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विष्णु के सुशासन में हो रहा संवाद और समाधान

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छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन में संवाद और समाधान की कड़ी निरंतर रूप से चल रही है। इस सुशासन की सरकार में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हर योजना का लाभ हितग्राही को सुनिश्चित कराने हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय की पहल पर सुशासन तिहार-2025 का आयोजन प्रदेशभर में किया जा रहा है।

शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार-2025 के तहत आमागोहन समाधान शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

गौरतलब है कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत तीसरे चरण में समाधान शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेना और स्थानीय समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर के कोटा विकासखंड के आमागोहन गांव पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन के माध्यम से हर गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान शिविर के जरिए हम ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका तुरंत समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने राज्य में सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए। हमने महतारी वंदन के तहत माताओं-बहन को आर्थिक सहायता देने का काम किया। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। आज महिला सशक्तीकरण का काम महतारी वंदन के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के 22 हजार से ज्यादा लोग श्रीरामलला के दर्शन का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के तहत देशभर के धार्मिक स्थलों में दर्शन की व्यवस्था हमने शुरू की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो सरकार अच्छा काम करती है, उसी की जनता के बीच जाने की हिम्मत होती है। हम अपने डेढ़ साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रहे हैं। अपने काम का फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र और सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

यह शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें ग्रामीण विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।

हितग्राहियों से सीएम श्री साय का सीधा संवाद :
आमागोहन समाधान शिविर के दौरान सीएम श्री साय और हितग्राहियों के बीच सीधा संवाद हुआ। इस दौरान ग्रामीण महिला श्रीमती विमला साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन के तहत हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं, इस पैसे को वो अपने नातिन के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में राशि बैंक में जमा करती हैं। ग्राम मोहली के श्री छोटेलाल बैगा ने बताया कि पहले उनका कच्चा था, जहां बारिश में पानी टपकने से लेकर जहरीले जीव जंतुओं का खतरा हमेशा बना रहता था, अब पीएम आवास बनने से जीवन आसान हुआ है, अब सिर पर छत सुनिश्चित हो गया है। श्रीमती दिलेश्वरी खुसरो ने बताया घर में दो लोगों का आयुष्मान कार्ड बनने से अब उन्हें बीमार होने की स्थिति में किसी तरह की चिंता नहीं रही।

मुख्यमंत्री ने जनहित में घोषणाएं की :
मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहान में समाधान शिविर में बेलगहना में कॉलेज शुरू करने की घोषणा की। वहीं क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए कहा कि आमागोहन में 32 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आमागोहन में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों संग किया भोजन :
मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों के साथ भोजन करने की मंशा जताई। मुख्यमंत्री के साथ अनीता ध्रुव, कलेशिया बाई, विमला पुरी, छोटेलाल बैगा, दिलेश्वरी खुसरो और अन्य ग्रामीणों के साथ भोजन किया।

मुखिया को हाथों से बनाया स्कैच किया भेंट :
एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय देव सिंह खुसरो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने हाथों से बनाया गया पेंसिल स्कैच भेंट किया और कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसान कल्याण की दिशा में बहुत बेहतर काम कर रहे हैं, जिसके लिए उनके परिवार, गांव के लोगों समेत किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

एक नज़र में आमागोहन :
उल्लेखनीय है कि आमागोहन एक आदिवासी बाहुल्य गांव है। 2073 की आबादी वाले आमागोहन में 567 परिवार निवासरत हैं। चार आंगनबाड़ी के साथ ही गांव में दो प्राथमिक शाला, दो पूर्व माध्यमिक शाला, एक हाईस्कूल, एक हायर सेकेंडरी स्कूल और एक हॉस्टल संचालित है।

आमागोहन ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें से सभी 567 निवासरत परिवार के पास राशनकार्ड हैं, जिनमें से 132 परिवार बीपीएल, 114 एपीएल एवं 321 परिवार अंत्योदय राशनकार्डधारी हैं। आवास योजना के कुल 134 हितग्राही परिवार हैं। वहीं उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाले 114 परिवार हैं। 185 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बिहान योजना से 20 लाभान्वित हैं। ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन से 210 स्वीकृत शौचालय हैं। महतारी वंदन योजना का 384 माता-बहनों को मिल रहा है। गांव में 1179 आयुष्मान कार्डधारी हैं।

देशभक्ति के रंग में रंगा छत्तीसगढ़

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छत्तीसगढ़ में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक’ कार्यक्रम और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरगाथा को जनमानस से जोड़ने के लिए आज पूरे प्रदेश में भव्य तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया गया। यह आयोजन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, भारतीय सेना के साहस को सम्मान और नागरिक एकजुटता का स्पष्ट प्रतीक बन गया।

जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के चराईडांड़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निकली ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में हजारों नागरिकों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्र की एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कर राष्ट्रीय संकल्प को जनआंदोलन में बदला।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बिलासपुर में मिनी स्टेडियम से तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। लखीराम ऑडिटोरियम तक निकली इस यात्रा में सांसद, महापौर, अधिकारी और जनसामान्य की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

सुकमा जिले के चिंगावरम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस आयोजन में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और स्पष्ट किया कि अब बस्तर आतंक से नहीं, आत्मबल से पहचाना जाएगा।

राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह स्वयं ग्राम भर्रेगांव और शहर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की ताकत का जीवंत उदाहरण है। आम नागरिकों ने भारी संख्या में भाग लेकर सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि दी।

रायगढ़ जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह और लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया के नेतृत्व में निकली यात्रा में हजारों लोगों ने भाग लिया। यह यात्रा शहीदों और पहलगाम हमले की पीड़ित माताओं को सम्मान देने का जनसंकल्प बनी।

कोरबा में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में घंटाघर चौक से निकली यात्रा में महापौर, कलेक्टर और एसपी सहित हजारों लोगों की भागीदारी रही। ‘जय हिंद’, ‘वंदे मातरम’ के नारों ने वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

महासमुंद जिला मुख्यालय में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी और विधायक श्री योगेश्वर सिन्हा के नेतृत्व में यात्रा गांधी चौक से हाई स्कूल मैदान तक संपन्न हुई। ग्रामीणों, एनसीसी, स्काउट, महिला समूहों की भारी भागीदारी रही।

कवर्धा जिले में गांव-गांव तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें सरपंच, शिक्षक, युवा मंडल और आम नागरिकों ने मिलकर सेना के प्रति सम्मान प्रकट किया। यह आयोजन जनजागृति का सशक्त मंच बना।

बालोद जिला मुख्यालय में वल्लभ भाई पटेल मैदान से निकली यात्रा पुष्प वर्षा और भारत माता की जय के नारों से गुंजायमान रही। दल्लीराजहरा, गुण्डरदेही, अर्जुंदा जैसे निकायों में भी समान उत्साह देखा गया।

कोण्डागांव जिला में विधायक सुश्री लता उसेंडी और कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना की उपस्थिति में पलारी गांव और नगर क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकाली गई। पूर्व सैनिकों का सम्मान और युवाओं को सेना में सेवा का आह्वान मुख्य आकर्षण रहा।

सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में विधायक श्री राजेश अग्रवाल और कलेक्टर श्री विलास भोसकर की उपस्थिति में भव्य यात्रा निकाली गई। बच्चों, युवाओं, महिलाओं ने पूरे जिले में देशभक्ति का वातावरण रचा।

जांजगीर-चांपा जिले में हाई स्कूल मैदान से प्रारंभ तिरंगा यात्रा में हज़ारों लोग शामिल हुए। स्काउट गाइड, हसदेव हीरो, खिलाड़ियों और एनएसएस के छात्रों ने शानदार उपस्थिति दर्ज की।
नारायणपुर जिला मुख्यालय में जय स्तंभ चौक पर सामूहिक राष्ट्रगान और शपथ के साथ तिरंगा यात्रा का समापन हुआ।

बलरामपुर जिला मुख्यालय में मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद चौक से आरंभ हुई यात्रा में नागरिकों ने वीर जवानों को नमन किया और ऑपरेशन सिंदूर को जनभावना का समर्थन मिला।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में महिला समूहों, ग्राम पंचायतों और जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में अनुशासित और संगठित तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रप्रेम की नई ऊर्जा लेकर आया।

सिरपुर (महासमुंद) की ऐतिहासिक धरती पर तिरंगा यात्रा जिला प्रशासन के नेतृत्व में निकाली गई, जहां स्काउट-गाइड और छात्रों ने सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावनाओं को एक मंच में पिरोया।

इस प्रदेशव्यापी तिरंगा यात्रा ने यह सिद्ध किया कि छत्तीसगढ़ का हर नागरिक राष्ट्र की एकता, अखंडता और सेना के प्रति सम्मान में एकजुट है। यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना, आस्था और संकल्प का महोत्सव है।

मुख्यमंत्री ने तिरंगा यात्रा के अवसर पर शहीदों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के दुलदुला तहसील के चराईडाड़ गांव में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने गांव के शिव मंदिर के प्रांगण में शहीदों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने आपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए एकजुटता प्रकट करने के उद्देश्य से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बगीचा विकासखंड के शहीद जवान श्री एल. के. तिर्की की पत्नी श्रीमती रोजालिया तिर्की, शहीद जवान श्री एमानुएल केरकेट्टा की पत्नी श्रीमती निर्मला केरकेट्टा, शहीद जवान श्री अलेक्जेंडर लकडा की पत्नी श्रीमती अल्मा लकड़ा, शहीद जवान श्री प्रभु प्रकाश की पत्नी श्रीमती ईमालिया एक्का, शहीद जवान श्री सुनीत लकड़ा के परिजन श्री ऐलिन लकड़ा, शहीद जवान श्री एच. सी. इलिसियुस लकड़ा के परिजन कान्ति लकड़ा और जशपुर विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक श्री नायक राजू राम, कांसाबेल विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक स्वर्गीय श्री रजनीश बड़ा के परिजन मनोभा केरकेट्टा, कुनकुरी विकास खंड के भूतपूर्व सैनिक स्वर्गीय श्री फबीयानोस लकड़ा की पत्नी श्रीमती सुशन लकड़ा और शहीद जवान श्री सिमोन केरकेट्टा की बहु श्रीमती माटिल्डा केरकेट्टा को सम्मानित किया।

विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पद्मश्री श्री जगेश्वर यादव, श्री विक्रमादित्य सिंह जूदेव, श्री भरत साय, श्री सुनील गुप्ता, श्री कृष्णा राय, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आम नागरिक तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।

अबूझमाड़ अब नहीं रहेगा अबूझ

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केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास तथा नक्सलवाद के खात्मे के बाद अबूझमाड़ अब अबूझ नहीं रहेगा। यहां भी ग्रामीणों के विकास के साथ-साथ रहवासी क्षेत्रों में अधोसंरचात्मक तथा मूलभूत सुविधाओं की सुचारू व्यवस्था से पर्यटन का विकास होगा और क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे।

गौरतलब है कि पीएम जनमन योजना, धरती आबा, ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जहां एक ओर ग्रामीणों और रहवासी क्षेत्र का शत-प्रतिशत विकास किया जा रहा है वहीं राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना सहित शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से हो रहे विकास के साथ-साथ नक्सलवाद के खात्मे की ओर आगे भी बढ़ रहे हैं। इससे अब अबूझमाड़ में भी विकास का नया सवेरा होगा। लोग खुली हवा में निडरतापूर्वक सांस ले सकेंगे। वहां भी चमचमाती सड़कों का जाल बिछने लगा है।

बता दें कि बस्तर क्षेत्र में स्थित अबूझमाड़, छत्तीसगढ़ का एक पिछड़ा और आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो विकास की दृष्टि से अभी भी उपेक्षित है। इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार ने पीएम जनमन और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं।

पीएम जनमन (प्रधानमंत्री जनजातीय जन विकास मिशन) के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के साथ ही आदिवासी समुदायों के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। अबूझमाड़ में भी आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। वहीं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी गांवों के समग्र विकास के लिए काम किया जा रहा है। इस अभियान से गांवों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, और बिजली की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, ग्रामीणों को आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।

इसमें पीएम जनमन और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान अबूझमाड़ के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, और आजीविका के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही, गांवों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था से ग्रामीणों का जीवन स्तर सुधर रहा है।

प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जिले में नियद नेल्लानार योजना क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें इन जिलों के कुल 8 विकासखंडो में 23 सुरक्षा कैंपों के आसपास के 90 ग्रामों का विकास किया जा रहा है। नियद नेल्लानार से तात्पर्य “आपका आदर्श ग्राम” है अर्थात् ऐसा ग्राम जहां पर निवासरत जनसंख्या को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं और अब वह अन्य क्षेत्रों की तरह विकास के पथ पर आगे बढ़ने को अग्रसर है।

हम सब जानते हैं कि विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग सुदूर वनांचल की बसाहटों में किस तरह अपनी जिन्दगी गुजार रहे होते हैं। बरसात के दिनों में उनके छोपड़ीनुमा घर रहने के लायक नहीं होते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी केन्द्र और राज्य सरकार के संवेदनशीलता और समन्वित प्रयास से उनके लिए पक्के आवासों का निर्माण कराया जा रहा है।

पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और नियद नेल्ला नार योजना से जनजातीय इलाकों में की तस्वीर और तकदीर बदल रही है। केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित उक्त योजनाओं से बस्तर के अबूझमाड़ में तेजी से बुनियादी सुविधाएं विकसित होने लगी है। अबूझमाड़ में एक ओर जहां चमचमाती सड़कों की जाल बिछाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं विद्युत जैसी बुनियादी सुविधाएं भी तेजी से मुहैया भी कराई जा रही है। अब वह दिन दूर नहीं कि जब अबूझमाड़ लोगों के लिए अबूझ नहीं रहेगा। अब अबूझमाड़ में विकास का नया सूरज उग रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों से जनजातीय इलाकों की स्थिति और वहां के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार किए जा रहे कार्यों की बदौलत छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी है।

छत्तीसगढ़ की जैव विविधता और ऐतिहासिक धरोहर बेमिसाल हैं। पर्यटन की दृष्टि से यहां की ये दोनों खासियतें अभी तक ‘अनएक्सप्लोर्ड’ हैं। नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर भी जल्दी ही पर्यटन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है। छत्तीसगढ़ के जंगल बेहद मोहक हैं। यहां से बेहतर जंगल और कहीं नहीं हैं। राज्य में हर तरह की कनेक्टिविटी बढ़ रही है। पर्यटन के विकास में इसका बहुत लाभ मिलेगा।

पीएम जनमन और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान अबूझमाड़ के विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदायों को विकास की मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से अबूझमाड़ का भविष्य उज्ज्वल होगा।

देशभक्तिपूर्ण गीतों के साथ जशपुर के चराईडांड में निकाली गई तिरंगा यात्रा

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“ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता पर आज जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के चराईडांड में देशभक्ति से ओत-प्रोत तिरंगा यात्रा निकली गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गांव के शिव मंदिर से आम बगीचा तक निकली गई इस भव्य यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के साथ हाथों में तिरंगा लिए जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत , नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविन्द भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, श्री विक्रमादित्य सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री कृष्णा राय, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे एवं जवान तिरंगा यात्रा में शामिल हुए।

लोग हाथ में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि “यह यात्रा न केवल तिरंगे के प्रति सम्मान है, बल्कि यह हमारे शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी है। यह अभियान देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सशक्त बनाने का प्रतीक है।”ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पूरे जिले में एक साथ तिरंगा यात्रा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार करना, जनसहभागिता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, मातृशक्ति एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि कम समय में इतनी बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता एकजुट होकर राष्ट्र के लिए खड़ी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। यह अभियान उन शहीद जवानों को समर्पित है जिन्होंने अपनी शहादत से राष्ट्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद जिस प्रकार से सेना ने जवाब दिया, उसी प्रकार हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा की गई कायरतापूर्ण घटना का करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने पहलगाम की घटना में छत्तीसगढ़ के सपूत सहित अनेक लोगों की निर्ममहत्या का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री के कुशल नेतृत्व में सीमापार आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई कर उन्हें ध्वस्त किया गया। इस तिरंगा यात्रा में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता यह संदेश देती है कि भारत एक है, और राष्ट्रहित में सभी नागरिक एकजुट हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिदूंर की सराहना हर देशवासी कर रहा है। भारतीय सेना द्वारा देश की रक्षा हेतु अदम्य साहस का परिचय देते हुऐ देश की सीमाओं की रक्षा अत्यन्त वीरता के साथ की जा रही है। भारतीय सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने और देश की एकता अखंडता के लिए जिले के सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में जनप्रतिनिधि, पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी, आम नागरिक, बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और देश के प्रति अपनी एकजुटता एवं सम्मान प्रकट किया।

चिंगावरम, सुकमा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं मंत्री केदार कश्यप का दौरा

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उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप एकदिवसीय दौरे पर आज सुकमा जिले के चिंगावरम पहुंचे। उनके साथ बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव तथा महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी भी उपस्थित थीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ चिंगावरम में 17 मई 2010 को नक्सलियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में शहीद हुए वीर जवानों और ग्रामीणों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। शहीदों के चित्रों पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर बस दुर्घटना से प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने भी वीर बलिदानियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी शोक संतृप्त परिवारों से सीधा संवाद किया, उनका हालचाल जाना और पूर्व की घटना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी समाज से हैं और पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं।

गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद पूर्णतः समाप्त कर दिया जाएगा और अगले एक साल के भीतर प्रदेश में शांति व्यवस्था स्थापित कर दी जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई भटके हुए लोग उनके संपर्क में हों, तो उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा में लाएं।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने बस्तर के विकास और इसे नक्सलमुक्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चिंगावरम के एक-एक व्यक्ति के साथ है। वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है और यह क्षेत्र आने वाले एक वर्ष के भीतर नक्सलमुक्त होगा और विकास की ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। मैं हमारे अमर शहीदों को प्रणाम करता हूँ, जिनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस दुर्घटना में शहीद हुए वीर जवानों और ग्रामीणों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने चिंगावरम में शहीदों की स्मृति में एक सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की, जिसमें सभी बलिदानियों की तस्वीरों के साथ एक स्मारक भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने पंचायत में एक रंगमंच निर्माण, एक स्टॉप डेम की मरम्मत और पक्की सड़क निर्माण की भी घोषणा की।

ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में आज चिंगावरम में एक भव्य तिरंगा यात्रा रैली का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।

रैली में चिंगावरम और आसपास के ग्रामीणों ने भारी उत्साह और देशभक्ति के जोश के साथ भाग लिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोग तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ चल रहे थे। इस आयोजन ने न केवल सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को सम्मानित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि अब बस्तर का आम नागरिक भी आतंक और भय के विरुद्ध खड़ा है।

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Cucumber Side Effects at Night: रात में खीरा खाना क्यों हानिकारक माना जाता है? इसके पीछे का कारण और कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं. इस बारे में पूरी डिटेल जानिए…

Cucumber Side Effects at Night: गर्मियों में जब खाने का मन न हो, तो थाली में खीरे के टुकड़े किसी राहत की तरह लगते हैं. ठंडक से भरा, पानी से भरपूर  खीरा हर किसी की पसंद होता है, खासकर जब बात रात के खाने की हो. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि, रात में खीरा नहीं खाना चाहिए? शायद आपको लगा हो कि, ये कोई दादी-नानी का पुराना नियम है या सिर्फ परंपरा. लेकिन इसके पीछे स्वास्थ से जुड़ी जरूरी वजह है. आइए जानते हैं कि, आखिर रात में खीरा क्यों नहीं खाना चाहिए और इससे शरीर को क्या समस्याएं हो सकती हैं.

बता दें, खीरा गर्मियों का सबसे पसंदीदा है. इसमें 95% तक पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. यह वजन घटाने, त्वचा सुधारने और डाइजेशन में मदद करता है. लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है और खीरे के मामले में रात का समय सही नहीं माना जाता है.

पाचन तंत्र पर असर पड़ना

खीरा बहुत ठंडा और हाई फाइबर वाला होता है. रात के समय हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा होता है, जिससे भारी या ज्यादा फाइबर वाले खाद्य पदार्थ पचने में कठिनाई पैदा करते हैं. इसका नतीजा होता है, गैस, पेट फूलना और डाइजेशन में दिक्कत.

बार-बार पेशाब लगना 

खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो दिन में तो शरीर को हाइड्रेट करता है. लेकिन रात को खाने पर बार-बार यूरिन आने की समस्या हो सकती है. इससे नींद टूटती है और अगला दिन थकान भरा हो सकता है.

जुकाम या खराश का खतरा बना रहता है 

खीरे की तासीर ठंडी होती है. रात को शरीर का तापमान पहले से ही थोड़ा गिरा हुआ होता है. ऐसे में खीरा खाने से कुछ लोगों को गले में खराश, सर्दी या जुकाम की समस्या हो सकती है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ये दिक्कत देखने को मिलती है.

एलर्जी या रिएक्शन का खतरा

कुछ लोगों को खीरे से एलर्जी हो सकती है, जिससे उन्हें पेट दर्द या स्किन रिएक्शन हो सकता है. रात में ऐसा होने पर तुरंत मेडिकल मदद मिलना मुश्किल होता है, जिससे समस्या बढ़ सकती है.

खीरा कब खाना चाहिए? 

सुबह या दोपहर के समय खाना चाहिए

दिन में खाने से 30 मिनट पहले खाया जा सकता है

खीरा एक बेहतरीन हेल्दी फूड है, लेकिन इसे खाने का सही वक्त दिन का होता है. रात को सिर्फ स्वाद या ठंडक के लिए इसे लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. इसलिए अगली बार जब रात में सलाद बनाएं, तो खीरे के सेवन दूर रहें.

 

India Pakistan Ceasefire: अपने ही लोगों के हाथों तबाह होगा पाकिस्तान, 51 ठिकानों पर हमलों का BLA का दावा, सीजफायर पर भारत से की ये गुजारिश

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India Pakistan Ceasefire News: बीएलए ने पाकिस्तान पर कपट और धोखे का आरोप लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद अपनी युद्ध नीति को शांति और भाईचारे की बातों के पीछे छुपाता है.

Operation Sindoor: बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 51 से अधिक स्थानों पर 71 हमलों की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने हमले वाली जगह को बलूचिस्तान ऑक्यूपाइड बताया है. बीएलए ने एक बयान में चेतावनी दी कि दक्षिण एशिया में नया आदेश अनिवार्य हो गया है और क्षेत्र में बड़े बदलाव होने वाले हैं.

बीएलए ने विदेशी ताकतों का हाथ होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह क्षेत्र के रणनीतिक परिदृश्य में एक गतिशील और निर्णायक पक्ष है. इन हमलों में पाकिस्तानी सैन्य काफिलों, खुफिया केंद्रों और खनिज परिवहन कार्यों को निशाना बनाया गया, ताकि इस संसाधन-संपन्न प्रांत पर इस्लामाबाद के नियंत्रण को चुनौती दी जा सके.

बीएलए ने कहा, ‘हम इस विचार को सिरे से खारिज करते हैं कि बलोच राष्ट्रीय प्रतिरोध किसी देश या शक्ति का प्रॉक्सी है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बीएलए न तो मोहरा है और न ही मूक दर्शक. हमें इस क्षेत्र के वर्तमान और भविष्य के सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक गठन में अपना उचित स्थान प्राप्त है और हम अपनी भूमिका से पूरी तरह वाकिफ हैं.’

पाकिस्तान पर कपट और धोखे का आरोप लगाते हुए बीएलए ने कहा कि इस्लामाबाद अपनी युद्ध नीति को शांति और भाईचारे की बातों के पीछे छुपाता है. बीएलए ने कहा, ‘पाकिस्तान की हर शांति, युद्धविराम और भाईचारे की बात केवल एक छलावा, युद्ध रणनीति और अस्थायी चाल है.’

उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की धोखेबाज शांति की बातों में न फंसने की चेतावनी दी. बीएलए ने पाकिस्तान को एक ऐसा देश बताया जिसके हाथ खून से सने हैं और जिसका हर वादा खून से लथपथ है बीएलए के प्रवक्ता जींद बलूच ने कहा कि हाल के हमले केवल विनाश के लिए नहीं थे, बल्कि युद्धक्षेत्र में तैयारियों को परखने के लिए किए गए थे.

पिछले सप्ताह की शुरुआत में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के चरम के दौरान बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के लिए एक नया मोर्चा खोल दिया. बीएलए ने कब्जे वाले बलूचिस्तान में 51 से ज्यादा स्थानों पर 71 समन्वित हमले किए, जो कई घंटों तक चले. उन्होंने आगे कहा, ‘इन हमलों का उद्देश्य केवल दुश्मन को नष्ट करना नहीं था, बल्कि सैन्य समन्वय, जमीनी नियंत्रण और रक्षात्मक स्थिति की जांच करना था, ताकि भविष्य के संगठित युद्ध के लिए तैयारियों को मजबूत किया जा सके.’

बीएलए के बयान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर भी तीखा हमला किया गया और उस पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. बयान में कहा गया, ‘पाकिस्तान न केवल वैश्विक आतंकवादियों के लिए प्रजनन स्थल रहा है, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे घातक आतंकवादी समूहों के राज्य प्रायोजित विकास का केंद्र भी रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘आईएसआई इस आतंकवाद के पीछे का नेटवर्क है और पाकिस्तान हिंसक विचारधारा वाला परमाणु राज्य बन गया है.’ बीएलए ने वैश्विक समुदाय, खासकर भारत, से राजनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा सहायता की अपील की. बयान में कहा गया, ‘अगर हमें विश्व, विशेष रूप से भारत से राजनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा सहायता मिले, तो बलूच राष्ट्र इस आतंकी राज्य को खत्म कर सकता है.’

बीएलए ने कहा कि ऐसी सहायता शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्वतंत्र बलूचिस्तान का रास्ता खोल सकती है. बीएलए ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान का मौजूदा रवैया वैश्विक खतरा है. उन्होंने कहा, ‘अगर पाकिस्तान को बर्दाश्त किया जाता रहा, तो आने वाले वर्षों में इस राज्य का अस्तित्व पूरे विश्व के लिए विनाशकारी हो सकता है.’

इतने रुपये का होगा Starlink का मंथली प्लान, स्पीड भी होगी रॉकेट जैसी!

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एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink जल्द ही भारत में शुरू होने की तैयारी में है। यह सर्विस खासतौर पर उन इलाकों में इंटरनेट की परेशानी को दूर करने के लिए लाई जा रही है, जहां कनेक्टिविटी अभी भी सही नहीं है।

कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां अभी तक ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। स्टारलिंक की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी है, जो रॉकेट जैसी तेज स्पीड देने का दावा करती है। हम यहां बताने वाले हैं कि स्टारलिंक के प्लान की मंथली कीमत कितनी रह सकती है।

कितनी होगी कीमत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टारलिंक भारत में कई प्लान्स के साथ उतर सकती है, जिनकी कीमत 3,000 रुपये से 4,200 रुपये प्रति माह के बीच हो सकती है। भूटान में पहले से उपलब्ध स्टारलिंक के प्लान्स को देखें तो भारत में भी यही मॉडल अपनाया जा सकता है। “रेजिडेंशियल लाइट प्लान” लगभग 3,000 रुपये प्रति माह में उपलब्ध हो सकता है, जिसमें 23-100 Mbps की स्पीड और अनलिमिटेड डेटा मिलेगा।

हालांकि, यह डेटा प्रायोरिटी नहीं होगी, यानी नेटवर्क अधिक व्यस्त होने पर स्पीड कम हो सकती है। वहीं 4,200 रुपये के रेजिडेंशियल प्लान में 25-110 Mbps की तेज स्पीड और अनलिमिटेड डेटा मिल सकता है, जो ज्यादा स्टेबल और भरोसेमंद होगा।

बिजनेस और एंटरप्राइज पर फोकस

स्टारलिंक सिर्फ होम यूजर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रायोरिटी प्लान्स खासतौर पर बिजनेस और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए बनाए गए हैं। इनमें 50-220 Mbps तक की स्पीड और डेटा लिमिट के हिसाब से अलग-अलग कीमतें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, 1TB डेटा के लिए 18,000 रुपये प्रति माह और 6TB के लिए 1.06 रुपये लाख तक खर्च करना पड़ सकता है।

खरीदनी होगी हार्डवेयर किट

सिर्फ मंथली सब्सक्रिप्शन ही नहीं Starlink यूज करने के लिए एक खास हार्डवेयर किट भी खरीदनी होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी शुरुआती कीमत 17,000 रुपये (Mini किट) से शुरू होकर 33,000 रुपये (स्टैंडर्ड किट) तक जा सकती है। बड़े व्यवसायों के लिए फ्लैट हाई-परफॉर्मेंस किट की कीमत 2.3 लाख रुपये तक बताई जा रही है।

स्टारलिंक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स के जरिए काम करता है, जिससे इंटरनेट की स्पीड काफी तेज और लेटेंसी बहुत कम होती है। पारंपरिक सैटेलाइट इंटरनेट में जहां 600 मिलीसेकंड तक की देरी होती है, वहीं स्टारलिंक में यह सिर्फ 25 मिलीसेकंड रह जाती है। इससे वीडियो कॉलिंग, स्ट्रीमिंग और गेमिंग जैसी एक्टिविटी काफी स्मूद हो जाती हैं।

भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग 2025 के अंत तक हो सकती है, बशर्ते कंपनी को सरकार से सभी जरूरी मंजूरियां मिल जाएं। अगर ऐसा होता है तो यह ग्रामीण भारत के लिए एक डिजिटल क्रांति साबित हो सकती है।

बाल वापस लाने की चाह में गई जान! कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट बना जानलेवा, इन्फेक्शन से हुई इंजिनियर की मौत

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Hair Transplant: बालों का झड़ना आजकल आम समस्या बन चुकी है और इसी परेशानी से जूझ रहे लोग हेयर ट्रांसप्लांट जैसे विकल्पों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन जब यह इलाज लापरवाही और गलत तरीकों से किया जाए, तो इसके नतीजे खतरनाक साबित हो सकते हैं।

कुछ ऐसा ही हुआ कानपुर में, जहां झड़ते बालों से परेशान एक सहायक अभियंता ने हेयर ट्रांसप्लांट करवाया, लेकिन यह कदम उनकी जान पर भारी पड़ गया। इलाज के कुछ ही दिनों बाद इंजीनियर की मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। अब इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है।

बाल उगवाने की चाह में गई जान

उत्तर प्रदेश के कानपुर में झड़ते बालों से परेशान एक इंजीनियर ने बाल वापस पाने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट कराया। 12 मार्च को हुए इस ट्रांसप्लांट के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और 15 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हेयर ट्रांसप्लांट कराते ही उनके चेहरे में सुजन आने लगी जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें दुसरे जगह इलाज कराने की सलाह दी।

‘डॉक्टर ने खुद किया था संपर्क’

मृतक इंजीनियर विनीत दुबे कानपुर के पनकी पावर प्लांट में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी जया दुबे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अनुष्का तिवारी ने खुद उनके पति से संपर्क किया और हेयर ट्रांसप्लांट के लिए प्रेरित किया। उस समय जया अपने मायके गोंडा में थीं।

चेहरे पर सूजन, फिर बिगड़ी हालत

ट्रांसप्लांट के दौरान ही विनीत दुबे के चेहरे पर सूजन आ गई और उनकी हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने उन्हें किसी और अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी। परिवार उन्हें सर्वोदय नगर के एक निजी अस्पताल में लेकर गया, लेकिन संक्रमण बहुत बढ़ चुका था। 15 मार्च को उनकी मौत हो गई।

पत्नी का दावा, डॉक्टर ने मानी गलती

पत्नी जया दुबे का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर अनुष्का से बात की, तो उन्होंने माना कि हेयर ट्रांसप्लांट सही तरीके से नहीं किया गया, जिससे गंभीर संक्रमण हुआ और यही मौत की वजह बनी। जया ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की। शिकायत के बाद कल्याणपुर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीपी अभिषेक पांडे ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।