संयुक्त राज्य अमेरिका अभी एलपीजी उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है. इसके मजबूत तेल और शेल गैस उद्योग ने उत्पादन को काफी ज्यादा बढ़ाया है. इससे यह देश किसी भी दूसरे देश के मुकाबले ज्यादा एलपीजी बना पाता है.

संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद चीन, सऊदी अरब और रूस जैसे देश एलपीजी के मुख्य उत्पादकों में शामिल हैं. इन देशों को अपने मजबूत पेट्रोलियम उद्योग और बड़े हाइड्रोकार्बन भंडारों का फायदा मिलता है. इससे वे घरेलू इस्तेमाल और निर्यात दोनों के लिए बड़ी मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस बना पाते हैं.

भारत भी दुनिया के टॉप 5 एलपीजी उत्पादक देशों में शामिल है. हालांकि अपनी मजबूत रिफायनिंग क्षमता के बावजूद देश की भारी मांग को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन काफी नहीं है. भारत अभी अपनी खपत का सिर्फ 40% एलपीजी ही बना पाता है.

क्योंकि घरेलू उत्पादन कुल मांग को पूरा नहीं कर पाते इस वजह से भारत एलपीजी का लगभग 60% अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से आयात करता है. सबसे बड़े सप्लायरों में से एक कतर है. यह भारत के कुल एलपीजी आयत का लगभग 34% हिस्सा देता है.
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आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए भारत सरकार ने हाल ही में घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है. इन उपायों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में पहले ही लगभग 25% की वृद्धि देखने को मिली है.



