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कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला…

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कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या राम मंदिर के लिए प्राप्त चंदे में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने उनकी ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाते हुए इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की चुप्पी ने बीजेपी के दोहरे मापदंडों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राम मंदिर आंदोलन का समर्थन करके सत्ता हासिल की थी, लेकिन अब वह उस मामले में कार्रवाई करने से पीछे हट रही है, जिसे उन्होंने एक बड़ा घोटाला बताया।

पीएम मोदी पर सवाल

वेणुगोपाल ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि इस मामले में कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा उनके प्रधानमंत्री बनने का एक प्रमुख कारण था। इतनी बड़ी चोरी हुई है और प्रधानमंत्री चुप हैं। इससे स्पष्ट होता है कि बीजेपी का दोहरा रवैया सामने आ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी को पत्र लिखकर उन्होंने कथित डोनेशन घोटाले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी। अयोध्या मंदिर में चंदा चोरी ने देश को झकझोर दिया है और यह लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा है।

योगी आदित्यनाथ पर निशाना

कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा, जिन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाने वालों की आलोचना की। वेणुगोपाल ने कहा कि चोरी के बाद, आलोचना करने वालों को गलत ठहराना यह दर्शाता है कि आप उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जिन्होंने चोरी की है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI को जांच करने दिया जाना चाहिए।

राजनीतिक घटनाक्रम

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राम मंदिर चंदा विवाद पर केशव मौर्य का बयान…

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर चंदा विवाद के संदर्भ में चंपत राय का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को बेवजह बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।

मौर्य ने यह भी कहा कि श्री राम जन्मभूमि के लिए समर्पित तपस्वियों, जिनमें चंपत राय भी शामिल हैं, को इस विवाद से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राम मंदिर में दान के मुद्दे को इतना बड़ा नहीं बनाना चाहिए।

वकीलों का विरोध और प्राथमिकी की मांग

मौर्य का यह बयान उस समय आया जब एक पूर्व कर्मचारी ने राम मंदिर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। इस पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि उसने मंदिर में लगभग 18 महीने काम किया और आरोप लगाया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी टिन्नू यादव, सेवादारों और कर्मचारियों से अनुचित तरीके से व्यवहार करते थे। इसके अलावा, फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और चंपत राय सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

पुलिस में शिकायत और वकीलों का मार्च

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन का नाम भी पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। वकीलों ने श्रीराम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। इस दौरान, वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस को वकीलों की भीड़ को नियंत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, और कुछ वकीलों ने धक्का-मुक्की के दौरान मामूली चोटें भी पाई।

पुलिस का आश्वासन

थाने पहुंचने पर कई वकील थाना प्रभारी के कार्यालय में इकट्ठा हो गए और तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत की जांच की जाएगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि बार एसोसिएशन ने कई व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

cg” पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत तिलई मंडल की विशाल बैठक संपन्न, 250 से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल…”

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राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के तिलई मंडल द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अंतर्गत डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रशिक्षण एवं मंडल की मासिक संगठनात्मक बैठक का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। बैठक में लगभग 250 से अधिक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरे आयोजन में संगठनात्मक अनुशासन, कार्यकर्ताओं का उत्साह एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर दृढ़ संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

बैठक में मुख्य अतिथि राजनांदगांव प्रभारी श्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के विचार आज भी संगठन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में प्रत्येक कार्यकर्ता को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं को निरंतर प्रशिक्षित करते हुए संगठन की विचारधारा एवं केंद्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

तिलई मंडल अध्यक्ष परदेसी सोनबोईर ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि मंडल का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने तथा प्रशिक्षण महाभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

जिला अध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत ने संगठन की आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बूथ सशक्तिकरण, सदस्य संपर्क एवं जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया। जिला महामंत्री श्री सौरभ कोठारी ने संगठनात्मक कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मार्गदर्शन दिया, वहीं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा गायकवाड़ ने महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी एवं प्रशिक्षण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

तिलई मंडल प्रभारी रवि सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं की वैचारिक, संगठनात्मक एवं तकनीकी क्षमता का विकास होता है, जिससे संगठन बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों में पूर्ण सक्रियता, समन्वय एवं अनुशासन के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में तिलई मंडल सह प्रभारी जैन कुमार मेश्राम सहित शीला सिन्हा, रोहित चंद्राकर, किरण बारले, राकेश साहू, यशवंत वर्मा, महेश यादव, अनीता सिन्हा, नोमेश वर्मा, रामकुमार वर्मा, दुर्जन देवांगन, किरण बारले, पंकज वर्मा,उमाशंकर साहू,दुर्जन देवांगन,नीलाभ यदु, पुनीता साहू, साकेत वैष्णव, ललिता साहू, शेखर यदु, नंदनी सेवता, हेमंत लहरे, टाकेश सिन्हा, मोहन साहू, संजय टंडन,नेमचंद कवर, राजेश्वरी साहू, माहेश्वरी साहू, प्रतीक्षा भंडारी, हरिचंद सिन्हा, दिगेंद्र सिन्हा, नेतराम साहू, वेदव्यास साहू, रवि वर्मा, उपासना धनकर सहित लगभग 250 से अधिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक का समापन संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय एवं जनोन्मुखी बनाने तथा आगामी कार्यक्रमों को पूर्ण सफलता के साथ संपन्न कराने के संकल्प के साथ हुआ।

cg” सेवा सेतु पोर्टल : घर बैठे मिला ऑनलाइन विवाह प्रमाण पत्र – सरल प्रक्रिया से बचा समय, बढ़ी शासकीय सेवाओं तक पहुंच…”

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के निवासी श्री भूपेन्द्र कुमार उमरे एवं उनकी पत्नी श्रीमती ललिता उमरे को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन विवाह पंजीकरण एवं विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त होने से सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी सुविधा मिली है। श्री भूपेन्द्र कुमार उमरे ने 26 मई 2026 को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन विवाह पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया।

निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन का परीक्षण कर शीघ्र ही उनका आवेदन स्वीकृत किया गया और 15 जून को ऑनलाइन विवाह प्रमाण पत्र उपलब्ध हो गया। श्री उमरे ने बताया कि उनका विवाह प्रमाण पत्र पहले ऑफलाइन जारी हुआ था, लेकिन अनेक शासकीय योजनाओं एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ऑनलाइन विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती थी।

ऑनलाइन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता था और कुछ योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई आती थी।

सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। बिना बार-बार कार्यालयों के जाए बिना उनका विवाह प्रमाण पत्र समय पर जारी होकर ऑनलाईन प्राप्त हो गया।

इससे उनके समय और धन दोनों की बचत हुई तथा सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक आसान हो गई। श्री भूपेन्द्र कुमार उमरे एवं श्रीमती ललिता उमरे ने सेवा सेतु पोर्टल की इस सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि यह डिजिटल माध्यम आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ लेने की अपील की तथा इस जनहितकारी पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

cg” खरीफ मौसम में धान की जगह उद्यानिकी फसल अपनाकर बढ़ाई आय, कम पानी में लाभकारी खेती की ओर बढ़े कदम…”

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राजनांदगांव जिले में खरीफ मौसम के दौरान फसल विविधीकरण की दिशा में किसानों का बढ़ता रूझान खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना रहा है।

कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग तथा निरंतर जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप किसान अब परंपरागत धान की खेती के स्थान पर उद्यानिकी, दलहन एवं तिलहन जैसी कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों को अपना रहे हैं।

इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो रही है तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर में इस खरीफ सीजन में किसानों ने लगभग 21 एकड़ से अधिक कृषि भूमि में धान के स्थान पर कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों की खेती करने का निर्णय लिया है।

इस बदलाव में ग्राम के प्रगतिशील किसान श्री दौलतराम साहू अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। किसान श्री दौलतराम साहू ने बताया कि उनके पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि में खेती-किसानी करते है।

जिसमें वे वर्षों से धान की खेती करते आ रहे थे। लेकिन अधिक पानी की आवश्यकता, बढ़ती उत्पादन लागत और मौसम पर अत्यधिक निर्भरता के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था।

इसी दौरान कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित किसान संगोष्ठियों, फसल विविधीकरण अभियान तथा तकनीकी मार्गदर्शन से प्रेरित होकर उन्होंने पिछले वर्ष अपनी भूमि के एक हिस्से में उद्यानिकी फसल की खेती की।

इस प्रयोग से उन्हें अपेक्षा से अधिक लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

किसान श्री दौलतराम साहू ने बताया कि इस खरीफ मौसम में अपनी पूरी कृषि भूमि में धान के स्थान पर उद्यानिकी फसल की खेती करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी एवं अन्य वैकल्पिक फसलों में धान की तुलना में सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है, उत्पादन लागत भी कम आती है तथा बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से अधिक मुनाफा प्राप्त होता है।

फसल विविधीकरण अपनाने के बाद उनकी खेती पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बन गई है और उन्हें विश्वास है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक फसलें अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

श्री दौलतराम साहू ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2026 से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रूपए प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपनी भूमि, पानी की उपलब्धता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उद्यानिकी, दलहन एवं तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का प्रभावी उपाय भी है।

cg” बिजली बिल हुआ शून्य, ईवी चार्जिंग भी हुई आसान” ” सरकार की सहायता से सौर ऊर्जा अपनाना हुआ आसान”

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– श्री रमन नाहटा से प्रेरित होकर उनके दो मित्रों ने भी अपने घरों में लगवाया सोलर रूफटॉप”

राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के साथ-साथ बिजली खर्च में बचत का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिले के डोंगरगांव निवासी एवं पेपर कप निर्माण इकाई संचालित करने वाले श्री रमन नाहटा इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपने घर का बिजली बिल लगभग शून्य कर चुके हैं, बल्कि अपनी इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग भी सौर ऊर्जा से कर रहे हैं।

श्री रमन नाहटा ने बताया कि लगभग 6 माह पूर्व उन्होंने अपने आवास में 3 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कराया। इसके पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1600 रूपए से 1800 रूपए तक आता था। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद बिजली की खपत और बढ़ गई थी। ऐसे में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके लिए काफी लाभकारी साबित हुई।

उन्होंने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी बैंक के माध्यम से मिली। बैंक अधिकारियों ने योजना की पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया, जिससे आवेदन, वित्तीय सहायता एवं अन्य औपचारिकताएं आसानी से पूरी हो गई। सोलर संयंत्र की कुल लागत लगभग 2 लाख 5 हजार रूपए आई, जिसमें डाउन पेमेंट के बाद लगभग 1 लाख 80 हजार रूपए का बैंक ऋण मिला। इसके साथ ही केन्द्र एवं राज्य शासन की ओर से लगभग 1 लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी भी शीघ्र ही समय में प्राप्त हो गई।

श्री नाहटा ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। सामान्य दिनों में संयंत्र से पर्याप्त बिजली उत्पादन हो रहा है, जिससे घरेलू जरूरतों के साथ इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग भी आसानी से हो जाती है। इससे हर महीने होने वाला बिजली खर्च काफी कम हो गया है और भविष्य में यह निवेश उनके लिए और अधिक लाभकारी साबित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से आम लोगों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण सोलर संयंत्र लगाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके सोलर प्लांट को देखकर उनके दो मित्र भी अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगवा चुके हैं तथा आसपास के कई लोग भी इस योजना की जानकारी लेकर इसे अपनाने में रूचि दिखा रहे हैं। श्री नाहटा ने कहा कि सौर ऊर्जा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ घरेलू बजट को संतुलित रखने का भी प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि जो भी परिवार बिजली पर नियमित खर्च करते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ अवश्य लेना चाहिए। इससे लंबे समय में बिजली पर होने वाला खर्च काफी कम हो जाता है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों की बिजली लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।

cg” विकसित भारत जी-राम-जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा गरीब व जरूरतमंद परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल…”

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– योजना से ग्रामीण मजदूरों को 125 दिवस का मिलेगा रोजगार”
– विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीवका मिशन ग्रामीण का हुआ शुभारंभ”

राजनांदगांव। विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीवका मिशन ग्रामीण के शुभारंभ अवसर पर आज वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपने विधानसभा निवास कार्यालय से तथा जिला पंचायत सभाकक्ष से सांसद श्री संतोष पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम से जुड़े।

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा गरीब परिवारों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है तथा जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, कृषि विकास, भूमि सुधार, ग्रामीण सड़क निर्माण एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि योजना में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिवस किए जाने से ग्रामीण मजदूरों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा तथा गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण और किसान हितैषी संकल्प को यह योजना और अधिक प्रभावी बनाएगी।

उन्होंने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन तथा आधारभूत अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिवस का रोजगार मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिवस कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से सड़क, पुल-पुलिया, नहर, जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों का पलायन कम होगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोडऩे का आग्रह किया।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीवका मिशन ग्रामीण योजना में रोजगार की अवधि 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस किए जाने से श्रमिक परिवारों को अतिरिक्त रोजगार और आय का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि योजना का दायरा बढ़ाते हुए जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, ग्रामीण आवश्यकताओं पर आधारित निर्माण कार्यों तथा अन्य विकास कार्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना का विशेष फोकस ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर है।

जिले में एक लाख 30 हजार से अधिक महिला स्वसहायता समूह सदस्य सक्रिय हैं और उनकी भागीदारी से योजना के बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा पलायन रोकने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती अनिता सिन्हा, उपाध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री मनोज निर्वाणी, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भूआर्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम बाई मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्री अंगेश्वर देशमुख, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री राजेश श्यामकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

cg” छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित…”

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” 15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन, शास्त्रीय संगीत, लोककला, नाट्य एवं वाद्ययंत्र प्रस्तुतियों के लिए होगा चयन”

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।

विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की  लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।

आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल  ैंदेातपजपण्तंरइींेीं/हउंपसण्बवउ  के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।

cg” जनदर्शन में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश…”

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

cg” सेवा सेतु – आसान सेवाएं, सशक्त नागरिक…

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” समय पर मिला निवास प्रमाण पत्र, मोहित राम की पुत्री के शैक्षणिक कार्यों को मिली गति”

” त्वरित और पारदर्शी सेवा से ग्रामीणों को मिल रही बड़ी सुविधा “

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन सुशासन और जनसेवा की भावना को साकार करते हुए नागरिकों तक शासकीय सेवाएं सरल, सहज और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से संचालित ‘‘सेवा सेतु‘‘ पहल आमजन के लिए एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। सेवा सेतु के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं अन्य नागरिक सेवाओं का लाभ अब एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। इससे समय, श्रम और धन तीनों की बचत हो रही है तथा लोगों को त्वरित सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

इसी पहल का लाभ कोरबा जिले के ग्राम लबेद निवासी श्री मोहित राम को भी मिला। उनकी पुत्री सुश्री पदमा राठिया जो कक्षा 9वीं की छात्रा हैं, के लिए निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पहले इस प्रकार के दस्तावेज बनवाने के लिए कई बार संबंधित कार्यालयों में जाना पड़ता था, जिससे ग्रामीण परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित सेवा सेतु केंद्र में निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया सरल और सुगम रही तथा निर्धारित समय में उनकी पुत्री का निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे उन्हें बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गया।

श्री मोहित राम ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र के कारण उनका कार्य बेहद आसानी और कम समय में पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि अब शासकीय सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों का समय, श्रम और आर्थिक व्यय तीनों की बचत हो रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु ने उनकी पुत्री के लिए आवश्यक निवास प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराकर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी। उन्होंने कहा कि शासन की यह पहल आम नागरिकों की आवश्यकताओं और सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिसका लाभ आज गांव-गांव तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा सेतु के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने इस जनहितकारी पहल के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।