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बस्तर के हरा सोना संग्राहकों को बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से सीधे मिल रही पारिश्रमिक राशि

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तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि से घर-परिवार की जरूरतें हो रही पूरी

तेंदूपत्ता सीजन 2024 में 36 हजार से अधिक संग्राहकों को 12 करोड़ रुपए से ज्यादा पारिश्रमिक राशि का हो रहा भुगतान

रायपुर, 25 जुलाई 2024/ बस्तर अंचल में तेंदूपत्ता को हरा सोना माना जाता है, जो वनांचल के संग्राहकों की अतिरिक्त आय का मुख्य जरिया है। गर्मी के दिनों में जब ग्रामीणों के पास न तो खेतों में काम होता है और न ही घर में कुछ काम, तब इसी तेंदूपत्ता यानी हरा सोना का संग्रहण उन्हें मेहनत एवं संग्रहण के आधार पर भरपूर पारिश्रमिक देता है। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों के लिये तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की दर में हुई वृद्धि भी खुशियां जगा दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि स्थानीय स्तर पर बैंक सखियों के माध्यम से भुगतान होने के फलस्वरूप विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के संग्राहकों को बहुत सहूलियत हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में जिले के अंदरूनी इलाके के संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान बैंक मित्र और बैंक सखियों के माध्यम से किया जा रहा है। तेंदूपत्ता सीजन 2024 में संग्रहित तेंदूपत्ता का 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों द्वारा की जा रही है।

लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम कुथर के तेंदूपत्ता संग्राहक आयतू और बैसू तेंदूपत्ता संग्रहण कर उसे समिति में बेचने का कार्य वर्षों से कर रहे हैं। एक सीजन में तीन से पांच से आठ हजार रूपए तक कमाई करने वाले इन संग्राहकों का कहना है कि वे सुबह से शाम तक पत्ते तोड़कर उसे गड्डी तैयार करते हैं, फिर फड़ में ले जाकर विक्रय करते हैं। उनका अधिकांश समय वन में ही गुजरता है। मुख्यमंत्री द्वारा 04 हजार रूपए प्रति मानक बोरा राशि की दर को 05 हजार 500 रूपए किए जाने पर खुशी जताते हुए बैसू ने कहा कि इससे उसके जैसे अनेक संग्राहकों को अच्छा लाभ मिला है।

दरभा ब्लॉक के ग्राम पखनार की रहने वाली संग्राहक मासे मंडावी एवं सुकली मंडावी का कहना है कि वह कई साल से तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्य कर रही है। संग्राहकों के हित में 4000 की राशि 5500 रूपए प्रति मानक बोरा होने पर गरीब संग्राहकों को इससे फायदा होने की बात कही। बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल निवासी सुकरी नेताम ने बताया कि वह खेती-किसानी के साथ-साथ तेंदूपत्ता संग्रहण का काम कई वर्षों से कर रही हैं। गांव में तेंदूपत्ता संग्रहण से गर्मी के दिनों में कुछ कमाई हो जाती है। एक-एक पत्तों को तोड़कर बण्डल बनाने में मेहनत लगता है। शासन ने संग्राहकों के परिश्रम का महत्व को समझते हुए राशि बढ़ाई है जो सराहनीय है।

इन ग्रामीण संग्राहकों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर 4000 रुपए से बढ़ाकर 05 हजार 500 रूपये किए जाने से संग्राहकों को राहत मिल रही है। बकावंड डिमरापाल के संग्राहक सैयतो यादव ने बताया कि गांव के पास ही मरहान और जंगल है। आसपास के क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण आसानी से हो जाता है। तेंदूपत्ता संग्रहन से राशि मिलती है तो घर-परिवार की जरूरतें होती है। यह ग्रामीण संग्राहकों के लिए अतिरिक्त आमदनी का मुख्य जरिया है। इस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि से जिले के वनांचल में रहने वाले सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को सुखद अनुभूति हुई है।

बैंक मित्र पखनार रामो कुंजाम ने बताया कि वह ईलाके के 05 ग्राम पंचायतों के 250 से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान कर चुके हैं। वहीं लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के कस्तूरपाल के बैंक मित्र सामू कश्यप ने 50 से अधिक संग्राहकों तथा बस्तर विकासखण्ड के भानपुरी की बैंक सखी जमुना ठाकुर ने 56 से ज्यादा संग्राहकों को भुगतान किया है। वहीं बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल की बैंक सखी तुलेश्वरी पटेल अब तक डिमरापाल एवं छिंदगांव के 90 से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान कर चुकी हैं।

जिले के 15 समितियों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक सखियों ने किया भुगतान

वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला सहकारी यूनियन जगदलपुर श्री उत्तम गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी 07 विकासखण्डों के अंतर्गत 15 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के कुल 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से भुगतान किया जा रहा है। जिसके तहत लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के 13 ग्राम पंचायतों के 1947 संग्राहकों को 79 लाख 47 हजार 665 रुपए, तोकापाल विकासखण्ड के एक ग्राम पंचायत के 76 संग्राहकों को 03 लाख 36 हजार 193 रुपए,बास्तानार ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों के 1831 संग्राहकों को 79 लाख 69 हजार 995 रुपए,बस्तर विकासखण्ड के 65 ग्राम पंचायतों के 10 हजार 78 संग्राहकों को 02 करोड़ 68 लाख 72 हजार 736 रुपए, दरभा ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायतों के 1782 संग्राहकों को एक करोड़ 37 लाख 71 हजार 934 रुपए तथा बकावंड विकासखण्ड के 86 ग्राम पंचायतों के 16 हजार 510 संग्राहकों को 05 करोड़ 45 लाख 47 हजार 614 रुपए पारिश्रमिक राशि का भुगतान स्थानीय बैंक सखियों द्वारा किया जा रहा है। जिससे जहां ग्रामीण संग्राहकों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा हुई, वहीं इन बैंक सखियों को भी अच्छी कमीशन राशि मिली।

ग्रीन स्टील से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ ही खुलेंगे आर्थिक संभावनाओं के भी द्वार-मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में हुए शामिल

रायपुर, 25 जुलाई, 2024- क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की सराहना की और राज्य में सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई का यह समिट भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आज हम इस समिट में ग्रीन स्टील जैसे रोचक विषय पर बात कर रहे हैं। इस शब्द में खूबसूरती तो है ही, साथ ही साथ जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने समिट में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से ग्रीन स्टील उत्पादन की नई तकनीक को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा कि हमारी एकजुटता से हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए मिलजुलकर विकास करेंगे।

इस समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और नई तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर सीआईआई के पदाधिकारी और उद्योगपति श्री आशीष सराफ, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, श्री सुवेन्द्र बेहरा, श्री संजय जैन, श्री पी वी किरण अनंत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजनों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

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नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास हेतु जिला स्तरीय समिति में लिया गया निर्णय

प्रथम चरण में 58 लोगों को मिलेगी शासकीय नौकरी

रायपुर, 25 जुलाई 2024/ नक्सली हिंसा में मृतक के परिजनों को छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी वर्गाें के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन कर लाभांवित किया जा रहा है। आज बीजापुर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों के 58 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कुल 58 पात्र आवेदकों को प्रथम चरण में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पूर्व में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 19 जुलाई तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई थी, बाद में इस तिथि में वृद्धि करते हुए 24 जुलाई 2024 को निर्धारित की गई। उक्त तिथियों में प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण करते हुए समिति के निर्णय के आधार पर विभिन्न विभागों में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अंतिम रूप से 58 आवेदक प्रथम चरण में पात्र पाए गए हैं, जिन्हें यह नियुक्ति दी जाएगी।

केंद्रीय बजट विकसित भारत व विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री श्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज प्रस्तुत हुआ। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन जी का सांतवां बजट दूरदृष्टि और दृढ निश्चय का बजट है। यह सबका बजट है, सबके लिए, सबके विकास का बजट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में कृषि और रोजगार पर सबसे अधिक ध्यान देना इसे ऐतिहासिक बनाता है। छत्तीसगढ़ के लिए सबसे विशेष बात यह है कि जहां 1.52 लाख करोड़ रूपये कृषि क्षेत्र के लिए रखे गये हैं, कृषि क्षेत्र का ऐतिहासिक पैकेज देश में एक नयी हरित क्रांति लाकर किसानों को समृद्ध बनायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय उन्नत ग्राम योजना लांच हुई है। इससे जनजाति समाज के 63 हजार गांव और 5 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों को इससे काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि एक करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप और इंटर्नशिप के दौरान पांच हजार रूपए महीना देने का प्रावधान रखा गया है। रोजगार कौशल के लिए 2 लाख करोड़ की स्कीम शुरू की जा रही है। इसके साथ ही मुद्रा लोन की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गयी है, जिससे युवाओं को स्टार्ट-अप में मदद मिल सकेगी। इस योजना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, बजट में घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक का एजुकेशन लोन प्रावधान किया गया है। जिससे शिक्षा व स्किल को नई ऊंचाई मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2.66 लाख करोड़ ग्रामीण विकास के लिए प्रस्तावित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में कल्याणकारी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट मोदी जी के 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प सिद्ध करने वाला बजट है। यह बजट एक आदर्श कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को सामने लाता है। भारत को विकसित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा बजट में कृषि व संबंधित क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को वित्तीय सुरक्षा और कृषि के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इसके अलावा 6 करोड़ किसानों की जानकारी लैंड रजिस्ट्री पर लाई जाएगी जिससे जमीन संबंधी विवादों का जल्द निपटारा हो सकेगा। उन्होंने कहा कृषि में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, और जलवायु के मुताबिक नई वैरायटी को बढ़ावा देने की योजनाएँ छत्तीसगढ़ के किसानों को नई तकनीकों और संसाधनों का लाभ प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा बजट में सरकार द्वारा रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन दिये गए हैं। 1 लाख रुपए से कम सैलेरी होने पर इपीएफओ में पहली बार रजिस्टर करने वाले लोगों को 15 हजार रुपए की मदद तीन किश्तों में मिलेगी। नए कर्मचारियों को एक महीने का वेतन, विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन, नियोक्ताओं को सहायता दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सैलरीड लोगों को बड़ी राहत मिली है। टैक्स स्लैब में बदलाव लाया गया है, इससे करदाताओं को बचत होगी। उन्होंने कहा बजट में शहरों के क्रिएटिव री-डेवलपमेंट के लिए पॉलिसी लाई जाएगी और पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा करने की बात कही गई है। इसके अलावा बजट में नवाचार, अनुसंधान और विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।

25 जुलाई को होने वाला जनदर्शन स्थगित

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 25 जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के मद्देनजर नहीं होगा।

छत्तीसगढ़ में अब तक 437.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

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राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 437.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 24 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1059.0 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 170.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 254.4 मिमी, बलरामपुर में 383.6 मिमी, जशपुर में 296.1 मिमी, कोरिया में 288.3 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 283.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।
इसी प्रकार, रायपुर जिले में 395.1 मिमी, बलौदाबाजार में 431.1 मिमी, गरियाबंद में 519.3 मिमी, महासमुंद में 360.4 मिमी, धमतरी में 531.4 मिमी, बिलासपुर में 396.6 मिमी, मुंगेली में 461.8 मिमी, रायगढ़ में 356.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 212.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 347.9 मिमी, सक्ती में 297.7 कोरबा में 454.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 421.8 मिमी, दुर्ग में 306.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 363.5 मिमी, राजनांदगांव में 526.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 515.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 343.3 मिमी, बालोद में 623.1 मिमी, बेमेतरा में 271.1 मिमी, बस्तर में 578.6 मिमी, कोण्डागांव में 474.8 मिमी, कांकेर में 586.3 मिमी, नारायणपुर में 572.1 मिमी, दंतेवाड़ा में 588.8 मिमी और सुकमा जिले में 772.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।

प्रदेश का अनुपूरक बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में 23 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार का विधानसभा में प्रथम अनुपूरक ध्वनिमत से पारित हुआ। सदन में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तुत किए गए 7 हजार 329 करोड़ रुपए के प्रथम अनुपूरक बजट में महतारी वंदन योजना, पीएम जनमन योजना, के साथ खेल सुविधाओं, आंगनबाड़ी भवन, सहित अनेक योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए प्रावधान रखे गए हैं। साय सरकार ने यह अनूपूरक बजट विकसित भारत और छत्तीसगढ़ विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए बनाया है।

बजट सत्र पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह बजट महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के लिए 4 हजार 900 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इस बजट में गरीब, महिला, मध्यमवर्गीय, छोटे व्यापारियों सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया। जिससे प्रदेश का चौमुखी विकास हो सके।

इस अनुपूरक बजट के लिए श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी और आभार व्यक्त किया।

युवाओं के हाथ में ‘रोजगार की छड़ी’ और विकसित भारत 2047 पर नज़र : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

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छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने केंद्र की आम बजट पर कहा कि केंद्र में मोदी सरकार ने बजट में युवाओं, बच्चों की शिक्षा, किसानों, महिलाओं, उद्योगपति सहित हर वर्गों को लाभ पहुंचाने वाला है।

महिलाओं युवाओं की साझेदारी सुनिश्चित करने वाला है बजट

बजट महिलाओं की आर्थिक साझेदारी सुनिश्चित करेगा साथ ही छोटे व्यवसायों और एमएसएमई सेक्टर के लिए नया मार्ग भी दिखाएगी रोजगार प्रावधानों से युवाओं को लाभ होगा ।

आदिवासियों के लिए उन्नत ग्राम योजना

इस योजना के तहत आदिवासियों की आर्थिक सामाजिक दशा में सुधार के लिए जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का ऐलान किया गया है। इस अभियान का लक्ष्य आदिवासी बहुल गांवों व आकांक्षी जिलों में आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के साथ उनके लिए सुविधाओं का विस्तार है। अभियान के दायरे में 63 हजार आदिवासी बहुल गांव आएंगे इससे 5 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।

शिक्षा, रोजगार व कौशल पर खर्च होंगे 1.48 लाख करोड़ रुपए

बजट में रोजगार से जुड़ी तीन योजनाएं शुरू होगी 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार के लिए 2 लाख करोड रुपए का आवंटन किया जाएगा। नौकरी शुरू करने वाले 30 लाख युवाओं के लिए सरकार एक महीने का पीएफ योगदान देगी।

यह बजट ईज ऑफ डूइंग बिजनस और Entrepreneurship को और बढ़ावा देकर देश के आर्थिक विकास को नई ऊँचाई देने की मोदी जी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, इस बजट में टैक्स नियमों का भी सरलीकरण किया गया है, जिससे करदाताओं को बहुत आसानी होगी।

इस बजट के माध्यम से देश की भावी पीढ़ी के आत्मबल को मजबूती मिलेगी और हमारा देश विकसित भारत बनने के साथ ही हमारा राष्ट्र विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। इस बजट के लिए मैं छत्तीसगढ़वासियों की ओर से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं।

सिर्फ 3 रुपए में मच्छर मुक्त बनाएं अपना घर, इस चीज को लगाने के बाद दोबारा आ नहीं सकता मच्छर…

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सिर्फ 3 रुपए में मच्छर मुक्त बनाएं अपना घर, इस चीज को लगाने के बाद दोबारा आ नहीं सकता मच्छर…

इन दिनो गर्मियां अभी शुरू हुई नहीं की घरों में मच्छरों का आतंक शुरू हो गया है। मच्छरों के काटने से भयंकर बीमारियां हो सकती है इसलिए लोग इनसे बचने के तमाम उपाय करते है। पर क्या कभी आपने गौर किया है घर में मच्छर भगाने के तमाम उपाय करने के बावजूद ये काम नहीं होते।

मच्छर भगाने के कोइल और रिफिल भी इनपर अब बेअसर लगते है। बहुत से लोग घर में कोइल जलाने के बजाये रिफिल का इस्तेमाल करते है जो कहीं ज्यादा सुरक्षित है और इसमें कोई धुएं की समस्या भी नहीं है। लेकिन रिफिल काफी महंगी पड़ती है और जल्दी भी खत्म होती है। आज हम आपको एक ऐसा तरीका बता रहे है जिससे आप घर में ही सिर्फ 3 रूपए खर्च करके नयी रिफिल बना सकते है। साथ ही इस घरेलु नुश्खे से बनी हुई मच्छरों पर ज्यादा असरदार भी होगी। आप मच्छर मारने के लिए मॉस्क्यूटो किलर की मशीन लेकर आते है और जब उसकी रिफिल खत्म हो जाती है, तो बजार से नई भरी हुई रिफील खरीदतें होंगे। जो आपको लगभग 50 रुपय की पड़ती होगी और यह शरीर के लिए हानिकारक भी होती है। तो आइए आपको बतातें हैं कि ये रिफील कैसे बनानी है…

इस घरेलु उपाय से मच्छर मुक्त बनाएं अपना घर

सबसे पहले एक खाली ‘रिफील ‘ लें और उसका ढक्कन खोल लें। उसके बाद एक ‘ज्योत कपूर’(जो पूजा में उपयोग में लेते है) लें और उसको किसी चीज की मदद से पीस लें। फिर उसके बाद ‘तारपीन का तेल’ लें। ये आपको किसी भी हार्डवेयर की दुकान में असानी से मिल जाएगा। अब पीसी हुई कपूर को खाली रिफील में डाल दें और उसके बाद इसमें ‘तारपीन का तेल’ भी डाल दें और रिफील का ढक्कन बंद कर उसको अच्छें से हिलाकर मिला लें।

तो इस तरह अब आपकी नई रिफील बनकर तैयार हो गई है। आपकी ये घरेलु नुस्खे से तैयार रिफिल बाजार की रिफिल से ज्यादा चलेगी और न ही ये आपकी सेहत को कोई नुक्सान पहुंचाएगी। साथ ही इसमें मौजूद कपूर घर में मच्छरों के साथ साथ अन्य कीटाणुओं को भी खत्म कर देगा। घर में साफ़ हवा रहेगी तो आधी बीमारियां अपने आप दूर हो जाएँगी।

अब आपकी मच्छरों से परेशानी खत्म होने वाली हैं क्योंकि आज हम आपके लिए लाये हैं ऐसा एक घरेलू उपाय जो भगा देगा मच्छरों को आपसे दूर। लहसुन की तीखी गंध मच्छर को घर में प्रवेश करने से रोकती हैं। आप लहसुन की कुछ फली पीसकर पानी में उबाल लें और जिस कमरे को आप मच्छर मुक्त रखना चाहते हैं वहां चारों ओर चिरकायें यह करने से मच्छर भाग जाते हैं।

घर से काॅकरोच, मच्छर, मक्खियां और कीड़े-मकोड़े पूरी तरह से खत्म करने का अन्य कुदरती उपाय

काॅकरोच (तिलचट्टे) और अन्य कीड़े मकोड़े हर घर की समस्या है, और जब इसके साथ मच्छरों की समस्या भी शामिल हो जाये तो व्यक्ति की जिंदगी परेशान हो जाती है। इन चीजों को भगाने के लिए बाजार में कई तरह की चीजे बेची जाती है लेकिन परेशानी यह है कि पहले तो ये ज्यादा कारगर नहीं होती हैं और दूसरा यह कि इनमें पाये जाने वाले कैमिकल फायदे की बजाये उल्टा नुकसान कर देती हैं। तो फिर करे तो क्या करे?

क्यो ना इस समस्या के हल के लिए कुदतरी चीजों से ही मदद ली जाये, जो काम भी करती हैं और उनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं। विशेषज्ञों ने एक ऐसी ही अद्भुत तरीके के बारे में बताया है, जो हम सब के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है।

इसकी तैयारी के लिए यह तीन चीजों की जरूरत होगी

  1. आधा कप खाद्य तेल
  2. आधा कप शैम्पू
  3. आधा कप सिरका

बनाने की विधि और उपयोग का तरिका :

इन सभी चीजों को स्प्रे करने वाले बोतल में डालकर खूब मिलाये ताकि ये अच्छी तरह मिक्स हो जाये। अब यह स्प्रे सभी ऐसी जगहो पर करें जहां काॅकरोच, मक्खियां, मच्छर आदि पाये जाते हैं। केवल कमरों के कोनों, तंग स्थानों, खिड़कियों के फ्रेम, दरवाजे, बिस्तर के नीचे, और बागीचे आदि में जरूर यह स्प्रे करें। ये एक प्राकृतिक मिश्रण है जिसका कोई साइड इफैक्ट नहीं, और यह हर तरह के कीड़े मकौड़ो, काॅकरोच और मच्छरों के खिलाफ बहुत कारगार है।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों पर चर्चा…

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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों पर चर्चा…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों पर चर्चा के साथ कुछ विधेयकों को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। महापौर और अध्यक्षों के सीधे चुनाव के लिए मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयक का प्रारूप भी अनुमोदन के लिए रखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक।

  • निकायों में महापौर, अध्‍यक्षाें के सीधे चुनाव लिए संशोधन विधेयक को मिलेगी मंजूरी
  • कैबिनेट बैठक में बारिश की कमी, बुआई एवं अन्‍य महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा संभव
  • कैबिनेट में किसानों और कर्मचारियों के हित में कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से नवा रायपुर में महानदी भवन स्थित मंत्रालय में होगी। इस बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र की तैयारियों पर चर्चा होगी।

इसके अलावा विधानसभा के मानसून सत्र में रखे जाने वाले कुछ विधेयकों को हरी झंडी मिलने की भी उम्मीद है। कैबिनेट की बैठक में रेडी टू ईंट की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया जा रहा सकता है।

मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले संशोधन विधेयकों के प्रारूप और चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।

महापौर और अध्यक्षों के सीधे चुनाव के लिए मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयक का प्रारूप भी अनुमोदन के लिए रखा जा सकता है। आगामी नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

बैठक में चालू खरीफ सीजन में बारिश और फसलों की स्थिति, साथ ही खाद-बीज की उपलब्धता की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान में, कई जिलों और तहसीलों में औसत से कम बारिश हुई है, जिससे धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हुई है।

इसके अलावा, कैबिनेट में किसानों और कर्मचारियों के हित में कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जाएंगे।