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यूपी चुनाव 2027: राहुल गांधी पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य की बड़ी भविष्यवाणी…

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Jagadguru Rambhadracharya News: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी पर बड़ी भविष्यवाणी कर दी. उन्होंने दावा किया कि वो (राहुल गांधी) और हारेंगे. अब बहुत बुरी तरह हारेंगे. एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ही भारत की बदनामी करते हैं. संसद में प्रतिपक्ष के नेता पानी पी-पीकर भारत की बदनामी करते हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या बोले?

इसके साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “सब बेकार की बातें हैं. कुछ नहीं होगा. हास्यासपद है.”

धर्म नहीं, अपराध देखकर हो रहे एनकाउंटर- रामभद्राचार्य

धर्म देखकर यूपी में एनकाउंटर किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं. धर्म देखकर नहीं किया जा रहा है. अपराध को देखकर किए जा रहे हैं. बकरीद के समय एक निर्दोष लड़के की गला रेतकर हत्या कर देना, ये क्या था? क्या वो धर्म था क्या? ऐसे नीच का एनकाउंटर हुआ तो कौन बड़ी बात हो गई.”

बता दें कि गाजियाबाद में 11वीं कक्षा के 17 साल के छात्र की हत्या के मुख्य आरोपी की रविवार (31 मई) तड़के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. खोड़ा क्षेत्र का निवासी असद, सूर्या चौहान की चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में वांछित था. चौहान ने इलाज के दौरान शुक्रवार (29 मई) को दम तोड़ दिया था. छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी असद की रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था.

इजरायल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में तबाही, सहमे लोग बोले- हमारा कोई ठिकाना नहीं…

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Middle East Conflict: इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. रिहायशी इलाकों की कई बिल्डिंग जमीनदोज हो चुकी है. खबर है कि इन मलबों में कई लोगों फंसे भी हो सकते हैं.

Multiple Israeli strikes in southern Lebanon: एक तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ से खाड़ी देशों पर इजरायल में शांति स्थिरता लाने के लिए किए जा रहे अब्राहम समझौते में शामिल होने के अमेरिकी दबाव के बीच, अब इजरायल ने ही दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इन हमलों में रिहायशी इलाकों की कई बिल्डिंग जमीनदोज हो चुकी है. खबर है कि इन मलबों में कई लोगों फंसे भी हो सकते हैं. साथ ही आशंका जताई जा रही है कि यह संघर्ष गाजा के इलाकों तक न पहुंच जाए. अलजजीरा के हवाले से यह जानकारी सामने आई है.

अलजजीरा के मुताबिक, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के सबसे बड़े शहरों में से एक नबातीह शहर पर कई हवाई हमले किए हैं. हिज्बुल्लाह के लिए यह एक प्रमुख रणनीतिक केंद्र माने जाने वाले इस शहर को हाल ही के दिनों में इजरायल की सेना ने घेर लिया है. सैनिक लगातार नॉर्थ की ओर बढ़ रहे हैं.

नबातीह जिले के बड़े इलाके में भी इजरायल हमलों की खबरें मिली है. इजरायल के आसपास के इलाकों पर अपना कब्जा और मजबूत कर रहा है. ड्रोन हमलों ने काफ्र सिर और अब्बा कस्बों को निशाना बनाया है. वहीं एक अन्य हमले में हौमिन अल फौका की ओर जाने वाली सड़क को निशाना बनाया गया है. एक इजरायल हवाई हमले ने याहमूर अल शकीफ के बाहरी इलाकों को निशाना बनाया है.

मध्य गाजा में इजरायल का ड्रोन हमला

इसके अलावा वाफा न्यूज एजेंसी ने अलजजीरा को बताया कि मध्य गाजा के अज जवायदा शहर पर इजरायली ड्रोन हमले में एक फिलिस्तीनी मारा गया है. दो घायल हुए हैं. घायलों को देइर अलबलाह के अल-अक्सा शहीद अस्पताल ले जाया गया है.

अक्टूबर में शुरू हुए सीजफायर के बावजूद इजरायल पूरे गाजा में अपने हमले जारी रखे हुए है. इस इळाके में कई जगह पर हवाई हमले और तोपखाने से गोलीबारी की खबरे मीली हैं. 

टायर शहर में मचाई इजरायल ने तबाही

अलजजीरा के मुताबिक, रिपोर्टर का कहना है कि दक्षिणी शहर टायर के ऊपर से इजरायल के लड़ाकू विमान उड़ रहे हैं. पूरे दिन धमाकों की आवाज सुनाई देती रही. पिछले 72 घंटों में हिंसक हमलों की एक पूरी सीरीज चल रही है. रविवार को एक रिहायशी इलाका पूरी तरह से तबाह हो गया. यहां दो इमारतें हुआ करती थीं, जो छह मंजिला ऊंची थी. अब वो सारी मलबों में तब्दील हो चुकी है. यहां जिंदगी का नामोनिशान नहीं है. इजरायली सेना लगातार इस इलाके को कब्जाने के लिए खाली करने की धमकी दे रही थी. सेना ने कहा था कि जो कोई भी इस शहर को छोड़कर नहीं जाएगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. ऐसे में किसी ने इस तरह के शहर के बीचों बीच इस तरह के हमले की उम्मीद नहीं की थी. इसके अलावा कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. ऐसे में वहां मौजूद लोगों का कहना है कि इस तरह के हमले से बचा नहीं जा सकता, लेकिन कहां जाएंगे, हमारा कोई ठिकाना नहीं है.

नबातीह जिले में दो सैनिक बुरी तरह घायल

लेबनान की सेना का कहना है कि नबातीह जिले में हबूश देइर अल जहरानी सड़क पर हुए एक इजरायल के ड्रोन हमले में उसके दो सैनिक घायल हो गए. इजरायली सेना लगातार नबातीह जिले के लोगों को चेतावनी जारी कर रही है , कि वह इस शहर से निकल जाएं. सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि हिज्बुल्लाह आतंकवादी संगठन की तरफ से संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन को देखते हुए, सेना बलपूर्वक कार्रवाई के लिए विवश है. आपको तुरंत जहरानी नदीं के नॉर्थ की ओर चले जाना चाहिए.

Bihar Politics: राबड़ी आवास क्यों खाली नहीं करना चाहता लालू परिवार? JDU का बड़ा दावा…

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Bihar Politics: जेडीयू नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का कहना है कि 10 सर्कुलर रोड (राबड़ी आवास) में बड़ा राज छिपा है. जमीनों के दस्तावेज के साथ सोना-रुपया छुपे होने का दावा किया है.

राबड़ी देवी (Rabri Devi) को सर्कुलर रोड स्थित 10 नंबर बंगले को खाली करने का नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन लालू परिवार (Lalu Family) ने अभी तक इसे खाली नहीं किया है. इस पर सियासत जारी है और लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहा है. सरकार से आरजेडी सवाल कर रही है जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. इस बीच मंगलवार (02 जून, 2026) को जेडीयू की ओर से बड़ा बयान सामने आया है.

पुरातत्व विभाग से हो खुदाई: नीरज कुमार

इस पूरे मामले पर जेडीयू के नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का कहना है कि 10 सर्कुलर रोड (राबड़ी आवास) में बड़ा राज छिपा है इसलिए लालू परिवार आवास को खाली नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि 10 सर्कुलर आवास के परिसर की पुरातत्व विभाग की मदद से खुदाई हो. परिसर में कई सारे तहखाने हो सकते हैं, जिसमें जमीनों के दस्तावेज, सोना, रुपया छीपा हो सकता है.

दूसरी ओर नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड आवास में पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से नहीं रह रहे हैं. उनको जेड सिक्योरिटी है. सुरक्षा संबंधित मानकों के कारण उस आवास में रह रहे हैं.

जेडीयू के आरोप पर आरजेडी ने किया पलटवार

आरजेडी के वरिष्ठ नेता और राबड़ी के मुंह बोले भाई सुनील सिंह ने जेडीयू के आरोपों को खारिज किया है. सुनील सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्तापक्ष द्वारा बिहार सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए बंगले का विवाद खड़ा किया जा रहा है. यह जवाब सरकार दे कि नीतीश कुमार कैसे 7 सर्कुलर रोड आवास में रह रहे हैं?

बता दें कि हाई कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्री को बंगला नहीं मिलेगा. देखना होगा कि राबड़ी देवी 10 सर्कुलर को कब तक खाली करती हैं. उन्हें नया आवास आवंटित हो चुका है.

लाडकी बहिन योजना से 80 लाख महिलाएं बाहर, जानें क्यों कटे नाम, कहीं आप तो नहीं कर रही ये गलती…

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मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना में ई-KYC के बाद करीब 80 लाख महिलाएं योजना से बाहर हो गई हैं, जिससे लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर 1.7 करोड़ रह गई.

महाराष्ट्र की लोकप्रिय मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. ई-KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 80 लाख महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई हैं. सरकारी जानकारी के मुताबिक, ई-KYC डेडलाइन खत्म होने के बाद योजना के लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर करीब 1.7 करोड़ रह गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह गिरावट केवल प्रक्रिया पूरी न करने की वजह से नहीं, बल्कि पात्रता शर्तों को पूरा न करने के कारण भी हुई है.

सरकार ने क्या कहा?

बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने लाभार्थियों को ई-KYC पूरा करने के लिए लगभग आठ महीने का टाइम दिया था. इस दौरान कई महिलाओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की. जानकारी के मुताबिक, करीब 50 से 55 लाख महिलाओं ने ई-KYC पूरा नहीं किया, जबकि 2 से 3 लाख महिलाओं ने अपनी गलतियों को सुधार लिया.

वहीं, लगभग 12 लाख महिलाएं आयकर दाता पाई गई और उनकी आय सीमा 2.5 लाख रुपये से ज्यादा थी. इसके अलावा 4.5 लाख से ज्यादा महिलाएं 65 साल से ज्यादा उम्र की थी. करीब 5 लाथ महिलाएं पहले से ही नमो शेतकरी योजना का लाभ ले रही थी. सरकार का कहना है कि सभी मामलों की दोबारा जांच की जा रही है और अंतिम लाभार्थी लिस्ट जल्द स्पष्ट होगी.

क्या सिर्फ -KYC ही वजह है?

अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि 80 लाख महिलाओं को सिर्फ ई-KYC न करने की वजह से बाहर नहीं किया गया है. कई मामलों में पात्रता शर्तें पूरी न होने के कारण भी नाम हटाए गए हैं.

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी लाभार्थियों का डेटा क्रॉस-वेरिफिकेशन के बाद ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा. साथ ही जिन महिलाओं को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, उनके मामलों की भी जांच की जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में नई सियासत की आहट, केंद्र सरकार के साथ संवाद पर जोर, इन नेताओं को भेजा गया पत्र…

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PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक अधिकारों के लिए एकजुट मोर्चा बनाने की अपील की है. उन्होंने CM उमर समेत कई नेताओं को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के साथ सामूहिक संवाद की बात कही है.

जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक भविष्य को लेकर PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सक्रियता बढ़ा दी है. उन्होंने सभी प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक नेताओं को पत्र लिखकर क्षेत्र के लोगों के राजनीतिक अधिकारों के लिए एकजुट मोर्चा बनाने की अपील की है. यह पत्र नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक 24 घंटे पहले जारी किया गया है.

केंद्र सरकार के साथ संवाद पर जोर

महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक सामूहिक रूप से मुद्दे उठाने की बात कही है. पत्र में उन्होंने लेह और कारगिल की हालिया सफलता का हवाला देते हुए कहा कि बातचीत से सार्थक नतीजे निकल सकते हैं. उन्होंने सभी नेताओं से राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर जनहित में एकजुट होने की अपील की है.

इन नेताओं को भेजा गया पत्र

महबूबा मुफ्ती का पत्र जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, BJP नेता सुनील शर्मा, JKPCC अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा, CPI(M) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन, सांसद इंजीनियर राशिद, AAP के महराज मलिक, PDF चेयरमैन हकीम यासीन, पैंथर्स पार्टी के हर्ष देव सिंह, शिवसेना के मनीष साहनी, कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के संजय टिक्कू और गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के जसपाल सिंह को भेजा गया है.

अपने पत्र में महबूबा मुफ्ती ने लिखा कि पूरा क्षेत्र निराशा और मोहभंग की स्थिति से गुजर रहा है. उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर केंद्र सरकार से संवाद स्थापित करें और जम्मू-कश्मीर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए एकजुट हों.

यह पहल राजनीतिक फायदे के लिए नहींः मुफ्ती

मुफ्ती  ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस पहल को राजनीतिक श्रेय या किसी पार्टी के फायदे के नजरिए से नहीं, बल्कि लोगों की चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से किए गए सामूहिक प्रयास के एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की कि वे भारत संघ के भीतर एक ऐसे गरिमापूर्ण और स्थायी ढांचे को बनाने के लिए एकजुट हों, जो संविधान के तहत गारंटीशुदा अधिकारों और आकांक्षाओं की रक्षा करता हो.

Heatwave 2026: जानें क्यों जून 2026 में नौतपा के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी. गुरु का गोचर, सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन और अल-नीनो का प्रभाव, मानसून की देरी और बढ़ते बिजली बिल का पूरा विश्लेषण.

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Heatwave 2026: जून 2026 की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. आमतौर पर माना जाता है कि ‘नौतपा’ के नौ दिन बीत जाने के बाद मौसम में कुछ नरमी आती है, लेकिन इस साल गणित पूरी तरह उल्टा नजर आ रहा है.

25 मई को शुरू हुआ नौतपा आज यानी 2 जून को समाप्त हो गया है, लेकिन इसके बावजूद तापमान में गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं. इसका सबसे बड़ा कारण ‘अल-नीनो’ से ‘ला-नीना’ के बीच का संक्रमण काल (Transition Phase) है, जिसने मानसूनी हवाओं की रफ्तार को सुस्त कर दिया है. जब तक मानसून दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक लू और उमस का यह दोहरा प्रहार जारी रहेगा.

मेदिनी ज्योतिष और रोहिणी का ‘समुद्र वास’

खगोलीय शास्त्र और मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में निवास ‘समुद्र’ (जल) में है. ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार, जब सूर्य का वास जल में होता है, तो वह शुष्क गर्मी के बजाय शरीर को झुलसाने वाली ‘चिपचिपी’ उमस पैदा करता है.

यही कारण है कि शाम होने के बाद भी वातावरण में ठंडक महसूस नहीं हो रही है. लोग इस चिपचिपी गर्मी से बचने के लिए मजबूरन 24 घंटे एयर कंडीशनर (AC) का सहारा ले रहे हैं, जिसका सीधा असर बिजली के मीटर पर पड़ रहा है. अब सारी उम्मीदें 22 जून 2026 को होने वाले ‘आर्द्रा’ नक्षत्र के प्रवेश पर टिकी हैं, जिसे वर्षा ऋतु का वास्तविक प्रारंभ माना जाता है. इसदिन सूर्य दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर इस नक्षत्र में गोचर करेंगे.

बिजली बिल का ‘करंट’ और स्लैब सिस्टम का गणित

बिजली बिल बढ़ने के पीछे केवल आपका उपभोग ही नहीं, बल्कि भौतिक विज्ञान और स्लैब सिस्टम के तकनीकी नियम भी जिम्मेदार हैं. विज्ञान के अनुसार, जब हवा में नमी (Humidity) 10% तक बढ़ती है, तो AC के कंप्रेसर को कमरा ठंडा करने के लिए लगभग 15% अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है.

इसके अलावा, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली जैसे शहरों में बिजली की दरें ‘प्रोग्रेसिव स्लैब’ पर आधारित हैं. जैसे ही महीने की खपत 500 यूनिट के पार पहुंचती है, बिजली की दरें ऊंचे स्लैब में चली जाती हैं, जिससे उपभोक्ताओं का बिल अचानक डेढ़ से दो गुना तक बढ़ जाता है. भारी लोड के कारण ट्रांसफार्मर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे बिजली कटौती का खतरा भी बढ़ गया है.

जिलावार प्रभाव: गाजियाबाद से आगरा तक रिकॉर्ड मांग

बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर और बृहस्पति की राशि मीन राशि में शनि का गोचर, ये सब मिलकर ये संकेत दे रहे हैं कि इस बार उमस लोगों को अधिक परेशान कर सकती है. कर्क और मीन दोनों ही जलतत्व की राशि हैं और दोनों ही ग्रहों का यहां बैठना उमस में बढ़ोत्तरी का संकेत दे रहे हैं.

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में बिजली की मांग ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. गाजियाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में, जहां गगनचुंबी सोसायटियां हैं, वहां AC के अत्यधिक प्रयोग से ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है, जिससे बिल में 35-45% की वृद्धि दर्ज की जा सकती है.

वहीं आगरा और मथुरा जैसे क्षेत्रों में पारा 47°C के करीब रहने के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है. यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्तर पर भी चुनौती बनी हुई है क्योंकि उमस के कारण कूलर केवल गर्म हवा फेंक रहे हैं.

भारी बिल से बचने के लिए ‘विद्वान’ रणनीति

21 जून 2026 को जब मंगल ग्रह का गोचर शुक्र की राशि वृषभ में होगा तो लोगों की जेब पर भार बड़ सकता है, इसलिए लोगों को विशेष बचत के नियमों का पालन करना होगा.

अगर आप चाहते हैं कि जून का महीना आपकी जेब खाली न करे, तो विशेषज्ञों के सुझावों का पालन करना अनिवार्य है. AC को 18 के बजाय 24 या 26 डिग्री सेल्सियस पर चलाना न केवल सेहत के लिए अच्छा है, बल्कि यह बिजली की खपत में लगभग 20-25% तक की कटौती कर सकता है.

इसके अलावा, AC के साथ छत का पंखा धीमी गति पर चलाने से ठंडी हवा कमरे के हर कोने तक पहुंचती है और कंप्रेसर पर लोड कम होता है. वास्तु और लोक परंपरा के अनुसार, दोपहर के समय भारी पर्दों का उपयोग करना भी बिजली बचाने का एक प्रभावी तरीका है.

2026 की यह गर्मी और बढ़ता बिजली बिल हमें संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की सीख दे रहे हैं. जब तक 22 जून को आर्द्रा नक्षत्र मानसून के द्वार नहीं खोलता, तब तक सावधानी और तकनीकी प्रबंधन ही आपके बजट को सुरक्षित रख सकता है.

FAQ

नौतपा 2026 कब समाप्त हुआ?

2 जून 2026 को नौतपा की अवधि समाप्त हुई.

जून 2026 में गर्मी कब तक रह सकती है?

मौसम की स्थिति और मानसून की प्रगति के अनुसार जून के तीसरे सप्ताह तक गर्मी और उमस बनी रह सकती है.

AC किस तापमान पर चलाना चाहिए?

24 से 26 डिग्री सेल्सियस ऊर्जा बचत और आराम दोनों के लिए बेहतर माना जाता है.

आर्द्रा नक्षत्र कब शुरू होगा?

22 जून 2026 के आसपास सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र से संबंध वर्षा संकेतों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.

बिजली बिल कम करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

AC का तापमान 24-26°C रखना, पर्दों का उपयोग करना और पंखे के साथ AC चलाना.

वेदांता ग्रुप पर ईडी का कसा शिकंजा, फेमा उल्लंघन मामले में दिल्ली से मुंबई तक छापेमारी…

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वेदांता ग्रुप के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में दिल्ली और मुंबई में वेदांता समूह से जुड़े दो ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है. वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित तौर पर समूह की कंपनियों द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए ‘ब्रांड फीस भुगतान’ से जुड़ी है. जांच एजेंसी ने इन संदिग्ध लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी फेमा के प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है.

वेदांता पर ईडी का शिकंजा

अधिकारियों ने बताया कि ईडी की टीमों ने दिल्ली और मुंबई में एक-एक स्थान पर तलाशी ली, जो सोमवार को शुरू होकर अब पूरी हो चुकी है. जांचकर्ता इन भुगतानों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और समझौतों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये लेन-देन विदेशी मुद्रा नियमों के अनुरूप थे या नहीं.

वेदांता समूह के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

FEMA उल्लंघन के तहत एक्शन

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अब ईडी अधिकारी तलाशी के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे. हालांकि, इस मामले में अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

इस बीच, वेदांता लिमिटेड ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के खिलाफ बिजली उपलब्धता से जुड़ी कथित गलत जानकारी के मामले में फैसला सुनाया है. इसके तहत कंपनी पर लगभग 127 करोड़ रुपये का जुर्माना और विलंब भुगतान अधिभार लगाया गया है.

अमेरिका में हिंदुओं पर हमले, नफरत बर्दाश्त नहीं! US संसद में लाया गया प्रस्ताव..

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अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने हिंदू-अमेरिकी समुदाय के समर्थन में पेश प्रस्ताव का समर्थन किया है. प्रस्ताव में हिंदूफोबिया, हिंदू-विरोधी कट्टरता और पूजा स्थलों पर हमलों की निंदा की गई है.

अमेरिका में हिंदू समुदाय के योगदान और उनके खिलाफ बढ़ रही नफरत की घटनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को समर्थन मिला है. अमेरिका के जाने-माने सांसद और भारतीय मूल के कांग्रेसी रो खन्ना ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पेश किए गए एक प्रस्ताव का समर्थन किया है.

यह प्रस्ताव अमेरिका की अर्थव्यवस्था, समाज, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मान देने के लिए लाया गया है. इसके साथ ही प्रस्ताव में हिंदूफोबिया, हिंदू-विरोधी कट्टरता और हिंदू समुदाय के पूजा स्थलों पर होने वाले हमलों की निंदा की गई है.

भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार का काम

यह प्रस्ताव मिशिगन से डेमोक्रेटिक पार्टी के भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार ने पेश किया था. रो खन्ना ने सोमवार को इस प्रस्ताव का समर्थन किया और हिंदू-अमेरिकी समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया. यह प्रस्ताव पहली बार 24 जनवरी 2025 को पेश किया गया था. इसके बाद इसे लगातार समर्थन मिलता रहा है. अब तक इस प्रस्ताव को 32 सांसदों का समर्थन मिल चुका है. प्रस्ताव के सह-प्रायोजकों में राजा कृष्णमूर्ति और सुहास सुब्रमण्यम जैसे भारतीय मूल के सांसद भी शामिल हैं.

अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका

प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदू-अमेरिकी समुदाय ने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और देश की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति में बड़ा योगदान दिया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ नफरत और भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस प्रस्ताव को हिंदू-अमेरिकी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए उनके योगदान को औपचारिक रूप से मान्यता देने के साथ-साथ हिंदू समुदाय के खिलाफ होने वाली नफरत और हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई है.

Weather Alert: बदलेगा मौसम का मिजाज, अंधड़ और बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग का अलर्ट…

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Weather Alert पूरा भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है।

नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।

(Heatwave) सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। वहीं बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां भी लोग भीषण गर्मी से परेशान हो चुके हैं, लेकिन इसी बीच राहतभरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, इस दौरान कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

अंधड़ और बारिश की चेतावनी

Chhattisgarh

Weather Alert मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में प्री-मानसून’

गतिविधियां शुरू होंगी, जिसके चलते कई इलाकों में अंधड़ और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि इससे गर्मी से पूरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को भी गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी कम नहीं होने दी। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के सभी 33 जिलों में पारा 40 डिग्री के पार बना हुआ है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 29 मई से शुरू होने वाली प्री-मानसून बारिश से लोगों को हल्की राहत जरूर मिलेगी, तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ में प्रार्थना सभा पर हमला, 25 से अधिक ईसाई घायल…

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छत्तीसगढ़ के एक दूरदराज़ गांव में रविवार को चल रही प्रार्थना सभा के दौरान एक गर्भवती महिला सहित 25 से अधिक ईसाइयों पर कथित रूप से हमला किया गया। इस घटना के बाद इलाके में ईसाइयों की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यह घटना 31 मई को सुकमा जिले के ग्राम पंचायत पालेम के अंतर्गत आने वाले सादरपाल गांव में हुई। यहां करीब 70 विश्वासी अपनी नियमित प्रार्थना सभा के लिए एकत्र हुए थे। सभा का नेतृत्व स्थानीय प्रार्थना संगति के समन्वयक हुंगा मंडावी कर रहे थे।

पीड़ितों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग प्रार्थना सभा में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों पर कथित रूप से हमला कर दिया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। घायलों में हुंगा मंडावी और उनकी गर्भवती पत्नी भी शामिल हैं। गर्भवती महिला पर हुए कथित हमले को लेकर स्थानीय ईसाई समुदाय ने चिंता जताई है।

समुदाय के लोगों का कहना है कि 25 से 30 लोगों के साथ मारपीट की गई। इनमें से कम से कम पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। कुछ घायलों का इलाज टोंगपाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जबकि अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों को सुकमा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

समुदाय के सदस्यों का कहना है कि सभी लोग शांति से प्रार्थना कर रहे थे, तभी यह हमला हुआ। उनका आरोप है कि यह हिंसा उनके ईसाई विश्वास और प्रार्थना गतिविधियों के विरोध के कारण हुई। स्थानीय ईसाइयों ने इस बात को भी खारिज किया कि घटना किसी जमीन विवाद से जुड़ी थी। उनका कहना है कि हमले का किसी भी संपत्ति विवाद से कोई संबंध नहीं था।

इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की भी अपील की है।

इस घटना के बाद इलाके के ईसाइयों में अपने संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इनमें अपनी अंतरात्मा की स्वतंत्रता और अपने धर्म को मानने तथा उसका पालन करने का अधिकार शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हमले से कई परिवार डर और मानसिक तनाव में हैं।

कलीसिया के सदस्यों और सामुदायिक नेताओं ने सरकार, पुलिस, मानवाधिकार संस्थाओं और नागरिक समाज संगठनों से पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने घायलों के लिए उचित इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की भी मांग की है।

समुदाय ने हमले में घायल लोगों, विशेष रूप से गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों और गर्भवती महिला के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है। स्थानीय ईसाइयों ने उम्मीद जताई है कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनके शांति से रहने तथा स्वतंत्र रूप से प्रार्थना करने के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।