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RCB की जीत के बाद फैंस ने मचाया हुड़दंग, पुलिस ने की लाठी चार्ज…

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IPL 2026 का खिताब जीतने के बाद हैदराबाद समेत कुछ शहरों से फैंस के हुड़दंग करने के वीडियो सामने आए. वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस बल रोड पर सेलिब्रेशन करने वाले लोगों पर लाठी चार्ज करते हुए दिख रहा है. इस तरह का जश्न पब्लिक सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश और बेंगलुरु के कुछ हिस्सों से वीडियो सामने आए. कुछ वीडियो में फैंस बीच सड़क पर पटाखे फोड़ते हुए दिख रहे हैं. इसके अलावा कुछ वीडियो में बैरिकेड से छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं. वहीं कुछ तो जश्न में इतना मगन हो गए कि गाड़ियों पर ही चढ़ गए. इन तमाम हरकतों को देखते हुए पुलिस को बीच में आना पड़ा और फिर भीड़ को काबू करने व सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए लाठी चार्ज किया.

पिछले साल भगदड़ में गई थी 11 लोगों की जान

बेंगलुरु ने पिछले सीजन यानी 2025 में पहला खिताब जीता था. इस जीत के बाद बेंगलुरु में विक्ट्री परेड का आयोजन हुआ था, जिसमें भगदड़ के कारण 11 लोगों की जान चली गई थी. इसके अलावा कई लोग घायल हुए थे. इस घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

इस बार नहीं होगी RCB की विक्ट्री परेड

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस बार RCB की जीत पर विक्ट्री परेड नहीं होगी. फैंस को घर में रहकर ही जीत सेलिब्रेट करने के निर्देश दिए हैं.

फाइनल में चला विराट कोहली का बल्ला

गुजरात के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में विराट कोहली ने शानदार पारी खेली, जिसके लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया. मैच में पहले बैटिंग का न्योता पाने वाली गुजरात ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 155 रन बोर्ड पर लगाए. चेज करते हुए बेंगलुरु ने 18 ओवर में 5 विकेट पर 161 रन बनाकर जीत अपने खाते में डाल ली. यह खिताबी मुकाबला एकतरफा रहा.

राहुल गांधी ने CBSE कॉपियों की फोन स्कैनिंग पर उठाए सवाल….

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राहुल गांधी ने कहा कि मई 2025 में जारी सीबीएसई के टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार और बोर्ड पर गंभीर सवाल उठाए हैं. राहुल गांधी का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करने के लिए आधुनिक मशीनों की बजाय मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए.

छात्रों से मुलाकात के बाद उठाया मामला
राहुल गांधी ने उन छात्रों से मुलाकात की थी जिन्होंने सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर शिकायतें उठाई थीं. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया और जांच की मांग की.

टेंडर की शर्तों में बदलाव का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि मई 2025 में जारी सीबीएसई के टेंडर में उत्तर पुस्तिकाओं को स्वचालित रोबोटिक स्कैनर से स्कैन करने की शर्त थी. इसके अलावा कॉपियों की बाइंडिंग सुरक्षित रखने और कम से कम 300 डीपीआई गुणवत्ता में स्कैनिंग करने का प्रावधान भी रखा गया था. उनका आरोप है कि अगस्त में दोबारा जारी किए गए टेंडर में इन महत्वपूर्ण शर्तों को हटा दिया गया, जिससे स्कैनिंग प्रक्रिया की गुणवत्ता कम हो गई.

निजी कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप में बदलने का काम करने वाली कंपनी ने कॉपियों को स्कैन करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. उनके अनुसार, इससे कई उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें धुंधली हो गईं, कुछ पन्ने स्कैन नहीं हुए और कई मामलों में पूरी कॉपियां सही तरीके से अपलोड नहीं की गईं.

यह सिर्फ गलती नहीं, छात्रों के साथ धोखा
राहुल गांधी ने कहा कि धुंधली प्रतियां, गायब पन्ने और बिना स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं केवल तकनीकी त्रुटियां नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के अंक मूल्यांकन में हुई कथित गड़बड़ियों के कारण प्रभावित हुए हैं, वे इस पूरी प्रक्रिया में नुकसान उठाने वाले पक्ष हैं.

छात्र शोधकर्ता की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
राहुल गांधी ने छात्र शोधकर्ता सार्थक सिद्धांत की रिपोर्ट का भी हवाला दिया. इस रिपोर्ट में ऑनलाइन मूल्यांकन पोर्टल का ठेका दिए जाने की प्रक्रिया और डिजिटल मूल्यांकन व्यवस्था पर कई सवाल उठाए गए थे. रिपोर्ट सामने आने के बाद यह विवाद और गहरा गया है.

सीबीएसई से जवाब की मांग
राहुल गांधी के आरोपों के बाद सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है. विपक्ष इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. वहीं, छात्रों और अभिभावकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ गई है.

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को मिला नया मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने जारी किया नियुक्ति आदेश..

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है. केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सोमवार (1 जून) को अधिसूचना जारी कर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की जानकारी दी. यह नियुक्ति जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद की गई है.

राष्ट्रपति ने जारी किया नियुक्ति आदेश

जारी आदेश के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है. अधिसूचना जारी होने के साथ ही उनकी नियुक्ति प्रभावी हो गई है.

जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद बनी स्थिति

हाल ही में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. उनके उच्चतम न्यायालय में जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो गया था. ऐसे में हाईकोर्ट के नियमित कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति जरूरी हो गई थी.

मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी. वे हाईकोर्ट की विभिन्न पीठों का गठन करेंगे और मामलों का आवंटन तय करेंगे. इसके अलावा अदालत के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी, न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले लेने और न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी.

हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाए रखने में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है.

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का अनुभव हाईकोर्ट के कामकाज को मजबूती देगा. उनकी नियुक्ति से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रशासन को प्रभावी नेतृत्व मिलने की उम्मीद है.

ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन, फर्जी हस्ताक्षर मामले में TMC के दो विधायक सस्पेंड’

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पश्चिम बंगाल में TMC ने विधायक ऋतोब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. नेता प्रतिपक्ष चुनाव से जुड़े प्रस्ताव में गड़बड़ी को लेकर फैसला लिया गया है.

विधायक ऋतोब्रता बनर्जी और संदीपान साहा को तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है. ऋतोब्रता बनर्जी उलुबेरिया पूर्व से विधायक हैं और संदीपान साहा एंटाली से टीएमसी के विधायक हैं. इस कार्रवाई के बाद संदीपन साहा ने पार्टी के अंदर हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की बैठक में मौजूदगी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर प्रस्ताव में शामिल किए गए. उनके अनुसार, यह एक बड़ी गलती है और इस मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.

संदीपन साहा ने कहा कि इस पूरे विवाद में अभिषेक बनर्जी का नाम इसलिए सामने आ रहा है क्योंकि उन्होंने पार्टी के महासचिव के रूप में विधायकों की सूची पर हस्ताक्षर किए थे. उनका कहना है कि जिस सूची पर हस्ताक्षर किए गए, उसमें कई तरह की गलतियां थीं, इसलिए इस मामले में सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी कहा कि सूची की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी की थी, लेकिन वह इस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाने में सफल नहीं रहे.

मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता को लेकर चर्चा

इस बीच कुछ समय पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता को लेकर भी चर्चा हुई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी विधायक संदीपन साहा और ऋतोब्रत बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी. शिकायत में कहा गया था कि नेता प्रतिपक्ष के चुनाव से संबंधित जो प्रस्ताव तृणमूल कांग्रेस की ओर से जमा किया गया था, उसमें कई अनियमितताएं और गड़बड़ियां थीं. मौजूदा वक्त में पश्चिम बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है. हाल ही में अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था, जिसके महज 1 दिन बाद TMC के नेता कल्याण बनर्जी पर भी हमला किया गया. इन घटनाओं की वजह से ममता बनर्जी काफी गुस्से में है.

Bihar Politics: राबड़ी आवास छोड़िए, अब CM के बंगले पर सियासत शुरू…

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आरजेडी का कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला अब प्रधानमंत्री से भी बड़ा बंगला है. उन्होंने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8 बड़ा बंगला भी लिया है.

राबड़ी देवी (Rabri Devi) की ओर से सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली न करने पर सियासत हो रही है. इस बीच अब आरजेडी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) के बंगले और आवास को लेकर सवाल उठाया है. सोमवार (01 जून, 2026) को आरजेडी के एक्स हैंडल से एक लंबा पोस्ट किया गया.

आरजेडी का कहना है कि देश के सबसे गरीब राज्य बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला, अब भारत का सबसे बड़ा आलीशान, भव्य और सात सितारा सरकारी बंगला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बंगला अब प्रधानमंत्री से भी बड़ा बंगला है. सम्राट चौधरी ने पूर्व में उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित 5 देशरत्न मार्ग को भी मुख्यमंत्री आवास में मिला लिया है. उन्होंने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8 बड़ा बंगला भी लिया है.

सीएम को बैठनेसोने के लिए 24 बीघा चाहिए?’

आरजेडी की ओर से किए गए एक्स पोस्ट में लिखा गया है, “सम्राट चौधरी ने बिहार की सबसे महंगी जमीन पर अपने आलीशान बंगला का विस्तार लगभग 15 एकड़ से अधिक में कर लिया है. क्या सम्राट चौधरी को शर्म आती है कि सबसे पिछड़े और गरीब राज्य के CM को आवासीय कार्यालय में बैठने और सोने के लिए 24 बीघा यानी 480 कट्टा जमीन चाहिए?”

पार्टी ने कहा कि बिहार में अभी तक उपमुख्यमंत्री के लिए दो आवास कर्णांकित थे, एक पांच देशरत्न मार्ग और दूसरा तीन स्टैंड रोड, जिनमें 15 अप्रैल तक सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा रहते थे. उनसे पहले उपमुख्यमंत्री के तौर पर उन आवासों में तेजस्वी यादव, सुशील मोदी, तारकिशोर प्रसाद के अलावा रेणू देवी भी रहीं, लेकिन सम्राट चौधरी इतने बड़े पक्षपाती हैं कि उपमुख्यमंत्री के नाम पर कर्णांकित आवास को भी अपने आवास में समाहित कर लिया.

मुख्यमंत्री के आवास को लेकर सवाल उठाते हुए कहा गया कि अगर सम्राट चौधरी इतने ही नियम और कानून के पाबंद हैं तो फिर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को पूर्व से कर्णांकित उपमुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट क्यों नहीं कर रहे? अगर विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव मंत्री की हैसियत से पूर्व से आंवटित आवास में रह रहे हैं तो फिर मंत्री का दर्जा प्राप्त नेता प्रतिपक्ष (बिहार विधान परिषद) राबड़ी देवी के साथ ऐसा पक्षपाती दुर्व्यवहार और बर्ताव क्यों किया जा रहा है?

बिहार के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए आरजेडी ने कहा, “सम्राट चौधरी में बिल्कुल भी न्यायिक चरित्र नहीं है. यह ईर्ष्या, द्वेष और शत्रुता की दुर्भावना से लैस होकर कार्य कर रहे हैं.”

Rajasthan Politics: राहुल गांधी के एक बयान से राजस्थान की सियासत में हलचल…

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राहुल गांधी, सोमवार को राजस्थान के दौरे पर पहुंचे. इस दौरान अशोक गहलोत की मौजूदगी में उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसकी चर्चा अब चारों ओर हो रही है.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोमवार को राजस्थान दौरे पर पहुंचे. इस दौरान एयरपोर्ट पर कांग्रेस की राजस्थान इकाई के नेताओं ने उनका स्वागत किया. इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से कुछ ऐसा कहा जिसने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी.

डोटासरा ने इसका वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी का शुक्रिया भी अदा किया.

डोटासरा ने लिखा कि आपके अनमोल शब्द और आपकी सराहना हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं. आपके विश्वास, आपके प्रोत्साहन और आपके प्रेरणादायी नेतृत्व के लिए आपका धन्यवाद. आपका मार्गदर्शन हमें लोगों के लिए निरंतर और अथक परिश्रम करने तथा उन मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है, जो हमारे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोते हैं.

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

दरअसल, एयरपोर्ट पर जहाज से उतरने के बाद जब नेता राहुल गांधी का स्वागत कर रहे थे, इस दौरान राहुल ने जूली और डोटासरा से कहा- पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और सीएलपी (नेता प्रतिपक्ष विधानसभा) मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं. आगे भी ऐसे करते रहो, आप बहुत अच्छा उदाहरण हो. बाकी राज्यों के लिए भी अच्छे उदाहरण हो आप.

राहुल ने डोटासरा और जूली से जब यह बातें कहीं उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे.

बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय संगठक बनाया गया…

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बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को पार्टी का राष्ट्रीय संगठक बनाया गया है. अभी तक बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री का दायित्व उनके पास था. भारतीय जनता पार्टी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव करने में जुटी हुई है. हाल ही में चार राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बाद सोमवार (1 जून) को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने नागेंद्र नाथ त्रिपाठी को बीजेपी का राष्ट्रीय संगठक (वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क) बनाया गया है. उनका केंद्र दिल्ली रहेगा. अभी तक वह बिहार और झारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री का दायित्व संभाल रहे थे.

यूपी,बिहारझारखंड में संगठन को दी धार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले नागेंद्र नाथ त्रिपाठी भारतीय जनता पार्टी के उन प्रमुख संगठनकर्ताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने का काम किया है. वो भाजपा के बिहार-झारखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वह करीब आठ वर्षों तक उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री भी रह चुके हैं.

संघ में लंबे समय तक रहे सक्रिय

उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले (तत्कालीन बस्ती) के बेलौली गांव में किसान परिवार में जन्मे नागेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने माता-पिता गिरिजा पति त्रिपाठी और गणेशा देवी की बच्चों में सबसे बड़े हैं. स्कूली शिक्षा के दौरान बस्ती में ही उनका संपर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ. संघ में लंबे समय तक सक्रिय रहने के दौरान उन्होंने प्रचारक के रूप में काम किया और युवाओं के बीच वैचारिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत किया

2011 में बिहार बीजेपी के बने संगठन महामंत्री

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाईं, जहां उनकी पहचान एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में बनी. साल 2003 में उन्हें भाजपा उत्तर प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया. इस दौरान उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और चुनावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया. उत्तर प्रदेश में लगभग आठ वर्षों तक जिम्मेदारी निभाने के बाद वर्ष 2011 में उन्हें बिहार भाजपा का संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया.

2021 में बिहारझारखंड के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री बने

अगस्त 2021 में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें बिहार और झारखंड का क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नियुक्त किया. यह पद संगठनात्मक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि क्षेत्रीय संगठन महामंत्री पार्टी और संघ के बीच समन्वय के साथ-साथ चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार की जिम्मेदारी भी संभालता है. सार्वजनिक मंचों पर उनकी मौजूदगी भले कम दिखती हो, लेकिन संगठनात्मक फैसलों और रणनीतिक बैठकों में उनकी भूमिका बेहद प्रभावशाली मानी जाती है.

Bengal Cabinet: 13 कैबिनेट और 22 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, शुभेंदु अधिकारी की टीम में किस-किस को मिली जगह? देखें पूरी लिस्ट

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West Bengal Cabinet Expansion: सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, तापस रॉय और मनोज कुमार ओरान जैसे नेता शामिल हैं. इन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सोमवार (1 जून, 2026) को पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार हुआ. राज्यपाल आर. एन. रवि ने यहां लोक भवन में 35 और मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई. 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्री ने पद की शपथ ली है, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा.

4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में

भारतीय जनता पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह हुआ था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पांच मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. फिलहाल शुभेंदु अधिकारी सिर्फ छह मंत्रियों के साथ काम कर रहे थे, जबकि 41 विभाग अकेले उनके पास थे.

सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, तापस रॉय और मनोज कुमार ओरान जैसे नेता शामिल हैं. इन्होंने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है, जबकि राज्य मंत्रियों की लिस्ट में जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, नदियार चंद बाउरी और विशाल लामा जैसे मंत्री शामिल हैं. कैबिनेट मिनिस्टर और राज्य मंत्रियों की पूरी लिस्ट ये है-

कैबिनेट मंत्री 

  • दीपक बर्मन
  • तापस रॉय
  • डॉ. शंकर घोष
  • मनोज कुमार उराँव
  • अर्जुन सिंह
  • गौरी शंकर घोष
  • स्वपन दासगुप्ता
  • जग्गन्नाथ चट्टोपाध्याय
  • कल्याण चक्रवर्ती
  • अजय पोद्दार
  • सारदवत मुखर्जी
  • दूध कुमार मंडल
  • अनुप कुमार दास

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

  • डॉ. इंद्रनील खान
  • मालती राव रॉय
  • राजेश महतो
  • जोएल मुर्मू
  • हरे कृष्ण बेरा
  • आनंदमय बर्मन
  • अशोक डिंडा
  • नदियार चंद बाउरी
  • विशाल लामा
  • शांतनु प्रमाणिक
  • मौमिता विश्वास मिश्रा
  • उमेश रे
  • पूर्णिमा चक्रवर्ती
  • कौशिक चौधरी
  • भास्कर भट्टाचार्य
  • दिबाकर घरामी
  • अमिया किस्कू
  • कलिता माझी
  • गार्गी दास घोष
  • बिराज विश्वास
  • दीपंकर जना
  • सुमना सरकार

मुख्यमंत्री साय ने सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी: छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और विरासत को मिला राष्ट्रीय मंच…

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राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सम्मान का क्षण बताया।

प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख होने पर प्रदेश में उत्साह का माहौल है। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और सम्मान का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के युवा धावक अनिमेष कुजूर और बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक स्थल मल्हार का उल्लेख होना छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, संस्कृति और विरासत को मिली बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों को सामने लाता है, तो इससे पूरे प्रदेश का सम्मान बढ़ता है और नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अनिमेष ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से 100 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को लेकर दिए गए संदेश युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मल्हार से प्राप्त प्राचीन ताम्र-पट्टिकाओं के उल्लेख को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह खोज प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है। पांडुवंशी काल से जुड़ी मानी जा रही ये दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाएं उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी विरासतों का उल्लेख होने से समाज में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ का यह एपिसोड नए भारत की उस सोच को दर्शाता है, जहां प्रतिभा, परिश्रम, खेल, संस्कृति और विरासत सभी को समान महत्व दिया जा रहा है। एक ओर प्रदेश का युवा खिलाड़ी देश को नई पहचान दिला रहा है, वहीं दूसरी ओर मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत को सामने ला रही है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है।

घुमका नगर पंचायत में अध्यक्ष और पार्षद के लिए मतदान जारी….

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राजनांदगांव जिले के घुमका नगर पंचायत में अध्यक्ष और पार्षदों के पदों के लिए आज मतदान किया जा रहा है। सुबह 8 बजे से लोग लाइन में लगे हैं। मतदान शाम 5 बजे तक होगा। नगर पंचायत घुमका में 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जहां कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी हैं। नगर पंचायत घुमका का अंतर्गत 3209 मतदाता हैं, जो अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहें।

राजनांदगांव जिले के नगर पंचायत घुमका में एक अध्यक्ष और 15 पार्षदों के पद के लिए आज मतदान किया जा रहा हैं। नगर पंचायत घुमका के अंतर्गत कुल 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिनपर मतदान जारी है। जिसमें नगर पंचायत घुमका अंतर्गत कुल 3209 मतदाता हैं, जिसमें पुरुष 1579 और महिला 1630 मतदाता हैं। मतदाता सुबह 8 बजे से मतदान केंद्र पर पहुंच रहे हैं और अपने मताधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। शाम 5 बजे तक यहां मतदान किया जाएगा। कांग्रेस से अध्यक्ष प्रत्याशी फूलमती वर्मा और बीजेपी से अध्यक्ष प्रत्याशी किरण वर्मा हैं, दोनों के बीच कड़ा मुकाबला हैं। इसके साथ ही 15 पार्षद भी चुनावी मैदान में हैं।