बंगाल जीतने के बाद सरकार अब घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए चक्रव्यूह रच चुकी है. गृहमंत्री अमित शाह ने खुद इसका ऐलान किया. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस हाई पावर कमेटी का ऐलान किया था, उसका गठन कर दिया गया है. अब एक्शन तेज होगा.
जो लोग भारत की सीमाओं में चोरी-छिपे घुसकर, यहां का राशन खाकर और फर्जी कागज बनवाकर इस देश की डेमोग्राफी बदलने का सपना देख रहे थे, उनकी उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है. मोदी सरकार ने देश के भीतर छिपे इस साइलेंट टाइम बम को डिफ्यूज करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा चक्रव्यूह रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से जिस महा-मिशन का संकल्प लिया था, आज गृह मंत्री अमित शाह ने उस पर मुहर लगाते हुए ‘हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज’ के गठन का एलान कर दिया है. खुद गृहमंत्री अमित शाह ने इसका ऐलान किया. साफ है कि हिंदुस्तान की छाती पर अवैध रूप से पल रहे एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर चिह्नित किया जाएगा और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को सीधा रास्ता दिखाया जाएगा.
गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से जिस हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज की घोषणा की थी, सरकार ने अब उस हाई-पावर कमेटी का आधिकारिक गठन कर लिया है. यह कमेटी सिर्फ कागजी कार्रवाई के लिए नहीं बनी है, बल्कि इसका सीधा मकसद देश की सीमाओं में सेंध लगाकर घुसे अवैध प्रवासियों की पहचान करना, डेमोग्राफी में आ रहे असामान्य और अप्राकृतिक बदलावों को रोकना और भारत की संप्रभुता की रक्षा करना है.
अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, डेमोग्राफिक चेंज हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है. यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का व्यापक मूल्यांकन करेगी. सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी देश की सामाजिक और धार्मिक संरचना को विदेशी घुसपैठियों के दम पर बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती. चाहे वो असम के आदिवासी इलाके हों, झारखंड का संथाल परगना हो या फिर देश के अन्य हिस्से…जहां-जहां भी असामान्य रूप से आबादी का संतुलन बिगड़ा है, वहां अब सरकार का हंटर चलने वाला है.



