पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है. केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सोमवार (1 जून) को अधिसूचना जारी कर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की जानकारी दी. यह नियुक्ति जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद की गई है.
राष्ट्रपति ने जारी किया नियुक्ति आदेश
जारी आदेश के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत राष्ट्रपति ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है. अधिसूचना जारी होने के साथ ही उनकी नियुक्ति प्रभावी हो गई है.
जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद बनी स्थिति
हाल ही में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. उनके उच्चतम न्यायालय में जाने के बाद मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो गया था. ऐसे में हाईकोर्ट के नियमित कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति जरूरी हो गई थी.
मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी. वे हाईकोर्ट की विभिन्न पीठों का गठन करेंगे और मामलों का आवंटन तय करेंगे. इसके अलावा अदालत के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी, न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले लेने और न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी.
हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाए रखने में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को न्यायिक व्यवस्था के लिए एक अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है.
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का अनुभव हाईकोर्ट के कामकाज को मजबूती देगा. उनकी नियुक्ति से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से जुड़े मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रशासन को प्रभावी नेतृत्व मिलने की उम्मीद है.



