पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत में चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 13 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार में चांदी के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत ₹11,000 गिरकर ₹2,65,500 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। इससे पहले पिछले कारोबारी दिन चांदी ₹2,76,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखी गई। यहां चांदी करीब 3.24 प्रतिशत यानी ₹8,683 गिरकर ₹2,59,279 प्रति किलो पर आ गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹2,67,962 प्रति किलो पर बंद हुई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक किलो चांदी की कीमत करीब ₹7,813 घटकर ₹2.60 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। इससे पहले यह करीब ₹2.68 लाख प्रति किलो थी। गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू बाजार में चांदी की कीमत आज करीब ₹5,000 गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलो तक आ गई। चूंकि शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहता है, इसलिए फिलहाल यही कीमतें मान्य मानी जा रही हैं।
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International Market: वैश्विक बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी के भाव दबाव में हैं। हाजिर चांदी का भाव गिरकर करीब 83.14 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कमोडिटी बाजार में अस्थिरता की वजह से कीमती धातुओं के दाम में उतार-चढ़ाव जारी है।
All Time High से बड़ी गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि इसी साल 29 जनवरी 2026 को चांदी का वायदा भाव ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत लगभग ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर ₹3.86 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद पिछले करीब 44 दिनों में चांदी की कीमत में करीब ₹1,25,445 तक की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत में सोना-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं
भारत में सोना और चांदी की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार, डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत, आयात शुल्क, जीएसटी और घरेलू मांग-आपूर्ति का बड़ा असर होता है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के आधार पर रोजाना इन धातुओं के दाम तय होते हैं। शादी-विवाह का सीजन, निवेश की मांग और आर्थिक हालात भी इनकी कीमतों को प्रभावित करते हैं।



