समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी इलाके में हुए सपा की रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसा है. उन्होंने रैली में बड़ी संख्या में आए लोगों की भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि ‘आये हुए’ और ‘लाये हुए’ के बीच क्या अंतर होता है वो जनता के जोश ने साबित कर दिया.
समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव का आगाज इस बार नोएडा से किया है. जिसके लिए रविवार को दादरी में एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया था. इस रैली को सफल बनाने के लिए बीते दो महीनों से तैयारी की जा रही थी. सपा की इस रैली में आसपास के कई गावों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे सपा मुखिया काफी गदगद नज़र आए.
भारतीय जनता पार्टी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने इस रैली की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा की और लिखा- ‘दादरी एक शानदार शुरुआत है.. अब होना PDA का इंक़लाब है. ‘दादरी रैली’ में जो लोग दूर-दूर से आए, उनका समर्थन और उत्साह अभूतपूर्व रहा. सभी आगंतुकों और आयोजकों को ऐसे ऐतिहासिक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई और हृदय से धन्यवाद-शुक्रिया!
जनता के जोश ने साबित कर दिया कि ‘आये हुए’ और ‘लाये हुए’ के बीच क्या अंतर होता है. जो हजारों लोग मैदान भर जाने के कारण अंदर नहीं आ पाये और बाहर सड़कों पर ही रह गये, उनको मेरा विशेष धन्यवाद।’
दादरी एक शानदार शुरुआत है
अब होना PDA का इंक़लाब है
‘दादरी रैली’ में जो लोग दूर-दूर से आए, उनका समर्थन और उत्साह अभूतपूर्व रहा। सभी आगंतुकों और आयोजकों को ऐसे ऐतिहासिक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई और हृदय से धन्यवाद-शुक्रिया!
जनता के जोश ने साबित कर दिया कि ‘आये हुए’ और ‘लाये…
‘बीजेपी की रैली में लोग लाए गए थे’
इससे पहले अखिलेश यादव ने रैली को संबोधित करते हुए भी भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बिना निशाना साधा था. सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस रैली ने न जाने कितने लोगों के न केवल होश उड़ा दिए बल्कि उन्हें रैली के लिए मजबूर कर दिया. कल (शनिवार) भी रैली हुई थी, जिसमें लोगों को मजबूर करके लाया गया.
अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली पार्टी को सरकारी कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा. ये नया जमाना है कोई कैमरे से नहीं बच सकता है. उस रैली में लोग आए नहीं थे बल्कि लाए गए थे.



