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छत्तीसगढ़ : आज से नौतपा का असर देखने को मिलेगा. 9 दिनों में पारा 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, इन जिलों में बारिश के आसार…

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छत्तीसगढ़ : आज से नौतपा का असर देखने को मिलेगा. 9 दिनों में पारा 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, इन जिलों में बारिश के आसार…

छत्तीसगढ़ में नौतपा के दौरान कई जिलों में गर्मी के तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं. 25 मई से 2 जून तक नौतपा का असर प्रदेश में दिखेगा. हालांकि इस बीच राहत की बात यह है कि प्रदेश में 2 दिनों तक कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हो सकती है.

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों तक मौसम सामान्य रहने की संभावना. नौतपा के दौरान गरज-चमक के साथ प्रदेश के कुछ स्थानों में बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है. 25 मई से 2 जून तक नौतपा का असर प्रदेश में दिखेगा. हालांकि इस बीच राहत की बात यह है कि प्रदेश में 2 दिनों तक कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हो सकती है. इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री बढ़ने के आसार हैं. शुक्रवार को प्रदेश में सबसे गर्म दुर्ग जिला रहा. मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के लिए ऑरेंज अलर्ट और बिलासपुर-सरगुजा संभाग के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.

जानें कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आने वाले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. हालांकि इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. दरअसल, पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना एक द्रोणिका मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़ तक बना हुआ है. इसके असर से प्रदेश में नमी आ रही है. नमी आने के कारण प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रह सकता है. यही वजह है कि शनिवार को प्रदेश के कई संभागों के जिलों में तेज हवा के साथ के हल्की मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ ही राजधानी रायपुर में हल्की बादल छाए रह सकते है. गरज चमक के साथ कुछ इलाकों में बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान 43.02 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया है. तो वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस नारायणपुर में दर्ज किया गया है. राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की भी संभावना है.

chhatisgarh : झीरम कांड पर पूर्व CM बघेल ने भाजपा को घेरा…

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chhatisgarh : झीरम कांड पर पूर्व CM बघेल ने भाजपा को घेरा…

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम हमले के 11 साल पूरे होने को है, लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिला हैं। भाजपा सरकार ने हमेशा झीरम की जांच को रोकने का प्रयास किया है। झीरम का सच रोकने के लिए भाजपा शुरू से षड़्यंत्र करती रही: कांग्रेस,

नक्सलवाद पर केवल राजनीति करती आई है कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम हमले के 11 साल पूरे होने को है, लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिला हैं। भाजपा सरकार ने हमेशा झीरम की जांच को रोकने का प्रयास किया है। हमने कई बार एनआइए से झीरम की जांच के लिए फाइल सौंपने कहा था। तत्कालीन लोगों की भूमिका थी, इसलिए जांच होने नहीं दिए था। जेब में सबूत रखने के बयान पर भूपेश बघेल ने कहा कि विजय शर्मा सत्ता में बैठे हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी के गिरेहबान में हाथ डालने का अधिकार मिल गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र में हमारी सरकार बनने जा रही है, उसके बाद एनआइए सही दिशा में जांच करेगी। चार जून तक प्रतीक्षा करिए। उसके बाद हमारी सरकार सभी चीजों को स्पष्ट कर देगी।

झीरम का सच रोकने के लिए भाजपा शुरू से षड़्यंत्र करती रही: कांग्रेस

झीरम कांड की बरसी पर कांग्रेस ने अनेक सवाल खड़ा किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दांत और हृदय विदारक घटना भाजपा के शासन काल में डा. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी इसके गुनाहगारों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जाएगा तो वह बेनकाब हो जाएगी।

नक्सलवाद पर केवल राजनीति करती आई है कांग्रेस: भाजपा

भाजपा के प्रदेश महामंत्री राम जगदीश रोहरा ने कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद पर केवल राजनीति करती आई है। झीरम कांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो इसके कीर्तिमान बनाए हैं, उन्होंने कांग्रेस के नेताओं के मारे जाने की घटना के सबूत जेब में होने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी लेकिन आज तक उन्होंने ऐसा कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया।

राजनांदगांव : शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना कार्य करें संपन्न – कलेक्टर मतगणना हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण…

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राजनांदगांव : शांतिपूर्ण तरीके से मतगणना कार्य करें संपन्न – कलेक्टर मतगणना हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण…

निर्विघ्न एवं सफलतापूर्वक मतगणना संपन्न कराने पूरी मतगणना प्रक्रिया की दी गई बारीकी से जानकारी, राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के सभी जिले के वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजय अग्रवाल की उपस्थिति में लोकसभा निर्वाचन 2024 के अंतर्गत 4 जून को होने वाली मतगणना के लिए संसदीय निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के मतगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को आज जिला पंचायत के सभाकक्ष राजनांदगांव में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर एवं रिटर्निंग अधिकारी श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि डाटा प्रमाणिक होना चाहिए और समय पर प्राप्त होना चाहिए। इस पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने पूरी सावधानी रखते हुए मतगणना कार्य करने कहा। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने टेबल पर मतगणना कार्य संपन्न कराने कहा। उन्होंने सभी मतगणना कार्य में लगे अधिकारियों को अच्छे से प्रशिक्षण प्राप्त करने कहा। प्रशिक्षण के दौरान मतगणना के तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं के बारे में बारीकी से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री खेमलाल वर्मा, राजनांदगांव, कवर्धा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सहायक रिटर्निंग आफिसर, सिक्योरिटी नोडल, मास्टर टे्रनर्स एवं मतगणना कार्य में लगे अधिकारीगण प्रशिक्षण में शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय रायपुर के उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनय अग्रवाल एवं सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रूपेश वर्मा ने बिन्दुवार मतगणना तथा परिणाम की घोषणा की प्रक्रिया के बारे में प्रजेन्टेंशन के जरिए सरल ढंग से बताया।

प्रशिक्षण में मतगणना व्यवस्था, जरूरी सामग्री, सामग्री प्रबंधन, डाक मत पत्र गणना के लिए सामग्री, वीडियोग्राफी, मतगणना के प्रमुख वैधानिक प्रावधानों, वीवीपैट पर्चियों के अनिवार्य सत्यापन की प्रक्रिया, मतगणना केन्द्रों में आधारभूत संरचना, मतगणना केन्द्र में सुरक्षा व्यवस्था, मतगणना केन्द्र में बैठक व्यवस्था, मतगणना हॉल में अनुशासन एवं शिष्टाचार, मतगणना स्टॉफ और गणना अभिकर्ता, डाक मत पत्रों के मतों की गणना, सेवा मतदाताओं के मतों की गणना, ईटीपीबीएस की गणना शुरू करने की प्रक्रिया, क्यूआर कोर्ड की स्केनिंग की प्रक्रिया, ईवीएम में दर्ज मतों की गणना, वीवीपैट पर्चियों की गणना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया, वीवीपैट कागज पर्ची की गणना  प्रक्रिया, मशीनों की सीलिंग, परिणामों की घोषणा आदि के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों ने मतगणना कार्य को निर्विघ्न, सफलतापूर्वक एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने हेतु मतगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं, उनके बारीकियों एवं इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

प्रशिक्षण में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने सर्वप्रथम मतगणना के दौरान मतगणना स्थल में उपलब्ध कराए जाने वाले जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतगणना के दौरान स्टांग रूम में इंटरनेट, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभगों के वरिष्ठ अधिकारियोंं की उपस्थिति अनिवार्य है। जिससे कि इस दौरान इन विभागों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसे तत्काल दूर कर मतगणना कार्य को निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके। प्रशिक्षण में बताया गया कि मतगणना के दौरान सामान्य प्रेक्षक द्वारा भी दो ईवीएम की रैण्डम जांच भी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के दौरान सभी प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं त्रुटि बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कड़ी कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी दी। मतगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारी-कमर्चारियों को इसके प्रमुख वैधानिक प्रावधानों की भली-भांति अध्ययन करने को कहा गया।

प्रशिक्षण में अधिकारियों ने मतगणना हेतु मतगणना एजेंट की नियुक्ति, मतगणना हाल में प्रवेश के निर्धारित प्रक्रियाओं, मतदान से जुड़े गोपनीयता के संबंध में जानकारी देते हुए इसका पालन सुनिश्चित कराने को कहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने मतगणना स्थल के सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मतगणना हाल में किसी भी गणना अभिकर्ता को मोबाईल, कैमरा, इलेक्ट्रानिक डिवाईस इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मीडिया के लोगों को मीडिया सेन्टर तक मोबाईल ले जाने की अनुमति दी जाएगी। मीडिया के लोगों का गु्रप बनाकर उन्हें मतगणना सेन्टर का भ्रमण कराया जाएगा। उम्मीदवार एवं अभिकर्ता तथा मीडिया के लोग सुरक्षा हेतु बनाए गए जालीदार बैरिकेटिंग्स के बाहर से ही मतगणना कार्य का अवलोकन कर सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य व केन्द्र सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा कोई भी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति यदि वह स्वयं उम्मीदवार नहीं है तो उसका प्रवेश मतगणना स्थल में पूरी तरह वर्जित है। इसके साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक निटर्निंग ऑफिसर किसी भी व्यक्ति को मतगणना स्थल से बाहर कर सकता है। प्रशिक्षण में डाक मत पत्र के गणना की विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मतगणना के दौरान डाक मत पत्र की गणना सर्वप्रथम की जाएगी। राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के 4 जिलों के डाक मतपत्र की गणना राजनांदगांव के छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउस कॉर्पोरेशन कृषि उपज मंडी बसंतपुर में की जाएगी। इसके लिए अलग से कक्ष बनाया जाएगा। प्रशिक्षण में डाक मत एवं ईटीपीबीएस मत पत्रों के अस्वीकृत होने के कारणों की विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

राजनांदगांव । कलेक्टर की पहल पर ग्राम मोतीपुर में नवीन बोर खनन से पेयजल की समस्या हुई दूर, कलेक्टर ने कम पानी की आवश्यकता वाली फसल लेने किसानों को किया प्रेरित…

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राजनांदगांव । कलेक्टर की पहल पर ग्राम मोतीपुर में नवीन बोर खनन से पेयजल की समस्या हुई दूर, कलेक्टर ने कम पानी की आवश्यकता वाली फसल लेने किसानों को किया प्रेरित…

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम मोतीपुर में नवीन बोर खनन से पेयजल की समस्या दूर हो गई। ग्रीष्म ऋतु मे ग्रामीणों द्वारा धान की फसल लेने के कारण जल स्तर काफी नीचे चले जाने से ग्रामीणों को पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई थी। पानी की समस्या को देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था की जा रही है। जिसके तहत ग्राम मोतीपुर में पेयजल स्त्रोत के सूख जाने पर विभाग द्वारा बोर खनन का कार्य प्रारम्भ किया गया। जिसमें पहले बोर खनन के असफल होने के बाद तत्काल दूसरा बोर खनन किया गया और सफलतापूर्वक ग्रामीणों को पानी की उपलब्धता हो रही है। ग्राम मोतीपुर में पेयजल की समस्या दूर होने पर ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा है कि गर्मी के दिनों में धान की फसल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। बोर खनन एवं मोटर पंप के माध्यम से सिंचाई करने पर भू-जल स्तर में कमी आ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को कम पानी की आवश्यकता वाले मक्का, गेहूं जैसे अन्य फसलों को लेने के लिए प्रेरित किया है।

राजनांदगांव।  राजस्व शिविरों के आयोजन से आम जनता को मिल रहा लाभ राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए किया जा रहा है…

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राजनांदगांव।  राजस्व शिविरों के आयोजन से आम जनता को मिल रहा लाभ राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए किया जा रहा है…

शिविरों का आयोजन कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने के दिए निर्देश जिले में आयोजित 143 शिविरों में 1046 आवेदन निराकृत…

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व शिविर लगाकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि सभी तहसीलों में राजस्व शिविर का आयोजन होना चाहिए।

जनसामान्य को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान जो खाता विभाजन करना चाहते हैं, उनकी सहमति से खाता विभाजन करा दें, ताकि उन्हें खेती-किसानी के कार्यों में तकनीकी दिक्कत नहीं आयें। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरणों का यथाशीघ्र निराकरण करें। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पटवारी निर्धारित दिनों में मुख्यालय में उपस्थ्तिा रहना सुनिश्चित करेंगें।

उल्लेखनीय जिले में आयोजित कुल 143 राजस्व शिविरों में 1295 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें से 1046 आवेदन निराकृत किया गया है। राजस्व शिविरों में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व शिविरों के आयोजन से आम जनता को लाभ मिल रहा है। डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत 23, राजनांदगांव तहसील अंतर्गत 23, डोंगरगांव तहसील अंतर्गत 28, छुरिया तहसील अंतर्गत 9, कुमरदा तहसील अंतर्गत 18, घुमका तहसील अंतर्गत 29 एवं लाल बहादुर नगर तहसील अंतर्गत 13 राजस्व शिविरों का आयोजन किया गया है। शिविरों के माध्यम से अविवादित नामांतरण के 40, अविवादित बंटवारा के 3, सीमांकन के 1, आय प्रमाण पत्र के 490, निवास प्रमाण पत्र के 164, जाति प्रमाण पत्र के 230 एवं अन्य प्रकरणों के 1002 आवेदनों का निराकरण किया गया।

राजनांदगांव। जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण, कलेक्टर द्वारा किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील…

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राजनांदगांव। जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण, कलेक्टर द्वारा किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील…

जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण कलेक्टर ने किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील की रासायनिक खाद का 27735 मीट्रिक टन भण्डारण, अब तक किसानों को 16625.6 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का किया गया वितरण
बीज का 4959 क्विंटल भंडारण, किसानों को अब तक 1214.50 क्विंटल बीज किया गया वितरण 23955 किसानों को 115 करोड़ 25 लाख रूपए का ऋण का किया गया वितरण…

जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने किसानों से खाद एवं बीज के अग्रिम उठाव की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेती किसानी के दिनों को ध्यान में रखते हुए किसान खाद एवं बीज का अग्रिम उठाव करेंगे तो उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। बारिश होते ही खेती किसानी के कार्यों में गति आयेगी। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने किसानों को पर्याप्त खाद एवं बीज की उपलब्धता के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि, उपायुक्त सहकारिता, प्रबंधक बीज निगम की संयुक्त समीक्षा करते हुए खाद व बीज की पर्याप्त उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्र बैंक मर्यादित राजनांदगांव ने बताया कि जिले में खरीफ 2024 अंतर्गत 27735 मीट्रिक टन रासायनिक खाद भण्डारण किया गया है, जो कुल भंडारण का लगभग 62.01 प्रतिशत है। किसानों को 16625.6 मीट्रिक टन रासायनिक खाद वितरण किया जा चुका है। जिसमें यूरिया 7385.2 मीट्रिक टन, सुपर 2049.8 मीट्रिक टन, डीएपी 4716.3 मीट्रिक टन, एनपीके 1455.9 मीट्रिक टन, पोटाश 1005.4 मीट्रिक टन, अन्य 13 मीट्रिक टन है। किसानों को 11109.4 मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जाना शेष है।  जिसमें यूरिया 4435.8 मीट्रिक टन, सुपर 1875.8 मीट्रिक टन, डीएपी 1868 मीट्रिक टन, एनपीके 1520.6 मीट्रिक टन, पोटाश 1400.6 मीट्रिक टन, अन्य 8.6 मीट्रिक टन शामिल है। इसी तरह जिले में 4959 क्विंटल बीज का भंडारण हो चुका है और किसानों को 1214.50 क्विंटल बीज वितरण किया जा चुका है तथा 3745.10 क्विंटल बीज किसानों वितरण के लिए शेष है। जिले में खरीफ 2024 के लिए अल्पकालीन फसल ऋण के तहत जिले के 23955 किसानों को 115 करोड़ 25 लाख रूपए का ऋण का वितरण किया गया है। जिसमें 9567.23 रूपए नगद एवं 1958.23 रूपए के वस्तु शामिल हैं।

राजनांदगांव। लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत मतगणना 4 जून 2024 को सुबह 8 बजे से की जाएगी।

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राजनांदगांव। लोकसभा निर्वाचन 2024 अंतर्गत मतगणना 4 जून 2024 को सुबह 8 बजे से की जाएगी।

संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 6-राजनांदगांव के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार कबीरधाम जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71-पण्डरिया एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 72-कवर्धा की मतगणना आदर्श कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर रोड कवर्धा में किया जाएगा।

खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73-खैरागढ़ की मतगणना छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाऊस पिपरिया खैरागढ़ में किया जाएगा।

राजनांदगांव जिला अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 74-डोंगरगढ़, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 75-राजनांदगांव, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 76-डोंगरगांव एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 77-खुज्जी की मतगणना छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन बसंतपुर कैम्पस राजनांदगांव में किया जाएगा।

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 78-मोहला-मानपुर की मतगणना शासकीय लाल श्याम शाह महाविद्यालय मोहला में किया जाएगा।

सम्पूर्ण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 6-राजनांदगांव क्षेत्र के डाक मतपत्रों की गिनती और समस्त मतदान केन्द्रों के मतदान का परिणाम समेकित करने की कार्रवाई छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन बसंतपुर कैम्पस राजनांदगांव में की जाएगी।

कलेक्टर एवं रिटर्निंग ऑफिसर श्री संजय अग्रवाल ने निर्वाचन लडऩे वाले सभी अभ्यर्थियों को मतगणना स्थल पर प्रत्येक विधानसभा हेतु गणना अभिकर्ता नियुक्त करने कहा हैं।

उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 71-पण्डरिया एवं विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 72-कवर्धा के मतों की गणना के लिए प्रत्येक विधानसभा में 21 टेबल लगाये जाएगें।

जिसके लिए 21+2 गणन अभिकर्ता एवं शेष विधानसभा के मतों की गणना के लिए 14+2 गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकते है। गणन अभिकर्ता की नियुक्ति आवेदन प्रारूप-18 में प्रस्तावित गणन अभिकर्ता का 2 पासपोर्ट फोटो सहित 31 मई 2024 तक संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा है।

मतगणना हाल में मोबाईल फोन, आईपेड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेगा। लेकिन मीडियाकर्मी मीडिया सेंटर तक मोबाईल ले जा सकते हैं।

chhatisgarh : डॉक्टर सुरेश चन्द्र राय 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ अवार्ड से सम्मानित…

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chhatisgarh : डॉक्टर सुरेश चन्द्र राय 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ अवार्ड से सम्मानित…

दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल आफ इकोनोमिक्स के भूगोल विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर सुरेश चंद्र राय को जलवायु परिवर्तनशीलता और पारम्परिक कृषि में ‘‘कृषि जैव विविधता और आजीविका सुरक्षा पर इसके प्रभाव‘‘ विषय पर उनके काम के लिए 2024 ‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहली बार है कि किसी  भारतीय को यह पुरस्कार मिला है ।

आप पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में डॉ की उपाधि हेतु परीक्षक के रूप में आते हैं। आपका छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को शोध की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और रहेगा। यह हमारे भूगोल जगत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। आपको बहुत-बहुत बधाईयां एवं शुभकामनाएं।

‘‘क्रिस्टल कम्पास‘‘ एक प्रतिष्ठित अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कार है, जिसे भूगोल पारिस्थितिकी और प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों और अद्वितीय परियोजनाओ के लिए 2012 में प्रदान किया गया था। इस वर्ष दुनिया के 14 देशों के 600 से अधिक प्रतिभागी पुरस्कार के लिए आवेदन किए। आवेदकों में रूस, भारत, अमेरिका, फ्रांस, मिस्र, बेलारूस, मोल्दोवा, सर्विया, अजरबेजान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल थे। पहली बार तुर्कमेनिस्तान, नेपाल, तजाकिस्तान की परियोजनाओ ने पुरस्कार के लिए भाग लिया। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय पुरस्कार रुसी  भौगोलिक सोसायटी के तत्वावधान में और सांस्कृतिक पहल के लिए राष्ट्रपति फाऊंडेशन के समर्थन से आयोजित किया जाता है।

इसके अलावा प्रोफेसर सुरेश चन्द्र राय को 1999 का यू.एस. मृदा और जल संरक्षण सोसायटी पुरस्कार और विली और चार्टर्ड इन्स्टीट्यूट ऑफ वाटर एण्ड एन्वायरर्मेंटल मैनेजमेंट लंदन से 2016 का अत्यधिक सराहनीय पेपर पुरस्कार भी मिला।

छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलियों का 4 पन्नों का खत… आप खुद भी पढ़े…

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छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलियों का 4 पन्नों का खत… आप खुद भी पढ़े…

छत्तीसगढ़ की साय सरकार की तरफ से नक्सल उन्मूलन की दिशा में कई बड़े कदम उठाये गए हैं। इनमे एक तरफ जहां हथियारबंद नक्सलियों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जा रहा हैं तो सरकार दूसरी तरह इस समस्या के समाधान के लिए वार्ता की कोशिश भी कर रही हैं।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने पहले ही साफ़ कर दिया था की मुठभेड़ उनके नक्सल उन्मूलन का महज 20 फ़ीसदी हिस्सा हैं। वह चाहते हैं कि माओवादी नेताओं से बेहतर माहौल में वार्ता कर इस समस्या का निपटारा किया जाये।

गृहमंत्री ने इससे पहले नक्सलियों को वीडियो कॉलिंग या फिर मध्यस्थ के माध्यम से भी बात करने का आमंत्रण भेजा था लेकिन यह कवायद अबतक सफल नहीं रही। वही पिछले दिनों सरकार की तरफ से यह भी बताया गया कि वह समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की नीति को बेहतर करना चाहते हैं।

इस सम्बन्ध में गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों के लिए एक प्रपत्र जारी करते हुए उनके सुझाव मांगे थे। बहरहाल इस पूरे मामले को लेकर नक्सलियों की तरफ से चार पन्ने का पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में माओवादी नेताओं ने सरकार के उन सवालों का जवाब भी दिया हैं जो उनसे पूछे गए थे।

पत्र में नक्सलियों ने सरकार पर आरोप लगाए हैं। उनका मानना हैं कि सरकार एक तरफ निःशर्त वार्ता का दावा करती हैं जबकि दूसरी तरफ उनकी तरफ से कई शर्ते लाद दी जाती हैं। ऐसे में बातचीत संभव नहीं हैं।

पत्र में नक्सलियों ने अपने आंदोलन को जनता का आंदोलन बताते हुए कहा हैं कि उनका आंदोलन कमजोर नहीं बल्कि मजबूत हुआ हैं। अपने खत में नक्सलियों ने दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल और झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम का जिक्र किया हैं। आप खुद भी पढ़े पूरा खत..

 

छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है।

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छत्तीसगढ़ : पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चुनाव परिणाम, झीरम हमले की जांच, छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाणपत्रों की जांच और कवर्धा में हुए सड़क हादसे पर सरकार और गृहमंत्री विजय शर्मा पर जमकर निशाना साधा है।

जिस धर्म में जाति की व्यवस्था नहीं है उस धर्म में आप एससी एसटी और ओबीसी बनायेंगे। तो यह लोगों के अधिकार का हनन है। स्पष्टता की बात यह है कि पिछले कुछ साल में ओबीसी के सर्टिफिकेट बनाए गए हैं। सीएम के संज्ञान में इस विषय को लाऊंगा। पूरी कोशिश करूंगा की मामले की जांच हो। प्रमाण पत्र वोट बैंक की राजनीति के लिए बनाया गया है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को ढूंढने चुनौती देने पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, उन्होंने जबरदस्ती रोहिंग्या शब्द जोड़ दिया। इसके नए केस हमारे पास है। जिन्हें गांव वाले और बीएलओ नहीं जान रहे है। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। स्थानीय लोगों को पीड़ा होती है। कई गांव में उन्हें वोट नहीं डालने दिया गया। क्योंकि अचानक उनका नाम मतदाता सूची में आ गया। ये सब पिछली सरकार के समय अधिक हुआ है।

झीरम मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हम भूपेश बघेल से आग्रह करेंगे अगर वह कह रहे हैं कि, उनके जेब में सबूत है तो वे उसे जांच कमेटी के सामने रखे। गिरेबान पकड़ने वाला मामला ही नहीं है वो काफी वरिष्ठ नेता है।जाति प्रमाण पत्र की जांच को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि, ST,SC, ओबीसी वर्ग को आरक्षण इसलिए दिया गया है कि, उसे अवसर मिले अगर इसमें और भी वर्ग के लोगों को जोड़ देंगे तो उनके साथ अन्याय है और छत्तीसगढ़ में ऐसा हुआ है।

एक विशेष समुदाय के लोगों को आदिवासियों और ओबीसी वर्ग का लाभ दिया जा रहा है। नारायणपुर में नक्सल मुठभेड़ में 8 नक्सलीयों के मारे जाने के मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, नारायणपुर बीजापुर में जवानों ने 8 वर्दीधारी नक्सली मारे गए हैं। जवानों के शौर्य और भुजाओं का यह आधार है। नक्सली मुख्य धारा में जुड़े लक्ष्य निर्धारित करें..अगर उन्नति उनका रास्ता है तो एक रास्ता बन सकता है।

नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के लिखे हुए लेटर पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, ऑपरेशन जहां आवश्यक है वहां करना होता है। सड़क भी बनानी होगी।

इन सभी बातों के साथ कहना चाहता हूं कि चाणक्य की बात करते, वही राग अलापते है इसका कोई अर्थ नहीं होने वाला है। नक्सलियों से आग्रह है कि वार्ता आप करें अगर लक्ष्य एक है तो रास्ता एक हो सकता है। सेंट्रल कमेटी अगर बात करती है तो हर्ष का विषय है। यानी जो टॉप कैडर है वह आंध्र और तेलंगाना के हैं और छत्तीसगढ़ कैडर उसके नीचे है। इसलिए जो भी बात करना चाहे हम तैयार है।