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CG: सीएम हेल्पलाईन एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली से जनसामान्य की शिकायतों का होगा निराकरण…

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छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग की सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। लोगों द्वारा विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी। इसमें दूरभाष, व्हाट्सएप, पोर्टल पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी।

मुख्यमंत्री के जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों के आवेदनों निराकरण भी सीएम हेल्पलाईन से किया जा सकेगा एवं जिलों में कलेक्टर द्वारा जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाईन में दर्ज किया जाएगा।

आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत की अध्यक्षता में सीएम हेल्पलाईन योजना हेतु नामांकित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों एवं सहायक नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी सपोर्ट टीम द्वारा अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के तहत कार्य करने का प्रेजेंटेशन के जरिये तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में जनसामान्य की शिकायतों का निराकरण शीघ्रता से हो, इसके लिए सीएम हेल्पलाईन एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायतों को पंजीकृत कर निर्धारित समय-सीमा मंे समस्याओं का निराकरण होगा।

इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी कि वे प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करें। राज्य शासन के विभागों के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों को पंजीकृत किया जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के सचिव को होगी।

विभागीय सचिव को यह जानकारी होगी की दर्ज शिकायत का निराकरण किस स्तर के अधिकारी द्वारा कर दिया गया है। यदि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का निवारण नहीं करते है तो उनकों उस शिकायत के निराकरण के संबंध में स्पष्ट हेल्पलाईन पर करना होगा।

सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से एक प्लेटफार्म पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी शिकायत कर सकेंगे। शिकायत पंजीकृत कर संबंधित शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी प्रदान किया जाएगा। जिसके माध्यम से वह अपनी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। बैठक सह प्रशिक्षण के इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ का ‘संकल्प’ बजट विकसित राज्य का रोडमैप: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी…

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वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपने पहले बजट को ‘ज्ञान’ को समर्पित किया था। दूसरे बजट में ‘गति’ की रणनीति अपनाई गई, जिसमें गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के माध्यम से तीव्र आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया। अब तीसरा बजट ‘संकल्प’ के माध्यम से समावेशी और समग्र विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का उत्थान है। यही ‘ज्ञान के उत्थान’ की मूल भावना है।

2047 का विजन और दीर्घकालिक रणनीति

वित्त मंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘अमृतकाल’ में विकसित भारत की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों की सहभागिता से ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समन्वित रणनीति के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान बजट एक वर्षीय लक्ष्य के साथ 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की कड़ी है।

विकसित भारत जी रामजी योजना: 4000 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा की तुलना में ऐतिहासिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ ठोस परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि योजनाओं का दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये तथा विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अधोसंरचना और औद्योगिक विकास

राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य की 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन सड़क का प्रावधान रहेगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 से 2014 तक जितने एयरपोर्ट बने, उससे अधिक एयरपोर्ट पिछले दशक में बने हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है।

शिक्षा, युवा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहल

छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा लैंड बैंक के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं ‘निपुण’ योजना के माध्यम से नई पीढ़ी को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

नक्सलवाद उन्मूलन और डबल इंजन सरकार

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि पहले हर सप्ताह शहादत की खबरें आती थीं, लेकिन अब स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूर्व नक्सली सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।

सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य ने जीएसटी संग्रह में देश में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उधारी एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों के तहत जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा में ही ली जाएगी और कुल ऋण जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से नीचे रखा जाएगा। राज्य सरकार ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तहत पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी को घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक लाया है। कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्प्शन फंड में भी प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी।

बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधान

बस्तर एवं सरगुजा अंचल के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये, बस्तर ओलंपिक्स के लिए 22 करोड़ रुपये तथा सरगुजा ओलंपिक्स के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर नेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये तथा पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित किए जाएंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि

कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। युवाओं के लिए दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़ रुपये तथा 25 महाविद्यालय भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विभिन्न योजनाओं के लिए 33 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा

सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रारंभ की जाएगी, जिससे उन्हें अस्पताल में तत्काल भुगतान की परेशानी और प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट राज्य को नई विकास ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

CG: होली से पहले अन्नदाताओं के चेहरे पर मुस्कान -कृषक उन्नति योजना के तहत 28 फ़रवरी को खातों में अंतर की राशि होगी अंतरित…

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कोरबा जिले के हजारों अन्नदाताओं के लिए 28 फ़रवरी का दिन विशेष महत्व’

खेतों में कड़ी मेहनत कर धान उत्पादन करने वाले किसानों को उनकी उपज का समुचित लाभ सुनिश्चित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि  सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है।

होली पर्व से पूर्व यह आर्थिक संबल किसानों और उनके परिवारों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया है,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में धान  उपार्जन करने वाले किसानों को घोषित समर्थन मूल्य के अतिरिक्त अंतर की राशि प्रदान कर उनके परिश्रम का सम्मान किया जा रहा है।

कोरबा जिले के कुल 43 हजार 681 किसानों ने अब तक योजना का लाभ उठाया है। योजना के सफल क्रियान्वयन के फलस्वरूप, जिले में कुल 27 लाख 47 हजार 101.20 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है, जिसके एवज में किसानों के खातों में 20 हजार 081.31 लाख रुपये (लगभग 200.81 करोड़ रुपये) की बड़ी राशि हस्तांतरित की जाएगी।

विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार करतला विकासखंड इस योजना का लाभ लेने में सबसे आगे रहा है, जहाँ 13 हजार 358 किसानों ने 09 लाख 82 हजार 873.20 क्विंटल धान बेचकर 07 हजार 184.80 लाख रुपये की राशि, पाली विकासखंड में 10 हजार 157 किसानों को 05 लाख 53 हजार 834.80 क्विंटल धान के बदले 04 हजार 048.54 लाख रुपये का भुगतान, पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड में 07 हजार 649 किसानों को 04 लाख 53 हजार 565.20 क्विंटल धान के एवज में 03 हजार 315.54 लाख रुपये का तथा कोरबा विकासखंड के 07 हजार 068 किसानों को 04 लाख 74 हजार 294 क्विंटल धान हेतु 03 हजार 467.10 लाख रुपये और कटघोरा विकासखंड के 05 हजार 449 किसानों को 02 लाख 82 हजार 534 क्विंटल धान के लिए 02 हजार 065.33 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

कृषक उन्नति योजना के माध्यम से न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।

CG: होली पर्व से पहले बस्तर जिले के किसानों को 205.95 करोड़ रुपए होंगे जारी…

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जगदलपुर में वृहद किसान सम्मेलन में होंगे शामिल’

अन्नदाताओं के लिए इस वर्ष की होली बेहद खास और खुशियों भरी होने जा रही है। आगामी 4 मार्च को मनाए जाने वाले होली के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश सरकार कृषक उन्नति योजना के माध्यम से बस्तर जिले के किसानों की झोली खुशियों से भरने जा रही है।

शनिवार 28 फरवरी को जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित होने वाले वृहद किसान सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया जाएगा। त्यौहार से ठीक पहले मिल रही इस बड़ी राशि से बस्तर के ग्रामीण अंचलों में होली का उत्साह अभी से दोगुना हो गया है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में समृद्धि की गुलाल बिखेरी जाएगी। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों तक पहुँचाई जा रही है। त्यौहार के ठीक पहले मिलने वाली इस आर्थिक मजबूती से न केवल बाजारों में रौनक बढ़ेगी, बल्कि किसान अपने परिवार के साथ 4 मार्च की होली का जश्न पूरे उत्साह और उमंग के साथ मना सकेंगे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया ‘गुलाल’ होली विशेषांक का विमोचन…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय  में  ‘गुलाल’ होली विशेषांक का विमोचन किया। वरिष्ठ पत्रकार श्री जगजीत सिंह द्वारा प्रकाशित इस विशेषांक में होली पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक पक्षों को समाहित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और भारतीय परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकाशन हमारी लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस रचनात्मक पहल के लिए प्रकाशक और उनकी टीम को बधाई दी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, श्री दीपक विश्वकर्मा, श्री नदीम मेमन तथा श्रमजीवी गिल्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री आर.के. गांधी उपस्थित थे।

CG: स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है सिटी गैस परियोजना : मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिटी गैस अवसंरचना का किया शुभारंभ’

हरित छत्तीसगढ़, स्मार्ट छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम’

मेट्रो शहरों की तरह डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस  माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिलेगी गैस’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएनजी युक्त वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रायपुर नगर निगम की पहली पाइपलाइन गैस उपभोक्ता श्रीमती पूनम चौबे से संवाद कर घरेलू उपयोग में पाइपलाइन गैस की सुविधा के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रजत जयंती वर्ष मना रहा है और इन वर्षों में प्रदेश ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। सिटी गैस अवसंरचना परियोजना इस विकास यात्रा में एक नई उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल नई सुविधा नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मेट्रो शहरों की तर्ज पर डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन से गैस उपलब्ध होगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को रिफिलिंग की झंझट से मुक्ति मिलेगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सस्ती और सुलभ ऊर्जा मिलने से उद्योग क्षेत्र को भी गति मिलेगी तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाएं सशक्त होंगी।

मुख्यमंत्री ने एचसीजी समूह को बधाई देते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि वे रायपुर सहित बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले में शीघ्र ही सीएनजी स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि वाहनों में सीएनजी के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और आम नागरिकों के ईंधन खर्च में भी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट में अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रदेशवासियों को मेट्रो शहरों जैसी सुविधाओं का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें, इस दिशा में सरकार ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वच्छ ईंधन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनें और हरित, विकसित एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दें।

उल्लेखनीय है कि सिटी गैस अवसंरचना परियोजना रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से घरेलू उपयोग तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों हेतु पाइपलाइन द्वारा पीएनजी की आपूर्ति की जाएगी तथा वाहनों के लिए सीएनजी भी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में एचसीजी समूह के प्रबंध निदेशक श्री राहुल चोपड़ा, निदेशक श्री राजीव माथुर, अध्यक्ष श्री दीपक सावंत, श्री राकेश रंजन, गैल इंडिया के प्रतिनिधि एवं उद्योग जगत के लोग उपस्थित रहे।

CG: 5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में 5000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथसाथ शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि व्यापम द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 तथा व्याख्याता की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को संभावित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के साथ किया गया प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि युवा प्रदेश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाने में योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी जशपुर जिले को बड़ी सौगात…

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30.59 करोड़ की 9 सड़कों को मिली मंजूरी’
आवागमन के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की नई रफ्तार देते हुए 9 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए कुल 30 करोड़ 59 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा, व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। दो वर्षों के भीतर मिली इस करोड़ों की सौगात से जिले की सड़क व्यवस्था का व्यापक कायाकल्प हो रहा है।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है। जिले के ढूंड़गजोर (सरसमार) से चिढ़रापारा पत्थलगांव तक 2 किमी 1 करोड़ 96 लाख, ग्राम ढोंगादरहा से अम्बाकछार मार्ग 3 किमी 4 करोड़ 84 लाख, ग्राम पंचायत मुड़ापारा (हड्डी गोदाम मेन रोड) से घिंचापानी होते हुए पंगसुवा मार्ग 4.85 किमी 4 करोड़ 26 लाख, ग्राम कोतबा से सरईकोना होते हुए पिकपारा मार्ग 4.60 किमी 4 करोड़ 59 लाख, कांसाबेल के बटाईकला प्रेमनगर से मारचाईढोढ़ी मार्ग 2.90 किमी, 2 करोड़ 79 लाख, कांसाबेल खूंटीटोली बस्ती से चेतबा हाई स्कूल मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 4 लाख, कांसाबेल कोरंगा से नवाटोली से भागलपुर मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 14 लाख, कुड़केल खजरी के पटेल पारा से बगई झरिया मार्ग 3.80 किमी 3 करोड़ 28 लाख, कोकिया खार से आमकानी मेन रोड तक 4 किमी 4 करोड़ 69 लाख रुपए की मंजूरी मिली है।

करोड़ों की सौगात से विकास को मिलेगी रफ्तार

इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात की सुविधा बेहतर होगी, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे गांव-गांव में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। यह स्वीकृति जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

CG: किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि’

मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार’

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राज्य के अन्नदाताओं को 28 फरवरी को जारी करेंगे 10 हजार 324 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि…

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छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का किसानों को होली का उपहार’
बिलासपुर के बिल्हा में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन
राज्य के सभी विकासखण्डों में किसानों को राशि वितरण समारोह का होगा आयोजन’

छत्तीसगढ़ सरकार अपने संकल्प के अनुरूप होली पर्व से पूर्व 28 फरवरी को राज्य के अन्नदाताओं को 10 हजार 324 करोड़ रूपए की आदान सहायता उनके बैंक खातों में अंतरित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड स्थित रहंगी खेल मैदान में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों को यह राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

वृहद किसान सम्मेलन एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत आदान सहायता राशि के वितरण का यह समारोह दोपहर 12 बजे से होगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दिनों यह निर्णय लिया था कि किसानों को धान के मूल्य के अंतर की राशि होली से पहले एकमुश्त दी जाएगी। 28 फरवरी को राशि जारी होते ही छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प पूरा होने के साथ ही किसानों को होली के त्यौहार का आनंद भी दोगुना हो जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को उनके धान का उचित मूल्य देने के लिए कृषक उन्नति योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान का 3100 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य दे रही है, जो देश में सर्वाधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य में 25 लाख 28 हजार किसानों को समर्थन मूल्य पर 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इस योजना का लाभ धान बेचने वाले सभी किसानों को मिलेगा।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसान भाईयों को 35 हजार करोड़ रूपए से अधिक की मदद आदान सहायता के रूप में दी गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना एवं अन्य किसान हितैषी योजनाओं को मिलाकर राज्य के अन्नदाताओं को अब तक 1.50 लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की गई है।

छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी सरकार ने इस साल के बजट में किसान मजदूरों को बीमा कव्हरेज प्रदान करने का भी प्रावधान किया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत सरकार ने 600 करोड़ और किसानों के सिंचाई पंपों को निःशुल्क बिजली देने के लिए 5500 करोड़ रूपए की व्यवस्था बजट में की है। किसानों के फसलों की सुरक्षा के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रूपए का भी प्रावधान वर्ष 2026-27 के बजट में किया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में खेती-किसानी के प्रति किसानों का रूझान लगातार बढ़ रहा है और सरकार की ओर मिल रहे प्रोत्साहन के चलते खेती में बढ़-चढ़कर निवेश भी कर रहे हैं। राज्य के लिए कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का यह शुभ संकेत है।