Home Blog Page 855

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री श्री साय

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, श्री पी. दयानंद, श्री राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुंबई के भायखला इलाके में बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग…

0

मुंबई के लालबाग इलाके में आज एक गगनचुंबी इमारत में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने इमारत के ऊपरी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस बिल्डिंग नाम सालसे द 27 है। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी है।

 

त्रिग्रह योग से आज कई गुना लाभ पाएंगे, कई राशियों के जातको मिलेगा लाभ, देखिये आज का राशिफल

0

28 फरवरी दिन शुक्रवार को शुक्र ग्रह की दोनों राशियों वृषभ, तुला सहित मकर राशि वालों के लिए भी सितारे शुभ स्थिति का निर्माण कर रहे हैं। आज चंद्रमा शतभिषा उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र से कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं।

मेष राशि – मेष राशि वालों को आज अपने खर्च और कामकाज पर ध्यान देने की जरूरत है। आपको आज भाग्य भरोसे बैठने से लाभ मिलने वाला नहीं है। आर्थिक मामलों में किसी की बातों में आकर आप निवेश करने से बचें नहीं तो नुकसान हो सकता है। आपको आज बिना पूछे किसी को सलाह देने से भी बचना चाहिए नहीं तो बाद में आपको इसका खुद ही नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वृषभ राशि – वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। आपको आज भाई बहनों से सहयोग मिलेगा और इनकी ओर से आपको कोई अच्छी खबर मिलेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से आपको आज सहयोग मिलेगा। आज आपको अपनी संतान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़ सकते हैं।

मिथुन राशि – मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति भी आज बेहतर होगी। आपको आज अचानक धन का लाभ मिल सकता है। आप आज नौकरी कारोबार में उन्नति के लिए किसी नई योजना पर भी काम शुरू कर सकते हैं।

​कर्क राशि – कर्क राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिलेगी और जिन क्षेत्रों में परिश्रम करेंगे उनमें इनको पूरी सफलता मिलेगी। जो लोग विदेश में शिक्षा पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं उनको आज सफलता मिलेगी। आप आज विलासिता और सुख साधनों पर धन खर्च करेंगे।

सिंह राशि – सिंह राशि के लिए आज सितारे बताते हें कि आपको आज पारिवारिक जीवन में सहयोग प्राप्त होगा। माता-पिता के सहयोग और आशीर्वाद से आपको कोई संपत्ति मिलने की प्रबल संभावना है। आज परिवार के किसी सदस्य की मदद से आपका कोई काम पूरा हो सकता है।

कन्या राशि – कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन अनुकूल और लाभप्रद रहेगा। लंबे समय से अटका आपका कोई काम आज पूरा हो सकता है। बैंकिंग और अकाउंट से संबंधित काम में आपको आज सफलता मिलेगी। इस राशि के छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना होगा क्योंकि मन आपका विचलित रह सकता है। आज शाम के समय आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में कुछ गिरावट आ सकती है, इसलिए जीवनसाथी की सेहत का आपको ध्यान रखना होगा। बिजनेस में लाभ पाने में आज आप सफल रहेंगें।

​तुला राशि – तुला राशि के लिए आज सितारे बताते हैं कि, आपका पारिवारिक जीवन में आज सुखद रहेगा। जीवनसाथी के साथ कोई विवाद चल रहा है तो आपके बीच के संबंध बेहतर होंगे। लव लाइफ में आज एक नई ऊर्जा का संचार होगा, प्रेमी के साथ आप आज बाहर खाने पीने की प्लान कर सकते हैं।

वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के लोगों के लिए आज का दिन रोमांटिक और अनुकूल रहेगा। आपकी कोई चली आ रही उलझन आज सुलझ सकती है। नौकरी और कार्यक्षेत्र में आपको आज परिश्रम अधिक करना होगा और कुछ तकनीकी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उतावलेपन में कोई भी फैसला लेने से आपको बचना चाहिए।

​धनु राशि – धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन लाभदायक है। आप आज शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। आज आपके अंदर दान और परोपकार की भावना भी विकसित होगी। आप आज प्रॉपर्टी के काम में सफलता और लाभ पा सकते हैं।

मकर राशि – मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन लाभ और सम्मान दिलाने वाला रहेगा। आपको आज आर्थिक मामलों में लिए गए साहसिक फैसले का लाभ मिल सकता है। ससुराल पक्ष से भी आज आपको फायदा मिल सकता है। आपके रुके हुए काम पूरे होने से आज आपको खुशी मिलेगी।

​कुंभ राशि – कुंभ राशि वालों के लिए आज शुक्रवार का दिन अनुकूल रहेगा। आज आप अपनी सभी जिम्मेदारियां और कार्य को समय पर पूरा कर पाने में सफल रहेंगे। आप कोई नया काम करेंगे तो उसमें भी आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। आपको आज शिक्षा और शिक्षण के काम में भाग्य लाभ दिलाएगा।

मीन राशि – मीन राशि के लिए आज सितारे बताते हैं कि, लंबे से अटके आपके काम आज बन सकते हैं। आज आपको संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। आज सामाजिक मान सम्मान मिलने से आपका मनोबल बढेगा। परिवार के सदस्यों के साथ हंसी-मजाक में शाम का समय बीतेगा।

सौर सुजला योजना बनी किसानों के लिए वरदान

0

वनक्षेत्र बारनवापारा के 1222 किसानों को सोलर पम्प से मिली सिंचाई सुविधा

आजादी के दशकों बाद भी परंपरागत बिजली से वंचित रहे  बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा क्षेत्र के किसानों के लिए छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में क्रेडा विभाग द्वारा अब तक बारनवापारा क्षेत्र में 1222 किसानों के खेतों में सौर सिंचाई पम्प स्थापित किए गए हैं, जिससे अब किसान बिना किसी चिंता के सिंचाई सुविधा का लाभ उठाकर लाभकारी खेती कर रहे हैं।

सौर सुजला योजना के तहत  बारनवापारा क्षेत्र में 2 हार्स पावर के 03, तीन हार्स पावर के 615 और 5 हार्स पावर के 604 सोलर पम्प स्थापित किए गए हैं। यह योजना उन किसानों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची थी या जिनके पास सिंचाई के अन्य संसाधन नहीं थे।

ग्राम डेबी के किसान नित्यानंद बताते हैं कि पहले सिंचाई की सुविधा न होने के कारण उनकी सालाना आमदनी मात्र 25 से 30 हजार रुपये थी। लेकिन सोलर पम्प लगने के बाद अब वे धान के साथ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर और बरबटी उगाकर तीन से चार गुना अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। इसी तरह, बंशराम चौहान, बसंत कुमार कैवर्त्य, अमरू राम, धनीराम बिंझवार और गौरी बाई दीवान सहित कई अन्य किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पहले किसान नदी-नालों से डीजल पम्प के जरिए सिंचाई करते थे, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च हो जाता था। लेकिन सौर सुजला योजना के तहत मात्र 24,800 रुपये में सोलर पम्प मिलने से अब उनकी यह समस्या समाप्त हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर सौर पम्प उपलब्ध करा रही है। तीन हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को मात्र 10,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, सामान्य वर्ग के किसानों को 21,000 रुपये का अंशदान देना होता है, जबकि 5 हार्स पावर के पम्प के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग को 20,000 रुपये तथा सामान्य वर्ग के कृषक को 25,000 रुपये का अंशदान देना होता है।बलौदाबाजार जिले में अब तक 5198 सौर पम्प लगाए जा चुके हैं।

सौर सुजला योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और क्रेडा विभाग के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सिंचाई के लिए नदी, नाले, कुएं और नलकूप प्राथमिकता से चिन्हांकित किए जाते हैं।छत्तीसगढ़ शासन की यह योजना किसानों के लिए कम लागत में सिंचाई की बेहतर और स्थायी व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक पहल : छत्तीसगढ़ की जनता बनी महाकुंभ 2025 की साक्षी

0

“आप सभी को एक बात कहना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुम्भ 2025 का आयोजन हो रहा है। मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु वहां जाएं। आप को वहां जाकर रूकने और खाने की चिंता नहीं करनी है। आपके लिए हमारी सरकार ने प्रयागराज के सेक्टर 6 में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन बनाया है। वहां पर आपके रूकने और खाने की निःशुल्क व्यवस्था की है।“

यह कथन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाकुम्भ 2025 शुरू होने के पहले अपने सार्वजनिक संबोधनों में कई जगह कही थी। मुख्यमंत्री श्री साय राज्य की जनता की आवश्यकताओं और इच्छाओं को समझते हैं,  इसीलिए मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से बात की और प्रयागराज स्थित कुंभ मेला क्षेत्र में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन का निर्माण कराया और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने खर्च पर 45 दिनों तक राज्य के श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की।

इन 45 दिनों में छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने चिंतामुक्त होकर महाकुम्भ 2025 के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। 45 दिनों तक चलने वाला आस्था और परंपरा का विश्व का सबसे बड़ा त्यौहार अब समाप्त हो चुका है, लेकिन जाते हुए भी ये छत्तीसगढ़ की जनता को अविस्मरणीय यादें  दे गया है जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी शामिल हैं।

ऐसा नहीं है कि प्रयागराज के मेला क्षेत्र के सेक्टर 6 में स्थित छत्तीसगढ़ पैवेलियन सिर्फ छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए ही था, बल्कि ये देश विदेश के सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र था। छत्तीसगढ़ पैवेलियन में लगी प्रदर्शनी को देखने के लिए देश विदेश के पर्यटक और श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहता था। एक तरफ जहां अन्य राज्यों के पैवेलियन रात 8 बजे के बाद बंद हो जाया करते थे, छत्तीसगढ़ पैवेलियन का सांस्कृतिक कार्यक्रम रात 10 बजे तक लोगों का मनोरंजन करता रहता था। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों ने प्रयागराज में महाकुम्भ की धरती पर ऐसा समां बांधा था कि भाषा और संस्कृति के आवरण से दूर देश के हर राज्य के लोग इसे देखने और सुनने को आतुर दिखते थे।

छत्तीसगढ़ पैवेलियन का प्रवेश द्वार बस्तर की पहचान गौर मुकुट से सुशोभित था। ये दूर से ही लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेता था। भीतर प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा छत्तीसगढ़ की ममतामयी पहचान को परिलक्षित करती थी। इसके साथ ही राज्य की चार ईष्ट देवियों ( मां महामाया, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां चंद्रहासिनी) की तस्वीरों के आगे लोगों के सिर श्रद्धा से झुक जाते थे। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं को जानने के लिए लोग आतुर दिखते थे। प्रदर्शनी में सिरपुर, कुतुबमीनार से ऊंचे जैतखाम, भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफाल, आधुनिक शहर नया रायपुर के बारे मे जानकर लोग स्तब्ध रह जाते थे।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी में टेक्नालाजी का भी इस्तेमाल किया गया था। 360 डिग्री का वीडियो दिखाने वाले इमर्सिव डोम में भीतर जाने के लिए पूरे देश के लोग लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते थे और ऐसा ही कुछ हाल वर्चुअल रियेलिटी के जरिए छत्तीसगढ़ को जानने के लिए भी था। इतना ही नहीं प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, कला, आभूषण, रहन-सहन, खान-पान, नृत्य, पशु एवं पक्षियों को भी दर्शाया गया था जो लंबे समय तक प्रादेशिक और राष्ट्रीय मीडिया के लिए आकर्षण का विषय बने हुए थे।

अब महाकुम्भ का समापन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे एकता का महाकुम्भ कहकर संबोधित किया है। छत्तीसगढ़ पैवेलियन अपने आप में इसका एक बड़ा उदाहरण है जहां बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के लिए निःशुल्क भोजन उपलब्ध था। बिना किसी ऊंच नीच के हर वर्ग, हर जाति और हर धर्म और हर संप्रदाय यहां तक की विदेशी भी आते थे और छत्तीसगढ़ को पास से जानकर आश्चर्य और रोमांच से भर जाते थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को दी महाकुंभ के सफल आयोजन की बधाई

महाकुम्भ के समापन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को महाकुम्भ के सफल आयोजन और छत्तीसगढ़ को साढ़े चार एकड़ जगह उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल और समर्पित प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ 2025 का हिस्सा बने। इन श्रद्धालुओं की भागीदारी ने राज्य की तीन करोड़ जनता को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस महान आध्यात्मिक आयोजन से जोड़ा।

छत्तीसगढ़ के संत, विद्वान और श्रद्धालु महाकुंभ के पवित्र संगम में स्नान और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हुआ। इसके माध्यम से राज्य ने अखिल भारतीय आध्यात्मिक चेतना में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने छत्तीसगढ़ को महाकुंभ के वैश्विक मंच पर एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया, जिससे राज्य की तीन करोड़ जनता को सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव की अनुभूति हुई। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र यात्रा बना, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ है।

छावा’ फिल्म में संभाजी महाराज के शौर्य और बलिदान की कहानी है।

0

विक्की कौशल जब से फिल्म इंडस्ट्री में आए, उनमें एक बहुमुखी और संभावनाशील कलाकार की झलक देखी गई। बीते कुछ सालों में उन्होंने जितनी भी फ़िल्में की, वे अलग-अलग जॉनर की रही। वे टाइप्ड नहीं हुए। उन्होंने युद्ध आधारित फिल्म ‘उरी’ में जो किया वह ‘सैम बहादुर’ में कहीं दिखाई नहीं दिया। अब उसकी कोई झलक उनकी नई फिल्म ‘छावा’ में दिखाई नहीं देती।

छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज की जीवनी वाली ये फिल्म हर दर्शक के दिल को छू रही है। फिल्म में विक्की कौशल ने संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने अभिनय से किरदार में जान डाल दी। यही वजह है कि इसे उनके कैरियर की शानदार फिल्मों में बताया जा रहा।

विक्की की इस फिल्म को लेकर दर्शकों का क्रेज कम नहीं हो रहा। महाराष्ट्र में तो यह फिल्म शानदार कमाई कर ही रही है। फिल्म देखने के बाद लोगों के रिएक्शन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग फिल्म देखने के बाद रो रहे हैं तो कुछ लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

फिल्म की कहानी दिखाती है कि मुगलों के वर्चस्व को खत्म करने के लिए उनके प्रयास कितने कठिन थे। यह इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे अनदेखा किया जाता रहा। विक्की कौशल ने इस विरासत के साथ पूरा न्याय किया। क्योंकि, जब उनका किरदार विश्वासघात और हार का सामना करता है, वे पल दिल की धड़कन तेज करने वाले हैं।

फिल्म में लड़ाई को इतना वास्तविक रूप दिया गया कि दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कौशल ने सिर्फ एक किरदार ही नहीं निभाया, वे राष्ट्र की ताकत और संकल्प का प्रतीक बन गए। संभाजी महाराज के किरदार में उनका अभिनय दमदार और बहुआयामी दिखाई दिया। एक ऐसा सेनापति जिसकी मौजूदगी पूरी फिल्म में महसूस की जा सकती है।

विक्की कौशल ने उस युवा का किरदार निभाया, जिसने अकेले ने मुगल साम्राज्य घुटनों पर ला दिया था। भारतीय इतिहास के गुमनाम नायक के रूप में देखे जाने वाले संभाजी का चित्रण बेहतरीन तरीके से किया गया है।

इस साल की फिल्मों में अव्वल

न सिर्फ अभिनय बल्कि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में भी ‘छावा’ ने इस साल रिलीज हुई फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। इस साल के शुरुआती डेढ़ महीने में अक्षय कुमार की ‘स्काई फ़ोर्स’ ने ही ठीक-ठाक कमाई कमाई की थी, पर ‘छावा’ ने उसे काफी पीछे छोड़ दिया।

इस साल विक्की कौशल, रश्मिका मंदाना और अक्षय खन्ना की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने की लगता है पूरी तैयारी कर ली। ‘छावा’ को सिर्फ अपने देश में ही नहीं, दुनियाभर में पसंद किया जा रहा। फिल्म ने रिलीज के शुरुआती 2 दिन में ही 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। ये फिल्म अब तो 200 करोड़ के क्लब में एंट्री कर गई।

‘छावा’ में छत्रपति शिवाजी के बेटे संभाजी महाराज की कहानी दिखाई गई है कि उन्होंने कैसे औरंगजेब से जंग लड़ी थी। बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों की कमाई पर नजर रखने वाली एक एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ‘छावा’ ने भारत में चार दिन में ही 168.60 ग्रॉस कलेक्शन किया। ‘छावा’ फिल्म में संभाजी महाराज के शौर्य और बलिदान की कहानी है।

भारतीय लीजेंड्स पर चुनिंदा फिल्में

इस फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा, इससे पहले भी भारतीय लीजेंड्स पर कई फिल्में बनी, जिन्हें देख दर्शकों के रोंगटे खड़े हुए। ‘छावा’ ने दर्शकों को मराठा इतिहास के बारे में बताया तो ‘तानाजी : द अनसंग वॉरियर’ एकदम सही फॉलोअप है। फिल्म में अजय देवगन ने बहादुर सेनापति तानाजी मालुसरे का किरदार निभाया, जिन्होंने मुगलों से कोंढाणा किले को वापस हासिल करने में अहम भूमिका निभाई थी।

संजय लीला भंसाली की ‘बाजीराव मस्तानी’ भी पेशवा बाजीराव (रणवीर सिंह) और मस्तानी (दीपिका पादुकोण) के रोमांस आधारित फिल्म है। 18वीं सदी के भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म के भव्य युद्ध दृश्य, विशाल सेट उस समय काल का जीवंत अनुभव कराते है। बाजीराव की पहली पत्नी काशीबाई का प्रियंका चोपड़ा का किरदार प्यार, वफादारी और बलिदान का प्रतीक है। अजय देवगन की फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ भारत के सबसे ज्यादा सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक फिल्म है। यह फिल्म भगत सिंह के क्रांतिकारी आदर्शों, ब्रिटिश उत्पीड़न के खिलाफ उनकी लड़ाई और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता दर्शाती है। शाहरुख़ खान ने फिल्म ‘अशोका’ में सम्राट अशोक की भूमिका निभाई। यह फिल्म अशोक के एक भयंकर योद्धा से एक दयालु शासक बनने के सफर पर आधारित है। ऐसी ही एक फिल्म ‘मंगल पांडे’ है, जिसमें आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई। सिपाही मंगल पांडे ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ 1857 में भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम को हवा दी थी।

ऐतिहासिक फिल्मों में ‘छावा’ आगे

संजय लीला भंसाली की दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म ‘पद्मावत’ इतिहास पर आधारित फिल्मों के मामले में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस फिल्म की कुल कमाई 300 करोड़ से ज्यादा थी। ‘पद्मावत’ ने पहले वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर 114 करोड़ का कलेक्शन किया था।

इसके मुकाबले ‘छावा’ पहले वीकेंड में 121 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है। अब विक्की कौशल की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर और भी बड़े लैंडमार्क को पार करने की तैयारी में है। अभी तक इस साल रिलीज हुई फिल्मों में सबसे ज्यादा कमाई अक्षय कुमार स्टार की ‘स्काई फोर्स’ ने की। उसने बॉक्स ऑफिस पर 130 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसका वीकेंड कलेक्शन 73 करोड़ था। जबकि, ‘छावा’ के पहले 3 दिन का कलेक्शन ‘स्काई फोर्स’ के वीकेंड कलेक्शन से तो बहुत ज्यादा है। बल्कि सोमवार की कमाई ने ‘स्काई फोर्स’ के टोटल कलेक्शन को भी पार कर दिया।

एक्शन सीन्स विक्की ने खुद किए

जो भी दर्शक ‘छावा’ देखकर थिएटर से निकल रहा है, वह विक्की कौशल की तारीफ कर रहा है। कई दर्शक फिल्म देखकर संभाजी महाराज के जयकारे लगाने लगे। खास बात यह कि फिल्म में सभी एक्शन सीन विक्की कौशल ने खुद किए हैं। फिल्म के एक्शन डायरेक्टर परवेज शेख के मुताबिक विक्की कौशल ने कहा था कि सारे एक्शन सीन्स के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल न किया जाए। इनमें एक बेहद मुश्किल सीन वो था जब औरंगजेब, संभाजी महाराज को जंजीरों में बांध लेता है। इस सीन में विक्की कौशल के हाथ-पैर बंधे और वे खून में लथपथ नजर आए।

परवेज के मुताबिक, उस सीन की शूटिंग में विक्की को जंजीरों से बांध दिया गया था और उन्हें 2-3 घंटों तक जंजीरों में जकड़ कर खड़े रहना पड़ा। वो शॉट दिन के साथ-साथ रात में भी फिल्माए गए थे। जो शूट किया गया था, वह बहुत मुश्किल था। इस एक्शन सीक्वेंस को फिल्माने के लिए 5-6 कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया। विक्की कौशल मशहूर एक्शन डायरेक्टर श्याम कौशल के बेटे हैं। इसलिए एक्शन की बारीकियां तो उन्हें विरासत में ही मिली होंगी। यह पहली बार है, जब विक्की कौशल ने मुश्किल एक्शन सीन किए।

एमसीबी : चिरमिरी नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 फीडबैक के लिए स्वच्छता अधिकारी ने स्वच्छता सुपरवाईजरों की ली बैठक

0

छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री अरूण साव के निर्देशानुसार, नगर पालिक निगम के महापौर राम नरेश राय व आयुक्त रामप्रसाद आचला के मार्गदर्शन में मंगलवार को नगर पालिक निगम चिरमिरी के सभागार में स्वच्छता अधिकारी उमेश तिवारी ने स्वच्छता सुपरवाईजरों के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 ओडीएफ प्लस-प्लस के तहत नगर के नागरिकों का फिडबैक अधिक से अधिक कराये जाने हेतु एक बैठक ली गई।स्वच्छता अधिकारी के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि स्वच्छता सर्वेक्षण फिडबैक सभी नागरिको का कराया जाना आवश्यक होगा। इसके लिए सभी स्वच्छता सुपरवाईजरो को फिडबैक के साथ स्वच्छता डोर टू डोर, तालाब, नाले की साफ-सफाई, सभी सुपरवाईजरों के द्वारा लॉकबुक समय सीमा के भीतर पूरा करके देने, आवश्यक दस्तावेज एवं पब्लिक से फिडबैक अधिक से अधिक लेने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
उक्त बैठक में जिला समन्वयक पीआईयु प्रवीण सिंह, स्वच्छता निरीक्षक रामगोपाल मलिक एवं संबंधित क्षेत्र के स्वच्छता सुपरवाईजर मौजूद रहे।

60 टी.बी मरीजों के लिए निःक्षय मित्र बने राज्यपाल श्री डेका

0

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राज्य के धमतरी, राजनांदगांव, गरियाबंद और बस्तर जिलों के 60 टी.बी. मरीजों के लिए निःक्षय मित्र बनकर उनको पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने हेतु 2 लाख 25 हजार रूपए की राशि प्रदान की है। श्री डेका ने आज उक्त राशि संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रदान की।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत देश एवं  प्रदेश को वर्ष 2025 तक टी.बी मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए जो राशि दी जा रही है उससे टी.बी मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। श्री डेका ने टी.बी मरीजों के लिए हरसंभव मदद की बात कही। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य को टी.बी. मुक्त बनाने के लिए समुदाय को भी जोड़ने का प्रयास करें।
श्री डेका ने कहा कि राजभवन आमजनता के साथ जुड़े यह हमारी प्राथमिकता है। जनता के हित के लिए अच्छा कार्य करने वाली संस्थाओं की जानकारी लेकर उन्हें स्वेच्छानुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना ने श्री डेका को प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के तहत भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदत्त निःक्षय मित्र पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अन्य अधिकारी तथा संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

शिवराज सिंह चौहान बनेंगे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष!, रेस में प्रबल दावेदार, RSS की भी पहली पसंद

0

 

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) खत्म के साथ ही बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यन चुनने की मुहिम तेज हो गई है। BJP और RSS भाजपा का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए माथापच्ची कर रहे हैं। माना जा रहा है कि 10 से 20 मार्च के बीच अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है। बीजेपी ने नये राष्ट्रीय अध्यक्ष की दौर में कई नाम शामिल है, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan ), शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan), जी. किशन रेड्डी, बीएल संतोष, अर्जुन राम मेघवाल और मनोहर लाल खट्टर हैं।

इन सभी नामों में सबसे प्रबल दावेदार मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को माना जा रहा है। इसका कराण शिवराज सिंह चौहान का मृदुभाषी होना और मास के बीच लोकप्रियता को माना जा रहा है। साथ ही इन सभी में सबसे बड़ा कारण आरएसएस की पहली पसंद भी शिवराज सिंह को ही माना जा रहा है। साथ ही आने वाले दिनों आगे पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार और UP जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ये सभी हिंदी बेल्ट में आने वाले राज्य हैं। हिंदी बेल्ट में शिवराज की अपनी फैन फॉलोइंग है।

बस्तर जिले के कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान के सटे ग्राम पेदावाड़ा एवं मांझीपाल में पर्यटकों के लिए ट्रेडिशनल (पारम्परिक) हीलिंग सेंटर बनाया जाएगा।

0

बस्तर जिले के कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान के सटे ग्राम पेदावाड़ा एवं मांझीपाल में पर्यटकों के लिए ट्रेडिशनल (पारम्परिक) हीलिंग सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग जगदलपुर वृत्त के सीसीएफ एवं राष्टीय उद्यान के निदेशक प्रयास कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के सटे ग्राम पेदावाड़ा एवं मांझीपाल में पर्यटकों के लिए ट्रेडिशनल (पारम्परिक) हीलिंग सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग जगदलपुर वृत्त के सीसीएफ एवं राष्टीय उद्यान के निदेशक प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस सेंटर में पर्यटकों को 8-10 दिन का पैकेज रहेगा, उस दौरान पर्यटकों का मोबाईल कमरे में रखा जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय वैद्यराज से पर्यटकों का बीपी, शुगर जांच की जाएगी और उनका उपचार किया जाएगा। ट्रेडिस्नल हीलिंग सेंटर में विभिन्न गतिविधियां होगी, जिनमें मानसिक तनाव दूर होने के साथ शरीर को तंदरूस्त रखने में भी मदद मिलेगी। इसमें मानव इंद्रियों की संवेदना को प्रकृति से जोड़कर मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं का उपचार होगा है, ताकि मानसिक शांति की की अनुभूति हो सके।

पारंपरिक हीलिंग सेंटर में आयुर्वेद का इस्तेमाल किया जाएगा, ये सेंटर, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए परामर्श, चिकित्सा देंगे। बस्तर घूमने आने वाले पर्यटक पूरे आदिवासी कल्चर को जी सके और यहां की खूबसूरत वॉटर फाल्स और अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती निहारने के साथ ही आदिवासी कल्चर का भी लुत्फ उठा सकें। पूरी तरह से आदिवासी कल्चर में पर्यटकों को बस्तर के लोकल व्यजंन परोसे जाएंगे। साथ ही पर्यटकों को पारंपरिक आदिवासी नृत्य करने का भी मौका मिलेगा। इसके अलावा पर्यटक आदिवासी वेशभूषा पहनकर भी आदिवासियों के कल्चर को समझ सकेंगे। साथ ही दोना पत्तल में स्वादिष्ट व्यंजन का लुफ्त उठा पाएंगे।