इसके बाद जापान और साउथ कोरिया (188 देशों के साथ) दूसरे नंबर पर हैं. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पांचवें स्थान पर पहुंचकर इस साल खास चर्चा में रहा.
भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार
भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है. भारत अब पांच पायदान चढ़कर 80वें स्थान पर पहुंच गया है और इस रैंक पर अल्जीरिया के साथ बराबरी पर है. अब भारतीय नागरिक 55 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं. इनमें वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) की सुविधा शामिल है. पिछले साल भारत की रैंकिंग 85वीं थी.
भारतीय यात्रियों को कहां मिलेगा फायदा
इस बढ़ी हुई सुविधा का फायदा भारतीय यात्रियों को एशिया, अफ्रीका, ओशिनिया, कैरेबियन और मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में मिलेगा. वीजा-फ्री जाने वाले लोकप्रिय देश थाईलैंड, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल, बारबाडोस, फिजी, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइंस आदि. वीजा ऑन अराइवल या ETA वाले देश इंडोनेशिया, मालदीव, श्रीलंका, केन्या, जॉर्डन, फिलीपींस समेत कई देश.
2026 में दुनिया के टॉप 10 ताकतवर पासपोर्ट
सिंगापुर 192 देश
जापान 188 देश
साउथ कोरिया 188 देश
डेनमार्क, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड 186 देश
ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे 185 देश
हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, यूएई 184 देश
कुल मिलाकर, इस रिपोर्ट से साफ है कि भारत के पासपोर्ट की ताकत धीरे-धीरे बढ़ रही है और आने वाले समय में भारतीयों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा और आसान हो सकती है.



