Home Blog Page 83

Middle East Conflict | पीएम मोदी ने Jordan King Abdullah II से की बात, शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई…

0

मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते भीषण संघर्ष के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है।

सोमवार को पीएम मोदी ने जॉर्डन के सुल्तान किंग अब्दुल्ला II से फोन पर बात की और क्षेत्र की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। PM मोदी ने X (पहले Twitter) पर अब्दुल्ला II को टैग करते हुए कहा, “जॉर्डन के किंग, हिज़ मैजेस्टी किंग अब्दुल्ला II से बात की।” “इलाके में बदलते हालात पर अपनी गहरी चिंता बताई। हम शांति, सुरक्षा और जॉर्डन के लोगों की भलाई के लिए अपना सपोर्ट दोहराते हैं। मैंने इस मुश्किल समय में जॉर्डन में भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।”

जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी है, PM मोदी सभी गल्फ लीडर्स के टच में रहे हैं और लगातार इलाके के हालात का जायज़ा लेते रहे हैं। इससे पहले दिन में, उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से भी बातचीत की, और बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए समाधान के लिए भारत की अपील दोहराई।

इससे पहले, उन्होंने रविवार को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने शनिवार को अपने इज़राइली काउंटरपार्ट बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की और खाड़ी के देशों पर ईरान के हमले की निंदा की। एक दिन बाद, नेतन्याहू ने इज़राइल का समर्थन करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि उनके देश में भारत के लोगों की बहुत तारीफ़ की जाती है।

रविवार को, PM मोदी ने कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक मीटिंग की भी अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) जनरल अनिल चौहान और अन्य सहित सभी बड़े नेता और अधिकारी शामिल हुए।

मीटिंग में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मिडिल ईस्ट में भारतीयों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए। सरकार ने बाद में एक ऑफिशियल बयान में कहा, “इसने (CCS) इस इलाके में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।”

‘खामेनेई की हत्या पर चुप्पी भारत की विदेश नीति की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल’, Sonia Gandhi का केंद्र पर तीखा हमला’ 

0

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को एक प्रमुख दैनिक अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखे अपने लेख के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर तीखा प्रहार किया है।

सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ‘लक्षित हत्या’ (Targeted Killing) पर भारत सरकार के मौन को “जिम्मेदारी से पीछे हटना” करार दिया है।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के टूटने पर सरकार की ”चिंताजनक चुप्पी” पर खुलकर और बिना किसी टालमटोल के चर्चा होनी चाहिए। दैनिक अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि हमें नैतिक शक्ति को ”पुनः खोजने” और उसे स्पष्टता व प्रतिबद्धता के साथ व्यक्त करने की तत्काल आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ”एक मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली हुसैनी खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजराइल द्वारा एक दिन पहले किए गए लक्षित हमलों में कर दी गई थी। चल रही वार्ताओं के बीच एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक गंभीर दरार पैदा करती है।” उन्होंने कहा कि फिर भी इस स्तब्ध कर देने वाली घटना से परे नयी दिल्ली की चुप्पी भी हैरान करने वाली है। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत सरकार ने न तो हत्या और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

सोनिया गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी लगातार खाड़ी देशों और इजराइल के नेताओं के संपर्क में हैं। विपक्ष का आरोप है कि भारत का वर्तमान रुख केवल एक पक्ष की ओर झुका हुआ लग रहा है, जिससे पारंपरिक रूप से संतुलित रही भारत की विदेश नीति कमजोर हो रही है।

इस लेख के बाद अब बजट सत्र के दूसरे चरण में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने के आसार बढ़ गए हैं।

बिहार की सियासत में Nitish Kumar के बेटे की Grand Entry, होली पर JDU सौंपेगी बड़ी जिम्मेदारी!

0

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में जरूर आना चाहिए। यह तब हुआ जब बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने पुष्टि की कि निशांत कुमार होली के अवसर पर पार्टी में शामिल होंगे और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

नीरज कुमार ने यह भी सुझाव दिया कि निशांत कुमार राज्यसभा जाने के योग्य हैं। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की यही अपेक्षा है कि ऐसे व्यक्ति को राजनीति में आना चाहिए… ऐसे लोगों को राजनीति में जरूर आना चाहिए। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि राज्यसभा कौन जाएगा। लेकिन क्या कोई उनकी योग्यता पर सवाल उठा सकता है? क्या उन पर भ्रष्टाचार का आरोप है? अगर ऐसा कुछ नहीं है, तो ऐसे लोगों को जनजीवन में जरूर आना चाहिए।

नीरज कुमार ने आगे कहा कि अगर तेजस्वी यादव और निशांत की तुलना करें, तो तेजस्वी यादव के खिलाफ चार राज्यों में मामले दर्ज हैं। निशांत कुमार शिक्षा के क्षेत्र में उनसे कहीं आगे हैं। इसलिए दोनों की कोई तुलना नहीं है। अब बिहार के युवा यह देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि निशांत कब सक्रिय राजनीति में आएंगे। इससे पहले, श्रवण कुमार ने एएनआई से टेलीफोन पर बातचीत में कहा कि यह कदम पार्टी कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता की मांगों के जवाब में उठाया गया है।

श्रवण कुमार ने कहा कि होली के अवसर पर, बिहार के युवाओं और जेडीयू कार्यकर्ताओं की मांग के अनुसार, निशांत कुमार पूरी तरह से पार्टी में शामिल हो रहे हैं। पार्टी तय करेगी कि उन्हें क्या जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, लेकिन मैं आपको बता रहा हूं, उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। हम बहुत खुश हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए, बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने मंगलवार को कहा कि निशांत को सक्रिय राजनीति में आना चाहिए। चौधरी ने उन्हें एक शिक्षित इंजीनियर बताया जो नीतीश कुमार की शैली, शालीनता और सादगी को दर्शाता है।

2025 के विधानसभा चुनावों में बिहार में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन की भारी जीत के बाद से निशांत कुमार के राजनीतिक प्रवेश को लेकर अटकलें जारी हैं। दिसंबर 2025 में, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत कुमार की उपस्थिति में कहा कि पार्टी के सदस्य और समर्थक चाहते हैं कि वह पार्टी के लिए काम करें। उन्होंने आगे कहा कि उनके प्रवेश का समय निशांत का निर्णय है।

क्या Rajnath Singh ने दिया Israel को समर्थन? PIB Fact Check ने खोला पाकिस्तानी Propaganda का राज…

0

मंगलवार को पीआईबी की फैक्ट चेक रिपोर्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस डिजिटल रूप से हेरफेर किए गए वीडियो का खंडन किया गया, जिसे पाकिस्तानी दुष्प्रचार खातों द्वारा ऑनलाइन प्रसारित किया गया था।

इन खातों में झूठा दावा किया गया था कि राजनाथ सिंह ने ईरान पर इजरायल के हमले का समर्थन किया है। पीआईबी की फैक्ट चेक रिपोर्ट ने इस छेड़छाड़ किए गए वीडियो का खंडन किया और मूल क्लिप साझा की, जिसमें राजनाथ सिंह एक बिल्कुल अलग विषय पर बात कर रहे हैं।

पीआईबी ने कहा कि राजनाथ सिंह ने संघर्ष के समर्थन में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और लोगों से आग्रह किया है कि वे जानबूझकर प्रसारित किए जा रहे हेरफेर किए गए वीडियो से सावधान रहें, जो पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान के तहत जनता को गुमराह करने के लिए बनाए गए हैं। इराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की हत्या के बाद पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बीच भारत ने शांति और स्थिरता की वकालत की है।

इसके जवाब में, ईरान ने इज़राइल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन सहित पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिससे मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ गया और नागरिकों और प्रवासियों दोनों के लिए खतरा बढ़ गया। संयुक्त राज्य अमेरिका के केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से जुड़े ठिकानों सहित प्रमुख ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए निरंतर अभियान चलाए।

X पर एक पोस्ट में, CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ने निरंतर अभियानों के दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमान और नियंत्रण केंद्रों, ईरानी वायु रक्षा क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थलों और सैन्य हवाई अड्डों को नष्ट कर दिया है। हम ईरानी शासन द्वारा उत्पन्न आसन्न खतरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करना जारी रखेंगे।

छत्तीसगढ़ में होली की शुरुआत रंगों से नहीं बल्कि ‘हरवा माला’ की मिठास से होती है, जानिए…

0

Harwa Mala Holi Tradition: छत्तीसगढ़ में होली की शुरुआत रंगों से नहीं बल्कि ‘हरवा माला’ की मिठास से होती है, जो प्रेम और भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है. बिलासपुर समेत प्रदेशभर में पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में पहले भगवान को बताशों की माला अर्पित की जाती है, फिर बच्चों और रिश्तेदारों को पहनाई जाती है. गांव-देहात में आज भी यह परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई जाती है. महंगाई के बावजूद बाजारों में हरवा माला की मांग बनी हुई है और रंग-बिरंगी मालाएं आकर्षण का केंद्र हैं.

Holi Tradition Chhattisgarh: होली मतलब रंग, गुलाल और मस्ती… लेकिन छत्तीसगढ़ में इस त्योहार की शुरुआत रंगों से नहीं, बल्कि मिठास से होती है. यहां ‘हरवा माला’ यानी बताशों से बनी खास माला पहनाकर होली का शुभारंभ किया जाता है. यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है.

पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में सबसे पहले भगवान को हरवा माला अर्पित की जाती है. उसके बाद घर के बच्चों को पहनाई जाती है और फिर रिश्तेदारों व दोस्तों को खिलाकर होली की शुरुआत होती है.

रंगों से पहले मिठास की रस्म
जहां देश के कई हिस्सों में लोग सीधे रंग-गुलाल से होली खेलना शुरू कर देते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में पहले शक्कर से बने बताशों की माला भगवान को चढ़ाई जाती है. फिर छोटे बच्चों, मित्रों और समधियों को यह माला पहनाकर शुभकामनाएं दी जाती हैं. यह परंपरा छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक अलग पहचान देती है. यहां होली की पहली पहचान ही मिठास है.

बच्चों के लिए खास आशीर्वाद
होली के दिन बच्चे हरवा माला गले में पहनकर बड़ों से आशीर्वाद लेते हैं. यह रस्म वर्षों से निभाई जा रही है. आशीर्वाद के बाद बच्चे रंग खेलते हैं और जब मन होता है, तो उसी माला को उतारकर खा लेते हैं. मिठास और मस्ती का यह संगम ही इस परंपरा को खास बनाता है.

बाजारों में रौनक, बढ़ी कीमत
समय बदल रहा है, लेकिन गांव-देहात में हरवा की मांग आज भी कम नहीं हुई है. महंगाई के चलते इसकी कीमत करीब 120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है. देवकीनंदन चौक पर हरवा माला बेच रहे चंदू आनंद बताते हैं कि एक माला 20, 30 और 40 रुपए में बिक रही है. लोग 100 से 200 रुपए तक की खरीदारी कर रहे हैं. हरे, पीले, गुलाबी और नीले रंगों में सजी ये मालाएं बाजार में खास आकर्षण बनी हुई हैं.

लोक संस्कृति की मिठास
‘हरवा’ सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है. बदलते दौर में कई परंपराएं भले फीकी पड़ गई हों, लेकिन होली पर हरवा माला पहनाने और खिलाने की परंपरा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है. यही मिठास इस त्योहार को खास बनाती है और समाज को जोड़कर रखने का संदेश देती है.

CG: मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की संभावना…

0

मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है।

मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा।

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

CG: 3 दिन की सरकारी छुट्टी का ऐलान, बंद रहेंगे स्कूल-ऑफिस, बैंक..

0

Public Holidays in March 2026: मार्च में छुट्यिों की भरमार है। सरकारी कैलेंडर के अनुसार 3 दिन स्कूल-ऑफिस, बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा रविवार और शनिवार की छुट्टियों को शामिल करें तो इस माह 14 दिन ऑफिस बंद रहेंगे..

Public Holidays in March 2026: मार्च महीना शुरू हो गया है और यह महीना ऑफिस वालों के लिए खुशियां लेकर आया है। इस महीने 5 रविवार के साथ ही होली, ईद, रामनवमी सहित अन्य त्योहारों पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के कई सारी छुट्टियां मिलने वाली हैं। इस महीने आप परिवार, दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते है। मार्च के महीने में 3 सरकारी छुट्टियां मिलने वाली है। वहीं रविवार होने के चलते छुट्टियों की संख्या बढ़ जाएगी।

Public Holidays in March 2026: इस दिन रहेगी छुट्टी

मार्च के महीने में 4, 21 और 31 मार्च को सरकारी छुट्टी रहेगी। छत्त्तीसगढ़ के सरकारी कलेंडर 2026 के मुताबिक 4 मार्च को होली, 21 मार्च ईद-उल-फितर, 31 मार्च को महावीर जयन्ती की छुट्टी रहेगी। इस दौरान सभी बैंक, स्कूल, ऑफिस बंद रहेंगे। इसके अलावा 27 मार्च को रामनवमी को स्थानीय छुट्टी रहेगी। वहीं होली के दूसरे दिन भी सरकारी दफ्तरों में काम नहीं होंगे।

14 दिन बंद रहेंगे सरकारी ऑफिस

सबसे ज्यादा मार्च माह में 14 दिन ऑफिस बंद रहेंगे और इस माह 17 दिन ही काम होगा। क्योंकि मार्च में शनिवार-रविवार की नौ छुट्टियों के अलावा छह त्यौहारों की छुट्टियां हैं, हालांकि इनमें से एक छुट्टी शनिवार में शामिल है। इससे 14 दिन ऑफिसों में ताला रहेगा। वहीं फरवरी व जुलाई माह में शनिवार व रविवार के अलावा कोई अन्य छुट्टियां नहीं हैं, इससे जुलाई माह में सबसे ज्यादा 23 दिन ऑफिस खुले रहेंगे।

Holiday List 2026: वर्ष 2026 में कुल 107 दिनों की छुट्टियां

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार इस साल कर्मचारियों को 107 दिनों की छुट्टियां मिलेगी। पब्लिक और ऑप्शनल छुट्टियों की लिस्ट गजट में पब्लिश कर दिया गया है। सरकारी ऑर्डर के मुताबिक, इस साल18 पब्लिक हॉलिडे, 28 जनरल हॉलिडे (शनिवार और रविवार को छोड़कर) और 61 ऑप्शनल हॉलिडे शामिल हैं।

बैंक कब-कब रहेंगे बंद

1 मार्च: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
2 मार्च: होलिका दहन (कुछ जगहों जैसे UP में)
3-4 मार्च: होली/धुलंडी (कई राज्यों में 3 या 4 मार्च पर, जैसे दिल्ली, मुंबई, UP, महाराष्ट्र आदि में बंद)
8 मार्च: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
13 मार्च: चापचर कुट (मिजोरम में)
14 मार्च: दूसरा शनिवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
15 मार्च: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
17 मार्च: शब-ए-कद्र (जम्मू-कश्मीर में)
19 मार्च: गुड़ी पड़वा/उगादी/नवरात्रि शुरुआत (महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना आदि कई राज्यों में)
20-21 मार्च: ईद-उल-फितर (रमजान ईद, पूरे देश में या कई राज्यों में)
22 मार्च: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
26 मार्च: राम नवमी (कई राज्यों में)
27 मार्च: राम नवमी के बाद (कुछ राज्यों में)
28 मार्च: चौथा शनिवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
29 मार्च: रविवार (साप्ताहिक छुट्टी, पूरे देश में)
31 मार्च: महावीर जयंती

Chandra Grahan 2026: शुरू हो गया सूतक काल, आज नहीं, कल खेली जाएगी होली, जानिए कहां दिखेगा चांद…

0

वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण आज (3 मार्च) पड़ रहा है, जो खग्रास चंद्रग्रहण है. यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. ग्रहण का सूतक सुबह 06:20 पर प्रारंभ हो गया है और ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा.

Chandra Grahan 2026: वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण आज (3 मार्च) पड़ रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह खग्रास चंद्रग्रहण है. इस ग्रहण का सूतक सुबह 06:20 पर प्रारंभ हो गया. भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा. ग्रहण करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा. यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा.

सूतक लगते ही मंदिरों के पट बंद हो गए. शाम को ग्रहण का मोक्ष होने के बाद पहले मंदिरों को धोया जाएगा और उसके बाद शयन आरती के समय लगभग साढ़े सात बजे से मंदिरों के पट खुलने का सिलसिला शुरू होगा.

आज नहीं, कल खेली जाएगी होली

श्री सनातन धर्म मंदिर के पुजारी पंडित राम शंकर जी ने बताया कि आज मंगलवार को दिन भर सूतक रहने के कारण होली नहीं खेली जाएगी. सूतक या ग्रहण काल में उत्सव वर्जित है, यही वजह है कि सोमवार की रात को होलिका दहन होने के बावजूद मंगलवार को धुलेडी नहीं मनाई जा रही है, जो बुधवार को होगी.

जानिए कहां दिखेगा चांद

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, 3 मार्च मंगलवार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को खग्रास ग्रस्तोदित चन्द्र ग्रहण है जो भारत में दिखाई देगा. यह ग्रहण भारत के साथ अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार, असम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा एवं पश्चिम बंगाल में खग्रास रूप में दिखाई देगा. भारत के अलावा यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका पेसिफिक अटलांटिक महासागर में भी दिखाई देगा.

कब से कब तक रहेगा सूतक काल

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक 3 मार्च को सुबह 06:20 बजे से प्रारंभ हो गया. ग्रहण का स्पर्श भारतीय समयानुसार दोपहर 03:20 बजे पर, ग्रहण का मध्य 05:05 बजे एवं ग्रहण का मोक्ष शाम 06:47 बजे होगा. ग्रहण का पर्व काल 03 घंटे 27 मिनट रहेगा.

उज्जैन: महाकाल मंदिर में होली की धूम, भस्म आरती में बाबा को लगाया गुलाल, इस बार श्रद्धालुओं को नहीं मिली रंग लगाने की परमिशन…

0

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज होली का पर्व पारंपरिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित कर होली पर्व की शुरुआत की गई. बाबा महाकाल को शक्कर की माला चढ़ाई गई. हालांकि, सुरक्षा कारणों से मंदिर समिति ने इस बार श्रद्धालुओं को गुलाल ले जाने की अनुमति नहीं दी.

लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई और मंदिर में भक्तों का सैलाब देखने को मिला.

हर साल की तरह इस बार भी महाकाल मंदिर में भक्तों ने भगवान के साथ होली खेलने की इच्छा जताई, लेकिन पिछले साल हुए हादसे के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई. भस्म आरती में भगवान महाकाल को विशेष रूप से हर्बल गुलाल अर्पित किया गया, और श्रद्धालुओं को केवल दर्शन व आरती का लाभ लेने दिया गया.

श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार गुलाल की सीमित मात्रा ही भगवान को अर्पित की गई. संध्या आरती से पहले भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर, श्री कोटेश्वर-श्री रामेश्वर और श्री वीरभद्र को भी गुलाल अर्पण किया गया. इसके बाद परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को शक्कर की माला, मखाने की माला धारण करवाकर गुलाल अर्पित किया गया.

होलिका दहन की परंपरा के तहत, मंदिर के पुजारियों ने विश्व में सबसे पहले प्रज्ज्वलित होने वाली होलिका का पूजन कर विधिवत दहन किया.

महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब

हालांकि मंदिर मे रंग गुलाल पर प्रतिबंध होने के चलते इस बार पिछले साल जैसी रंगत देखने को नहीं मिली, लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं रही. भक्तों ने प्रहलाद की भक्ति और होलिका के अंत की कथा को याद करते हुए सत्य की विजय का संदेश लिया. बाबा महाकाल की आरती के साथ होली का रंग भक्तों के मन में बसा रहा.

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को गुलाल ले जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन मंदिर में भस्म आरती और गुलाल अर्पण की परंपरा निर्विघ्न पूरी की गई.

14 मिनट का ग्रहण जानिए क्या रहेगा पूजन का क्रम

मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का दिन है. शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा ने बताया कि सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान पूजन के बाद भगवान को भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न की जाएगी. ग्रहण 3 मार्च को शाम 6:32 से 6:46 तक यानि 14 मिनट का रहने वाला है. ग्रहण का वेद काल सुबह सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा.

भगवान महाकालेश्वर की ऊर्जा के आगे सब कुछ क्षीण

पंडित महेश पुजारी ने कहा कि ग्रहण के दिन मंदिर की सारी व्यवस्थाएं हर दिन की तरह तो रहेगी, लेकिन ग्रहण के चलते कोई भी यानि पुजारी हो या श्रद्धालु भगवान को स्पर्श नहीं करेगा. इस दौरान गर्भ गृह में पुजारी मंत्रोच्चार करते हैं. जब ग्रहण खत्म हो जाता है, तो पुजारी स्नान करने के बाद भगवान का जलाभिषेक करेंगे, मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जलाभिषेक होगा.

CG: होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय…

0

धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक श्री अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक श्री अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।

विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।