समाजवादी पार्टी का विरोध
समाजवादी पार्टी (एसपी) के नेता अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों को प्रवेश देना देश की लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या के साथ धोखा है, जो अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।
इस समझौते के तहत, अमेरिका में भारतीय वस्तुओं पर शुल्क घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जबकि अमेरिका का दावा है कि इससे उसे भारत को अधिक कृषि उत्पाद निर्यात करने में मदद मिलेगी।
यादव का आरोप
यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा ने किसानों पर फिर से हमला किया है। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि इस दबाव का कारण क्या है? उन्होंने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलना किसानों के साथ विश्वासघात है। यादव ने भाजपा के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे स्वतंत्रता से पहले भी विदेशी एजेंट थे और आज भी हैं। उन्होंने भाजपा के नेताओं से पूछा कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ विश्वासघात करने के लिए कितना कमीशन लिया है।
किसानों और मध्यम वर्ग पर प्रभाव
यादव ने यह भी कहा कि भाजपा की नीतियों से न केवल किसानों को नुकसान होगा, बल्कि इससे खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इससे मुनाफाखोरी बढ़ेगी और बिचौलियों की नई नस्ल का उदय होगा। इसके परिणामस्वरूप, खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतें और अधिक बढ़ेंगी। इसके साथ ही, भाजपा इन कंपनियों से चंदा भी वसूलेगी, जिससे कीमतें और भी बढ़ेंगी। अंततः, इससे किसानों की आय कम होगी और वे अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर होंगे।
विदेश नीति पर सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने केंद्र की विदेश नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसकी अस्पष्टता ने व्यापारियों और निर्यातकों को नुकसान पहुंचाया है और भारत के राष्ट्रीय हितों को कमजोर किया है। राय ने कहा कि यह अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए राहत की बात है, लेकिन इस स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि कई व्यापारियों ने बैंक से कर्ज लिया है और वे ईएमआई चुकाने में असमर्थ हैं। यदि विदेश नीति में स्पष्टता नहीं है, तो देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।



