा.

आबकारी कांस्टेबल भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में कांस्टेबल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा होगी. परीक्षा अवधि 2 घंटे की होगी.परीक्षा 100 अंकों की होगी, जिसमें कुल 100 MCQ प्रश्न होंगे. प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक दिए जाएंगे.

मुठभेड़ में नक्सलियों के साथ मारा गया था स्कूल का रसोइया भी, जानें पुलिस का क्या है दावा ?

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक रसोइया भी मारा गया है. मारा गया रसोइया एक सरकारी स्कूल में काम कर रहा था. इस बात का जैसे ही खुलासा हुआ पुलिस ने भी सफाई पेश कर दी है. पुलिस अफसरों ने दावा करते हुए कहा कि मारा गया रसोइया नक्सली ही था. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?

बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में हालही में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें पुलिस ने सात नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे. बरामद शवों में दो शीर्ष माओवादी नेताओं गौतम उर्फ सुधाकर ,भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और भास्कर राव , भाकपा ( माओवादी ) स्टेट कमिटी सदस्य शामिल हैं.

बरामद अन्य शवों में से एक की पहचान महेश कोडियम के रूप में की गई थी. जो बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के इरपागुट्टा गांव का निवासी था. पुलिस अफसरों का कहना है कि मृत महेश कोडियम के शव का पंचनामा किए जाने के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वह नेशनल पार्क क्षेत्र डिवीजन के अंतर्गत प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का पार्टी सदस्य था और उसकी संलिप्तता इस अवैध संगठन से थी.

यह भी सामने आया है कि महेश कोडियम इरपागुट्टा गांव के प्राथमिक विद्यालय में रसोई सहायक के रूप में काम कर रहा था. उसका चयन गांव की विद्यालय प्रबंधन समिति ने किया था और मार्च 2025 तक उसे भुगतान किया जा रहा था.

पुलिस अफसरों का ये भी कहना है कि अभी जांच का विषय है कि महेश कोडियम किन परिस्थितियों में केंद्रीय समिति सदस्य गौतम, राज्य समिति सदस्य भास्कर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के संपर्क में आया था. इस पूरे मामले की हर पहलू से गंभीर, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच की जा रही है.