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3 दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव 6 जून से, 200 से अधिक किस्मों और 56 व्यंजनों से रूबरू होंगे प्रदेशवासी

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आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है।

कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में 6 से 8 जून तक तीन दिवसीय फलों के राजा आम के राष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी और प्रक्षेत्र वानिकी और प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 200 से अधिक किस्मों और आम से बने 56 व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित है।
आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निशुल्क है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं। प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं।
तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन

द्वितीय दिवस 7 जून को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी।

तृतीय दिवस 8 जून को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यामियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं समान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा।
आयोजन के प्रथम दिवस 6 जून को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन शाम 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद और आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे।

देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में नगर पालिक निगम राजनांदगांव के टाऊन हाल में फोटो प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

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जनसंपर्क विभाग द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के ब्रोशर एवं जनमन पत्रिका का किया गया नि:शुल्क वितरण

राजनांदगांव 28 मई 2025। देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में नगर पालिक निगम राजनांदगांव के टाऊन हाल में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पित, भारतीय संस्कृति और वीरता की प्रतिमान, सशक्त भारतीय नारी का पर्याय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के ब्रोशर का वितरण किया गया। इस अवसर पर फोटो प्रदर्शनी में देवी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत, प्रशासनिक कुशलता, सामाजिक सुधारों, सड़क व जल व्यवस्था, न्यायप्रियता, धार्मिक सहिष्णुता, महिला सशक्तिकरण के लिए उनके योगदान को फोटो प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया था। इस दौरान जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित जनमन पत्रिका का नि:शुल्क वितरण किया गया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि जनमन पत्रिका में बजट के संबंध में जानकारी दी गई है। वहीं देश का पावर हब बनने को तैयार छत्तीसगढ़, संस्कारों की धरती साहित्य की नगरी यह है राजनांदगांव, हमर कलेवा, कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, युनेस्को की वल्र्ड हेरिटेज में शामिल, छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा, दुनिया ने देखी बस्तर की कला सहित विभिन्न प्रमाणिक जानकारी एवं आलेखों का संग्रह है। वहीं सुशासन तिहार मोर दुआर साय सरकार ब्रोशर में युवाओं का कल्याण, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, नियद नेल्लानार योजना, पंजीयन विभाग की 10 नई क्रांति, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सुविधा योजना, श्री राम लला आयोध्या धाम दर्शन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में वृद्धि, कृषक उन्नति योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के संबंध में जानकारी दी गई है।
क्रमांक 211

लिवर डिटॉक्स करने के लिए ये अपनाएं आसान तरीके, शरीर में नहीं होगी कोई बीमारी

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फाइबर से भरपूर फूड प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें. साबुत अनाज, फलियां, फल और सब्जियां आदि डाइजेशन सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करती हैं.

सुबह आंख खुलने के बाद दिन शुरुआत नींबू पानी से करें. इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधे नींबू को निचोड़ कर सेवन करें. नींबू में विटामिन सी होता है, जो लिवर फंक्शन को सपोर्ट करने के सा​थ डिटाॅक्स करने में मदद करता है.

फाबर​ रिच फूड्स डाइट में करें शामिल

फाइबर से भरपूर फूड प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें. साबुत अनाज, फलियां, फल और सब्जियां आदि डाइजेशन सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करती हैं, जिससे लिवर पर दबाव कम पड़ता है. पालक, फूलगोभी और अन्य हरी सब्जियां लिवर को नैचुरली डिटॉक्स करने में मदद करती हैं.

कच्चे फल-स​ब्जियां भी कारगर

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार डाइट में कम से कम 40 परसेंट कच्चे फल और स​ब्जियां शामिल करना सेहत के लिए अच्छा होता है. क्योंकि कच्चे फूड प्रोडक्ट एंजाइम से भरपूर होते हैं, जो डाइजेशन में सहायता करते हैं. लिवर के डिटाॅक्स करने की क्षमता बढ़ाते हैं. वेजिटेबिल्स जूस जैसे गाजर, चुकंदर और पालक या व्हीटग्रास का एक गिलास जूस लिवर को साफ करने में बहुत कारगर साबित हो सकते हैं.

रोज इस तरह पिएं पानी

पानी बाॅडी को हाईड्रेट रखता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हर दिन कम से कम छह से आठ गिलास पानी पीएं. इसके अलावा दो से तीन गिलास गर्म पानी पिएं. ये पानी न सिर्फ लीवर और किडनी को डिटाॅक्स करने में मदद करेगा, ​ब​ल्कि वजन घटाने में भी सहायक होगा.

प्रोसेस्ड फूड और शराब का सेवन कम करें

प्रोसेस्ड फूड और शराब का अ​धिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ये बाॅडी में टाॅ​क्सिक बनाने में मदद करते हैं, जिससे ​लिवर पर अधिक दबाव पड़ता है.

रिफाइंड और चीनी का यूज सीमित करें

लीवर को हेल्दी रखने के लिए रिफाइंड चीनी और मैदा के अ​धिक सेवन से बचें. दोनों ही तत्व लीवर को बहुत ज्यादा मेहनत करवाते हैं, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया की वृद्धि होती है. अंकुरित दालें, मूंग, काला चना, हरा चना आदि लीवर की सफाई करने वाले गुणों को बढ़ाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अच्छे लिवर फंक्शन के लिए सैचुरेटेड फैट वाले प्रोडक्ट जैसे दूध, मटन, पोर्क, बीफ, चिकन आ​दि से बचना चाहिए.

बाॅडी को ए​क्टिव रखें

अपने शरीर को ए​क्टिव रखें. इसके लिए एक्सरसाइज या किसी गेम्स जैसे स्विमिंग, बैडमिंटन आदि का सहारा ले सकते हैं. इससे शरीर में डाजेशन सिस्टम के साथ लिवर फंक्शन भी इंप्रूव होता है.

लिवर एक ऐसा ऑर्गन है, जो ब्रेन और हार्ट की तरह ही शरीर के लिए इंपोर्टेंस रखता है. लेकिन आजकल ये ऑर्गन हमारे शरीर में संघर्ष कर रहा है. कई बार लक्षण सामने आ जाते हैं तो काफी बार बहुत देर हो चुकी होती है. इसके लिए कारण कई हो सकते हैं, बिगड़ी लाइफस्टाइल से लेकर अनदेखी तक को वजह माना जा सकता है. लेकिन इस सब के बीच सवाल उठता है कि आ​खिर हम लिवर को हेल्दी कैसे रख सकते हैं. हम आपको कुछ ऐसे ही आसान उपायों के बारे में बताते हैं जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर लिवर को आसानी से डिटाॅक्स किया जा सकता है…

छत्तीसगढ़ में कोरोना को लेकर राहतभरी खबर; तीन दिन में ठीक हुआ पहला संक्रमित, लक्षण गंभीर नहीं, मगर सावधानी जरूरी

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कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश में फैली चिंता के बीच एक सुकून देने वाली खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ का पहला पॉजिटिव मरीज महज तीन दिन में ही पूरी तरह स्वस्थ हो गया है। चिकित्सकों के मुताबिक, मरीज को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। फिलहाल प्रदेश में केवल तीन एक्टिव केस रह गए हैं, जिनमें से कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है।

इन एक्टिव मामलों में दो मरीज रायपुर और एक दुर्ग का है। सभी में सर्दी, खांसी और हल्के बुखार जैसे सामान्य लक्षण पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में किसी की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संक्रमण स्थानीय स्तर पर ही फैला है।

1 वैरिएंट की चर्चा, लेकिन प्रदेश में स्थिति स्पष्ट नहीं

कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन-1 की पुष्टि हुई है, जिसने वहां संक्रमण दर को तेज़ी से बढ़ाया है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यहां पाए जा रहे मामले किस वैरिएंट से संबंधित हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तैयारी के दावे किए हैं।

सामान्य लक्षण, मरीज एहतियातन आइसोलेट

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के अनुसार, रायपुर में पॉजिटिव पाए गए दोनों मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं थे। पहले मरीज को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी और वह निजी अस्पताल में भर्ती हुआ था। इसके बाद अवंति विहार निवासी एक महिला भी संक्रमित पाई गई, लेकिन उसकी स्थिति भी सामान्य है। दोनों ही मरीजों को एहतियातन आइसोलेशन में रखा गया है।

बदलते मौसम का असर

डॉ. चौधरी का कहना है कि मौसम में आई नमी और ठंडक की वजह से सर्दी-खांसी जैसे लक्षणों के साथ कुछ कोरोना मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

जबलपुर से गुजरने वाली 16 ट्रेनें हुईं रद्द, दो के मार्ग बदले, देखें सूची

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अगर आप अगले कुछ दिनों में ट्रेन से सफर करने वाले है तो तो यह खबर आपके लिए है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आगामी कुछ दिनों में जबलपुर रेल मंडल से गुजरने वाली करीब 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। साथ ही दो ट्रेन ऐसे है जिनके रुट में परिवर्तन किया गया है। बता दें कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में झलवारा रेलवे स्टेशन पर प्री एनआइ व एनआइ कमीशनिंग का काम हो रहा है, जिस वजह से यह फैसला लिया गया है।

अगर आप अगले कुछ दिनों में ट्रेन से सफर करने वाले है तो तो यह खबर आपके लिए है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आगामी कुछ दिनों में जबलपुर रेल मंडल से गुजरने वाली करीब 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। साथ ही दो ट्रेन ऐसे है जिनके रुट में परिवर्तन किया गया है। बता दें कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में झलवारा रेलवे स्टेशन पर प्री एनआइ व एनआइ कमीशनिंग का काम हो रहा है, जिस वजह से यह फैसला लिया गया है।

कौन-कौन सी ट्रेन हुई रद्द ?

रद्द और मार्ग परिवर्तित होने वाली ट्रेनों की सूची में अंबिकापुर एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस, रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस, चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस, कटनी-चिरमिरी एक्सप्रेस, चिरमिरी-कटनी एक्सप्रेस, लखनऊ-रायपुर गरीबरथ एक्सप्रेस, 22867 दुर्ग-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, 22868 निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस, 18213 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस, 18214 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस, 18205 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस और 18206 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस को रद किया गया है।

वाहनों में होगी BS7 की एंट्री, क्या बंद हो जाएंगी डीजल गाड़ियां? जानें पूरा मामला

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इस समय देश में मौजूदा सभी नई गाड़ियां BS6 बेस्ड हैं, और यह इसलिए लागू किया गया है ताकि प्रदूषण पर काफी हद तक रोक लगाई जा सके। लेकिन अब सरकार आगे की सोच रही है और आने वाले समय में वाहनों में BS7 नॉर्म्स लागू होगा, फिलहाल इस पर तेजी से काम चल रहा है। अब सवाल ये आता है कि BS7 आने से वाहनों पर क्या फर्क और प्रदूषण पर कितनी रोक लगेगी?  और अब क्यों जरूरी है BS7 वाहनों के लिए? आइये जानते इस रिपोर्ट में ..

BS7 नॉर्म्स को भारत स्टेज-7 के नाम से भी जानते हैं। वाहनों में 2026-27 से लागू हो सकते हैं। BS7 के लिए कार कंपनियों को मौजूदा डीजल इंजनों को पेट्रोल इंजनों के जैसा एकदम क्लीन बनाना होगा। इसके लिए गाड़ियों Selective Catalytic Reduction (SCR), Diesel Particulate Filter (DPF) और AdBlue डोजिंग डिवाइस लगाने होंगे, लेकिन इनकी कीमत ज्यादा रहती है। इन डिवाइसेस की मदद से नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) को कम करके 60 mg/km तक लाना पड़ेगा, ताकि प्रदूषण ना के बराबर हो। इनके लगने से वाहनों की कीमत में 2 लाख से 2.50 लाख रुपये तक का इजाफा हो सकता है।

BS7 नॉर्म्स के आने से कॉमर्शियल वाहनों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि मर्शियल वाहन BS7 के दायरे में नहीं आते। बस, ट्रैक्टर, ट्रक और निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने भारी वाहनों को फिलहाल इस नियम से दूर रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक डीजल वाहनों का प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद नहीं होगा। महिंद्रा और टाटा जैसी कंपनियां अपने डीजल वाहनों का एक्सपोर्ट करती हैं। फिलहाल देश में डीजल गाड़ियों का मुकाबला अभी EV या पेट्रोल से नहीं हो सकता।

भारत में एथेनॉल को बढ़ावा देने पर जोर

इस समय देश में सरकार एथेनॉल फ्यूल को बढ़ावा दे रही है। जानकारी के लिए बता दें कि विदेशों में कई कंपनियां हाइब्रिड डीजल, बायो-डीजल (20% मिश्रण) और सिंथेटिक फ्यूल्स पर तेजी से काम कर रही हैं। ताकि डीजल को क्लीन बनाया जा सके। सरकार की तरफ से भी तक कोई ऐसा आधिकारिक बयान नहीं आया है जिसमें डीजल बैन की बात कही हो।

इतना जरूर है कि सरकार डीजल वाहनों की संख्या कम करके EVs पर ज्यादा फोकस कर रही है। लेकिन  ग्रामीण इलाकों में भारी वाहनों, और एक्सपोर्ट में डीजल की मौजूदगी बनी रहेगी। वैसे आज भी देश के कई इलाकों में बिजली की सप्लाई भी नहीं है। ऐसे में पूरी तरह से EV पर जोर नहीं दी जा सकता, इसलिए डीजल वाहनों को भी पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं सरकार की तरह से कृषि और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में डीजल पर टैक्स और सब्सिडी अभी भी जारी है।

छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी

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दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी विदर्भ के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।

छत्तीसगढ़ में अगले दो-तीन दिनों में मानसून की एंट्री हो सकती है। कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने के लिए परिस्थतियां अनुकूल है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। मौसम में बदलाव होने से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है।

CG Weather News: छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी

छत्तीसगढ़ में अगले दो-तीन दिनों में मानसून की एंट्री हो सकती है। कुछ हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने के लिए परिस्थतियां अनुकूल है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। मौसम में बदलाव होने से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी विदर्भ के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया कि आज बुधवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर मेघ गर्जन के साथ भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में वज्रपात की भी संभावना है। अधिकांश हिस्सों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। साथ ही राजधानी रायपुर में आज सुबह से धूप निकली हुई है। शाम के समय मौसम में बदलाव की संभावना है। यहां गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

सीएम साय ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी : राजस्व रिकॉर्ड में गलती करने वाले अधिकारी के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में त्रुटि के लिए संबंधित अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार माने जाएंगे। यदि किसी अधिकारी के लॉगिन से गलत प्रविष्टि हुई है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों की ज़मीन, खेती, या अन्य दस्तावेजों में त्रुटि की वजह से जनता का प्रशासन पर से भरोसा न टूटे, इसके लिए जरूरी है कि राजस्व प्रणाली को जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार कार्य पर राजस्व अधिकारी विशेष निगरानी रखें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने लात नाला सिंचाई परियोजना के लंबे समय से अधूरे होने पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अटल सिंचाई योजना के तहत लंबित सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा। गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 26 गांवों में भूमि रजिस्ट्री पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों का नियमित दौरा करने को कहा ताकि छोटी समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जिले छोटे हो गए हैं, ऐसे में अधिकारी समय निकालकर अधिक से अधिक गांवों में पहुंचें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को खाद-बीज उठाने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। डीएपी की संभावित कमी को देखते हुए वैकल्पिक उपायों पर किसानों को जानकारी दी जाए। उन्होंने फसल चक्र परिवर्तन के लिए भी किसानों को प्रेरित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व तैयारियों की चर्चा करते हुए सर्पदंश से निपटने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम दवाएं रखने के निर्देश दिए। रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में डेंगू व पीलिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए नगर निगम एवं प्रशासन को सजग रहने कहा। मुख्यमंत्री ने मैदानी जिलों में अवैध शराब की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने ओडिशा से लगते सीमावर्ती इलाकों में शराब की अवैध आवाजाही रोकने विशेष निगरानी की आवश्यकता बताई।
बैठक में रेशम उत्पादन, भू-जल स्तर में सुधार, पर्यटन विकास, सड़क मरम्मत और जन औषधि केंद्रों के प्रचार-प्रसार जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक हैं और जनकल्याण ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानंद, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा सहित सारंगढ़ और रायगढ़ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

10 करोड़ रुपये की सड़क बनने से पहले उखड़ने लगी, राजनांदगांव में खुली भ्रष्टाचार की पोल

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राजनांदगांव में शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई जगह सड़के उखाड़ने लगी है. अभी से गाड़ियां हिचकोले खा रही है. अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पहले ही बारिश में यह सड़क खराब हो जाएगी.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की  निर्माण और मरम्मत का काम किया जा रहा है. सड़कों का निर्माण तो तेजी से चल रहा है, लेकिन दो महीने बीतने के बाद ही सड़क उखड़ने लगी हैं. सड़कों का काम कर रहे ठेकेदारों की मनमानी इतनी है कि गुणवत्ता पर ध्यान तक नहीं दिया जा रहा है.

दरअसल, राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र के 51 वार्ड में सड़कों की मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा है. लेकिन, काम अभी पूरा भी नहीं हुआ कि शहर की सड़कों की परतें उखड़ने लगी हैं.

निर्माण से पहले ही खराब हुई सड़क

राजनांदगांव में शहर के विभिन्न वार्डों में काम किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई जगह सड़के उखाड़ने लगी है. अभी से गाड़ियां हिचकोले खा रही है. अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पहले ही बारिश में यह सड़क खराब हो जाएगी.

 10 करोड़ रुपये की सड़क बनने से पहले उखड़ने लगी, राजनांदगांव में खुली भ्रष्टाचार की पोल

 राजनांदगांव में शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई जगह सड़के उखाड़ने लगी है. अभी से गाड़ियां हिचकोले खा रही है. अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पहले ही बारिश में यह सड़क खराब हो जाएगी.

दरअसल, राजनांदगांव नगर निगम क्षेत्र के 51 वार्ड में सड़कों की मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा है. लेकिन, काम अभी पूरा भी नहीं हुआ कि शहर की सड़कों की परतें उखड़ने लगी हैं.

निर्माण से पहले ही खराब हुई सड़क

राजनांदगांव में शहर के विभिन्न वार्डों में काम किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई जगह सड़के उखाड़ने लगी है. अभी से गाड़ियां हिचकोले खा रही है. अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पहले ही बारिश में यह सड़क खराब हो जाएगी.

नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने दी ये सफाई

वहीं, इस संबंध में नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि अभी हमने शहर में बीटी का काम कराया था. अभी काम चल ही रहा था कि शहर के बीच से भारी गाड़ियों का आवागमन होने से कहीं-कहीं पर सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है. इसके रिपेयर का काम भी किया जा रहा है.  वहीं, जहां आवश्यक है, वहां पर हाइट कटर भी लगा रहे हैं, ताकि बड़ी गाड़ियों का प्रवेश इस क्षेत्र में निषेध कर सकें.

निर्माण के दो महीने बाद ही उखड़ने लगी 10 करोड रुपए की लागत से बनी सड़क

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राजनांदगाव नगर निगम दो महीने से 10 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण करवा रही है, लेकिन दो महीने बीतने के बाद ही सड़कें उखड़ने लगी हैं, इससे सड़क निर्माण में बड़ा भ्रष्टाचार और उसकी गुणवत्ता के साथ ठेकेदारों की मनमानी दोनों उजागर हुई है.