छत्तीसगढ़ में क्या सरकारी तंत्र में करप्शन को नेता खुलकर स्वीकारोक्ति दे चले हैं? विपक्ष मौजूदा सरकार को, प्रशासन को भ्रष्टाचार पर घेरने पूरे दमखम के साथ सड़क से लेकर सदन तक रणनीति बना रहा है, लेकिन जब सवाल अपने ही नेता के बयान से उठे तो फिर विपक्ष के पास खुला मौका होता है सरकार को घेरने का। एक पूर्व मंत्री और सीनियर विधायक कह रहे हैं कि मोहब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होता। कांग्रेस कह रही है कि बीजेपी सरकार में जग खरीदी से लेकर जंबूरी तक के भ्रष्टाचार पर सत्तापक्ष के नेता मुहर लगा रहे हैं। सवाल है क्या वाकई सत्तापक्ष के नेता अपनी सरकार में करप्शन से परेशान हैं, उसे रोक नहीं पा रहे हैं?
इस वक्त प्रदेश में भ्रष्टाचार जारी घमासान चरम पर है। विपक्षी कांग्रेस धान संग्रहण केंद्रों पर करोड़ों के धान चूहों के खाने के बयान के बाद अब पूरा जोर लगाकर सरकार को घेर रही है। सरकारी तंत्र के करप्शन पर राजधानी से लेकर जिलों तक कांग्रेसी सड़क पर उतर चुके हैं। इसी बीच रायपुर DEO ऑफिस में आगजनी की घटना पर कांग्रेस ने इसे सीधे-सीधे सरकारी भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर लगवाई आग बताया। आरोपों पर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने शायराना अंदाज में तंज कसा कि मोहब्बत और भ्रष्टाचार कभी खत्म नहीं होते, बस बाबू बदल जाते हैं।
चंद्राकर के इस बयान पर PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि पूर्व मंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि उनकी पार्टी की सरकार के दौर में करप्शन जारी है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता उद्योगपतियो को छूट दिलाते हैं और पिछले दरवाजे से उनसे पैसे लेते हैं। अब सवाल ये कि क्या वाकई सत्ता पक्ष के नेता ये स्वीकार कर रहे हैं कि सरकारी तंत्र में स्थाई तौर पर भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है।जिसे उनकी सरकार भी रोक नहीं पा रही है। पूर्व अजय चंद्राकर का बयान कांग्रेस को बीजेपी सरकार को घेरने का खुला मौका है तो क्या ये बयान जानबूझकर किसी खीज में दिया गया या वाकई नेताजी कड़वी सच्चाई को साहस से स्वीकार कर रहे हैं।



