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ट्रंप के टैरिफ वॉर से दुनिया रही त्रस्त, PM मोदी ने सूझबूझ से भारत

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जबसे डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के दूसरी बार राष्ट्रपति बने तबसे उन्होंने पूरी दुनिया में टैरिफ के नाम पर हाहाकार मचाया हुआ है. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को हिला कर रख दिया है.

अमेरिका की आक्रामक ट्रेड पॉलिसी से सिर्फ कोई एक ही देश नहीं प्रभावित हुआ है जबकि यूरोप से लेकर एशिया तक हर कोई न कोई देश परेशान रहे हैं. लेकिन इसी मुश्किल दौर में भारत ने अलग रास्ता चुना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दबाव में झुकने के बजाय सूझबूझ और रणनीति से ऐसा कदम उठाया कि भारत की अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ ली. ये हम नहीं कह रहे हैं, यह दावा है The Economist मैगजीन की एक हालिया रिपोर्ट का तो समझते हैं पूरी रिपोर्ट.

विदेशी दबाव, लेकिन भारत ने नहीं बदला रास्ता

The Economist के मुताबिक, अमेरिका की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ के बावजूद भारत ने घबराकर कोई जल्दबाज़ी वाला फैसला नहीं किया. रिपोर्ट में लिखा गया कि भारत ने साफ संकेत दिया कि वह किसी दबाव में आकर ऐसे समझौते नहीं करेगा, जिनका नुकसान आगे चलकर देश को उठाना पड़े. इससे अमेरिका के दबाव की धार भी कमजोर हुई.

चीन और यूरोप के साथ रिश्तों में सुधार

रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में चीन के साथ जमे रिश्तों में सुधार हुआ. निवेश पर लगी कुछ पाबंदियां हटाई गईं और व्यापार को लेकर बातचीत आगे बढ़ी. वहीं, यूरोपीय यूनियन के साथ एक बड़े ट्रेड डील की उम्मीद भी जताई गई है, जिसे भारत की कूटनीतिक जीत माना जा रहा है.

घरेलू सुधारों से बदली तस्वीर

विदेशी दबाव को मोदी सरकार ने घरेलू सुधारों का हथियार बना लिया. टैक्स सिस्टम को आसान किया गया, रोजगार कानूनों में बदलाव हुए ताकि कंपनियां बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग कर सकें. बिजली सेक्टर और न्यूक्लियर इंडस्ट्री को प्राइवेट और विदेशी निवेश के लिए खोला गया. The Economist ने खास तौर पर लिखा कि लेबर रिफॉर्म जैसे बड़े फैसलों पर भी अपेक्षा से कम विरोध देखने को मिला, जो अपने आप में चौंकाने वाला रहा.

चुनौतियां भी आईं, पर हौसला नहीं टूटा

रिपोर्ट यह भी मानती है कि मोदी के दूसरे कार्यकाल का एक बड़ा हिस्सा कृषि कानूनों के विरोध की भेंट चढ़ गया. इसके बावजूद सरकार ने आर्थिक सुधारों की दिशा नहीं छोड़ी. मैगज़ीन का कहना है कि अगर यूरोपीय नेता भारत से कुछ सीख सकते हैं, तो वह यह कि संकट के बीच भी अवसर निकाला जा सकता है.

‘Rising Giant’ बनता भारत

The Economist ने भारत को “Rising Giant” बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के 50% तक के टैरिफ, विदेशी निवेश की सुस्ती और रुपये की कमजोरी के बावजूद भारत की GDP तीसरी तिमाही में 8.2% बढ़ी. सरकार ने 2026 के लिए ग्रोथ अनुमान भी बढ़ाकर 7.4% कर दिया है. यानी कुलमिलाकर रिपोर्ट का निष्कर्ष साफ है जब दुनिया टैरिफ वॉर से त्रस्त है, भारत मोदी की स्मार्ट स्ट्रैटेजी से आगे बढ़ रहा है. यूरोपियन लीडर्स अब मोदी को स्टार मान रहे हैं.