छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अवैध अफीम खेती के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो बड़े आरोपियों को झारखंड और बिहार से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
Illegal Afeem Farming
HIGHLIGHTS,
- अवैध अफीम खेती मामले में दो बड़े आरोपी गिरफ्तार।
- आरोपी झारखंड और बिहार से पकड़े गए।
- पुलिस पहले ही नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Illegal Afeem Farming छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती के बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी और करौंधा थाना क्षेत्र के तुरीपानी में सामने आए अफीम खेती के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो बड़े आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को झारखंड और बिहार से दबोचा गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल बलरामपुर जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। Afeem Farming इसी कड़ी में पुलिस की टीम ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो अहम आरोपियों को झारखंड और बिहार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम पैरु सिंह और भूपेंद्र उरांव है। गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और अवैध अफीम की खेती के पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पहले ही हो चुकी है नौ लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन गिरोह के सरगना फरार थे। अब दो बड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे सिंडिकेट का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बाहरी राज्यों से आकर स्थानीय लोगों को लालच देकर जंगल और दूरदराज के इलाकों में अवैध अफीम की खेती करवा रहा था और धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में भी अपने पैर पसार रहा था।



