राज्यपाल रमेन डेका से सीआरपीएफ पुलिस महानिरीक्षक ने की सौजन्य मुलाकात
राज्यपाल रमेन डेका से सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।
राज्यपाल रमेन डेका से सीआरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।
राज्यपाल रमेन डेका से निदेशक सैनिक कल्याण, छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) विवेक शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा आयोजित होने वाले ‘स्वदेशी मेला’ की विवरणिका (ब्रोशर) का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि प्रदर्शनी का आयोजन भारतीय विपणन विकास केंद्र (स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई) द्वारा किया जाएगा। भारतीय विपणन विकास केंद्र के मेला प्रबंधक सुब्रत चाकी ने बताया कि पिछले दो दशक से यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष विभिन्न जिलों में आयोजित किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि स्वदेशी मेला भारतीय उद्यमियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करता है। यह मेला भारतीय उत्पादकों, ग्रामीण, कुटीर, निजी, सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों के लिए लाभकारी व्यापार उपक्रम के रूप में उभरा है। जिससे इस कार्यक्रम की लोकप्रियता आमजन के बीच बढ़ती जा रही है। इस वर्ष यह स्वदेशी मेला कबीरधाम में 17 से 23 अक्टूबर, बिलासपुर में 15 से 21 नवम्बर, रायपुर में 27 दिसम्बर 2024 से 3 जनवरी 2025, राजनांदगांव में 7 फ़रवरी से 13 फरवरी 2025 व जगदलपुर में 2 मार्च से 9 मार्च 2025 तक आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. रामप्रताप सिंह, प्रान्त समन्वयक श्री जगदीश पटेल, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी,शीला शर्मा, युगबोध अग्रवाल, श्री अमर बंसल, स्वदेशी मेला एवं भारतीय विपणन विकास केंद्र के प्रबंधक श्री सुब्रत चाकी, श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं अन्य स्वदेशी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस नेे सौजन्य भेंट की और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सवेरे यहां राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास परिसर में ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, योजना नीति, कृषि एवं ग्रामीण विकास सलाहकार डॉ. धीरेन्द्र तिवारी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसव राजू एस., सहित मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री निवास में स्वतंत्रता दिवस मनाने पहुंचे अधिकारियों-कर्मचारियों के नन्हें बच्चों से मुख्यमंत्री साय ने बड़ी ही आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के नाम पूछे और उन्हें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
स्वतंत्रता दिवस की इस मंगल बेला में हम सभी स्वाधीनता का सुख साझा कर रहे हैं। हमको यह आजादी अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरुद्ध हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान के बूते मिल पायी है। यह आजादी हमें देन है शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों की, जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी।
महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं।
स्वाधीनता के साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान निर्माण का काम संपन्न हुआ, जो आज प्रकाश स्तंभ की तरह देश के लोकतंत्र को निरंतर आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है।
आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है।
आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है।
नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है।
बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है।
भूमिहीन किसानों को हमने दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपए वार्षिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। प्रदेश में कृषि हितैषी नीतियों की वजह से खेती-किसानी में रौनक लौट आई है और किसानों के चेहरों पर मुस्कान नजर आ रही है। आज हमारे गांव आर्थिक रूप से संपन्न नजर आते हैं। एक लोककल्याणकारी सरकार के लिए इससे बढ़कर संतोष की बात और कुछ नहीं हो सकती
देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित 7 दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह जानना बेहद जरूरी है कि छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने जनसंपर्क विभाग के प्रयास की सराहना की साथ ही कहा कि यह छायाचित्र प्रदर्शनी युवाओं को प्रेरित करेगी और उन्हें देश-समाज के लिए सकारात्मक दिशा में कार्य करने में महती भूमिका निभाएगी।
छायाचित्र प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित की गई है। मुख्य योजनाओं महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, महिला सशक्तीकरण, पीएम जनमन योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
गौरतलब है कि छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में यह प्रदर्शनी आयोजित की गई है, जिसका अवलोकन सुबह 11.00 बजे से रात 8 बजे तक किया जा सकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., जनसंपर्क आयुक्त मयंक श्रीवास्तव, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, श्री आलोक देव एवं जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि हमारे दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है।
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आज जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। यह दौड़ सुबह 7.30 बजे से स्थानीय गांधी चौक से शुरू होकर गोलबाजार, घड़ी चौक, सेंचुरी गार्डन होते हुए गांधी चौक में समाप्त हुई। महापौर विजय देवांगन और पूर्व विधायक रंजना साहू ने इस अवसर पर रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली में कलेक्टर नम्रता गांधी, पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, जिले के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और स्कूली बच्चां ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कलेक्टर नम्रता गांधी ने स्वतंत्रता दौड़ के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी की मदद और अच्छाई के लिए दौड़ लगाना है। प्रतियोगिता में कुछ लोग जीतते हैं, लेकिन सद्भावना की दौड़ में सभी विजयी होते हैं। आप देश के भविष्य हैं और आप अपने साथ अन्य लोगों की मदद कर सकते हैं। हमारा सर हमेशा देश के सम्मान के लिए उठना चाहिए। पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय ने कहा कि यह अवसर हमें उन मूल्यों को याद करने का है, जिन्होंने हमारे स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज की दौड़ में सभी विजेता हैं, सभी आज अपने-अपने घरों में तिरंगा जरूर फहराएं।
स्वतत्रता दौड़ में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बालक-बालिकाओं को अलग-अलग सम्मानित किया गया। इसके साथ ही खेल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को प्रमाण पत्र व शील्ड प्रदाय किया गया तथा अतिथियों को औषधि पौधे और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अपर कलेक्टर जी.आर.मरकाम ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, खेल संघ के पदाधिकारी, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी जांजगीर-चांपा में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का संदेश वाचन करेंगे। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह सुबह 9.00 बजे जिला मुख्यालय स्थित शासकीय हाई स्कूल मैदान जांजगीर-चांपा में आयोजित होगा।