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CG: 11 जून से आमरण अनशन करेंगे आप नेता, डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर होगा बड़ा आंदोलन…

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छत्तीसगढ़ में डी.एड. अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा बेहद गंभीर होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में राज्य सरकार को खुली चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ में डी.एड. अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा बेहद गंभीर होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में राज्य सरकार को खुली चेतावनी दी है। इस संबंध में पार्टी नेता उत्तम जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि यदि 10 जून तक पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो वे 11 जून से आमरण अनशन करेंगे।

पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में डी.एड. महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लगभग 2300 सहायक शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें से करीब 1600 पद आदिवासी महिला और पुरुष अभ्यर्थियों से जुड़े बताए गए हैं। अभ्यर्थी पिछले 153 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिलने के कारण वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं।

कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं: जायसवाल
उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी है। उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देनी चाहिए।

गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का आरोप
पत्र में आरोप लगाया कि आंदोलनरत अभ्यर्थियों की आवाज को दबाने के लिए उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया। उन्हें तीन बार जेल भेजा गया और चार दिनों तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने अपना संघर्ष नहीं छोड़ा और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा। जायसवाल ने कहा कि अभ्यर्थियों को अब भी उम्मीद है कि सरकार उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक निर्णय लेगी।

मानसिक दबाव में अभ्यर्थी
पत्र में आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि नियुक्ति में देरी के कारण कई अभ्यर्थी निराशा में हैं। कुछ अभ्यर्थी आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने की स्थिति तक पहुंच रहे हैं। जायसवाल ने इसे अत्यंत गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

10 जून तक नियुक्ति की मांग
आम आदमी पार्टी नेता जायसवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 10 जून तक सभी 1600 पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा तक नियुक्ति नहीं दी गई, तो वे 11 जून से आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल जाती।

सरकार से संवेदनशील निर्णय की अपील
जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनः निवेदन किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि यह केवल नियुक्ति का मामला नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए डी.एड. अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए।

Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई, ED ने कुर्क की 1000 करोड़ की संपत्ति, गोवा का वेस्टिन होटल भी अटैच…

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Liquor Scam: ED ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं, जिसमें गोवा का वेस्टिन होटल भी शामिल है. जांच के अनुसार, 2019-2023 के बीच सिंडिकेट ने नकली होलोग्राम के जरिए 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की.

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. रायपुर जोनल कार्यालय ने इस मामले में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर ली हैं. कुर्क की गईं संपत्तियों में गोवा का प्रसिद्ध वेस्टिन होटल भी शामिल है. ED ने यह कार्रवाई 28 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की.  इसके लिए तीन अस्थायी कुर्की आदेश (PAO) जारी किए गए थे. यह पूरी जांच रायपुर की EOW/ACB द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है.

सिंडिकेट ने की 2,883 करोड़ की अवैध कमाई!
ED की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 से 2023 के बीच राज्य की आबकारी व्यवस्था में भारी हेरफेर किया गया. इस दौरान एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था. इसमें अनवर ढेबर, सेवानिवृत्त IAS अनिल टुटेजा और कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल थे. इनके साथ शराब डिस्टिलरी मालिकों और निजी संस्थाओं ने मिलकर लगभग 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की.

110 करोड़ में खरीदा गया होटल
गोवा के अंजुना क्षेत्र स्थित लग्जरी होटल वेस्टिन गोवा को कुर्क किया गया है. यह होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है, जिसके निदेशकों में राहुल अग्रवाल और विजय कुमार अग्रवाल शामिल हैं. ईडी का दावा है कि इस होटल की खरीद में करीब 110 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. यह पूरी राशि शराब घोटाले से प्राप्त अवैध नकदी से चुकाई गई थी.

4 नए आरोपियों के नाम शामिल, कुल 85 पहुंचे
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने तीसरी बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने तीन कंपनियों के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त किए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि कंपनियों को अपने मुनाफे का हिस्सा सिंडिकेट को देने के लिए मजबूर किया गया. ईडी के अनुसार 50 से 60 प्रतिशत तक हिस्सा सिंडिकेट को दिया जाता था. मामले में ईडी ने विशेष अदालत में छठी पूरक चार्जशीट दाखिल की है. चार नए आरोपियों को भी शामिल किया गया है. इनमें विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर के नाम शामिल हैं. मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है.

जांच के घेरे में बड़े नाम
इस कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच ED और राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW/ACB) कर रही है. मामले में कई रसूखदार लोग मुख्य आरोपी बनाए गए हैं. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव (Deputy Secretary) सौम्या चौरसिया का नाम आया है. वहीं जांच के अनुसार, अनवर ढेबर (सिंडिकेट का मुख्य मास्टरमाइंड व रायपुर के मेयर का भाई) और सेवानिवृत्त IAS अनिल टुटेजा सिंडिकेट चलालते थे . इसके अलावा, पूर्व आबकारी आयुक्त और कई शराब कंपनियों के अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं. पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल का नाम भी जांच प्रक्रिया में है. अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा घोटाला ₹2000 करोड़ से ₹3200 करोड़ के बीच का है.

नगर पालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम व उप निर्वाचन – जिले में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न…

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राजनांदगांव: राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन अंतर्गत जिले में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। लोकतंत्र के उत्सव में नगर पालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन खुशी के माहौल में संपन्न हुआ। नगर पालिका आम निर्वाचन अंतर्गत नगर पंचायत घुमका में अध्यक्ष पद एवं 15 पार्षद पद के लिए मतदान संपन्न हुआ। वहीं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत डोंगरगांव अंतर्गत जनपद सदस्य के एक पद तथा जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत सरपंच के 1 पद एवं पंच के 2 पद के लिए मतदान संपन्न हुआ। मतदाताओं की मतदान प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक सहभागिता रही। नगर पंचायत घुमका में मतदान 95.36 प्रतिशत, जनपद पंचायत राजनांदगांव में मतदान 92.97 प्रतिशत एवं जनपद पंचायत डोंगरगांव में मतदान 69.58 प्रतिशत रहा। मतदान के पश्चात मतदान केन्द्र पर की जाने वाली मतगणना की गई तथा 4 जून को नगरीय निकाय की मतगणना की जाएगी।

BPCL ने मिड-सीनियर लेवल के कई पदों पर भर्ती…

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BPCL ने मिड-सीनियर लेवल के कई पदों पर भर्ती निकाली है. जिसमें चयनित उम्मीदवारों को सालाना 21 लाख रुपये से लेकर 55 लाख रुपये तक का CTC मिल सकता है.

देश की प्रमुख तेल और गैस कंपनी BPCL ने मिड-सीनियर लेवल भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती की सबसे खास बात इसकी आकर्षक सैलरी है, जो कई पदों पर सालाना 55 लाख रुपये से भी ज्यादा तक पहुंच रही है. ऐसे में सरकारी क्षेत्र में शानदार वेतन और प्रतिष्ठित करियर की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है.

BPCL ने 31 मई 2026 को भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इच्छुक उम्मीदवार 20 जून 2026 की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन केवल BPCL के करियर पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे. कंपनी ने भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड (BPRL), कंपनी सेक्रेटरी, फाइनेंस, पेट्रोकेमिकल्स और वेसाइड एमिनिटीज (WSA) जैसे विभागों में कई पदों पर भर्ती निकाली है.

इस भर्ती अभियान के तहत BPRL में 5 पद, कंपनी सेक्रेटरी विभाग में 4 पद, पेट्रोकेमिकल्स में 2 पद और वेसाइड एमिनिटीज में 5 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. वहीं फाइनेंस विभाग में जरूरत के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

कौन कर सकता है अप्लाई?

योग्यता की बात करें तो BPRL के पदों के लिए उम्मीदवारों के पास BE, BTech या Geology एवं Geophysics में पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री होना जरूरी है. कंपनी सेक्रेटरी पद के लिए ICSI की योग्यता अनिवार्य रखी गई है. वहीं फाइनेंस विभाग के लिए CA या ICWA की डिग्री जरूरी होगी.

पेट्रोकेमिकल्स और वेसाइड एमिनिटीज विभागों के लिए संबंधित इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट क्षेत्र की डिग्री मांगी गई है. आयु सीमा पद के अनुसार अलग-अलग तय की गई है. अधिकांश पदों के लिए अधिकतम आयु 34 से 50 वर्ष के बीच रखी गई है. कुछ वरिष्ठ पदों पर यह सीमा 55 वर्ष तक भी हो सकती है.

सैलरी कितनी मिलेगी?

E2 ग्रेड के पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 50,000 रुपये से 1,60,000 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा. मेट्रो शहरों में इनका अनुमानित सालाना CTC करीब 21.07 लाख रुपये होगा. E3 ग्रेड के कर्मचारियों को 60,000 रुपये से 1,80,000 रुपये तक का वेतनमान दिया जाएगा. इस ग्रेड में अनुमानित सालाना CTC लगभग 24.99 लाख रुपये रहेगा. E4 ग्रेड में चयनित उम्मीदवारों का वेतन 70,000 रुपये से 2,00,000 रुपये प्रतिमाह तक होगा. इस श्रेणी का सालाना CTC लगभग 30.21 लाख रुपये बताया गया है.

E5 ग्रेड के अधिकारियों को 80,000 रुपये से 2,20,000 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा. इनका अनुमानित वार्षिक CTC 34.45 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. E6 ग्रेड में नियुक्त उम्मीदवारों को 90,000 रुपये से 2,40,000 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा. इस स्तर पर सालाना CTC लगभग 39.82 लाख रुपये रहेगा. E7 ग्रेड के अधिकारियों को 1 लाख रुपये से 2.60 लाख रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा. इस ग्रेड का अनुमानित वार्षिक CTC 45.38 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. सबसे ऊंचे E8 ग्रेड में चयनित उम्मीदवारों को 1.20 लाख रुपये से 2.80 लाख रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा. इस स्तर पर सालाना CTC करीब 55.49 लाख रुपये तक हो सकता है, जो इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है.

आवेदन शुल्क कितना

आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य, ओबीसी-एनसीएल, ईडब्ल्यूएस और पूर्व सैनिक वर्ग के उम्मीदवारों को 1180 रुपये शुल्क देना होगा. इसमें आवेदन शुल्क के साथ जीएसटी भी शामिल है. वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है.

India’s organic waste economy: जैविक (गीले) कचरे का सही इस्तमाल देश के विकास के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है….

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भारत के शहरी इलाकों से निकलने वाले जैविक (गीले) कचरे का सही इस्तमाल देश के विकास के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है. यह कचरा नागरिकों को करोड़पति बना सकता है.

Organic Waste Economy: भारत के शहरों में तेजी से बढ़ रहा गीला कचरा अब सिर्फ एक चुनौती नहीं, बल्कि रोजगार, स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक विकास का बड़ा अवसर बन सकता है. ‘काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर’ (CEEW) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का शहरी ऑर्गेनिक कचरा (रसोई का बचा खाना, सब्जियों के छिलके और बागवानी का कचरा) साल 2047 तक करीब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अर्थव्यवस्था खड़ी हो सकती है और 26 लाख लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है.

क्या होता है जैविक कचरा?

आपके रसोई के गीले कचरे में सच में एक ‘खजाना’ छिपा होता है. इस कचरे को जैविक खजाना या ‘काला सोना’ भी कहा जाता है. गीले कचरे में फलों-सब्जियों के छिलके, चाय की पत्तियां और बचा हुआ खाना जैसी चीजें आती हैं. इसे बेकार समझकर फेंकने के बजाय आप इसका इस्तेमाल कम्पोस्ट, बायोगैस, बायो-CNG और अन्य ऑर्गेनिक उत्पादों के रूप में कर सकते है, जिसकी बड़ी भूमिका होगी.

हर दिन 1.71 लाख टन कचरा

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘भारतीय  शहरों में प्रतिदिन करीब 1,71,000 टन नगरपालिका ठोस कचरा निकलता हैं, जिसमें से करीब आधा गीला कचरा होता है. मौजूदा कुल नगरपालिका ठोस कचरे का करीब 61 प्रतिशत सुधार किया जाता है. साल 2047 तक केवल शहरी नगरपालिका कचरा ही हर साल करीब 20 करोड़ टन तक पहुंच सकता है’.

लाखों नौकरियां पैदा हो सकती हैं

रिपोर्ट में कहा गया है कि, कचरे के संग्रह, छंटाई, प्रोसेसिंग, प्लांट संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकते हैं. बेहतर कचरा प्रबंधन से करीब 26 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां बनने की संभावना है. रिपोर्ट का मानना है कि अगर भारत गीला कचरे को समस्या की बजाय रोजगार के रूप में देखे और उसके प्रबंधन पर तेजी से काम करे, तो यह क्षेत्र आने वाले सालों में रोजगार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है.

 

Tamil Nadu:  क्या तमिलनाडु BJP नेता अन्नामलाई बनाने जा रहे नई पार्टी? बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने दिया रिएक्शन…

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Tamil Nadu: बीजेपी ने खबरों पर कहा है कि अन्नामलाई बीजेपी से जुड़े हुए हैं. एक कुशल पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं. एक समर्पित और सक्षम कार्यकर्ता के रूप में वे संगठन के लिए उपयोगी हैं.

Annamalai Forming New Party: तमिलनाडु के बीजेपी नेता के अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने की अफवाहों के बीच बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रही सभी बातें सच हों, यह जरूरी नहीं है. ऐसा संभव नहीं है. फिलहाल, अन्नामलाई बीजेपी से जुड़े हुए हैं. एक कुशल पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं. एक समर्पित और सक्षम कार्यकर्ता के रूप में वे संगठन के लिए उपयोगी हैं.

नया आंदोलन शुरू करने जा रहे अन्नामलाई

इससे पहले खबर आई थी कि तमिलनाडु में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई राज्य में एक नया आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. उनका लक्ष्य समान विचारधारा वाले लोगों को जोडऩा है. एक मजबूत स्वयंसेवक का आधार तैयार करना है. ऐसी खबर है कि मक्कल शक्ति अय्यकम जन शक्ति आंदोलन शुरू कर सकते हैं. यह आंदोलन ही उनकी अलग पार्टी होगी. वहीं, इस पूरे मामले पर अन्नामलाई की तरफ से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है.

कांग्रेस सांसद कार्ति ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि एक और पार्टी बनने वाली है. कहा जा रहा है कि अन्नामलाई अपना एक एनजीओ वी द लीडर्स  के जरिए आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं. नए आंदोलन के तहत वह युवाओं को राजनीति से जुड़ने की ट्रेनिंग देंगे. वह एक मजबूत कैडर तैयार करेंगे.

नई पार्टी की खबरों के बीच समर्थन में आए अन्नामलाई

वहीं, नई पार्टी बनाने की खबरों के बीच उनके समर्थक अन्नामलाई के समर्थन में आ गए हैं. माना जा रहा है कि तीन भाषा नीति के लेकर केंद्र के साथ उनके मतभेद उभरे हैं. अन्नामलाई ने क्लास 9 के छात्रों के लिए CBSE की तीन-भाषा नीति के कार्यान्वयन को वापस लेने की मांग की थी. अन्नामलाई ने अपनी एक पोस्ट में टिप्पणी की थी कि तीन भाषा नीति से तमिलनाडु में छात्रों और अभिभावकों को अनावश्यक मानसिक तनाव हो रहा है.

India-Oman Trade Pact: भारत-ओमान व्यापार समझौता आज से लागू, होर्मुज को लेकर चल रहे तनाव के बीच क्यों खास है ये डील?

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि CEPA भारत के कारीगरों, किसानों, मछुआरों और MSMEs की समृद्धि के लिए नए रास्ते खोलने के नई दिल्ली के मिशन में एक मील का पत्थर साबित होगा.

भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) आज सोमवार (1 जून, 2026) से लागू हो गया है. यह समझौता पिछले साल दिसंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मस्कट या के दौरान साइन की गई थी. इस ट्रेड डील के लागू होने के साथ ही अब भारतीय श्रम-प्रधान उत्पादों को ओमान के बाजार में जीरो-ड्यूटी के साथ प्रवेश मिलेगा, जिससे भारत के निर्यात को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

पीयूष गोयल ने X पोस्ट में की CEPA लागू करने की घोषणा

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार (1 जून, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दोनों देशों के बीच लागू CEPA की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों और MSMEs की समृद्धि के लिए नए वैश्विक रास्ते खोलने के नई दिल्ली के मिशन में एक मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि इससे नए बाजार उपलब्ध होंगे, निर्यात बढ़ेगा, निवेश को आकर्षित किया जाएगा और रोजगार के मौकों में भी इजाफा होगा.

क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?

भारत और ओमान के बीच CEPA ऐसे समय पर लागू हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष और तनाव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वैश्विक समुद्री व्यापार को व्यापक तौर पर प्रभावित किया है. यह रणनीतिक समुद्री रास्ता दुनिया में हर रोज होने वाले कुल तेल खपत का करीब 20 प्रतिशत और समुद्री रास्ते से होने वाले वैश्विक तेल व्यापार का करीब 25 प्रतिशत संभालता है. इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है.

वहीं, इसके अलावा, ओमान की सबसे बड़ी रणनीतिक विशेषता उसकी भौगोलिक स्थिति है. ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते दबाव की वजह से भारत को सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता है, लेकिन ज्यादातर खाड़ी देशों के उलट ओमान का बड़ा समुद्री किनारा होर्मुज स्ट्रेट के बाहर अरब सागर और ओमान की खाड़ी में स्थित है.

इस समझौते के संबंध में थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सलालाह और दुक्म के प्रमुख बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी परेशानी के बावजूद आराम से संचालित रह सकते हैं. यही वजह है कि संघर्ष या अस्थिरता के दौर में भी ओमान भारत के लिए एक भरोसेमंद व्यापार और ऊर्जा गेटवे के तौर पर उभर सकता है.

उत्तराखंड चुनाव 2027: राहुल गांधी का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा, अल्मोड़ा में जनसभा और पूर्व सैनिकों से करेंगे संवाद….

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राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ जनसभाओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.

उत्तराखंड में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी रणनीति के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार और शुक्रवार (4-5 जून, 2026) को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड जाने वाले हैं.

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ जनसभाओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.

क्या है राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे का शेड्यूल?

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी गुरुवार (4 जून, 2026) को अल्मोड़ा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद शाम को वह पौड़ी में पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेंगे और उनके मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इसके बाद वे गुरुवार (4 जून) की रात देहरादून में ही गुजारेंगे.

इसके बाद, अगले दिन शुक्रवार (5 जून, 2026) को राहुल गांधी देहरादून में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक करेंगे. इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, NSUI और सेवादल के प्रतिनिधि शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.

कांग्रेस को उत्तराखंड में बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति

सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी के इस दौरे की मॉनिटरिंग प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ सह-प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा कर रहे हैं. दौरे के दौरान कुमाऊं क्षेत्र के अल्मोड़ा और गढ़वाल क्षेत्र के देहरादून में बड़ी राजनीतिक सभाओं की भी तैयारी की गई है.

कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में पार्टी लगभग 200 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है. वहीं, लंबे समय से लंबित प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी राहुल गांधी के दौरे के तुरंत बाद किए जाने की संभावना जताई जा रही है.

कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने का महत्वपूर्ण कदम

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में आंतरिक गुटबाजी को समाप्त कर संगठन को एकजुट करने पर विशेष जोर दे रहा है. राहुल गांधी का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को चुनावी मोड में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

SIP Mutual Fund News: SIP में निवेश करना अच्छा माना जाता है, जहां आप 5000 हजार रूपए के साथ हर महीने निवेश कर सकते है….

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SIP: आज के दौर में SIP में निवेश करना अच्छा माना जाता है, जहां आप 5000 हजार रूपए के साथ हर महीने निवेश कर सकते है और कई गुनाह मुनाफा पा सकते हैं. समझें जमीनी हकीकत.

आजकल हर कोई अपने उज्जवल भविष्य के लिए SIP करता है.  यह फॉर्मूला हमेशा सरल लगता है. म्यूचुअल फंड एसआईपी शुरू करें, 10 साल तक निवेशित रहें, बाजार के उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करें, और धन अपने आप बढ़ता जाएगा.  सरल भाषा में कहे ‘SIP ही भविष्य है’ वित्तीय एक्सपर्ट इस पर पूरा भरोसा करते हैं. सोशल मीडिया कैलकुलेटर धन प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बना देते हैं.

एक व्यक्ति अलग-अलग इक्विटी म्यूचुअल फंड में 5,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करता है. कुछ सालों बाद, शेयर बाजार धराशायी हो जाता है. पोर्टफोलियो का मूल्य गिर जाता है. खबरों में दहशत का माहौल छा जाता है. अचानक, एसआईपी जारी रखना बेतुका लगने लगता है. लेकिन निवेशक फिर भी निवेश जारी रखता है.

धनवान बनने की गारंटी नहीं देता निवेश!

जब कीमतें कम थीं तब ज्यादा म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदी गईं, जिससे बाजार के आखिर में ठीक होने पर लंबे समय तक चलने वाले नतीजे बेहतर हुए. हालांकि, एक्सपर्ट एक बड़ी गलतफहमी के प्रति आगाह करते हैं. 10 साल आपके अवसरों को बेहतर बना सकते हैं. हालांकि यह धनवान बनने की गारंटी नहीं देता.

एक बात गौर करने वाली बात यह कि, अगर आपको लगता है कि 10 साल तक SIP के ज़रिए निवेश करने से मुनाफ़ा अपने आप ही सुनिश्चित हो जाता है, तो विशेषज्ञों का कहना है कि इस विचार को हकीकत से रूबरू कराने की

ज़रूरत है.

एक्सपर्ट ने क्या कहा

बैंकबाज़ार के सीईओ अधिल शेट्टी कहते हैं, ‘इक्विटी एसआईपी में 10 साल तक निवेशित रहने से सकारात्मक रिटर्न मिलने की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है, लेकिन इसे मुनाफ़े की गारंटी नहीं समझना चाहिए’. साथ ही इक्विटी बाज़ार उतार-चढ़ाव, वैश्विक घटनाओं और निवेशकों की भावनाओं से जुड़े रहते हैं.

शेट्टी के मुताबिक, एसआईपी निवेशकों के पक्ष में जो बात काम करती है, वह है लंबे समय तक चलने वाला निवेश और रुपए की लागत का औसत निकालना. एक समान निवेश करके, आप बाज़ार गिरने पर ज़्यादा शेयर खरीदते हैं और बढ़ने पर कम. इससे समय के साथ आपकी खरीद लागत स्वाभाविक रूप से औसत हो जाती है.

एसआईपी में महंगाई निभा रही अहम भूमिका  

भले ही आपकी एसआईपी राशि बढ़ती रहे, महंगाई धीरे-धीरे खरीद शक्ति को कम करती जाती है. ऐसे में जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती रहें, तो 10-12% रिटर्न देने वाला पोर्टफोलियो भी असाधारण नहीं लगेगा. यही वजह है कि. विशेषज्ञ वेतन बढ़ोतरी के साथ एसआईपी योगदान को धीरे-धीरे बढ़ाने, पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करने और जोखिम कम बनाए रखने की सलाह देते हैं. कुमार बिनीत के अनुसार, एसआईपी की सफलता केवल समय पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि परिसंपत्ति आवंटन, निरंतरता, व्यय अनुपात, मूल्यांकन और निवेशक अनुशासन जैसे कई कारकों पर भी निर्भर करती है.

धैर्य से होगा फायदा, घबराहट से नुकसान की आशंका  

एसआईपी को लेकर अलग अलग विशेषज्ञों की अपनी अलग राय  है. हाला कि एक बात स्पष्ट हो गई. 10 साल की एसआईपी रातोंरात अमीर बनने का शॉर्टकट नहीं है. यह हकीकत में बाजार के उतार चढ़ाव ब्याज को अपना काम करने का बेहतर मौका देती है. कुछ निवेशक अच्छी-खासी संपत्ति बना सकते हैं. वहीं, कुछ निवेशक खराब फंड चुनने, बीच में ही निवेश बंद करने या बाज़ार की मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य खोने पर निराश हो सकते हैं.

AI बना युद्ध का हथियार, अमेरिका और इजरायल पर अटैक के लिए ईरान कर रहा ChatGPT और Gemini का यूज…

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अमेरिका के साथ जारी बातचीत के बीच ईरान साइबर हमलों के लिए चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई टूल्स को यूज कर रहा है. वह इनके जरिए अमेरिका और इजरायल को टारगेट कर रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाने के लिए जारी बातचीत को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है. इसी बीच एक नई जानकारी आई है, जिसके मुताबिक, अमेरिका और इजरायल पर साइबर अटैक करने के लिए ईरान एआई टूल्स को यूज कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के हैकर्स चैटजीपीटी, जेमिनी आदि मॉडल्स से मालवेयर और फिशिंग मैसेज तैयार कर अमेरिका और इजरायल को टारगेट कर रहे हैं. बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब युद्ध में एआई को इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे पहले भी टारगेट डिसाइड करने के लिए एडवांस्ड एआई टूल्स के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं.

कैसे हो रहा है एआई का यूज?

बतौर रिपोर्ट्स, ईरानी हैकर्स एआई की मदद से अपनी नई पहचान बनाकर संभावित टारगेट के साथ बातचीत शुरू करते हैं. एक बार भरोसा जीतने के बाद वो उन्हें फर्जी लिंक और रिक्वेस्ट्स भेजते हैं. बताया जा रहा है कि इजरायल में इस तरह बड़ी संख्या में लोगों को फिशिंग ईमेल और टेक्स्ट मैसेज भेजकर टारगेट किया गया. इनमें से कई लोगों को ईरान की खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए इन्वाइट किया गया. वहीं यूएई ने भी पिछले महीने बताया था कि रोजाना उस पर करीब 5 लाख साइबर अटैक हो रहे हैं और इनमें से कई चैटजीपीटी जैसे टूल्स की मदद लेकर किए जा रहे हैं.

हमलों में भी ली जा रही एआई की मदद

ईरान एआई को सिर्फ साइबर अटैक्स और ऑनलाइन स्कैम्स के लिए ही यूज नहीं कर रहा है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वॉरफेयर, कमांड सेंटर में फैसले लेने, अंडरवाटर टारगेटिंग सिस्टम और ड्रोन गाइडेंस में भी एआई को इस्तेमाल किया जा रहा है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी कुछ क्रूज मिसाइलों में एआई-असिस्टेड गाइडेंस सिस्टम लगा है. साथ ही ईरान पश्चिमी देशों की मिलिट्री रिसर्च पढ़ने और समझने में भी एआई टूल्स की मदद ले रहा है.

अपना एआई इकोसिस्टम भी तैयार कर रहा है ईरान

एआई की मदद लेने के साथ-साथ ईरान अपना खुद का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर रहा है. इसमें ओपन-सोर्स और लोकल कंपनियों के बनाए गए मॉडल्स को यूज किया जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी कंपनियों को इस बात की जानकारी है कि उनके टूल्स को ईरान यूज कर रहा है. गूगल ने इसे रोकने के लिए कई अकाउंट्स रिमूव किए थे, लेकिन नए अकाउंट्स बड़ी संख्या में क्रिएट किए जा रहे हैं.