छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गाँव में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने 5.62 एकड़ जमीन पर उगे 14.30 लाख से अधिक अफीम के पौधों को नष्ट किया, जिनकी कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
दुर्ग के समोदा गाँव में62 एकड़ में उगी अवैध अफीम की खेती का खुलासा।
30 लाख से अधिक पौधे नष्ट, कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई।
मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार गिरफ्तार, पार्टी से निलंबित।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गाँव में अफीम की बड़े पैमाने पर हो रही अवैध खेती ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस और जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 5.62 एकड़ भूमि पर उगे 14.30 लाख से अधिक अफीम के पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई की है। इन पौधों की अनुमानित कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए करीब 400 लोगों की टीम ने 24 घंटों तक अथक मेहनत की, जिसके बाद इन पौधों को उखाड़कर बोरियों में पैक किया गया। अब प्रशासन इन्हें एक सीमेंट फैक्ट्री की ब्लास्ट फर्नेस में नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
गूगल सर्च से हुई अफीम की पहचान
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 3 मार्च को गाँव के एक युवक ने सरपंच को अफीम की खेती के फोटो और वीडियो भेजे, जिसकी पुष्टि सरपंच ने गूगल सर्च के माध्यम से की। 4 मार्च को होली के कारण सरपंच ने शांति बनाए रखने के लिए जानकारी सार्वजनिक नहीं की, लेकिन धीरे-धीरे यह बात फैल गई कि विनायक ताम्रकार और उनके भाइयों के खेत में अफीम उगाई जा रही है। 5 मार्च (गुरुवार) को सरपंच ने जेवरा सिरसा थाना के कांस्टेबल पुनेश साहू को इसकी सूचना दी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद सरपंच ने चौकी प्रभारी खगेन्द्र पठारे को भी सूचित किया, लेकिन उन्होंने भी कोई संज्ञान नहीं लिया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। 6 मार्च को सरपंच ने LIB के जवान प्रहलाद बंछोर को जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत फील्ड विजिट कर आला अधिकारियों को अवगत कराया।
मक्के की आड़ में उगाई थी अफीम
अधिकारियों के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आबकारी, FSL, NCB और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची। FSL जांच में पुष्टि हुई कि अफीम के फलों में मॉर्फिन की उच्च मात्रा है। मौके पर 11 एकड़ के खेत में मक्के की आड़ में अफीम उगाई गई थी, जिसमें वेजिटेटिव से लेकर फ्रूटिंग स्टेज तक के पौधे थे। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन प्रीतिबाला और मधुबाला के नाम पर थी, जिन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के भी लगे आरोप
पूछताछ में विनायक ताम्रकार और विकास बिश्नोई की भूमिका सामने आने पर उन्हें आरोपी बनाया गया। ग्रामीणों और सरपंच ने विनायक के भाई बृजेश ताम्रकार की संलिप्तता और ताम्रकार बंधुओं द्वारा 140-150 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच के लिए अतिरिक्त तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि थाना प्रभारी ने पहले ही आरोपियों को सूचना दे दी थी, जिसके चलते आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की थी।
350-400 लोगों ने मिलकर अवैध पौधों को उखाड़ा
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं मौके पर पहुँचकर इस कार्रवाई की निगरानी की और आरोपियों पर कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया।Afeem Kheti in CG फिलहाल, 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 350-400 लोगों ने मिलकर अवैध पौधों को उखाड़ दिया है।
पार्टी से किया गया निलंबित
आपको बता दें कि इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दूसरी ओर उन्हें उनकी पार्टी (भाजपा) से निलंबित कर दिया गया है। विनायक ताम्रकार के निलंबन का आदेश डॉ. नवीन मार्कंडेय ने जारी किया था। विनायक ताम्रकार के निलंबन को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कोई भी हो, गैरकानूनी काम करने वाले पर कार्रवाई होगी। अफीम मामले के साथ-साथ अब जिला प्रशासन द्वारा ताम्रकार बंधुओं के विरुद्ध सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों की भी गहन जांच की जा रही है, जिससे इस मामले में कई अन्य परतें खुलने की उम्मीद है।



