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पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक, सीएम साय होंगे शामिल

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मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल भाग लेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की ज़मीनी चुनौतियों और प्राथमिकताओं को रखेंगे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दो दिवसीय प्रवास पर शुक्रवार की रात लगभग 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। वे केंद्र सरकार और पार्टी स्तर की महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेंगे। सीएम शनिवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होंगे।

बस्तर में होगी अब शांति बहाली, लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर: सीएम साय

इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इसमें देशभर के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल भाग लेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़
की ज़मीनी चुनौतियों और प्राथमिकताओं को रखेंगे।
वे राज्य में औद्योगिक निवेश, कृषि क्षेत्र की मजबूती, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच जैसे विषयों पर अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विष्णुदेव साय पहली बार 24 मई को नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे। उनके साथ प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी बैठक में शामिल होंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीति आयोग की बैठक 24 मई को दिल्ली में होगी। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी भाग लेंगे।
पार्टी नेतृत्व से भी हो सकती है अहम बैठक 

दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम साय की मुलाकात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं से 24 की शाम या 25 मई को हो सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में संभावित कैबिनेट विस्तार पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है। दौरे को लेकर भाजपा के अंदरखाने में हलचल तेज हो गई है।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंगलवार को इसका शुभारंभ करेंगे। मिशन के तहत प्रदेश के शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण के लिए प्रभावी काम किए जाएंगे। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग, राज्य शासन के विभिन्न विभाग तथा विशेषज्ञ जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन भी करेंगे।
 उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव इस दौरान शहरों में जल संरक्षण पर विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। वे प्रदेश के नगरीय निकायों में जल संरक्षण की भावी कार्ययोजना भी साझा करेंगे। साय द्वितीय सत्र में शाम छह बजे मिशन का शुभारंभ करेंगे। वे नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में भू-जल संवर्धन मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लांच करेंगे।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि भू-जल संवर्धन मिशन का शुभारंभ कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम सत्र में देश के ख्यातिलब्ध विशेषज्ञ एवं अधिकारी भू-जल एवं वर्षा जल संरक्षण पर देश-विदेश में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनके परिणामों पर चर्चा कर छत्तीसगढ़ में इसके क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श करेंगे।

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में करीब 1500 बांग्लादेशी मजदूर होने की आशंका

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Bhilai Steel Plant: भिलाई स्टील प्लांट में लगभग 2,500 बांग्ला भाषी मजदूर कार्यरत हैं, जिनमें से 1,500 की नागरिकता पर संदेह है। पुलिस दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इन श्रमिकों के पास पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के आधार कार्ड और राशन कार्ड मिले हैं। जांच पूरी होने तक किसी श्रमिक ना हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में ठेका श्रमिक के रूप में लगभग 2,500 बांग्ला भाषी मजदूर कार्यरत हैं। इनमें से प्लांट के अंदर काम कर रहे लगभग 1,500 की नागरिकता को लेकर गंभीर आशंका जताई गई है कि वे बांग्लादेशी हो सकते हैं।

यह जानकारी एक गोपनीय रिपोर्ट में सामने आई है। संयंत्र में लगभग 28,000 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। सूत्रों के अनुसार, पहले से तैयार एक गोपनीय सूची में अधिकांश संदिग्ध श्रमिकों को पश्चिम बंगाल से जुड़ा पाया गया है।

यह जानकारी एक गोपनीय रिपोर्ट में सामने आई है। संयंत्र में लगभग 28,000 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। सूत्रों के अनुसार, पहले से तैयार एक गोपनीय सूची में अधिकांश संदिग्ध श्रमिकों को पश्चिम बंगाल से जुड़ा पाया गया है।

AYTM, GPAY, PHONEPE यूजर्स सावधान! सरकार ने जारी किया नया सिक्योरिटी अलर्ट

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Paytm, GPay और PhonePe जैसे लोकप्रिय UPI प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स के लिए सरकार ने एक अहम और सख्त सुरक्षा कदम उठाया है। डिजिटल लेन-देन की बढ़ती संख्या के साथ ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेज़ी से बढ़े हैं, ऐसे में Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने एक नया सिस्टम लागू किया है—जिसे ‘Financial Fraud Risk Indicator’ यानी FRI कहा जा रहा है। यह नया अलर्ट सिस्टम संदिग्ध मोबाइल नंबरों को UPI ट्रांजैक्शन से पहले ही ब्लॉक कर देगा, जिससे यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा।

जिटल पेमेंट्स के बढ़ते खतरे

यह कदम ऐसे समय में लिया गया है जब देश में डिजिटल पेमेंट्स की लोकप्रियता अपने चरम पर है और रोज़ लाखों की संख्या में ट्रांजैक्शन UPI के ज़रिए हो रहे हैं। Paytm, GPay और PhonePe जैसे प्लेटफॉर्म्स की पहुंच भारत के हर कोने तक है, और इन्हीं की लोकप्रियता का फायदा उठाकर साइबर अपराधी लोगों को धोखा दे रहे हैं। नए सिस्टम का मकसद है यूजर्स को इस तरह की ठगी से पहले ही सुरक्षित करना, न कि धोखाधड़ी के बाद कदम उठाना।

FRI सिस्टम कैसे करेगा काम

FRI सिस्टम को भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के डेटा के आधार पर विकसित किया गया है, जिसमें देशभर से आए साइबर क्राइम मामलों की पूरी जानकारी होती है। जैसे ही कोई मोबाइल नंबर साइबर फ्रॉड के मामलों में शामिल पाया जाता है, वह नंबर तुरंत FRI सिस्टम में टैग हो जाएगा। इस नंबर से अगर कोई UPI ट्रांजैक्शन शुरू किया जाता है, तो वो ट्रांजैक्शन रोक दिया जाएगा और यूजर को तुरंत एक अलर्ट भेजा जाएगा।

UPI के भविष्य को बनाएगा और सुरक्षित

सरकार का मानना है कि इस तरह की तकनीकी पहल से न केवल साइबर अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि डिजिटल लेन-देन का उपयोग भी और अधिक बढ़ेगा क्योंकि यूजर्स को अब सुरक्षा को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा। इसके साथ ही, लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है और अज्ञात कॉल्स, लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

डिजिटल सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव

इस सिस्टम का उद्देश्य है न सिर्फ यूजर्स को रियल-टाइम में अलर्ट करना बल्कि पूरे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को भरोसेमंद बनाना। यह कदम वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल ट्रस्ट को मजबूत करेगा और डिजिटल इंडिया मिशन की सफलता को और अधिक गति देगा। MeitY ने सभी प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म्स को FRI सिस्टम से जोड़ने का निर्देश दिया है, और कुछ कंपनियां इसे पहले ही लागू कर चुकी हैं।

PI के भविष्य को बनाएगा और सुरक्षित

सरकार का मानना है कि इस तरह की तकनीकी पहल से न केवल साइबर अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि डिजिटल लेन-देन का उपयोग भी और अधिक बढ़ेगा क्योंकि यूजर्स को अब सुरक्षा को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा। इसके साथ ही, लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है और अज्ञात कॉल्स, लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

AI और टेक्नोलॉजी से होगा और सुधार

UPI यूजर्स के लिए यह अपडेट एक बड़ा कदम है, जिससे न केवल उन्हें सुरक्षा मिलेगी बल्कि डिजिटल पेमेंट का भविष्य और भी सुरक्षित और तेज़ बनेगा। आने वाले समय में सरकार इस सिस्टम को और भी अधिक एडवांस बनाएगी, जिसमें AI और Machine Learning जैसी

 

वैज्ञानिकों ने खोज निकाला कैंसर का इलाज, सिर्फ 100 रुपये में मिल जाएगी दवाई

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चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे भारत में कैंसर के मामलों को देखते हुए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती है

अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा कैंसर मरीज भारत में है. हर 10 कैंसर मरीज में से करीब 5 की मौत हो जाती है. ट्रीटमेंट के बाद भी कोई गारंटी नहीं रहती है कि ये मरीज में वापस न फैले. ऐसे में कैंसर के सबसे बड़े हॉस्पिटल, टाटा अस्पताल के डॉक्टरों ने कैंसर बीमारी पर गहरा अध्ययन किया और एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती है. चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे भारत में कैंसर के मामलों को देखते हुए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती है.

This Article is From Feb 27, 2024

वैज्ञानिकों ने खोज निकाला कैंसर का इलाज, सिर्फ 100 रुपये में मिल जाएगी दवाई

चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे भारत में कैंसर के मामलों को देखते हुए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती ह

इस शोध को करने के लिए चूहों में मनुष्य के कैंसर सेल डाले गए थे.

अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा कैंसर मरीज भारत में है. हर 10 कैंसर मरीज में से करीब 5 की मौत हो जाती है. ट्रीटमेंट के बाद भी कोई गारंटी नहीं रहती है कि ये मरीज में वापस न फैले. ऐसे में कैंसर के सबसे बड़े हॉस्पिटल, टाटा अस्पताल के डॉक्टरों ने कैंसर बीमारी पर गहरा अध्ययन किया और एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती है. चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे भारत में कैंसर के मामलों को देखते हुए टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी टैबलेट विकसित की है जो कैंसर का इलाज करने और दूसरी बार कैंसर होने से रोकने में मदद कर सकती है.

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इस तरीके से किया गया शोध:

इस शोध को करने के लिए चूहों में मनुष्य के कैंसर सेल डाले गए थे जिसके बाद उनमें ट्यूमर निर्माण हुआ. फिर रेडिएशन थेरेपी, कीमो थेरेपी और सर्जरी के जरिए उनका इलाज किया गया. पाया गया कि जब कैंसर सेल्स मर जाती है तो वो बहुत छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती है इन टुकड़ों को क्रोमेटिन कण कहा जाता है.

बलेट क्रोमेटिन कण को बेअसर करने में रही कामयाब:

इस समस्या का समाधान खोजने के लिए ही डॉक्टरों ने चूहों को रेसवेरेट्रॉल और कॉपर कंबाइंड प्रो-ऑक्सीडेंट टैबलेट दी. यह टैबलेट क्रोमेटिन कण के असर को रोकने में फायदेमंद रही. लगभग एक दशक से टाटा के डॉक्टर इस टैबलेट पर काम कर रहे थे और आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई. फिलहाल, फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड अथॉरिटी FSSAI से टैबलेट को मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद यह टैबलेट बाजार में उपलब्ध होने लगेगी. कैंसर ट्रीटमेंट को बेहतर बनाने के लिए यह टैबलेट काफी हद तक मदद करेगी.

100 रुपये में मिलेगी टैबलेट?

टाटा मेमोरियल अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर सर्जन, पूर्व निदेशक डॉ राजेंद्र बडवे ने कहा कि 100 रुपए में ये अब तक का सबसे सस्ता इलाज साबित होगा, जिसमें थेरेपी के साइडइफेक्ट 50 प्रतिशत कम होने की उम्मीद है और करीब 30 प्रतिशत चांसेस हैं कि कैंसर दोबारा ना फैले.

“कैंसर ट्रीटमेंट थेरेपी से होने वाले साइडइफेक्ट को क़रीब 50 प्रतिशत कम करेगा ये टेबलेट और दूसरी बार कैंसर रोकने के लिए क़रीब 30 प्रतिशत कारगर. जहां ट्रीटमेंट लाखों से करोड़ों के बजट में होता है वहीं ये टेबलेट सिर्फ 100 रुपये में हर जगह मिलेगी. जून-जुलाई तक मंज़ूरी मिलने की उम्मीद” बाइट- डॉ राजेंद्र बडवे, पूर्व निदेशक, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल.

पड़ोसी देश में नमक की भारी किल्लत, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ; 1 KG की कीमत कर देगी हैरान

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चारों ओर समुद्र से घिरे भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में इन दिनों एक नया संकट खड़ा हो गया है – नमक का गहराता संकट। भारी बारिश के कारण न केवल नमक का उत्पादन ठप हो गया है, बल्कि उत्पादित नमक के ढेर भी बारिश के पानी में बह गए हैं। इससे द्वीप राष्ट्र में आवश्यक मात्रा में नमक का उत्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे लोग नमक जैसी बुनियादी जरूरत के लिए परेशान हैं। नमक की भारी कमी के कारण इसकी कीमतों में तीन से चार गुना तक की बढ़ोतरी हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका में फिलहाल नमक 125 से 145 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है। देश की जरूरत का केवल 23 प्रतिशत नमक ही उत्पादित हो पा रहा है। इस बीच, भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत ने श्रीलंका को 3050 मीट्रिक टन नमक की खेप भेजी है, लेकिन भारी बारिश के कारण इस खेप के पहुंचने में देरी हुई है। इसमें से 2800 मीट्रिक टन नमक नेशनल साल्ट कंपनी ने आयात किया है, जबकि 250 मीट्रिक टन नमक निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भेजा है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।

नमक उत्पादकों के एसोसिएशन का कहना है कि सरकार द्वारा 30,000 मीट्रिक टन गैर-आयोडीन नमक के आयात में देरी की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। श्रीलंकाई लोगों ने सोशल मीडिया पर खाली पड़ी बाजार की अलमारियों की तस्वीरें साझा की हैं, जबकि अन्य लोगों ने नमक की तलाश में हो रही परेशानियों पर निराशा व्यक्त की है।/

होटल के कमरे में रखी इन 7 चीजों पर होता है आपका हक, साथ लेकर जाने पर नहीं कहलाती चोरी, क्या आप जानते हैं?

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कहीं भी घूमने जाते हैं तो सबसे पहले जिस चीज की तलाश लोग करते हैं, वो है एक बढ़िया सा होटल. एक होटल जहां हर सुविधा तो हो लेकिन आपके बजट के अनुसार हो. कई तरह के होटल होते हैं 2 स्टार, 3 स्टार, 5 स्टार और सभी की सुविधाएं उसके चार्ज के मुताबिक होती हैं. जब आप किसी होटल में अपने लिए कमरा बुक करते हैं तो वहां कई चीजें रखी होती हैं जैसे बाथरूम में टॉवल, साबुन, शैम्पू, बॉडी वॉश, कंघी, ब्रश, बाथरूम स्लीपर, शावर कैप आदि. कमरे में टेबल पर कॉफी, टी बैग. जितना महंगा होटल कस्टमर को सुविधाएं भी उतनी ही मिलती हैं. अक्सर कुछ लोग होटल से कई चीजें भी अपने साथ रख लेते हैं. कुछ लोग इन सामानों को अपना समझकर अपने बैग में भर लेते हैं, लेकिन अधिकतर लोग ऐसा करने में डरते या हिचकते भी हैं. ऐसे में आपको ये जरूर जान लेना चाहिए कि आप होटल से किन-किन चीजों को ले सकते हैं, ताकि बाद में कोई बड़ी मुसीबत ना खड़ी हो जाए.

हालांकि, कई छोटे होटलों जैसे 2 स्टार या उससे भी सस्ते होटल में रुकें तो वहां से टॉवल, स्लिपर आदि ले जाने से बचना चाहिए. कुछ लोग बेड शीट, पिलो कवर या अन्य कोई ऐसी चीज भी अपने बैग में अपना समझ कर भर लेते हैं, जो ठीक नहीं. आपने देखा होगा कि होटल के कमरे में एक छोटी सी अलमारी होती है, उसमें कुछ ड्रिंक्स रखे होते हैं. इन्हें आप गटकने की भूल ना करें वरना आपको पैसे भरने पड़ सकते हैं.

होटल में रहने के दौरान क्या-क्या चीजें ले सकते हैं
चाहे 3 स्टार होटल हो या फिर 5 स्टार, अक्सर कॉम्प्लिमेंट्री के तौर पर कई तरह की चीजें होटल के कमरे में रुकने वाले ग्राहकों को दी जाती हैं. इनके बारे में पहले से जान लेना या होटल पहुंचकर साफ-साफ पूछ लेना सही होता है ताकि आप बाद में किसी भी परेशानी में ना फंसे. कॉम्प्लिमेंट्री में दी जाने वाली चीजें कस्टमर की सुविधा के लिए ही दी जाती हैं. ये चीजें ऐसी होती हैं, जिन्हें आप एक बार यूज कर सकते हैं. ऐसे में ये होटल में ठहरने के दौरान ही खत्म हो जाते हैं. इनमें शैम्पू, बॉडी वॉश, टूथ पेस्ट, ब्रश, बॉडी लोशन, हेयर ऑयल, टॉयलेट पेपर, तौलिया, स्लिपर आदि कुछ सामान हैं. इन्हें आप ना यूज करें तो भी अपने साथ ले जा सकते हैं.

होटल से क्या ला सकते हैं
एक ईमानदार और जिम्मेदार कस्टमर की तरह पेश आएं और ये जरूर जान लें कि आप क्या-क्या ले जा सकते हैं, वह भी बेहिचक. एक बार इस्तेमाल होने वाली चीजों को आप अपने साथ रख सकते हैं. कुछ बड़े होटल में रीयूज करने वाले कपड़े के स्लिपर, शूज, लॉन्ड्री बैग भी साथ में ले जा सकते हैं. बाथरूम में रखी एक बार इस्तेमाल की जाने वाली चीजों को आप चाहें तो ले जा सकते हैं.

इन चीजों को लेने की भूल न करें
इलेक्ट्रॉनिक्स सामान जैसे हेयर ड्रायर, कॉफी मशीन, हॉट वॉटर जग को भी अपने बैग में छिपाकर रखने की गलती न करें. कई बड़े पांच सितारा होटल के कमरों में तो वॉल पेंटिंग्स, सीनरी, डेकोरेशन के सामान, एश ट्रे, खूबसूरत छोटे-बड़े शो पीस, इलेक्ट्रिक प्रेस, हैंगर भी रखे होते हैं. ये काफी महंगे होते हैं. इन्हें भी अपना समझकर रख लेना आपके लिए शर्मिंदगी की बात हो सकती है. एक बात ध्यान रखें कि आप इन चीजों के लिए पैसे नहीं देते हैं, आप होटल के रूम में रुकने, खाने-पीने और बेसिक सुविधाओं के लिए पैसे देते हैं. एल्कोहल, चॉकलेट, जूस, कैंडी है तो इनके पैसे देकर ही इनका इस्तेमाल कर सकते हैं. इलेक्ट्रॉनिक सामानों, प्रेस, शो पीस, पेंटिंग्स, चादर, पिलो, कुशन आदि चीजों को ले जाने पर यदि आप पकड़े गए तो आप पर कार्रवाई हो जाएगी.

पाकिस्तान ने कहा NO तब इंडिगो प्लेन की हेल्प करने आगे आई एयरफोर्स, अब पता चली पूरी बात

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आसमान में तेज तूफान और गिरते ओले के बीच फंसे इंडिगो में बैठे यात्रियों की सांसें थम गई थीं. प्लेन का आगे का हिस्सा टूट गया था. पाकिस्तान ने भी एयरस्पेस इस्तेमाल करने से मना कर दिया था तब भारतीय वायुसेना मदद को आगे आई थी.

Indian Air Force Indigo Plane Landing: तूफान में फंसी दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो की फ्लाइट के बारे में अब पूरी बात चली है. लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने जब पाकिस्तान के एयरस्पेस में घुसने की परमिशन देने से मना कर दिया, तब भारतीय वायुसेना हेल्प करने आगे आई थी. इंडिगो की फ्लाइट 6E 214 दो दिन पहले आसमान में भयानक टर्बुलेंस में फंस गई थी. भीतर बैठे यात्री ईश्वर से प्रार्थना करने लगे थे. बाहर ओले गिर रहे थे. उस समय इंडियन एयरफोर्स ने प्लेन की सुरक्षित लैंडिंग कराने में अहम भूमिका निभाई. प्लेन लैंड हुआ तब पता चला कि उसके आगे का हिस्सा टूट चुका था.

अब पता चला है कि इंडिगो विमान में 8500 फीट प्रति मिनट की भयानक गिरावट आ रही थी. जबकि सामान्य रूप से यह 3,000 फीट प्रति मिनट से ज्यादा नहीं होना चाहिए. एयरफोर्स ने प्लेन क्रू को सलाह दी कि पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद है. इससे पहले 6E-2142 के पायलट की तरफ से आपातकालीन स्थिति में IAF के उत्तरी कमान से संपर्क किया गया था. क्रू ने तूफान के कारण प्लेन का फ्लाइट पाथ चेंज करने की परमिशन मांगी थी, जिसके बाद IAF ने क्रू को सतर्क किया था. माना जा रहा है कि उस समय प्लेन पाकिस्तानी एयरस्पेस के बिल्कुल करीब रहा होगा.

एयरफोर्स का अहम रोल

भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने बताया है, ‘पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्रशासन की तरफ से NOTAM 23 मई (2359 बजे) की आधी रात तक लागू था. इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारत में रजिस्टर्ड विमानों और भारतीय एयरलाइंस/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/कब्जे वाले या किराए पर लिए गए प्लेन के लिए उपलब्ध नहीं है. इसमें मिलिट्री फ्लाइट्स भी शामिल हैं. ऐसे में नॉर्दर्न एरिया कंट्रोल ने इंडिगो प्लेन के क्रू को सलाह दी कि वे NOTAM के दायरे में ही चलें.’

दरअसल, एयरस्पेस की पाबंदी वाले रूल को मानना सभी एयरलाइंस के लिए जरूरी होता है जिससे एयरक्राफ्ट और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. IAF सूत्रों ने बताया कि दिल्ली एरिया से संपर्क कर एयरक्राफ्ट के रूट डायवर्जन में फौरन प्लेन की सहायता की गई. पायलट की तरफ से भी लाहौर कंट्रोल से संपर्क कर मौसम के चलते डायवर्जन रिक्वेस्ट की गई. हालांकि लाहौर कंट्रोल की तरफ से क्लियरेंस देने से मना करने के बाद एयरक्राफ्ट के श्रीनगर एयरफील्ड पर सेफ लैंडिंग कराने में IAF ने पेशेवर तरीके से सहयोग दिया. इस दौरान इंडिगो फ्लाइट को सभी जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया गया.

पायलट ने लौटने का भी सोचा

उस समय पायलट के पास विकल्प सीमित थे क्योंकि तूफान बिल्कुल करीब था. पायलट ने दिल्ली लौटने के बारे में भी सोचा था लेकिन तब तक प्लेन तूफान के बिल्कुल करीब आ चुका था. ऐसे में संभावित खतरों को देखते हुए प्लेन को श्रीनगर की तरफ ही ले जाने का फैसला लिया गया. तूफान, ओले के प्रभाव के चलते प्लेन के कई सिस्टम में खराबी के संकेत मिलने लगे थे.

आगे पायलटों ने अपने कौशल पर भरोसा करते हुए जेट को तब तक स्थिर रखा जब तक यह बादलों से बाहर नहीं हो गया.

बैन और बढ़ा

इधर, भारत ने आज पाकिस्तान की उड़ानों के लिए NOTAM को एक महीने के लिए बढ़ा दिया. यह 23 जून 2025 तक प्रभावी रहेगा. भारतीय हवाई क्षेत्र पाकिस्तान में पंजीकृत एयरक्राफ्ट और पाकिस्तानी एयरलाइनों/ऑपरेटरों द्वारा संचालित/स्वामित्व वाली या लीज पर ली गई प्लेन के लिए स्वीकृत नहीं है. इसमें सैन्य उड़ानें भी शामिल हैं. पाकिस्तान ने भारतीय फ्लाइट्स के लिए एयरस्पेस बैन 24 जून तक बढ़ा दिया गया है.

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बासिंग में लगाई चौपाल

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सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक स्थित ग्राम बासिंग में बीएसएफ कैम्प परिसर में चौपाल लगाकर जनसंवाद किया। नीम वृक्ष की छांव में खाट पर बैठकर मुख्यमंत्री ने न केवल ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही एक करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों की घोषणा कर लोगों का दिल जीत लिया।

चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 8 अप्रैल से पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसंवाद और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा और कलगी पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। समर कैम्प में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियों ने स्वहस्तनिर्मित गुलदस्ते भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कक्षा 10वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और हॉफ मैराथन विजेता छात्र को प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की समीक्षा की और कहा कि कोई भी पात्र महिला इस योजना से वंचित नहीं रहेगी। ग्रामवासी श्रीमती महेश्वरी दुग्गा और श्रीमती मनकाय ने योजना के लाभ साझा करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर दो टूक कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद को समाप्त करने का राष्ट्रीय संकल्प मार्च 2026 तक पूरा होगा। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए बनी पुनर्वास नीति को देश की सर्वश्रेष्ठ नीति बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, नोनी सशक्तिकरण, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत हितग्राहियों को चाबियां, चेक और नकद सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने दिव्यांग हितग्राही को व्हीलचेयर भी सौंपी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मुरहापदर में पुलिया निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, बासिंग में खेल मैदान और बालक आश्रम/शाला मरम्मत हेतु 20 लाख रुपये,मुरहापदर और एहनार में आंगनबाड़ी भवन हेतु 24 लाख रुपये, बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक सीसी सड़क हेतु 25 लाख रुपये, कुंदला, बासिंग व मुरहापदर में नवीन घोटूल हेतु 15 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ओरछा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा 8 करोड़ की लागत से निर्मित 250 सीटर छात्रावास भवन, जल आपूर्ति एवं विद्युतीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री की पहल से जशपुर जिले में होगा आवागमन की सुविधा सुगम

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है।

राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आईटीएसए अस्पताल का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित आईटीएसए हॉस्पिटल का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी वासियों और अस्पताल प्रबंधन को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 350 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मल्टीस्पेशलिटी, पीडियाट्रिक और वेलनेस सेंटर से न केवल राजधानी रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।उन्होंने बताया कि पिछले सत्रह महीनों में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में 5 हजार बिस्तरों वाले मेडिकल हब के रूप में विकसित होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।