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योजनाएं फाइल में नहीं, ‘लाइफ’ में दिखनी चाहिए; बजट से पहले पीएम मोदी ने दिया बड़ा संदेश…

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संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है. यह सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है. इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद परिसर में पत्रकारों को संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ को सरकार की नीति बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2026 के प्रारंभ में ही राष्ट्रपति ने संसद के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने उन अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना से आगामी कार्यवाही में योगदान देंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कई मार्गदर्शन वाली बातें हम सभी के सामने रखी थीं. सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा. यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है. भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है. मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे. मैं सभी तरह के प्रोड्यूसर्स से अपील करूंगा कि अब जब भारत-यूरोपियन यूनियन का मार्केट खुल गया है तो एक बहुत बड़ा मार्केट उपलब्ध है और हमारा सामान वहां कॉम्पिटिटिव कीमतों पर पहुंच सकता है. उन्हें सिर्फ हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि-

हमें गुणवत्ता पर बल देना है. आज बाजार खुल गया है, तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है. 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरों, किसानों, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है. हमने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से शुरुआत की है. मैं इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में उनके सकारात्मक योगदान के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं. नतीजतन, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ गति पकड़ रही है.

उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है. आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है. आज भूमिका व्यवधान का रोना रोने की नहीं है. आज भूमिका समाधान ढूंढने और उन्हें जमीन पर उतारने की है. उन्होंने आगे कहा कि कोई हमारी कितनी भी आलोचना करे, लेकिन एक बात हर कोई कहता है कि सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है. योजना को फाइल तक नहीं, लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है. इसी परंपरा को हम रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन के रिफॉर्म में आगे बढ़ाने वाले हैं.