देश में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कमी की आशंका बरकरार है। मिडिल ईस्ट संकट का असर तेल के बाद गैस पर भी पड़ रहा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने रेलवे स्टेशनों पर चलने वाली खान-पान सेवाओं को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है।
इस एडवाइजरी के तहत रेलवे स्टेशनों पर मौजूद कैटरिंग यूनिट्स और स्टॉल संचालकों को गैस की कमी से निपटने के लिए सतर्क रहने की अपील की गई है। स्टॉल संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
IRCTC ने कहा है कि अगर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में बाधा आती है, तो वैकल्पिक उपाय अपनाएं। कैटरिंग यूनिट्स को माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य है कि यात्रियों को भोजन और नाश्ते की सुविधाओं में किसी तरह की कमी न हो।
LPG Crisis: आईआरसीटीसी ने जारी किया एडवाइजरी- जारी दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश चलती ट्रेनों में मिलने वाली कैटरिंग सेवाओं पर लागू नहीं होगा।
– यह नियम केवल रेलवे स्टेशनों पर मौजूद स्थिर (स्टेटिक) कैटरिंग यूनिट्स और दुकानों के लिए लागू किया गया है।
– नए नियमों के तहत इन यूनिट्स को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करना होगा ताकि गैस की संभावित कमी के बावजूद सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
– IRCTC ने यह भी कहा है कि यदि किसी यूनिट में गैस के माध्यम से खाना पकाना पूरी तरह बंद हो जाता है, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को देनी होगी।
– इससे रेलवे प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
IRCTC ने रेडी टू ईट फूड का स्टॉक रखने का दिया सुझाव
इसके अलावा, कैटरिंग संचालकों को ‘रेडी टू ईट’ (RTE) फूड का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। मानक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (PAD) और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ-साथ RTE भोजन का पर्याप्त भंडार रखने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अगर ताजा भोजन बनाना संभव न हो तो भी यात्रियों को आसानी से खाने के पैकेट उपलब्ध कराए जा सकें।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि ऊर्जा संकट के इस दौर में यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। इसलिए कैटरिंग यूनिट्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करें और खाद्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें, ताकि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को खाने-पीने की कोई कमी महसूस न हो।



