विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भी तीखे सवाल सामने आएंगे। ऐसे में उन्हें सोच समझकर उत्तर तैयार करने पड़ेंगे। दरअसल, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में साइंस कॉलेज चौपाटी से जुड़े सवाल के लिखित उत्तर ने सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। यही वजह है कि इस बार सभी विभाग पहले से सतर्क है।
विधानसभाका बजट सत्र भले ही 23 फरवरी से शुरू होगा, लेकिन सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के विधायकों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ज्यादातर विधायक स्थानीय और प्रदेश स्तरीय समस्याओं पर केंद्रित सवालों की छड़ी लगा रहे हैं। कुछ सवाल तो ऐसे हैं, जिन्हें देखकर अफसरों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।
उन्हें पता है कि विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के भी तीखे सवाल सामने आएंगे। ऐसे में उन्हें सोच समझकर उत्तर तैयार करने पड़ेंगे। दरअसल, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में साइंस कॉलेज चौपाटी से जुड़े सवाल के लिखित उत्तर ने सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी थी। यही वजह है कि इस बार सभी विभाग पहले से सतर्क है।
इस बार विधानसभा का सत्र हंगामेदार होना तय माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों में दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई है। इसमें राहुल गांधी ने आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ने पर जोर दिया था।
- धान, मनरेगा, अवैध खनन जैसे मुद्दे पर घेरने की तैयारी
बताया जाता है कि इस बार विपक्ष सरकार को घेरने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा धान खरीदी का रहेगा। इसे लेकर विपक्ष स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में हो रही पेड़ों की कटाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि केंद्र मनरेगा योजना में बदलाव किया है। इसका विपक्ष तीखा विरोध कर रहा है। छत्तीसगढ़ में भी इसे लेकर विधानसभ में हंगामा होने के आसार है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि विपक्ष के हंगामों की वजह से एक-दो दिन सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हो सकती है।
लगातार 9 दिन नहीं चलेगा सत्र
विधानसभा का सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। खास बात यह है कि लगातार नौ दिन तक विधानसभा का सत्र नहीं होगा। दरअसल, 28 फरवरी को शनिवार और 1 मार्च को रविवार होने की वजह से अवकाश रहेगा। 2 मार्च सोमवार को बैठक नहीं होगी। 3 मार्च को होलिका दहन की वजह से बैठक नहीं होगी। 4 मार्च को होली का अवकाश होगा। 5 और 6 मार्च को बैठक नहीं होगी। 7 और 8 मार्च को शनिवार और रविवार होने की वजह से अवकाश रहेगा।
पहले दिन मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े सवाल
विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इस वजह से प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वन मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सत्ता पक्ष और विपक्ष के सवालों के जवाब देंगे।
फैक्ट फाइल दिनांक- तारांकित-अतारांकि- कुल
- 30 जनवरी- 16-07-23
- 02 फरवरी-250-192-442
- 03 फरवरी-447-377-824
- 04 फरवरी-530-450-980
- 05 फरवरी-561-473-1034
- 06 फरवरी-605-499-1104



