अयोध्या में राम मंदिर परिसर में हिरासत में लिए गए कश्मीरी व्यक्ति को लेकर उसके परिवार ने बड़ा दावा किया है. परिवार का कहना है कि वह व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाता है.
यह घटना शनिवार (10 जनवरी) सुबह की है. जब जम्मू-कश्मीर के शोपिया जिले के गडापोरा गांव के रहने वाले 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख को राम मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज अदा करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया.
उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल अहद शेख सुबह राम मंदिर पहुंचे थे और सीता रसोई के पास बैठकर नमाज की तैयारी कर रहे थे. इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका और बाद में पुलिस को सूचना दी गई. सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
पिता की ठीक नहीं है मानसिक स्थिति- इमरान
इस मामले पर शेख के बेटे इमरान ने शोपिया स्थित अपने घर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके पिता अयोध्या गए हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं. इमरान के अनुसार, उनके पिता अक्सर घर पर नहीं रहते और बिना किसी को बताए कहीं भी चले जाते हैं.
पड़ोसियों ने किया पीड़ित परिवार का समर्थन
इमरान ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पिता अपने ससुराल गए थे, लेकिन इसके बाद वह कहां गए. इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता मस्जिदों में जाते रहते हैं और कई बार उन्हें यह भी समझ नहीं होता कि वह कहां हैं और क्या कर रहे हैं. पड़ोसियों ने भी परिवार के दावे का समर्थन किया है. एक पड़ोसी ने कहा कि अगर वह मानसिक रूप से स्वस्थ होते, तो मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश नहीं करते. पड़ोसी के अनुसार, वह दवाइयां लेते हैं और अपनी जिम्मेदारियों को भी ठीक से नहीं समझ पाते.
अयोध्या पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि नमाज से रोके जाने पर शेख ने नारे लगाए, हालांकि इस दावे की जांच की जा रही है. वहीं, अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.



