भारत में 26 जनवरी, 2026 को मनाए जाने वाले 77वें गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में करीब 10,000 खास अतिथि शामिल होंगे. रक्षा मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये अतिथि अलग-अलग क्षेत्रों से आए हैं और देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हैं.
इन विशेष अतिथियों में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिन्होंने आय और रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप्स और सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के क्षेत्र में अच्छे कार्य किए हैं. इसके अलावा, सरकार की प्रमुख पहलों में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को भी बुलाया गया है. उनका उद्देश्य देश निर्माण में योगदान देने वालों का सम्मान करना और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं में जन भागीदारी बढ़ाना है.
विशेष अतिथियों के लिए कर्तव्य पथ पर विशेष बैठने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा, उन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्राहलय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा करने का अवसर मिलेगा. अतिथि संबंधित मंत्रियों के साथ बातचीत भी कर सकेंगे. यह आयोजन उन्हें देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा.
सुरक्षा व्यवस्था पर एजेंसियों का ध्यान
सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणाली लागू की है. यह कदम खुफिया एजेंसियों से मिली कई आतंक संबंधी चेतावनियों के मद्देनजर उठाया गया है. इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की बैठने की व्यवस्थाओं को भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है और अतिथियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी बदलाव किए गए हैं.
अतिथियों और टिकट धारकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने निमंत्रण कार्ड में दिए गए विवरण को ध्यान से पढ़ें और केवल निर्दिष्ट मार्गों का पालन करें. मार्गों, पार्किंग और एन्क्लोजर से संबंधित पूरी जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इस व्यवस्था का उद्देश्य समारोह को सुरक्षित, व्यवस्थित और सभी अतिथियों के लिए यादगार बनाना है.



