Lok Sabha Suspension Revoked: लोकसभा में मंगलवार, 17 मार्च 2026 को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्षी दलों के 8 सांसदों का निलंबन वापस ले लिया गया। यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष Om Birla द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति के बाद लिया गया, जिससे संसद के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निलंबन से राहत पाने वाले सांसदों में कांग्रेस के 7 नेता-मणिकम टैगोर, अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पाडोले और चमाला किरण कुमार रेड्डी। शामिल हैं। इनके अलावा एस. वेंकटेशन (सीपीआई-एम) भी इस सूची में शामिल हैं।
Lok Sabha Suspension Revoked: पूरे सत्र के लिए किया गया था निलंबित
– इन सांसदों को 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान हंगामा करने और अमर्यादित आचरण के आरोप में पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 के तहत कार्रवाई करते हुए 8 निलंबित सांसदों का निलंबन समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया गया।’
– विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवने के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र किया। आरोप था कि हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने अध्यक्ष के आसन की ओर कागज फेंके और सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया था।
– हालांकि, बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही विपक्ष लगातार इन सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग कर रहा था। आखारिकार सर्वदलीय बैठक में यह सहमति बनी कि सभी दल सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
Om Birla के साथ मीटिंग के बाद बनी सहमति
स्पीकर ओम बिरला के साथ बैठक में सांसदों ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सदन के वेल में जाकर विरोध नहीं करेंगे, अध्यक्ष की ओर कागज नहीं फेंकेंगे और न ही तख्तियां या एआई-जनित पोस्टरों का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। इस फैसले से जहां विपक्ष को बड़ी राहत मिली है, वहीं संसद के कामकाज में अब रुकावट कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।



