Home राजनीति गौ-रक्षा के नाम पर किसी को टारगेट भी नहीं किया जाना चाहिए....

गौ-रक्षा के नाम पर किसी को टारगेट भी नहीं किया जाना चाहिए. BJP नेता शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान….

1
0

दिल्ली में एक कार्यक्रम में बीजेपी नेता और बिहार के पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे विरोधियों को भी लगता है कि 50-60 साल तक हम ही लोग रहने वाले हैं. सब काम हो ही रहा है. मंदिर भी बन गया. 370 भी हट गया. ट्रिपल तलाक भी बंद हो गया. उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी में किसी की हिम्मत नहीं है कि वो गाय काट दे और हम लोग छोड़ दें.

‘नरेंद्र मोदी के रहते एक किलो गाय का मीट एक्सपोर्ट हो सकता है?’

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हरियाणा की जमीन पर गाय की बिरयानी बनाने की न किसी की औकात है और न हैसियत है. गाय और भैंस दोनों के मीट को बीफ कहते हैं. उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी के रहते एक किलो गाय का मीट एक्सपोर्ट हो सकता है? नहीं हो सकता. भारत से बकरे का मीट एक्सपोर्ट होता है. बकरी के पालक में 90 फीसदी हिंदू ही हैं. हमारे यहां बिहार में मिथिला में सुख और दुख दोनों में मांस खाते हैं. मैथिल का मतलब सिर्फ मैथिली ब्राह्मण नहीं है. मिथिला में रहने वाले सभी लोगों का खान-पान एक सा है. मेरा घर सुपौल में है. जब से धरती बनी है तब से वहां गौ-हत्या नहीं हुई है. एक भी भैंस की भी मीट की दुकान नहीं है.”

‘मां को पशु कैसे घोषित किया जा सकता है?’

बीजेपी नेता ने आगे कहा, “अब कुछ चालाक मुस्लिम कह रहे हैं कि इसको (गाय) को पशु घोषित कर दें. इतनी भी भावना नहीं देख रहे कि जिसको हिंदू माता मानते हैं, जिनमें कहते हैं कि 38 करोड़ देवी-देवता वास करते हैं, उसको पशु घोषित कर दो. मां को पशु कैसे घोषित किया जा सकता है? योगी जी के रहते हुए कोई यूपी में गाय काट पाएगा? सम्राट जी के रहते बिहार में काट पाएगा?”

‘पूरा देश एक स्वर में कहे कि गौ-रक्षा होनी चाहिए’

शाहनवाज हुसैन ने ये भी कहा, “मीडिया में कहते हैं बीफ एक्सपोर्ट हो रहा है और उससे चंदा ले रहे हैं. वो भैंस का मांस एक्सपोर्ट हो रहा है. नेपाल के पशुपति नाथ में तो भैंसा चढ़ता है. दुर्गा पूजा में बलि होती है. भारतीय जनता पार्टी के बारे में दुष्प्रचार किया जाता है कि ये नॉनवेज बंद कर देंगे. हम लोग खान-पान में जबरदस्ती वाले लोग नहीं हैं…जज्बात की कद्र करनी चाहिए. गौ-रक्षा के नाम बदतमीजी भी नहीं होनी चाहिए. गौ-रक्षा के नाम पर किसी को टारगेट भी नहीं किया जाना चाहिए. पूरा देश एक स्वर में कहे कि गौ-रक्षा होनी चाहिए.”