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अब दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर कराना होगा आसान! सरकार खत्म करने जा रही ये बड़ी रिपोर्ट्…

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अगर आप अपनी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. अभी तक दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने पर सबसे बड़ी परेशानी NOC यानी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होती है.

इसके लिए लोगों को कई बार RTO के चक्कर लगाने पड़ते हैं और काफी समय भी लगता है, लेकिन अब सरकार इस प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रही है.

रिपोर्ट्स के अनुसार नीति आयोग की एक कमेटी ने सुझाव दिया है कि राज्यों के बीच वाहन ट्रांसफर करते समय NOC की जरूरत को खत्म कर दिया जाए. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. अगर यह नियम लागू हो जाता है तो वाहन मालिकों को पुराने RTO से NOC लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी.

अभी काफी मुश्किल है वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया

फिलहाल अगर कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे राज्य में कराना चाहता है तो उसे कई तरह की कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. सबसे पहले पुराने राज्य के RTO से NOC लेना जरूरी होता है. यह प्रमाण होता है कि गाड़ी पर कोई रोड टैक्स या चालान बाकी नहीं है. इसके बाद ही नया राज्य उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन लेता है. इसके अलावा वाहन मालिक को पुरानी RC, फिटनेस सर्टिफिकेट, टैक्स की रसीद और NOC जैसे कई डाक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते हैं.

वाहन पोर्टल से आसान हो सकता है ट्रांसफर

कमेटी का सुझाव है कि गाड़ी से जुड़ी सभी जानकारी पहले से ही ‘वाहन’ पोर्टल पर मौजूद है. इस पोर्टल पर देशभर की गाड़ियों का पूरा डेटाबेस ऑनलाइन उपलब्ध है. ऐसे में यह आसानी से जांच की जा सकती है कि गाड़ी पर कोई टैक्स या चालान बाकी है या नहीं. अगर ये सिस्टम लागू होता है तो NOC की जगह ऑनलाइन ऑटोमैटिक क्लियरेंस मिल सकता है.

गाड़ी की फिटनेस होगी जरूरी

कमेटी ने एक और अहम सुझाव दिया है. इसके अनुसार गाड़ियों की उम्र के बजाय उनकी फिटनेस पर ध्यान दिया जाना चाहिए. अभी कई जगहों पर एक तय उम्र के बाद गाड़ियों को सड़कों से हटाना पड़ता है, भले ही वे अच्छी स्थिति में हों. अगर नया नियम लागू होता है तो पुरानी गाड़ियां भी सड़कों पर चल सकेंगी, बशर्ते वे सभी फिटनेस और सुरक्षा मानकों को पूरा करती हों. इससे वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है.