प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में मौजूदा गाड़ियों की संख्याओं को कम कर दिया है. उनके काफीले में सिर्फ दो गाड़ियां ही नजर आई हैं. इससे पहले अमित शाह के काफिले में कम गाड़ियां नजर आईं थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रविवार को हैदराबाद में एक भाषण के दौरान की गई अपील को लेकर अब सरकार भी एक्टिव नजर आ रही है. मिडिल ईस्ट में बने हालातों के बाद से दुनिया एक तरफ ऊर्जा संकट और व्यापारिक नुकसान झेल रही है, तो वहीं युद्ध का असर भारत पर भी पड़ा है. भारत ईरान, रूस समेत अन्य देशों से क्रूड ऑइल खरीदता है. इसी को लेकर पीएम मोदी ने तेल बचाने की अपील की थी.
पीएम मोदी ने खुद की बात पर अमल करते हुए काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. उनके काफिले में सिर्फ दो गाड़ियां नजर आ रही हैं. बुधवार को जो तस्वीर सामने आई है, उसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले का आकार काफी कम कर दिया है. SPG प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा के जरूरी पहलुओं को बरकरार रखते हुए गाड़ियों की संख्या में यह कमी की गई है.
पीएम अपने काफिले में सिर्फ दो गाड़ियों के साथ सफर करते हैं. शुरू में PM के काफिले में 12-15 गाड़ियां होती थीं. इनमें बख्तरबंद मर्सिडीज-मेबैक S650 गार्ड्स, रेंज रोवर्स, टोयोटा फॉर्च्यूनर्स, एस्कॉर्ट गाड़ियां, जैमर यूनिट, डिकॉय कारें और एक एम्बुलेंस शामिल होती है. पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपने काफिले की गाड़ियों को कम कर दिया है. उनके काफिले में सुबह सिर्फ चार गाड़ियां दिखी थीं.
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी कम की काफिले की गाड़ियां
पीएम मोदी के अलावा बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या में कमी की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नरेंद्र मोदी जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर पुनः सिद्ध किया है कि वे सही मायने में देश के ‘प्रधानसेवक’ हैं. जब नेतृत्व स्वयं मिसाल पेश करता है, तो वह जन-आंदोलन बन जाता है.
वैश्विक चुनौतियों के बीच संसाधनों का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है. मोदी जी की इस पहल से प्रेरणा लेते हुए, मैं भी अपने काफिले की गाड़ियां कम कर रहा हूँ और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कई अन्य कदम उठा रहा हूं. आइए, हम सब मिलकर संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें.



