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West Bengal: बंगाल में डरा रहा निपाह वायरस! बारसात से मिले 2 नए संदिग्

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता में निपाह वायरस को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं. बारसात क्षेत्र से दो और संदिग्ध मरीजों को बेलेघाटा आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

डॉक्टरों का कहना है कि दोनों मरीज हाल ही में निपाह वायरस से संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे, जिसके कारण उन्हें यह संक्रमण होने की आशंका है. अस्पताल में इन मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है.

स्वास्थ्य कर्मियों की रिपोर्ट नेगेटिव

इस बीच राहत की बात यह सामने आई है कि संक्रमितों के संपर्क में आए 5 स्वास्थ्य कर्मियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. नदिया जिले के CMOH ने अब तक कुल 45 सैंपल एम्स कल्याणी भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है.

नदिया जिले की दो नर्सें संक्रमित पाई गई थीं और उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. एक नर्स गहरे कोमा में है. दूसरी नर्स को वेंटिलेशन सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों का संदेह है कि वे नदिया के कालीगंज में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद संक्रमित हुईं. इसके अलावा, दूसरी नर्स संभवतः पहली संक्रमित नर्स के साथ बारसात अस्पताल में दो दिनों तक नाइट ड्यूटी करने के दौरान संक्रमित हुई.

निपाह वायरस का खतरा क्यों गंभीर है?

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम आज कालीगंज में जांच के लिए पहुंच रही है ताकि संक्रमण के स्रोत और वायरस के फैलाव को समझा जा सके. सबसे बड़ी चिंता यह है कि निपाह वायरस का अभी तक कोई टीका या पक्का इलाज मौजूद नहीं है. डॉक्टर जयदेव राय बताते हैं, ‘कुछ दवाओं का परीक्षण हुआ है, पर कोई भी विशेष रूप से कारगर नहीं मिली. फिलहाल उपचार केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता है. गंभीर मरीजों को तुरंत ICU में भर्ती करना जरूरी होता है.’

उनके अनुसार, निपाह वायरस तेजी से मस्तिष्क पर असर करता है. मरीज बेहोश हो सकता है, उसे दौरे पड़ सकते हैं, दिल की धड़कन रुक सकती है और सांस लेने में गंभीर समस्या पैदा हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है, क्योंकि इस वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक है.

निपाह कैसे फैलता है?

डॉक्टरों का कहना है कि निपाह वायरस का प्रमुख स्रोत चमगादड़ हैं. उनके लार या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकता है. डॉ. राय बताते हैं, ‘हमेशा जरूरी नहीं है कि संक्रमण चमगादड़ से ही फैले. संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी वायरस दूसरे व्यक्ति में जा सकता है.’

डॉक्टर जयदेव राय कहते हैं, ‘निपाह वायरस के लक्षण अन्य वायरस की तरह शुरू होते हैं, लेकिन यह बहुत तेजी से फैलता है. यह बहुत तेजी से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है. मरीज बेहोश हो जाता है, दौरे पड़ते हैं, दिल रोग हो सकता है. सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. यदि इस प्रकार की समस्याएं और लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और मरीज को आईसीयू देखभाल देनी चाहिए. क्योंकि इस बीमारी की मृत्यु दर बहुत अधिक है.