तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर AIADMK को बड़ा झटका लगा है. हाल ही में संपन्न हुए चुनाव के बाद AIADMK के भीतर अंदरूनी कलह की बात सामने आई थी. इस बीच AIADMK के तीन विधायकों एम कुमारवेल, सत्यबामा, जयकुमार ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया.
फ्लोर टेस्ट के दौरान दिया था विजय का साथ
तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने तीनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. AIADMK से इस्तीफा देने के तुरंत बाद तीनों विधायक तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार में मंत्री आधव अर्जुन से मिलने उनके दफ्तर पहुंच गए. ये तीनों उन 25 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करते हुए मुख्यमंत्री विजय के विश्वास मत हासिल करने के दौरान टीवीके सरकार के समर्थन में मतदान किया था. इसके बाद से ही तीनों विधायकों के पार्टी से इस्तीफा देने की अटकलें तेज हो गई थी.
इन तीन विधायकों मदुरंथकम से निर्वाचित एम. कुमारवेल, धारापुरम से सत्यभामा और पेरुंदुरई विधानसभा क्षेत्र से चुने गए जयकुमार ने AIADMK के टिकट पर चुनाव लड़ा था. धारापुरम (तिरुप्पुर) और पेरुंदुरई (इरोड) पश्चिमी तमिलनाडु के कोंगु क्षेत्र में आते हैं, जो AIADMK का पारंपरिक गढ़ रहा है.
टीवीके में शामिल होंगे तीनों विधायक
माना जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) में शामिल हो सकते हैं. इस बीच, सीवी षणमुगम-एसपी वेलुमणि गुट में शामिल AIADMK के पांच विधायक फिर से पार्टी प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी के खेमे में लौट गए. इसके साथ ही विधानसभा में पलानीस्वामी समर्थक विधायकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है. वेलुमणि गुट छोड़ने वाले विधायकों में एस.एम. सुकुमार (आर्कोट) भी शामिल हैं. तीन विधायकों के इस्तीफे और पांच विधायकों के पलानीस्वामी खेमे में लौटने के बाद, बागी गुट में शामिल विधानसभा सदस्यों की संख्या अब 25 से घटकर 17 रह गई है.



