Home Blog Page 926

बारिश के समय में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

0

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा में अति वर्षा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई लोगों के घरों में जलभराव से नुकसान हुआ है वहीं बड़ी संख्या में किसानों की फसल नुकसान हुई है। ऐसे में वनमंत्री कश्यप ने इन जिलों के कलेक्टर को राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर समय पूर्व सभी तैयारियां पुख्ता कर लेने को कहा है।

वनमंत्री कश्यप ने कहा कि समय रहते बचाव के उपाय भी किए जाएं। उन्होंने कहा की बरसात के मौसम में कई मौसमी बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर दवाओं के छिड़काव के साथ अन्य जरूरी उपाय किए जाएं। जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रखा जाए। बांधों, जलाशयों, पुलों से संबंधित अमला पूरे समय अलर्ट रहे। उन्होंने कहा जल भराव की स्थिति पर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्परता से कराई जाए।
मंत्री कश्यप ने अत्यधिक वर्षा प्रभावित जिलों के कलेक्टर से बात कर स्थिति पर नज़र रखने का निर्देश दिये है ताकि खरीफ सीजन की चल रहे कृषि कार्य में कोई व्यवधान न हो।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय के एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन पर दी बधाई

0

उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय को एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन हासिल होने पर बधाई और शुभकामना दी है। उन्होंने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि बिलासपुर जिला चिकित्सालय को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र , Sप्रसूति सुविधाओं के लिए लक्ष्य प्रमाण पत्र तथा नवजात एवं बाल रोग देखभाल के लिए मुस्कान (MusQan) प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर मैं अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्टॉफ को बधाई देता हूं। बिलासपुर जिला चिकित्सालय में पिछले सात-आठ महीनों में इलाज की व्यवस्थाएं बेहतर हुई हैं। मरीजों को वहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अच्छी प्रसूति सुविधाएं तथा नवजात व बाल रोगों का बेहतर उपचार मिल रहा है, इसे भारत सरकार द्वारा जारी ये तीन गुणवत्ता प्रमाण पत्र रेखांकित कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बिलासपुर जिला अस्पताल में सभी विभागों में अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ही जांच व इलाज के लिए आधुनिक उपकरण एवं मशीनें, दवाईयां और मेडिकल स्टॉफ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने जिला अस्पताल से जुड़े सभी लोगों को शुभकामना देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएं जारी रखेंगे और बिलासपुर जिले के लोगों को अच्छी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।

गूंगा सीरियल किलर तेजराम उर्फ कोंदा को किया लवन पुलिस ने गिरफ्तार अंधे कत्ल के दो मामलों का हुआ पर्दाफाश

0

पुलिस टीम द्वारा “साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों”की मदद से दबोचा
आरोपी वर्ष 2020 में एक 35 वर्षीय एवं साल 2023 में एक 56 वर्षीय महिला की कर दी थी हत्या

रायपुर, 09 सितम्बर 2024/ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिल में अंधे कत्ल के दो मामलों का हुआ पर्दाफाश लवन पुलिस ने किया। पूर्व में दो महिलाओं की हुई हत्या के मामलें में गूंगा सीरियल किलर तेजराम उर्फ कोंदा को लवन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर लगाम के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों पर शक्ति से कार्यवाही की जाए, जिससे प्रदेश में शांति व्यवस्था बनी रहें। उन्होंने पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि करते हुए पूर्व के अधिकारियों को लंबित प्रक्ररणों को हल करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि समाज में अपराधियों पर सख्ती करते हुए सभी लंबित प्रक्ररणों की समीक्षा कर पुनः परीक्षण करना सुनिश्चित करें, ताकि वास्तविक अपराधी के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकें । अंधे कत्ल के दोनों मामलों में “साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों”की मदद से और मनोवैज्ञानिक रूप से विस्तृत पूछताछ किया गया, जिसमें आरोपी तेजराम उर्फ कोंदा द्वारा एक सीरियल किलर की भांति दोनों महिलाओं की हत्या करना स्वीकार किया।

पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने बताया कि पहला मामला 29 मई 2020 को प्रार्थी रामायण पटेल निवासी ग्राम भालूकोना द्वारा थाना लवन में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि इसकी भतीजी अनुपम बाई अपने घर में अकेली रहती थी कि 29 मई 2020 को प्रातः 07.30 बजे सूचना मिली कि मृतिका अनुपमा बाई का शव महानदी किनारे एक पेड़ के डंगाल में मृत पड़ी है। जिसकी सूचना पर लवन थाने के पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंचा। पुलिस बल द्वारा संपूर्ण घटनास्थल का सूक्ष्मतापूर्वक निरीक्षण किया गया, जिसमें मृतिका का शरीर पेड़ डंगाल में लेटा हुआ तथा पैर जमीन में था, कपड़ा बिखरा हुआ, सिर पर काफी चोट लगी थी। शव पूरी तरीके से खून से लथपथ थी। पास में ही खून लगा एक सूखी लकड़ी भी पड़ी मिली। प्रथम दृष्टया किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसी सूखी लकड़ी से मारपीट कर मृतका की हत्या किया जाना एवं शव को पेड़ में लटका देना प्रतीत हो रहा था। घटनास्थल निरीक्षण में मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, लकड़ी का टुकड़ा आदि को विधिवत जप्त किया गया और रिपोर्ट पर महिला की हत्या करने वाले अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना लवन में अपराध क्र. 345/2020 धारा 302 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

दूसरा मामला 13 मार्च 2023 को प्रार्थी किशन यादव निवासी ग्राम भालूकोना द्वारा थाना लवन में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि गांव के पनखट्टी तालाब पार स्थित मंदिर के पास गौरी बाई यादव उम्र 56 साल निवासी ग्राम भालूकोना का शव पड़ा हुआ है, जिसकी सूचना पर लवन थाने के पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पहुंचा। पुलिस बल द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया की मृतिका घर में अकेली रहती थी। मृतिका के सिर, चेहरा में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मारकर चोंट पहुंचाया जाना, जिसमें से खून निकला हुआ था। सांथ ही शव को घसीटने का निशान भी दिख रहा था। इस दौरान घटना स्थल में मिले महत्वपूर्ण साक्ष्यों, खून लगा लकड़ी का टुकड़ा, एक लोहे का हंसिया आदि विधिवत जप्त किया गया। रिपोर्ट पर महिला की हत्या करने वाले अज्ञात आरोपी के विरुद्ध थाना लवन में अपराध क्र. 212/2023 धारा 302 भादवि पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

दोनों प्रकरणों में ग्रामवासियों से विस्तृत पूछताछ किया गया। साथ ही घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। इसके साथ ही दोनों महिलाओं के रहन-सहन एवं दैनिक दिनचर्या का भी अध्ययन किया गया। संपूर्ण घटनाक्रम एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड में गांव के ही एक संदेही तेजराम उर्फ कोंदा का नाम सामने आया। उक्त संदेही को हिरासत में लेकर “साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों” की मदद से उससे मनोवैज्ञानिक रूप से विस्तृत पूछताछ किया गया, जिसमें आरोपी द्वारा एक सीरियल किलर की भांति दोनों महिलाओं की हत्या करना स्वीकार किया गया। तत्पश्चात पुलिस टीम द्वारा आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर एवं अन्य हथियार भी बरामद किया गया।

पुलिस टीम की विशिष्ट कार्यकुशलता एवं समर्पण द्वारा दो महिलाओं की हत्या करने वाली आरोपी तेजराम उर्फ कोंदा 32 साल निवासी ग्राम भालुकोना थाना लवन को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। प्रकरण में आज 06 सितम्बर 2024 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

प्रधान पाठक आत्महत्या मामले में पुलिस ने किया पूर्व मंत्री अकबर के खिलाफ केस किया दर्ज

0

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में प्रधानपाठक देवेन्द्र कुमार ठाकुर सुसाइड केस में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। साथ ही इसी मामले में डौंडी थाने में तीन अन्य लोगों पर 420 के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई है।
दरअसल, ये पूरा मामला डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम घोठिया का है। यहां रहने वाला देवेंद्र ठाकुर (57) प्रधान पाठक की पदस्थापना डौंडी विकासखंड के ओडगांव प्राथमिक स्कूल में थी। 7 सितंबर की सुबह उनके घर में उनकी लाश फांसी के फंदे पर लटकती मिली। घर वालों के द्वारा सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने सुसाइड नोट भी जब्त किया। घटना के वक्त देवेंद्र ठाकुर की पत्नी ड्यूटी पर गई थी। घटना वाले दिन तबीयत खराब होने का बहाना कर देवेंद्र ठाकुर घर पर ही रुके थे। बच्चे जब स्कूल से आए तब उन्होंने पिता को फांसी पर लटकता देखा। बच्चों ने पड़ोसियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पड़ोसियों के माध्यम से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से उतार पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया था। शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है।
सुसाइड नोट में देवेन्द्र ठाकुर ने अपनी मौत के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके नाम लिखे है। सुसाइड नोट में लिखा कि वन विभाग में नौकरी लगाने के नाम से प्रधान पाठक ने अपने रिश्तेदारों से रकम लेकर ठग को दिए थे। रिश्तेदारों को नौकरी नहीं मिली तो वो पैसे वापस की मांग प्रधान पाठक से करने लगे। इस बात से परेशान प्रधान पाठक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में हरेंद्र नेताम, प्रदीप ठाकुर, मदार खान और मोहम्मद अकबर के नाम का उल्लेख है।
डौंडी पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी मामले में हरेंद्र नेताम, प्रदीप ठाकुर और मदार खान उर्फ सलीम के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 108, 420 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले में जांच जारी है।

मुख्यंमत्री ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाए महत्वपूर्ण कदम

0

महतारी वंदन योजनाः जशपुर जिले की 2 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ*

*महिलाओं ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तहत् महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि दी जा रही है। योजना से महिलाओं को आर्थिक सम्बल और हाथों में एक निश्चित राशि मिल रही है, जिसका उपयोग महिलाएं परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों के उपयोग में कर रही हैं। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल समय का सहारा बन गई है। साथ ही निर्भक होकर अपने जिम्मेदारियों का भी निर्वाहन कर पा रही हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की अब तक सातवीं किस्त जारी कर दी गई है। जशपुर जिले की 2 लाख 32 हजार 760 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है।
महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से हर महिना एक-एक हजार मिल रहा है। जिससे वे बहुत खुश हैं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिए हैं। महिलाओं ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगाऐगें। वे बेटे को उच्च शिक्षा में मदद मिले इसके लिए इस राशि से सहयोग करेगें। प्रति माह 1000 राशि आने से राहत मिलने के साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य गढ़ने में मदद मिल पाएगी। कुछ महिलाओं ने बताया कि राशि का अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करेगें। जिससे आने वाले समय में उनके काम आ सके।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने के लिए महतारी वंदन योजना एक कारगर कदम है। जशपुर सहित प्रदेश भर की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई है। गांव से लेकर शहर तक महिलाओ में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महिलाओं को इस योजना से प्रतिमाह 1000 रूपए की राशि दी जाएगी। साल में कुल 12 हजार की राशि भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम बाबूसाजबहार बेलडाड में लगाया नया ट्रांसफार्मर

0

मुख्यमंत्री साय के मंशानुरूप गांव हो या शहर सभी जगह बिजली की आपूर्ति निर्बाध रूप से संचालित हो इसके लिए के विद्युत विभाग के द्वारा नई लाइन बिछाने के साथ ही समस्या आने पर तत्काल ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया जा रहा है।

इसी कड़ी में ग्राम बाबूसाजबहार बेलडाड में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया था। कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर निगरानी रखने के दिए निर्देश

0

मुख्यमंत्री साय ने अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में आज जन सूचना के आधार पर लावा नदी डुमरटोली क्षेत्र में राजस्व तसीलदार मनोरा, खनिज इंस्पेक्टर जशपुर और पुलिस विभाग मनोरा के द्वार संयुक्त जांच किया गया जिसमें 04 ट्रेक्टर खनिज रेत के अवैध परिवहन करते पाया गया जांच टीम ने खनिज नियम के तहत कार्यवाही करते हुए सभी को जप्त कर पुलिस थाना कोतवाली जशपुर की अभिरक्षा मे रखा गया

सभी जप्ती वाहनो पर खान तथा खनिज विकास तथा विनियमन अधिनियम के उल्लेखित प्रवाधानो के तहत अग्रिम कार्यवाहि की जाएगी।
कार्यवाही के दूसरे दिन भी जांच जारी रही जांच के दौरान एक भी गाड़ी लगा हुआ नहीं पाया गया उक्त जांच ग्रामीणों के शिकायत के आधार पर की गई लगातार कुछ दिनों से शिकायत प्राप्त हो रही थी कि बाहर की ट्रैक्टर जाकर मनोरा अंतर्गत रेत घाटों से अवैध तरीके से खनन करके रेत ले जाया जा रहा है।

माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधिपतियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का आयोजन

0

छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रविवार को जिला न्यायपालिका के सशक्तीकरण व सिविल व आपराधिक विधि पर राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस आयोजित किया गया। इस एतिहासिक कान्फ्रेंस के मुख्य अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकान्त और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा एवं माननीय न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा रहे। इस कान्फ्रेंस में माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायमूर्तिगणों द्वारा एक साथ भागीदारी किया जाना कान्फ्रेंस की गंभीरता व महत्व तथा भारत की न्यायपालिका के आधारशिला जिला न्यायपालिका की न्यायदान में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का उदघाटन भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा अपने उद्बोधन में व्यक्त किया कि पक्षकारों के सम्पर्क में सर्वप्रथम जिला न्यायपालिका आती है, ऐसी दशा में जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी व भूमिका महत्वपूर्ण है और यदि न्यायाधीश निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है तो कोई प्रक्रियात्मक व तकनीकी अड़चन न्यायाधीश को एक तार्किक निर्णय लेने में बाधा नहीं बन सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायदान में आने वाली तकनीकी व प्रक्रियात्मक बाधाओं के प्रति व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाने के बजाय ऐसी बाधाओं के प्रभावी निवारण के लिए संस्थागत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी की बढ़ती प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के संबंध में जोर दिया कि न्यायपालिका में झूठ व बेबुनियाद मामलों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए एक मजबूत व साहसी जिला न्यायपालिका तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी को निपटने में सक्षम हो सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को साहस व ईमानदारी के साथ निर्णय लेने का आह्वान किया। माननीय न्यायाधिपति ने न्यायाधीश के गुणों के संबंध में बताया कि एक न्यायाधीश को बहादुर, साहसी व अपने अंतरात्मा के प्रति ईमानदार होना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका की अधीक्षण की शक्ति माननीय उच्च न्यायालय को प्राप्त है अतः जिला न्यायपालिका माननीय उच्च न्यायालय के प्रति अपनी अन्तरात्मा के प्रति और सबसे महत्वपर्ण न्याय के आकांक्षी के रूप में आम जनता के प्रति जवाबदेह है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने आम जनता के प्रति जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी के संबंध में व्यवत्त किया कि एक पक्षकार किसी न्यायाधीश को नहीं जानता है और वह इस आस्था व विश्वास के साथ आता है कि उसके साथ न्याय होगा अत हमारा दायित्व है कि हम उनकी आस्था और विश्वास को बनाए रखें।

माननीय न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने अपने मुख्य भाषण में जिला न्यायपालिका के भूमिका व महत्व पर जोर देते हुए व्यक्त किया कि भारत में जिला न्यायपालिका केवल वैधानिक न्यायालय ही नहीं है बल्कि इसकी जड़ें भारत के संविधान में अवस्थित है। उन्होनें जिला न्यायपालिका के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका भौगोलिक व भाषायी पहुंच में पक्षकारों के निकट होती है। जिला न्यायपालिका स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रथा रीति-रिवाज बोली को ज्यादा अच्छे तरीके से समझती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका की सिविल व व्यक्तिगत स्वतंत्रता की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिला न्यायपालिका को सिविल व आपराधिक दोनों क्षेत्रों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षक बताया। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका को आवश्यक संसाधन व तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित करने पर जोर देते हुए आगाह किया कि न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूरी तरह से प्रौद्योगिक या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर नहीं होना है क्योंकि यह साक्ष्य व तर्कों के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।

माननीय न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उदबोधन में जिला न्यायपालिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व कानूनी प्रावधानों का निर्वचन बहुत महत्वपूर्ण है और यह उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय द्वारा किए जाने वाले निर्वचन के लिए आधार प्रदान करता है। माननीय न्यायाधिपति ने व्यक्त किया कि नए प्रावधानों के लागू होने से कानूनों के प्रति जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व निर्वचन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है इसलिए जिला न्यायपालिका को कानूनों को लागू करने में व निर्वचन करने में अत्यंत सतर्क रहना होगा।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हम एक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका को सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे और आज की यह कान्फ्रेंस जिला न्यायपालिका को सशक्त करने के हमारे प्रतिबद्धता को दर्शाता है। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा विश्वास व्यवत किया गया कि आज की यह कान्फ्रेंस अपने उददेश्यों को प्राप्त करेगी और हम लोग जिला न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों को और बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम होंगे तथा और अधिक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने यह भी व्यक्त किया कि इस कान्फ्रेंस के तकनीकी सत्र निश्चित तौर पर न्यायिक अधिकारियों की सिविल व आपराधिक विधि के संबंध में समझ को और विस्तृत व वर्धित करने वाला होगा।

इस कान्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ जिला न्यायपालिका पर एक पुस्तक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स आफ छत्तीसगढ़ का अनावरण माननीय न्यायमूर्तिगण द्वारा किया गया। इस पुस्तक में राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के बारे में जानकारी के साथ साथ जिले के इतिहास, संस्कृति व विविधता के बारे में सारगर्भित जानकारी के साथ साथ न्यायिक अधिकारियों के विद्धतापूर्ण लेख भी समाविष्ट हैं ।इस राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस के उदघाटन सत्र के समापन पर माननीय न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया मुख्यमंत्री साय ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेश में राज्य स्तरीय उल्लास मेला स्थल पर बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिए नवाचारी गतिविधियों पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

लगाई गई प्रदर्शनी में कुल 6 स्टाल लगाए गए हैं जिसमे 5 स्टाल संभागों के उल्लास कार्यक्रम पर और एक स्टाल एससीईआरटी का है

भगवान बलरामजन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 9 सितंबर को प्रदेश में मनाया जाएगा किसान दिवस

0

कृषि के देवता माने जाने वाले भगवान श्री बलराम जी की जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 9 सितम्बर को प्रदेश में किसान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे। किसान दिवस का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कृषि महाविद्यालय, रायपुर के कृषि मण्डपम में दोपहर 12:00 बजे प्रारंभ होगी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी होंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष सुरेश चन्द्रवंशी भी उपस्थित रहेंगे।

किसान दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि पर विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ‘‘प्राकृतिक एवं गौ आधारित कृषि’’ की संकल्पना, इसकी प्रविधि एवं इससे प्राप्त लाभों से अवगत कराया जाएगा। इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से 2 हजार से अधिक किसान शामिल होंगे। इसी दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में संचालित 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी श्री बलराम जयंती-किसान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति में आदिकाल से ही कृषि में गौ उत्पादों जैसे गोबर और गौमूत्र का प्रयोग होता रहा है। गौ आधारित खेती रसायन एवं कीटनाशक मुक्त कृषि की वह पद्धति है जिसमें परम्परागत तरीके से प्रकृति के नियमों का अनुसरण करते हुए देशी पद्धति खेती के सिद्धांत को अपनाकर खेती की जाती है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है, जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और खेती की लागत कम हो जाती है।