रायपुर। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने 8 से 10 जनवरी तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
रायपुर में गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। पिछले करीब 15 दिनों से तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच बना हुआ था, लेकिन अब ठंड और तीखी हो गई है।
इसका असर यह है कि सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिख रही है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है, लेकिन ठंड का असर बना हुआ है। आने वाले तीन दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है।
रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों में शीतलहर की आशंका जताई गई है। वहीं सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण हालात और सख्त हो सकते हैं।
घने कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग ठंड से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और गर्म भोजन लें।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।



