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BSNL का सस्ता लॉन्ग-टर्म प्लान; 12 महीने की वैलिडिटी, 600GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग

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भारत सरकार का टेलीकॉम ऑपरेटर BSNL 4G लाने के बाद काफी चर्चा में है। इसके साथ ही यह अन्य प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए भी बड़ा कॉम्पिटिशन बन रहा है। कंपनी अपने यूजर्स के लिए बहुत से प्लान लाती रहती है।

अक्सर यूजर्स हर महीने के रिचार्ज प्लान से परेशान हो गए हैं, तो आज हम आपके लिए BSNL का सालाना प्लान लेकर आए हैं। इस प्लान की कीमत 2000 रुपये से कम है। आइए इस प्लान के बारे में जानते हैं।

BSNL का लॉन्ग-टर्म प्लान

सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने एक नया लॉन्ग-टर्म प्रीपेड प्लान दिया है, जो आपको पूरे 12 महीने तक रिचार्ज की झंझट से बचाएगा। इस प्लान की कीमत 1999 रुपये है और यह 600GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 SMS डेली जैसी सुविधाएं देता है। जब जुलाई 2024 में इन कंपनियों ने अपने रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में बढ़ोतरी की, तब BSNL ने अपने सस्ते टैरिफ को बरकरार रखा। इसी वजह से पिछले कुछ महीनों में 50 लाख से अधिक नए यूजर्स BSNL से जुड़े हैं।

1999 रुपये वाले BSNL प्लान की खासियत

प्लान की कीमत 1999 रुपये
वैधता 12 महीने
डेटा कुल 600GB (कोई डेली लिमिट नहीं)
कॉलिंग सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग
SMS 100 SMS प्रतिदिन

ऐसे जो यूजर्स लंबी वैलिडिटी और अनलिमिटेड कॉलिंग चाहते हैं, उनके लिए BSNL का 1999 रुपये वाला प्लान सबसे किफायती ऑप्शन है। यह पूरे एक साल तक वैलिड रहता है और यूजर्स को फ्लेक्सिबल डेटा यूज की सुविधा देता है।

BSNL 797 प्लान

अगर आप इससे भी सस्ता लॉन्ग-टर्म रिचार्ज चाहते हैं, लेकिन रोजाना डेटा की जरूरत नहीं है, तो BSNLके 797 रुपये के प्लान के बारे में सोच सकते हैं। यह प्लान अन्य टेलीकॉम कंपनियों की तुलना में अधिक वैलिडिटी देता है और उन यूजर्स के लिए सही है, जो अपने BSNL नंबर को एक्टिव रखना चाहते हैं।

ग्रामोद्योग विभाग द्वारा लोगों को दी जा रही जानकारी

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राजिम कुंभ कल्प मेला में गरियाबंद जिले के विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में ग्रामोद्योग विभाग के रेशम प्रभाग का स्टाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टाल में किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को कोसा उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। अब तक हजारों लोग इस स्टाल पर पहुंचकर कोसा उत्पादन की जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। कोसा उत्पादन किसानों के लिए न केवल आय का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में मददगार होगा।

स्टाल प्रभारी राम गोपाल चौहान ने बताया कि कोसा उत्पादन वन एवं कृषि आधारित रोजगार का एक बेहतरीन जरिया है, जिससे गांवों में ही आजीविका प्राप्त की जा सकती है। छत्तीसगढ़, जो हरितिमा से आच्छादित राज्य है, में खेतों के किनारे अर्जुन के पेड़ लगाकर कोसा उत्पादन किया जा सकता है। अर्जुन पेड़ों की पत्तियों पर कोसा कीड़े तीस दिन में कोसा फल तैयार कर देते हैं, जिसे किसान आसानी से बाजार में बेच सकते हैं।

कोसा उत्पादन कृषि के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि इसका पालन खेतों में बायो-फर्टिलाइजर के रूप में भी उपयोगी होता है। प्रति अर्जुन वृक्ष 50 से 60 कोसा फल उत्पन्न होते हैं, जो बाजार में एक से दो रुपये प्रति फल की दर से बिकते हैं। इस प्रक्रिया में 70 प्रतिशत कोसा फल तोड़कर बेचा जाता है, जबकि 30 प्रतिशत को प्राकृतिक वंश वृद्धि के लिए पेड़ों पर ही छोड़ना आवश्यक होता है, जिससे आगे कोसा तितलियां विकसित होकर उत्पादन की श्रृंखला को बनाए रखें।

निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मचारी निलंबित

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जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने वाले तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें प्रधान पाठक श्री जुनास खलखो, पटवारी श्री विजय कुमार श्रीवास्तव और व्याख्याता श्री गणेश कुमार मंडल शामिल हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा है कि शासकीय दायित्व के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्वाचन एवं शासकीय कार्य में स्वेच्छाचारिता के  मामलों में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों के अनुसार, इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरती, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हुई। प्रधान पाठक श्री जुनास खलखो को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन 19 फरवरी 2025 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, जशपुर में सामग्री वितरण के दौरान वे नशे की हालत में पाए गए। चिकित्सकीय जांच में इसकी पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कांसाबेल कार्यालय में नियत किया गया।

इसी तरह निर्वाचन कार्य के तहत फरसाबहार तहसील के पटवारी श्री विजय कुमार श्रीवास्तव को मतदाता सूची की हार्ड कॉपी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने बिना अनुमति के 70 दिनों तक अपने कर्तव्य से अनुपस्थिति दर्ज कराई। कारण बताओ नोटिस का भी उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया, जिससे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.), फरसाबहार कार्यालय में नियत किया गया है।

व्याख्याता श्री गणेश कुमार मंडल को भी पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया था, लेकिन 19 फरवरी 2025 को सामग्री वितरण के दौरान वे नशे की हालत में पाए गए। चिकित्सकीय परीक्षण में इसकी पुष्टि होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कांसाबेल कार्यालय में नियत किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय, बगिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुनकुरी में चार बिस्तरों वाले डायलिसिस सेंटर का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह डायलिसिस सेंटर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कुनकुरी और आसपास के मरीजों को अब इलाज के लिए अंबिकापुर या रांची जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाएं जन-जन तक आसानी से पहुंचे। कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर के प्रारंभ होने से अब मरीजों को लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें घर के पास ही उत्तम उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। यह पहल जिले के नागरिकों को त्वरित, सुलभ और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और उन्नत बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। जशपुर जिले के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कुनकुरी में 220 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति भी दी जा चुकी है, जिससे जिले के नागरिकों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।

डायलिसिस सेवाएं अब और सुलभ

जशपुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय जशपुर में 5 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पत्थलगांव में 3 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट संचालित हैं। इसी कड़ी में अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुनकुरी में 4 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट प्रारंभ की गई है। इससे जिले के 75 से अधिक किडनी रोगी लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अब तक जिले में कुल 217 मरीजों को 18,171 डायलिसिस सेशन दिए जा चुके हैं।

उल्लखेनीय है कि इस अवसर पर रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, श्री कृष्णा राय, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, नव-निर्वाचित दुलदुला बीडीसी श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।

इस दिन से शुरू हो रहा है मलमास, सभी शुभ कार्यों पर लग जाएगी रोक, जानिए इस साल कब-कब बज सकती है शहनाई

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हिंदू धर्म में शुभ और मांगलिक कार्य शुभ समय में ही किए जाते हैं. विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त पर विचार किया जाता है.

साल के कुछ समय ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के कारण शुभ नहीं माने जाते हैं और उस समय शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. आमतौर इस समय को मलमास या खरमास कहा जाता है. इस समय ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के कारण शुभ कार्य रोक दिए जाते हैं. वर्ष 2025 में भी कुछ समय के लिए शादी और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक लगने वाली है. होली के एक सप्ताह पहले से होलाष्टक शुरू हो जाता है. इस वर्ष 7 मार्च से होलाष्टक शुरू होने वाला है. इस दौरान विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे. 13 मार्च को होलाष्टक समाप्त होगा. इस दिन होलिका दहन भी होगा. आमतौर पर होली के बाद विवाह और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते लेकिन इस वर्ष 14 मार्च को मलमास (Malmas Kya Hota Hai) शुरू हो रहा है. मलमास के दौरान भी शुभ कार्य पर रोक रहती है. ऐसे इस वर्ष विवाह समेत मांगलिक कार्य 13 अप्रैल को मलमास खत्म होने के बाद ही शुरू होंगे. आइए जानते हैं इस वर्ष आने वाले समय में कब-कब होंगी शादियां

बढ़ जाता है नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव

ज्योतिष के विद्वानों के अनुसार इस साल फरवरी से दिसंबर तक कुल 42 विवाह मुहूर्त हैं. फाल्गुन महीने में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक शुरू होता है और पूर्णिमा यानी होलिका दहन तक रहता है. इस समय विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य करने पर रोक रहती है. इस अवधि में सभी ग्रह उग्र स्थिति में रहते हैं. इसके कारण वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है और इसीलिए शुभ कार्यों पर रोक रहती है.

आने वाले समय में विवाह के शुभ मुहूर्त

होली के पहले विवाह के मुहूर्त : अब फरवरी के बचे हुए दिनों में 21 और 25 को विवाह के मुहूर्त हैं जबकि मार्च में होलाष्टक लगने से पहले 5 और 6 मार्च को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.

अप्रैल माह में विवाहके मुहूर्त : 7 मार्च से होलाष्टक दोष और मीन मलमास शुरू हो जाएगा. इसके बाद विवाह मुहूर्त 14 अप्रैल से शुरू होंगे. अप्रैल में 14, 16, 18, 19, 20, 25, 29, 30 तारीख को विवाह होंगे.

मई माह में विवाहके मुहूर्त : माह माह में 5, 6, 7, 8, 13, 17, 28 मई को शुभ मुहूर्त हैं. इन दिनों को शुभ विवाह हो सकते हैं.

जून माह में विवाहके मुहूर्त : जून माह में 1, 2, 4, 7, 8, 9, 10 जून को विवाह होंगे. 11 जून से गुरु अस्त होने के कारण विवाह नहीं होंगे.

इस तारीख से देव शयन दोष : इस वर्ष 6 जुलाई से देव शयन दोष लग जाएगा और इसके बाद विवाह 21 नवंबर तक नहीं होंगे.

इन दिनों को अबूझ मुहूर्त : साल के कुछ दिन अत्यंत शुभ माने जाते हैं और इन दिनों को विवाह के लिए मुहूर्त की जरूरत नहीं होती है. इस वर्ष 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया, 5 मई का जानकी नवमी, 12 मई को पीपल पूर्णिमा, 5 जून को गंगा दशमी, 4 जुलाई को भड़ली नवमी, 6 जुलाई को देवउठनी एकादशी और 2 नवंबर को अबूझ मुहूर्त होने के कारण विवाह संपन्न हो सकेंगे.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

FASTAG सिस्टम खत्म, नए साल से इस तरह कटेगा टोल टैक्स

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भारत में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए टोल टैक्स के नियम बदल गए हैं। सरकार ने FASTag सिस्टम को हटाने का फैसला किया है और अब नया तरीका अपनाया जाएगा।

इस नए सिस्टम से वाहन चालकों को ज्यादा सुविधा मिलेगी और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से भी छुटकारा मिलेगा।

FASTag सिस्टम में क्यों किया गया बदलाव?

टोल प्लाजा पर ट्रैफिक कम करने और कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 2016 में FASTag लागू किया गया था। लेकिन इसके बावजूद कई समस्याएं बनी रहीं, जैसे

FASTag बैलेंस खत्म होने पर होने वाली समस्याएं

कई टोल प्लाजा पर स्कैन करने में होने वाली समस्याएं

डुप्लिकेट या गलत कटने की बढ़ती शिकायतें

कुछ मामलों में FASTag काम नहीं करता और मैन्युअल पेमेंट की जरूरत पड़ती है

इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई तकनीक आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।

नए साल से टोल टैक्स काटने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। सरकार अब GPS आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम लागू कर ही है। इस नए सिस्टम के तहत:

GPS ट्रैकिंग के जरिए अब सीधे आपके बैंक अकाउंट से टोल टैक्स कट जाएगा।

टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।

हाईवे पर आपने जितनी दूरी तय की है, उसके हिसाब से टोल कटेगा।

यह सिस्टम वाहनों में लगी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) तकनीक से जुड़ा होगा।

कैसे काम करेगा GPS टोल सिस्टम?

इस नए सिस्टम में हर वाहन में GPS ट्रैकर लगा होगा, जो उसकी लोकेशन रिकॉर्ड करेगा। टोल भुगतान के लिए यह सिस्टम ऐसे काम करेगा

इस नई GPS आधारित टोल प्रणाली के कई लाभ होंगे, जैसे:

लंबी कतारों से छुटकारा – अब टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार नहीं लगेगी।

टोल चोरी पर रोक – कई लोग अलग-अलग तरकीबों से टोल टैक्स बचाने की कोशिश करते थे, अब ऐसा नहीं होगा।

समय और ईंधन की बचत – वाहनों को टोल प्लाजा पर ब्रेक लगाने और रुकने की जरूरत नहीं होगी।

अधिक पारदर्शिता – टोल टैक्स की गणना GPS डेटा के आधार पर होगी, जिससे गलत कटौती के मामले कम होंगे।

 

बिना सेट-टॉप बॉक्स बदले अब चेंज करें DTH ऑपरेटर, TRAI ने कंपनियों को दी ये सलाह

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देश में ब्रॉडकास्टिंग सर्विस को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कुछ महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं. इसमें इंटर-ऑपरेबल सेट-टॉप बॉक्स (STB) को अपनाने, ब्रॉडकास्टर्स के बीच इन्फ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को बढ़ावा देने और IPTV सेवा प्रदाताओं के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त को हटाने की बात कही गई है.

यानी अगर सब कुछ ठीक रहा तो कस्टमर बिना सेट-ऑप बॉक्स बदले डीटीएच ऑपरेटर बदल सकेंगे. TRAI ने शुक्रवार को अपनी सिफारिशों में कहा कि ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं के लिए अब नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट-2023 के तहत मंजूरी दे दी है. यह नया कानून 1885 के टेलीग्राफ एक्ट की जगह ले चुका है. इस बदलाव का मकसद ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में बिजनेस को आसान बनाना और विकास को गति देना है.

मानक सेट-टॉप बॉक्स और इन-बिल्ट STB की सिफारिश

नियामक ने सिफारिश की है कि ब्रॉडकास्टिंग सर्विस प्रोवाइडर और टेलीकॉम कंपनियां टेक्नोलॉजी और व्यावसायिक रूप से संभव होने पर स्वेच्छा से अपने बुनियादी ढांचे को साझा कर सकती हैं.

वहीं, TRAI ने टीवी चैनल वितरण सेवाओं से जुड़े प्रदाताओं को इंटर-ऑपरेबल सेट-टॉप बॉक्स लागू करने के लिए कहा है ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर ऑप्शन मिले और ई-कचरा (e-waste) कम हो. इसके अलावा, मानक सेट-टॉप बॉक्स और इन-बिल्ट STB वाले टीवी सेट्स के लिए दिशानिर्देश बनाने की सिफारिश की गई है.

साल में 2 महीने ही मिलती है ये मिर्च, जोड़ों के दर्द में रामबाण, कैंसर, डायबिटीज, फैटी लीवर का इलाज

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खानपान की वजह से हर दूसरे-तीसरे शख्स में डायबिटीज और जोड़ों में दर्द की समस्या देखने को मिल रही है. इसकी वजह से अस्पतालों और दवाओं पर खूब पैसे खर्च हो रहे हैं!

लेकिन, डायबिटीज पर कंट्रोल और जोड़ों में दर्द में जल्दी आराम के लिए लाल बड़ी मिर्च का नियमित सेवन वरदान साबित हो सकता है.

डॉक्टरों के मुताबिक, लाल बड़ी मिर्च में विटामिन सी और आयरन के अलावा एक विशेष एंटी ऑक्साइड गुण पाया जाता है. हालांकि, यह मिर्च साल के दो महीने ही बाजार में मिलती है. लाल बड़ी मिर्च फरवरी से लेकर मार्च तक मिलती है. इसके बाद धीरे-धीरे कम हो जाती है. लेकिन, इसका उपयोग अचार या जाइम के रूप में किया जाए तो 6-8 महीने तक आराम से चल जाता है

नन्ही मुस्कानों के संग मुख्यमंत्री श्री साय ने मनाया अपना जन्मदिन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह पहुंचकर अपना जन्मदिन नन्ही  मुस्कानों के साथ सादगीपूर्वक मनाया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने विशेष दिन को इन नन्हीं मुस्कानों के साथ साझा कर यह संदेश दिया कि समाज के हर वर्ग की खुशियों में भागीदार बनना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बालिका गृह में बच्चियों के संग केक काटा, उनके साथ समय बिताया और उनकी मासूम हँसी और बातों को आत्मीयता से सुना। इस दौरान बच्चियों ने अपनी छोटी-छोटी इच्छाएँ उनके सामने रखीं, जिनमें एक साउंड बॉक्स की माँग भी थी। मुख्यमंत्री ने इसे तत्काल पूरा करते हुए बालिका गृह को यह उपहार भेंट किया।इसके अलावा, उन्होंने बालिका गृह में कंप्यूटर, वॉटर कूलर एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की, जिससे यहाँ रह रही बच्चियों की शिक्षा में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूली जीवन की यादें की साझा

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपने स्कूली जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके गाँव का प्राथमिक स्कूल खपरेल वाला था, और बारिश के दिनों में पानी टपकता था। उन्होंने बच्चियों को बताया कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें एक बेहतर छात्रावास और पढ़ाई के लिए अच्छा वातावरण मिला है। उन्होंने बच्चियों को लगन और मेहनत से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी और समझाया कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने देश-दुनिया के महान व्यक्तित्वों के जीवन संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि संघर्षों से घबराने के बजाय, उन्हें अपनी ताकत बनाना चाहिए। उन्होंने बच्चियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहायता देगी।

उल्लेखनीय है कि बालिका गृह में फिलहाल 57 बच्चियाँ रह रही हैं, जहाँ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उन्हें निशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बलरामपुर : समय-सीमा की बैठक सम्पन्न

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संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति, पंचायत चुनाव की तैयारियों, बाल विवाह रोकथाम, कुपोषण उन्मूलन और अवैध खनन व परिवहन की समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने प्रथम चरण के पंचायत चुनावों की समीक्षा करते हुए दूसरे और तीसरे चरण में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मतदान सामग्री के वितरण, मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक प्रपत्रों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री कटारा ने जिले में बाल विवाह रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों और कार्रवाइयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी भी क्षेत्र में बाल विवाह होने की सूचना मिले तो तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाए। कलेक्टर ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि कानूनी अपराध भी है और इसके आयोजन में शामिल परिजनों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) के संचालन की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनकी भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के परिजनों को पोषण के प्रति जागरूक करें और कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजने के लिए समझाइश दें ताकि उन्हें सामान्य रूप से आवश्यक पोषक देकर सुपोषित किया जा सके। कलेक्टर ने जिले में संचालित आश्रम-छात्रावासों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मीनू के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में कलेक्टर ने खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करें और सतत निगरानी रखते हुए अवैध उत्खनन और परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करें। बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों और प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जनसमस्याओं के समाधान करने को कहा।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर श्री आर.एस.लाल, संयुक्त कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय, श्री प्रमोद गुप्ता, सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,  सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।