“चैत्र नवरात्रि 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खास नियम, सेहत और आध्यात्मिक लाभ!”
Chaitra Navratri 2026 Food Rules:
”पवित्र महीना चैत्र को हिंदू कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और भारत के अधिकतर हिस्सों में हिंदू नववर्ष के स्वागत का भी उत्सव है. यह नौ दिवसीय चैत्र नवरात्रि उत्सव के साथ भी मेल खाता है, जो व्रत, प्रार्थना और आध्यात्मिक अनुशासन के जरिए से देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है.”
”इस दौरान कई श्रद्धालु खास आहार नियमों का पालन करते हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि, वे शरीर को शुद्ध करते हैं, सात्विक (शुद्ध) खान-पान की आदतों को बढ़ावा देते हैं और आध्यात्मिक साधानाओं में मदद करते हैं.”
”इस पवित्र अवधि के दौरान आमतौर पर किन खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है और किन से परहेज करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में?
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”चैत्र माह के दौरान खान-पान संबंधी नियमों का पालन क्यों जरूरी?”
”चैत्र माह शीत ऋतु से ग्रीष्म ऋतु में परिवर्तन को कहा जाता है, जब शरीर को स्वाभाविक रूप से हल्के और आसानी से पचने वाले भोजन की जरूरत होती है.”
”पारंपरिक व्रत और आहार संबंधी प्रथाएं शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में मदद करती हैं, साथ ही प्रार्थना और दैनिक गतिविधियों के लिए ऊर्जा स्तर बनाए रखती है.”
”चैत्र नवरात्रि के दौरान क्या खाद्य पदार्थ खा सकते हैं?”
”चैत्र नवरात्रि के उपवास के दौरान भक्त आमतौर पर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जो हल्के और सुपाच्य हो.”
- फल- केले, सेब, पपीते, अनार और मौसमी फल
- दुग्ध उत्पाद- दूध, दही, पनीर और छाछ
- व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुट्टू,
- सिंघाड़ा का आटा और अमरंथ का आटा.
- साबूदाना.आलू और सेंधा नमक.मेवे और ड्राई फ्रूट्स
”चैत्र नवरात्रि उपवास के दौरान ये खाद्य पदार्थ ऊर्जा प्रदान करते हैं और साथ ही पाचन तंत्र को हल्का रखते हैं.”
”उपवास के दौरान इन खाद्य पदार्थों से बचें.’
”चैत्र व्रत के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से परंपरागत रूप से परहेज करना चाहिए, क्योंकि उन्हें भारी या तामसिक प्रकृति का माना जाता है.”
- गेहूं और चावल
- प्याज और लहसुन
- सामान्य टेबल नमक
- पैकेटबंद खाद्य पदार्थ
- मांस, अंडे और शराब का सेवन
”ऐसा माना जाता है कि, शरीर में पानी की कमी न होने देना खास तौर से महत्वपूर्ण है. श्रद्धालु आमतौर पर ताजा पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जैसे कि,
- नींबू पानी में सेंधा नमक
- नारियल पानी
- दूध आधारित पेय पदार्थ
- ताजे फलों का रस
”ये पेय पदार्थ शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के साथ निर्जलीकरण को रोकने में मदद करते हैं.”
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